कोविड-19 महामारी की वजह बने कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 का नया स्ट्रेन (या वैरिएंट) दुनियाभर की सरकारों के लिए परेशानी की वजह बन गया है। ब्रिटेन में सामने आया यह वायरस वैरिएंट उसके लिए नई चुनौतियां पैदा करता दिख रहा है। बीते हफ्ते यूके ने पुष्टि करते हुए कहा था कि उसके यहां सार्स-सीओवी-2 का नया वैरिएंट पाया गया है, जो अपने पूवर्वर्ती वैरिएंट से ज्यादा संक्रामक है। इसके बाद दुनियाभर में कई देशों ने ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर इस महीने के अंत तक के लिए बैन लगाना शुरू कर दिया है। हालांकि नया स्ट्रेन कितना जानलेवा है, इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। फिलहाल यही कहा जा रहा है कि इसकी संक्रमण फैलाने की क्षमता सार्स-सीओवी-2 के दूसरे वैरिएंट से काफी ज्यादा है। इस बीच, अमेरिका के भावी सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति ने एच69/वी70 नामक इस स्ट्रेन को लेकर बड़ा बयान दिया है।

(और पढ़ें - कोविड-19: चार महीने बाद नए मरीजों की संख्या 20 हजार से नीचे गई, दिल्ली में केवल 803 नए मामले सामने आए)

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, डॉ. विवेक मूर्ति ने कहा है कि यह मानने का कोई कारण नहीं है कि यूके में सामने आया कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन जानलेवा भी है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में उनके सर्जन जनरल रह चुके मूर्ति ने कहा है कि इस बात पर भी विश्वास करने की कोई वजह नहीं दिखती कि कोरोना वायरस के इलाज के लिए तैयार की गई वैक्सीन नए वायरस स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी नहीं होंगी। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शीर्ष अमेरिकी हेल्थ एक्सपर्ट ने कहा, 'यूके से यह खबर आई है कि वायरस का नया स्ट्रेन इससे पहले आए वायरस से ज्यादा ट्रांसमिसिबल, ज्यादा संक्रामक है। हालांकि इसके सबूत नहीं हैं कि यह उस व्यक्ति के ज्यादा जानलेवा भी है, जो इससे संक्रमित हुआ है।'

एनबीसी न्यूज से बातचीत में डॉ. विवेक मूर्ति ने आगे कहा, 'अंतिम महत्वपूर्ण बात यही है कि अगर आप घर में हैं और यह खबर सुन रहे हैं, तो यह समझ लें कि इससे (नए स्ट्रेन से) उन सावधानियों में कोई बदलाव नहीं आने वाला है, जो वायरस को फैलने से रोकने में लोगों के लिए मददगार हो सकती हैं। मास्क पहनना, फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाकर रखना, हाथ धोना - ये अभी भी कोविड-19 ट्रांसमिशन को रोकने के सबसे कारगर तरीके हैं।'

(और पढ़ें - कोविड-19 से मरने वालों का वैश्विक आंकड़ा 17 लाख के पार, संक्रमितों की संख्या 7.77 करोड़ हुई)

इस बीच, भारत उन देशों में शामिल हो गया है, जहां यूके से आने वाली उड़ानों पर 31 दिसंबर तक के लिए बैन लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध 23 दिसंबर से 31 दिसंबर तक जारी रहेगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यूके में नया कोरोना वायरस स्ट्रेन 'अनियंत्रित' घोषित होने के बाद सरकार की तरफ से एहतियातन यह कदम उठाया गया है। बीते दिन नागरिक विमानन मंत्रालय ने एक ट्वीट कर बताया, 'यूके में पैदा हो रहे हालात के मद्देनजर भारत सरकार ने फैसला किया है कि यूके से भारत आने वाली सभी उड़ानें 31 दिसंबर तक के लिए अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। यह सस्पेंशन 22 दिसंबर रात 11.59 बजे से शुरू होगा।' इससे पहले दुनिया के कई बड़े और प्रमुख देशों ने भी वायरस स्ट्रेन के डर से ब्रिटिश उड़ानों पर अस्थायी रोक लगा दी है। इनमें कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड, बेल्जियम, डेनमार्क और इटली जैसे देश शामिल हैं।

(और पढ़ें - अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कोविड-19 वैक्सीन लगवाई)


उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के ज्यादा जानलेवा होने के सबूत नहीं: डॉ. विवेक मूर्ति है

ऐप पर पढ़ें