दुनियाभर में 50 लाख से ज्यादा लोगों ने कोविड-19 को मात दे दी है। यह आंकड़ा सार्स-सीओवी-2 कोरोना वायरस के संक्रमण से मारे गए चार लाख 80 लोगों से दस गुना से भी ज्यादा है। 'वर्ल्डओमीटर' के आंकड़े बताते हैं कि इस समय कोविड-19 की वैश्विक मृत्यु दर पांच प्रतिशत से कुछ ही ज्यादा है, जबकि इसके मुकाबले रिकवरी रेट 54 प्रतिशत है। हालांकि इस समय दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिख रहा है। लेकिन इसके बावजूद कई देश इसकी मृत्यु दर कम रखने में कामयाब हुए हैं। इसमें उत्तरी और दक्षिण अमेरिका जैसे विशाल और शक्तिशाली महाद्वीपों वाले देश पिछड़ते दिखते हैं, तो यूरोप और एशिया के कई छोटे-बड़े देश ज्यादा बेहतर तरीक से लोगों की जान बचाने में कामयाब हुए हैं। इस रिपोर्ट में ऐसे ही कुछ देशों की बात करेंगे।
उत्तरी अमेरिका
दुनिया में कोविड-19 के सबसे ज्यादा मरीज उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में हैं। यहां कोरोना वायरस ने 28 लाख से ज्यादा लोगों को संक्रमित किया है। लेकिन इनमें से 12 लाख 73 हजार की ही जान बचाई जा सकी है। यह आंकड़ा इस महाद्वीप के कुल मरीजों का 50 प्रतिशत भी नहीं है। यहां के देशों की बात करें तो उत्तरी अमेरिका में सबसे ज्यादा मरीज यूएसए यानी यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका में सामने आए हैं। यहां कोविड-19 के कुल 24 लाख 24 हजार मरीज हैं, जिनमें से 10 लाख की जान बचा ली गई है। यह इस देश के कुल कोरोना मरीजों का 42 प्रतिशत है। इस मामले में अमेरिका से बेहतर मैक्सिको और कनाडा दिखाई पड़ते हैं। मैक्सिको में जहां कुल एक लाख 91 हजार मरीजों में से एक लाख 44 हजार से ज्यादा को बचा लिया गया है, वहीं कनाडा में सामने आए करीब एक लाख 2,000 संक्रमितों में से 64,700 को बचाने में डॉक्टर कामयाब रहे हैं। इस तरह मैक्सिकों में कोविड-19 का रिकवरी रेट 75 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि कनाडा में यह 64 प्रतिशत के आसपास है।
दक्षिण अमेरिका
उत्तरी अमेरिका की तरह दक्षिण अमेरिका महाद्वीप भी कोविड-19 का केंद्र बना हुआ है। इस महाद्वीप में कोरोना वायरस ने 18 लाख 72 हजार से ज्यादा लोगों को संक्रमित किया है। हालांकि आर्थिक रूप से उत्तरी अमेरिकी देशों से पिछड़ा होने के बावजूद यहां महामारी का रिकवरी रेट 56 प्रतिशत है। अकेले ब्राजील में कोरोना वायरस के साढ़े 11 लाख मामले हैं, जिनमें से छह लाख से अधिक बचाए गए मरीजों से जुड़े हैं। यानी कुल मरीजों का 53 प्रतिशत। वहीं, पेरू में कोरोना वायरस के दो लाख 60 हजार से ज्यादा मरीज हैं, जिनमें से एक लाख 48 हजार को बचा लिया गया है। यह संख्या पेरू में कोविड-19 के कुल मरीजों का करीब 57 फीसदी है। लेकिन सबसे बेहतर स्थिति में चिली हैं, जहां ढाई लाख मरीजों में से दो लाख दस हजार को बचाने में सरकार और स्वास्थ्यकर्मी कामयाब रहे हैं। इस तरह करीब 84 प्रतिशत रिकवरी के साथ चिली दक्षिण अमेरिका में कोविड-19 के नियंत्रण और रोकथाम का नेतृत्व करता दिखता है।
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यूरोप
यूरोप में भी कई देश अपने यहां कोविड-19 को रोकने में कामयाब रहे हैं। इस महाद्वीप में कभी इस महामारी से सबसे ज्यादा त्रस्त रहे इटली में स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या एक लाख 84 हजार से ज्यादा है, जो कुल दो लाख 38,833 मरीजों का 77 प्रतिशत है। जर्मनी में यह दर 91 प्रतिशत से ज्यादा है। यहां कोविड-19 के एक लाख 92 हजार से ज्यादा मरीज हैं, जिनमें से एक लाख 76 हजार को बचा लिया गया है। बेलारूस में करीब 60 हजार कोरोना संक्रमित हैं, जिनमें से 40 हजार स्वस्थ हो गए हैं। यह आंकड़ा इस यूरोपीय देश में सामने आए कुल कोरोना मामलों का करीब 67 प्रतिशत है। स्विट्जलैंड में भी 92 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को कोविड-19 मुक्त करार दिया गया है। यहां सार्स-सीओवी-2 ने 31 हजार से ज्यादा लोगों को बीमार किया है, जिनमें से 29 हजार अब स्वस्थ हैं। आयरलैंड में यह आंकड़ा 22,698 है। यहां 25,391 मरीजों की पुष्टि हुई है। यानी करीब 90 फीसदी संक्रमितों को बचा लिया गया है।
लेकिन दूसरी तरफ फ्रांस और बेल्जियम जैसे यूरोपीय देश निराश भी करते हैं, जहां संक्रमण से उबरने वाले लोगों की संख्या 50 प्रतिशत भी नहीं है। फ्रांस में कोरोना वायरस के कुल एक लाख 61 हजार मरीज हैं, जिनमें से 74 हजार को ही बचाने में कामयाबी मिल पाई है। इसी तरह, बेल्जियम के कुल 60,898 मरीजों में से केवल 16,771 को बचाने में डॉक्टर सफल रहे हैं। वहीं, कुछ देशों में तो बचाए गए मरीजों का आंकड़ा ही उपलब्ध नहीं है। इनमें यूके, स्पेन, स्वीडन और नीदरलैंड जैसे प्रमुख यूरोपीय देश शामिल हैं।
एशिया
कोविड-19 से लोगों को बचाने के मामले में शायद एशिया महाद्वीप के देश अन्य सभी महाद्वीपों के देशों से आगे है। यहां कोविड-19 के 20 लाख से ज्यादा मरीज हैं, जिनमें से 64 प्रतिशत यानी 12 लाख 80 हजार से भी ज्यादा मरीजों को बचा लिया गया है। ऐसे कई एशियाई देश हैं जहां कोविड-19 से स्वस्थ हुए लोगों की संख्या वहां के कुल मरीजों की कम से कम 60 फीसदी है। इनमें ईरान (81 प्रतिशत), तुर्की (86 प्रतिशत), सऊदी अरब (67 प्रतिशत), कतर (80 प्रतिशत), चीन (94 प्रतिशत), यूएई (74 प्रतिशत), सिंगापुर (884 प्रतिशत), इजरायल (73 प्रतिशत), जापान (90 प्रतिशत), मलेशिया (96 प्रतिशत) और दक्षिण कोरिया (87 प्रतिशत) के अलावा और भी कई एशियाई देश शामिल हैं। हालांकि भारत अभी इस सूची में नहीं है। यहां कोरोना वायरस ने चार लाख 57 हजार से ज्यादा लोगों को संक्रमित किया। इनमें से करीब दो लाख 60 हजार को बचा लिया गया है। यह संख्या देश में कोविड-19 के कुल मरीजों का करीब 57 प्रतिशत है।
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