जिन लोगों के शरीर में फैट उनके वजन और लंबाई के हिसाब से ज्यादा होता है यानी जिनका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) अधिक होता है, उन लोगों के कोविड-19 से मरने का ज्यादा खतरा रहता है। 'एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन' नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में यह बात कही गई है। अध्ययन में शामिल वैज्ञानिकों ने 6,900 से अधिक कोविड-19 मरीजों के डेटा का विश्लेषण करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। उन्होंने यह भी कहा है कि बीएमआई के चलते कोविड-19 से मौत होने के खतरे का संबंध ज्यादातर पुरुषों और युवा वयस्कों (60 साल से कम) में देखा गया है। महिलाओं और बुजुर्गों में यह खतरा अपेक्षाकृत कम है। यहां यह भी साफ कर दें कि वैज्ञानिकों ने मोटापे की हालत में कोविड-19 होने के खतरे को अलग रखते हुए यह परिणाम निकाला है।
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अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने डेटा के जरिये पता लगाया कि कोविड-19 के इन 6,900 से अधिक मरीजों में से कौन कब कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आया था। इसका पता चलने के बाद शोधकर्ताओं ने जाना कि जिन लोगों का बीएमआई अधिक होता है, उनके कोविड-19 डायग्नॉसिस के 21 दिन के भीतर मरने की संभावना सामान्य वजन वाले मरीजों की तुलना में चार गुना ज्यादा होती है। परिणाम में सामने आया कि पुरुषों और 60 साल से कम उम्र के वयस्कों में बीएमआई ज्यादा होना, उन्हें कोविड-19 से होने वाली मौत के ज्यादा करीब ले जा सकता है।
अध्ययन में शोधकर्ताओं ने मोटापे को भी कोविड-19 होने पर एक अलग बड़े खतरे के रूप में रेखांकित किया है ताकि इससे जूझ रहे लोग कोरोना संक्रमण होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें। साथ ही हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स, स्वास्थ्य अधिकारी आदि इलाज देते समय इस तथ्य का ध्यान रखें। जानकारों का कहना है कि इस अध्ययन से यह साबित हुआ है कि मोटापा कोविड-19 से जुड़ा एक जरूरी रिस्क फैक्टर है और यह खतरा युवाओं में ज्यादा है। अध्ययन से जुड़े लेखकों का कहना है कि यह खतरा इसलिए ज्यादा नहीं हैं, क्योंकि मोटापा इस उम्र के समूह में विशेष रूप से ज्यादा पाया गया है, बल्कि इसलिए है, क्योंकि मोटापे की वजह से आगे चलकर दूसरी तरह की बीमारियां ज्यादा बड़ा खतरा पैदा कर देती हैं।
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बीएमआई क्या होता है?
बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई का मतलब है लंबाई और वजन के आधार पर शरीर का अनुमानित फैट। इसे शरीर में मौजूद वसा को नहीं मापा जाता, बल्कि उसमें मौजूद फैट का अनुमान लगाने के लिए उपयोग किया जाता है। इस तरह बीएमआई यह जानने में मदद करता है कि किसी व्यक्ति का वजन उसके शरीर के आकार के हिसाब से सही है या नहीं। अगर बीएमआई अधिक निकलता है तो इसे शरीर में अधिक वसा होने के संकेत के रूप में माना जाता है। ऐसे में व्यक्ति को हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याएं होने का खतरा ज्यादा होता है। वहीं, बहुत कम बीएमआई होने के चलते शरीर की हड्डियां और इम्यून सिस्टम कमजोर होने का संकेत मिलता है।
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