ऐसा लगता है नए कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 के संक्रमण से अब जानवर भी अछूते नहीं हैं। सोमवार को ही खबरें आई थीं कि अमेरिका के एक चिड़ियाघर में एक बाघिन कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई है। इनमें चिड़ियाघर के कुछ अन्य जानवरों में भी संदिग्ध लक्षण पाए जाने की बात कही गई थी। वहीं, इससे पहले कुत्ते और बिल्ली जैसे पालतू जानवरों में भी नया कोरोना वायरस पाए जाने की पुष्टि हो चुकी है। इनमें हांगकांग में दो पालतू कुत्तों और एक बिल्ली का मामला शामिल है। साफ है कि कोरोना वायरस का संक्रमण अब मनुष्यों को ही नहीं, बल्कि मनुष्यों से जानवरों को भी बीमार बना रहा है। यही वजह है कि भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सभी प्रकार के जानवरों को लेकर एडवाइजरी जारी की है।
खबरों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए देश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों को निर्देश दिए हैं। साथ ही राष्ट्रीय अभयारण्यों और टाइगर रिसर्व क्षेत्रों में कोरोना को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने की बात कही है। इसके तहत सभी राज्यों को जंगली जानवरों को लेकर तुरंत कुछ कदम उठाने को कहा गया है।
संक्रमित इलाकों में कुत्ते और बंदरों को आने से रोका जाए
सरकार ने आशंका जताई है कि देश के जिन इलाकों में कोविड-19 से जुड़े अधिक मामले सामने आए हैं, वहां कोई जानवर जैसे बंदर और कुत्ता भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकता है। इस कारण सरकार ने कहा है कि ऐसे क्षेत्रों में कुत्तों और बंदरों को आने से रोका जाए। यहां तक कि चिड़ियों को भी आने से रोकने की कोशिश की जाए।
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सरकार ने दिशा-निर्देशों के तहत कुछ अहम बिंदुओं का आंकलन किया है। इसमें उसने पाया कि संक्रमित व्यक्ति किन-किन स्थितियों में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैला सकता है। इसके आधार पर ही जंगली जानवरों के अलावा पालतू पशुओ को लेकर भी सतर्कता बरतने की बात कही गई है। पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी बाकी निर्देश इस प्रकार हैं:
- वन्यजीवों के साथ लोगों के संपर्क को कम किया जाए
- राष्ट्रीय उद्यानों, अभयारण्यों, टाइगर रिसर्व में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध हो
- वेटेरिनिरी डॉक्टर के साथ फील्ड मैनेजर और एक टास्क फोर्स का गठन हो
- 24 घंटे की निगरानी और रिपोर्टिंग व्यवस्था बनाई जाए
- पशुओं के लिए इमरजेंसी इलाज से जुड़ी व्यवस्था हो और उन्हें प्राकृतिक आवास में आवश्यक सेवाएं दी जाएं।
- संक्रमण को रोकने के लिए विभागों द्वारा मॉनिटरिंग और मैपिंग जैसी व्यवस्था को बढ़ाया जाए
- स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन हो
- राष्ट्रीय उद्यानों, अभयारण्यों और टाइगर रिसर्व के आसपास के कर्मचारियों, पर्यटकों और ग्रामीणों के लिए बनाई गई व्यवस्था को बरकरार रखा जाए
- वायरस को फैलने से रोकने के लिए अन्य संभव कदम उठाए जाएं
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोरोना वायरस: जानवरों को कोविड-19 होने के खतरे से हरकत में सरकार, जंगली पशुओं से लेकर चिड़ियों तक के लिए जारी किए ये निर्देश है
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