यूरोप में कोविड-19 बीमारी का सबसे घातक प्रकोप इस समय युनाइटेड किंगडम में देखा जा सकता है। यहां रोजाना चार से पांच हजार नए मामले और 500 से 800 नई मौतें दर्ज की जा रही हैं। पूरे यूके में कोरोना वायरस से अब तक एक लाख, 33,000 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और मृतकों का आंकड़ा 18,000 से अधिक हो गया है। इस संबंध में दो बड़ी जानकारी सामने आई हैं। पहली यह कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस से मरने वालों में 400 से ज्यादा भारतीय मूल के लोग भी शामिल हैं। दूसरा, पूरे यूके में कोविड-19 की मौतों का असल आंकड़ा औपचारिक रूप से बताई गई संख्या से काफी ज्यादा है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ब्रिटेन की चर्चित ‘नेशनल हेल्थ सर्विस’ (एनएचएस) ने कोरोना वायरस संकट से जुड़े नए आंकड़े पेश किए हैं। इनमें बताया गया है कि 17 अप्रैल 2020 तक ब्रिटेन में कुल 13,918 मौतें हुई थी, जिनमें 74 प्रतिशत ब्रिटिश और 2,252 (16 प्रतिशत) अफ्रीकी या एशियाई मूल के लोग शामिल थे। इनमें 420 मृतक भारतीय मूल के थे। बाकी 10 प्रतिशत मौतों से जुड़ी जानकारी अब तक उपलब्ध नहीं है। खबरों की मानें तो अफ्रीकी, एशियाई और अल्पसंख्यक समूहों में कोविड-19 से मरने वाले सबसे अधिक लोग भारतीय मूल के ही हैं, जो ब्रिटेन की कुल मौतों का तीन प्रतिशत है। इसके बाद मृतकों में 407 कैरिबियन, 287 पाकिस्तानी, 263 अफ्रीकी और 217 अन्य एशियाई लोग शामिल हैं।
सरकारी आंकड़ों से अधिक मौतें
वहीं, स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के हवाले से आई खबरों के मुताबिक, यूके में कोविड-19 की मौतों का जो आंकड़ा बताया जा रहा है, वह असल में मारे गए लोगों की संख्या से 40 प्रतिशत कम है। यूके की संसद को सीधे रिपोर्ट करने वाले ‘द ऑफिस ऑफ नेशनल स्टैटिक्स’ (ओएनएस) से मिले नए आंकड़ों के मुताबिक, बीती 10 अप्रैल तक इंग्लैंड और वेल्स में 13,121 लोग कोरोना संक्रमण के चलते मारे गए थे। लेकिन सरकारी आंकड़ों में उस वक्त केवल 9,288 मौतों को ही दर्ज किया गया था।
ओएनएस की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि उस दौरान कई लोगों की मौत घरों में ही हो गई थी। कार्यालय ने बताया कि हॉस्पिटल से बाहर घरों, केयर होम्स और प्राइवेट अस्पतालों में होने वाली मौतों को दर्ज नहीं किया गया। गौरतलब है कि बीते रविवार को यूके के अस्पतालों में कोविड-19 से होने वाली मौतों का आंकड़ा 16,509 बताया गया था। लेकिन ओएनएस द्वारा अनुमानित आंकड़ों को जोड़कर देखा जाए तो यूके में मौतों का आंकड़ा 23,000 को पार कर सकता है। अगर ऐसा होता तो यह यूरोप में इटली के बाद मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा होता।
हालांकि, कुछ जानकारों ने इस बारे में अलग राय रखी है। लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन में संक्रामक रोग विषय के प्रोफेसर मार्टिन हिबर्ड ने अलग संभावना जाहिर करते हुए कहा कि यूके में मरीजों के आंकड़ों में तेजी से वृद्धि हुई है, जो कि एक सच्चाई है। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग की व्यवस्था सीमित है, इसलिए यह संभव है कि कोविड-19 से 7,996 अतिरिक्त मौतें हुई हों। लेकिन ओएनएस के आंकड़ों पर वे कहते हैं कि ये डेथ सर्टिफिकेट (मृत्यु प्रमाणपत्रों) पर आधारित हैं, ऐसे में यह नहीं पता कि मृतकों में से कितने कोरोना वायरस से संक्रमित थे।
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