नए कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 से फैली कोविड-19 महामारी पर अब तक कई शोध आ चुके हैं। इनमें से कुछ में बताया गया है कि दुनियाभर में इस बीमारी से ग्रस्त लोगों में से अधिकतर (60 से 65 फीसदी) पुरुष हैं। कई अध्ययनों में कहा गया है कि पुरुषों और महिलाओं की अलग-अलग जीवनशैली और इम्यून सिस्टम यानी रोग-प्रतिकारक क्षमता में अंतर के कारण नया कोरोना वायरस पुरुष मरीजों को महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा संक्रमित कर रहा है और मार रहा है। अब इस सिलसिले में एक नया शोध सामने आया है, जो कोविड-19 बीमारी से पुरुषों के ज्यादा बीमार पड़ने की एक और वजह के बारे में बताता है।
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यूरोप में हुए इस अध्ययन के मुताबिक, पुरुषों के रक्त में एक एंजाइम का स्तर महिलाओं से ज्यादा होना, उनके कोविड-19 से अधिक बीमार पड़ने की बड़ी वजह है। इस एंजाइम का नाम है एसीई2 यानी 'एंजियोटेनसिन-कन्वर्टिंग एंजाइम 2', जो हृदय, फेफड़ों, किडनी और अन्य मानव अंगों में (उनकी सतह पर) पाया जाता है। यह दुनियाभर के मेडिकल विशेषज्ञों ने कहा है कि कोविड-19 के तेजी से फैलने के पीछे इस एंजाइम की बड़ी भूमिका है। इस बीमारी की वजह बना कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 सबसे पहले फेफड़ों को क्षतिग्रस्त करता है, जिनकी सतह पर एसीई2 होता है। बताया गया है कि इस एंजाइम की मदद से ही वायरस फेफड़ों के अंदर घुसने का रास्ता बनाता है।
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यूरोप की जानी-मानी पत्रिका 'यूरोपियन हर्ट जर्नल' में प्रकाशित इस शोध के मुताबिक, संभवतः पुरुषों में एसीई2 एंजाइम ज्यादा होने के चलते उनमें कोरोना वायरस का संक्रमण महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा फैल रहा है। इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता एड्रियान वूर्स और इजायाह सामान ने इसकी वजह बताई। नीदरलैंड स्थित यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के डॉक्टर इजायाह सामा ने कहा, 'हमने पाया है कि पुरुषों में एसीई2 जैसे मजबूत बायोमार्कर्स (शरीर में किसी बीमारी या कठिनाई की जानकारी देने वाले संकेतक) की संख्या महिलाओं के मुकाबले काफी ज्यादा है। मुझे लगता है कि इस तथ्य में इस सवाल का जवाब है कि क्यों कोविड-19 से पुरुषों के मरने की संभावना महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा है।'
यहां बता दें कि यह शोध कोविड-19 महामारी से पहले किया गया था, इसलिए इसमें इस बीमारी के मरीज शामिल नहीं थे। लेकिन जब अन्य शोधों के जरिये यह बात सामने आई कि नए कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने में एसीई2 की भूमिका प्रमुख होती है, तो एड्रियान वूर्स और इजायाह सामा ने अपने शोध से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों पर गौर किया। इसके बाद उन्हें पुरुषों के शरीर में एसीई2 की मात्रा ज्यादा होने के चलते, उनके कोरोना वायरस से ज्यादा संक्रमित होने और मारे जाने की संभावना का पता चला। उन्होंने यह भी पाया कि फेफड़ों, हृदय और किडनी के अलावा टेस्टीज (वीर्यकोष) में एसीई2 की मात्रा काफी ज्यादा होती है।
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