ब्रिटेन-यूनाइटेड किंगडम (यूके) में सामने आया नया कोरोना वायरस स्ट्रेन 'एच69/वी70' वैश्विक चिंता का कारण बनता दिख रहा है। कोविड-19 महामारी की वजह बने कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 के इस नए स्ट्रेन को ब्रिटेन में 'आउट ऑफ कंट्रोल' यानी नियंत्रण से बाहर करार दे दिया गया है। इसके चलते यूरोपीय देशों ने यूके से आने वाली उड़ानों पर रोक लगाना शुरू कर दिया है। खबर यह भी है कि यूके से बाहर इटली में इस नए वायरस स्ट्रेन का पहला मामला सामने आ गया है। उधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यएचओ) ने भी ब्रिटेन के लोगों से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। वहीं, प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के नेतृत्व वाली सरकार ने कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए लागू किए गए नियमों व पाबंदियों को और सख्त कर दिया है। इस बीच, भारत में भी इस नए स्ट्रेन ने सरकार और वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है। यहां सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के नेतृत्व में इसे लेकर चर्चा होने वाली है।
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इटली पहुंच नया स्ट्रेन
इटली के सरकारी अधिकारियों ने एक व्यक्ति में नए म्यूटेशन (परिवर्तन) वाला कोरोना वायरस डिटेक्ट करने का दावा किया है। बताया गया है कि संक्रमित कुछ समय पहले यूके से इटली लौटा था। जांच के दौरान उसमें कोरोना वायरस होने की पुष्टि हुई है। बताया गया है कि वायरस उसी म्यूटेशन के साथ पाया गया है, जिसने ब्रिटेन समेत पूरे यूरोप के लिए नया कोरोना संकट पैदा करने का खतरा खड़ा कर दिया है। बीते शनिवार को ब्रिटेन की सरकार ने माना था कि हाल में सामने आए कोरोना वायरस के नए मामलों में से आधे इसी म्यूटेशन से जुड़े हैं। इसके बाद यूके की सरकार ने राजधानी लंदन सहित कई इलाकों में चौथी श्रेणी का लॉकडाउन लगा दिया, जिसके तहत पहले से लगी पाबंदियों को और सख्त कर दिया गय है। अब खबर है कि नया वायरस म्यूटेशन यूके से बाहर चला गया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इटली में दर्ज किए गए इस मामले पर वहां के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है, 'मरीज और उसका साथी कई दिन पहले यूके से लौटे थे। वे रोम के फियोमिसिनो एयरपोर्ट पर उतरे थे। उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है और उनकी परिवार और करीबी संपर्क वाले लोगों के साथ निगरानी की जा रही है।' इस खबर से पहले रविवार को ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने कहा, 'कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन नियंत्रण से बाहर है। आप केवल यही कर सकते हैं कि खुद को सामाजिक रूप से लोगों से दूर रखें। हर किसी को इस तरह व्यवहार करना चाहिए कि वे भी वायरस से प्रभावित हो सकते हैं। इसी तरह (सोशल डिस्टेंसिंग) हम इसे नियंत्रित कर और लोगों को सुरक्षित कर सकते हैं।'
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अन्य स्ट्रेन से ज्यादा तेजी से फैला
सार्स-सीओवी-2 के नए स्ट्रेन को लेकर कहा जा रहा है कि यह इस कोरोना वायरस के अन्य स्ट्रेन की अपेक्षा काफी तेजी से फैल रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल में संक्रमण के ट्रांसमिशन पर थोड़ा बहुत नियंत्रण करते दिखे यूके में रिकॉर्ड संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को यहां करीब 36 हजार लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, जो इस यूरोपीय देश में एक दिन में दर्ज किए गए कोविड मामलों की सबसे बड़ी संख्या है। इससे पहले बीती 17 दिसंबर को भी यहां 35 हजार से ज्यादा नए मामलों की पुष्टि हुई थी। हालात देखते हुए बीते हफ्ते पीएम बोरिस जॉनसन ने लंदन समेत ब्रिटेन के कई इलाकों में कोरोना संकट संबंधी प्रतिबंधों को और सख्ती के साथ लागू करने की घोषणा कर दी।
यूरोपीय देशों में ब्रिटिश उड़ानों पर रोक लगना शुरू
ब्रिटेन समेत पूरे यूके में नया कोरोना वायरस स्ट्रेन तेजी से फैलता देख अन्य यूरोपीय देशों में ब्रिटिश उड़ानों पर रोक लगने का सिलसिला शुरू हो गया है। खबर है कि नीदरलैंड ने नए वायरस स्ट्रेन के खतरे के मद्देनजर अपने यहां सभी ब्रिटिश उड़ानों के आगमन पर रोक लगा दी है। स्कॉटलैंड, वेल्स, जर्मनी आदि यूरोपीय देशों से भी इसी तरह की जानकारी सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह रोक कम से कम नए साल के आने तक जारी रहेगी। इस बीच, डब्ल्यूएचओ ने बयान जारी कर कहा है कि नए स्ट्रेन को लेकर वह ब्रिटिश अधिकारियों के संपर्क में है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस संबंध में डब्ल्यूएचओ के एक बयान के हवाले से बताया है, 'वे (ब्रिटिश अधिकारी) मौजूदा अध्ययनों और अपने विश्लेषण से जुड़ी जानकारी और परिणाम हमसे साझा करते रहेंगे। इस वायरस वैरिएंट की विशेषताओं से जुड़ी जानकारियां और किसी भी प्रकार की जटिलताओं के बारे में पता चलते ही हम सदस्य देशों को अपडेट देते रहेंगे।'
70 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक, लेकिन कम जानलेवा
ब्रिटेन में कोरोना वायरस के जिस नए स्ट्रेन ने सरकार की नींद उड़ा दी है, उसका नाम एच69/वी70 है। बताया जा रहा है कि इस कोरोना स्ट्रेन की संक्रमण फैलाने की क्षमता अन्य कोरोना वायरस वैरिएंट से 70 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रिटेन के कोविड संबंधी आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। इस समय पूरे यूके में प्रतिदिन दर्ज हो रहे कोरोना मामलों की संख्या यूरोप के किसी भी दूसरे देश से ज्यादा है। बीते कुछ दिनों से यूके में प्रतिदिन औसतन 30 नए केस देखने को मिल रहे हैं। बताया गया है कि इनमें से आधे एच69/वी70 से जुड़े हैं। शुक्रवार को हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद यूके में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 20 लाख 40 हजार के पार चली गई है। वहीं, 326 नई मौतों के साथ मृतकों का आंकड़ा 67 हजार 400 से आगे चला गया है। नए स्ट्रेन को लेकर ब्रिटिश सरकार का कहना है कि यह सार्स-सीओवी-2 के अन्य वैरिएंट से ज्यादा संक्रामक जरूर है, लेकिन उतना जानलेवा नहीं है और यह वैक्सीन से नियंत्रित हो जाएगा। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार और मेडिकल विशेषज्ञों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह कोरोना वायरस के अन्य वैरिएंट्स को तेजी से रिप्लेस कर रहा है।
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भारत में चर्चा का विषय बना नया स्ट्रेन
इस बीच, भारत में नया कोरोना वायरस स्ट्रेन चर्चा का विषय बन गया है। खबर है कि यहां स्वास्थ्य मंत्रालय सोमवार को इस नए वैरिएंट पर बैठक करने वाला है। इस मुद्दे पर मंत्रालय का जॉइंट मॉनिटरिंग ग्रुप डब्ल्यूएचओ से भी संपर्क कर स्ट्रेन के बारे में और जानकारी लेने की कोशिश करेगा। उधर, मीडिया रिपोर्टों में इस लेकर वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की राय आना शुरू हो गई है। अंग्रेजी अखबार दि हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक प्रोफेसर एनके गांगुली ने कहा है, 'सार्स-सीओवी-2 वायरस में कई तरह के बदलाव हो रहे हैं। लेकिन यह नया वैरिएंड ज्यादा खतरनाक लगता है। यह कोशिका के इंटेग्रिन से चिपक जाता है, लिहाजा यह अतिरिक्त नुकसान पहुंचा सकता है। इससे सेल्युलर इन्फ्लेमेशन में बढ़ोतरी होने के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।'
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें इटली पहुंचा नया कोरोना वायरस स्ट्रेन, ब्रिटेन ने 'नियंत्रण से बाहर' बताया, पूरे यूके में रिकॉर्ड नए मरीजों की पुष्टि, भारत सरकार आज करेगी बैठक है
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