नए कोरोना वायरस का संक्रमण राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति भवन में काम करने वाली एक कर्मचारी की रिश्तेदार की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। इसके बाद राष्ट्रपति भवन के कॉम्प्लेक्स में 100 से ज्यादा स्टाफ क्वार्टरों को सील कर दिया गया है। खबरों के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद राष्ट्रपति भवन के गेट नंबर-70 के पास रहने वाले कम से कम 125 परिवारों को घर में ही खुद को आइसोलेट करने को कहा गया है। इस बीच एक बड़ी खबर यह आई है कि दिल्ली में कोविड-19 के मरीजों की संख्या 2,500 के पार हो गई है। हालांकि सरकार की तरफ से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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80 प्रतिशत मरीजों में कोई लक्षण नहीं
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश में कोविड-19 के 80 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं, जिनमें बीमारी से जुड़े कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए या बहुत कम लक्षण दिखाई दिए हैं। यह एक चिंता का विषय है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि करीब 15 प्रतिशत मरीज गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं और करीब पांच प्रतिशत की हालत संक्रमण से बीमार होने के बाद बेहद नाजुक हो जाती है, इसलिए लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए संक्रमण को फैलने से रोकना होगा। लव अग्रवाल ने कहा कि पारिवारिक स्तर पर भी सोशल (या फिजिकल) डिस्टेंसिंग पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर का कहना है कि इस स्थिति में हरेक व्यक्ति का टेस्ट करना संभव नहीं है। इसलिए एक नई योजना तैयार की गई है, जिसके तहत ‘अलक्षणी’ व्यक्ति के संदिग्ध होने पर उसकी जांच की जा रही है। वहीं, जो व्यक्ति संक्रमण के रेड जोन में रहता है और उसमें फ्लू के हल्के लक्षण भी हैं, तो ऐसे में भी जांच की व्यवस्था की गई है। साथ ही जिस व्यक्ति की कोई ट्रेवल हिस्ट्री है, उसका टेस्ट भी किया जा रहा है।
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क्या और घातक हो सकता है संक्रमण?
देश में सार्स-सीओवी-2 के संक्रमण को लेकर आने वाले दस दिन चुनौती भरे हो सकते हैं। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों के अनुसार, 30 अप्रैल तक वायरस के तेजी से फैलने की संभावना है। यानी इस दौरान कोरोना संक्रमण अपने चरम पर जा सकता है। हालांकि यह संभावना भी है कि इसके बाद वायरस का असर कम होगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी आईसीएमआर के आंकलन का समर्थन किया है। उसने कहा कि अगले दो-तीन दिनों में स्थिति और भी साफ हो जाएगी।
खबरों के मुताबिक, जिन जिलों में कोविड-19 के नए मरीजों की संख्या बढ़ी है, वहां इसके नियंत्रण की कमान केंद्र सरकार ने अपने हाथों में ले ली है। इसके लिए सरकार ने विशेष टीमों का गठन किया है। इनमें से दो-दो टीमें महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के लिए गठित की हैं, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए एक-एक टीम बनाई गई है।
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोविड-19: राष्ट्रपति भवन पहुंचा कोरोना वायरस, एक कर्मचारी की रिश्तेदार के संक्रमित पाए जाने के बाद 100 से ज्यादा परिवारों को क्वारंटीन किया गया है
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