संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में चीन द्वारा विकसित एक कोविड-19 वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गई है। बताया जा रहा है कि यह वैक्सीन कोविड-19 की रोकथाम में 86 प्रतिशत सक्षम है। इस बारे में यूएई की सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान में वैक्सीन को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि यहां के शासक शेख मुहम्मद बिन रशीद-अल-मक्तूम ने वैक्सीन का पहला शॉट लगवा भी लिया है। इसके साथ ही, कोविड-19 की रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन प्रक्रिया शुरू करने की दौड़ में एक नए दावेदार की एंट्री हो गई है। अभी तक इसमें पश्चिमी देश आगे दिख रहे थे। लेकिन चीनी वैक्सीन के रूप में अब एशियाई देशों की भागीदारी भी देखने को मिली है।
दि गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई ने जिस चीनी कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दी है, उसे वहां की दवा कंपनी साइनोफार्म ने तैयार किया है। इस टीके को मंजूरी देने से पहले यूएई ने सितंबर महीने में साइनोफार्म वैक्सीन के ट्रायल कराए थे। खबर है कि इस परीक्षण में दुनियाभर के 125 देशों के 31 हजार प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। इन वॉलन्टियर्स की उम्र 18 साल से 60 वर्ष के बीच थी, जिन्हें 28 दिनों के दौरान दो वैक्सीन शॉट दिए गए थे।
बुधवार को यूएई के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर ट्रायल के परिणामों की घोषणा की है। इसमें बताया गया कि सरकार ने साइनोफार्म सीएनबीजी के अंतिम ट्रायल के अंतरिम विश्लेषण की समीक्षा कर ली है। बयान में मंत्रालय ने कहा, 'विश्लेषण से पता चलता है कि वैक्सीन से कोई गंभीर खतरा नहीं है।' लेकिन इसी बयान में यह नहीं बताया गया कि ट्रायल में किसी प्रतिभागी में कोई साइड इफेक्ट दिखे भी हैं या नहीं। यह भी साफ नहीं हुआ कि बयान में जिन परिणामों की जिक्र किया गया, वे केवल यूएई में हुए परीक्षण में भाग लेने वाले लोगों के थे या चीन और दूसरे देशों में हुए ट्रायलों के परिणाम भी उसमें शामिल किए गए थे।
वहीं, जब अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एसोसिएटिड प्रेस ने वैक्सीन को लेकर यूएई के अधिकारियों और साइनोफार्म के पदाधिकारियों से सवाल किए तो उन्होंने किसी भी तरह की टिप्पणी देने से इनकार कर दिया। तमाम संदेहों के बीच यूएई के स्वास्थ्य प्राधिकरण एसईएचए ने लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए अपॉइन्टमेंट लेने का विकल्प दे दिया। इसके बाद दिए गए नंबर पर वैक्सीन लगवाने की इच्छा जताने वाले लोगों का तांता लग गया। यहां बता दें कि यूएई के अलावा कुछ और देशों में भी साइनोफार्म की कोरोना वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है।
(और पढ़ें - कोविड-19: फाइजर की वैक्सीन से दो लोगों में रिएक्शन, अधिकारियों की एलर्जी से प्रभावित लोगों को टीका नहीं लगाने की सलाह)
इस बीच, फाइजर-बायोएनटेक की चर्चित कोविड-19 वैक्सीन बीएनटी162बी2 को लेकर खबर आ रही है कि इसे कनाडा में भी आपातकालीन इस्तेमाल के लिए स्वीकृति मिल गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी संभावना जताई गई है कि अगले हफ्ते से कनाडा में इस वैक्सीन को आम लोगों को लगाना शुरू कर दिया जाएगा। कनाडा के स्वास्थ्य प्राधिकरण हेल्थ कनाडा ने बयान जारी कर कहा है कि उसने फाइजर वैक्सीन के ट्रायलों से जुड़े डेटा की स्वतंत्र समीक्षा पूरी कर ली है, जिसमें उसे सुरक्षित और प्रभावी पाया गया है। वैक्सीन को मिले अप्रूवल की जानकारी देते हुए हेल्थ कनाडा की चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉ. सुप्रिया शर्मा ने कहा है, 'यह कनाडा के लिए एक विशेष दिन है।' बता दें कि वैक्सीन को लेकर उत्साहित कनाडा की सरकार ने इसके 7.6 करोड़ से ज्यादा डोज मंगाने का ऑर्डर दे दिया है।
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें यूएई में चीनी कंपनी साइनोफार्म की कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी, कनाडा ने भी फाइजर वैक्सीन को अप्रूवल दिया है
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- Covifor Injection - ₹3780
- Fabiflu 400 Tablet - ₹856
- Fabiflu 200 Mg Tablet - ₹1292
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- Anovate Cream - ₹111
- Remdesivir Injection - ₹10500
- Molusafe Capsule - ₹457
- Movfor 200 Mg Capsule - ₹2490
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- Cipmolnu 200 Mg Capsule - ₹2000
- Molxvir 200 Mg Capsule - ₹1520
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- Imualfa 1.6mg Injection 1ml - ₹2628
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