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आज की व्यस्त जीवनशैली, तनाव और खानपान को लेकर लापरवाही मोटापे का कारण बनता जा रहा है, जो वजन बढ़ने के कारणों में सबसे अहम है। इन दिनों यह एक आम समस्या बनती जा रही हैं। भारत में ही लगभग हर घर में कोई ना कोई इस बीमारी से ग्रस्त हैं। कई बार अधिक वजन आपको शर्मिंदा भी कर सकता हैं। केवल इतना ही नही मोटापा, आपको कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की ओर भी ले जाता हैं। यह तो स्पष्ट है कि मोटापा किसी भी तरीके से मददगार नही है बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। 

  1. मोटापा के लक्षण - Obesity Symptoms in Hindi
  2. मोटापे के कारण और जोखिम कारक - Obesity Causes & Risk Factors in Hindi
  3. मोटापे से बचाव - Prevention of Obesity in Hindi
  4. मोटापे का परीक्षण - Diagnosis of Obesity in Hindi
  5. मोटापे का इलाज - Obesity Treatment in Hindi
  6. मोटापे की जटिलताएं - Obesity Complications in Hindi
  7. चलिए जानते हैं आप सच में मोटे हैं या ये सिर्फ आपका वहम है
  8. मोटापा की आयुर्वेदिक दवा और इलाज
  9. मोटापा बढ़ा रहा ब्रेन डैमेज का जोखिम, किशोरों में खतरा ज्यादा
  10. मोटापा घटाने के घरेलू उपाय
  11. मोटापा की दवा - Medicines for Obesity in Hindi
  12. मोटापा की दवा - OTC Medicines for Obesity in Hindi

मोटापा के लक्षण - Obesity Symptoms in Hindi

मोटापा आपके शरीर के साथ साथ आपको भी प्रभावित करता है। आपको लगता है हैं कि आपकी त्वचा पर अतिरिक्त मोटी परत होना कोई बड़ी बात नही है, किंतु इसके कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं जैसे छोटे-छोटे कार्यों को करने में सांस फूलना तथा पसीना आना, आवश्यकता से ज्यादा या कम सोना, थोड़ा सा चलने पर सांस में रूकावट पैदा होना या सांस तेजी से चलना, शरीर के अलग अलग हिस्सो में सूजन होना, शरीर के विभन्न भागो में वसा जमना, मानसिक और मनोवैज्ञानिक लक्षण जैसे आत्मसम्मान, आत्मविश्वास में कमी जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं। इसके अलावा मोटापे से टाइप 2 मधुमेह की संभावना बढ़ जाती हैं। यह  हृदय रोग होने की संभावनाओं को भी बढ़ा देता है। कुछ अन्य मुद्दों जैसे गठिया और जीवन शक्ति में कमी भी मोटापे का एक परिणाम हैं।

यह जानने के लिए कि आप मोटे हैं या नहीं, लीजिए यह दो मिनट का टेस्ट – बॉडी मास इंडेक्‍स टेस्ट

मोटापे के कारण और जोखिम कारक - Obesity Causes & Risk Factors in Hindi

मोटापा क्यों बढ़ता है?

  1. मोटापे का कारण है ज़्यादा खाना – Overeating causes obesity
  2. मोटापे बढ़ने का कारण है वात कफ बढ़ाने वाला भोजन खाना – Eating vata and kapha increasing foods leads to obesity
  3. मोटापा बढ़ने का कारण है पर्याप्त तरीके से सक्रिय ना होना – Weight gain due to lack of exercise
  4. मोटापे का कारण है पर्याप्त नींद ना लेना – Weight gain due to insomnia
  5. वजन बढ़ने का कारण है चयापचय प्रणाली – Obesity due to metabolism
  6. वजन बढ़ने का कारण है रोग या दवाई – Obesity caused by medical condition
  7. मोटापे का कारण हो सकता है आनुवंशिकता – Obesity caused by genetics

मोटापे का कारण है ज़्यादा खाना – Overeating causes obesity 

बड़ी और भारी मात्रा में भोजन लेना वजन को बढ़ाता हैं। अक्सर मिठाई और भारी खाद्य पदार्थ खाने से यह बड़ी मात्रा में पाचन तंत्र और वजन बढ़ाने को प्रभावित करता हैं। यह भी असंतुलन अग्नि के लिए जाना जाता है।

मोटापे बढ़ने का कारण है वात कफ बढ़ाने वाला भोजन खाना – Eating vata and kapha increasing foods leads to obesity

बहुत अधिक सूखे, मसालेदार और तेल खाद्य पदार्थो का भोजन में सेवन वात को बिगाड़ देता है जो पाचन शक्ति(आग) में वृद्धि करता हैं। खाद्य वस्तुओं जो चीनी सामग्री का उच्च रहना भी कफ दोष में वृद्धि करता हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर में वसा के संचय के लिए नेतृत्व करते है और मोटापे का कारण बनते हैं।

मोटापा बढ़ने का कारण है पर्याप्त तरीके से सक्रिय ना होना – Weight gain due to lack of exercise

हमेशा सोफे पर पड़े रहना आपके वजन घटाने के लक्ष्य के लिए किसी भी तरीके से अच्छा नहीं है। पर्याप्त तरीके सक्रिय नहीं रहना और एक्सर्साइज़स ना करना मोटापे के लिए मुख्य कारणों में से एक है। आपको अपने शरीर को स्वस्थ और आकार में लाने के लिए गतिशील होने की जरूरत हैं।

मोटापे का कारण है पर्याप्त नींद ना लेना – Weight gain due to insomnia

पर्याप्त नींद ना लेना या आवश्यकता से अधिक नींद लेना आपको मोटापे की ओर ले जाता हैं। आपका शरीर में कैलोरी को ठीक से जलाने के लिए सक्षम नहीं है यदि आप कम से कम 7-8 घंटे की नींद एक दिन में नहीं लेते हैं। वैकल्पिक रूप से, बहुत अधिक नींद लेना भी निष्क्रियता और धीमी चयापचय की समस्या की ओर ले जाती है।

वजन बढ़ने का कारण है चयापचय प्रणाली – Obesity due to metabolism

प्रत्येक व्यक्ति की चयापचय प्रणाली अद्वितीय तरीके से काम करती है। कुछ की कुशल और तेजी से काम करने वाली चयापचय प्रणाली होती है जो वसा को जमा नही करती है, जबकि कुछ धीमी गति से कार्य करती है, जो वजन बढ़ाने की ओर ले जाती हैं।

वजन बढ़ने का कारण है रोग या दवाई – Obesity caused by medical condition

कभी कभी कोई व्यक्ति एक निश्चित रोग से पीड़ित होता है, जिसका दुष्प्रभाव मोटापा होता हैं। कुछ दवाईया आपके वजन को बनाने में एक अहम भूमिका निभाती हैं। ये वजन बढ़ाने के लिए सबसे सामान्य कारणों में से नहीं हैं, लेकिन कुछ एक मामलो में यह होता हैं।

मोटापे का कारण हो सकता है आनुवंशिकता – Obesity caused by genetics

कभी कभी, आनुवंशिकी और आनुवंशिकता एक प्रमुख भूमिका निभाती हैं यह तय करने में कि एक व्यक्ति मोटापे का शिकार होगा या नही। ऐसे मामलें दुर्लभ होते हैं।

मोटापे के जोखिम कारक

मोटापा अक्सर निम्नलिखित कारणों और कारकों को मिलाकर होता है। जिसमें निम्नलिखित चीज़ें शामिल है -

  1. आनुवंशिक (genetics) - यह आपके अनुवंश पर निर्भर करता है कि, आपका शरीर कितनी कुशलतापूर्वक खाने को ऊर्जा में तब्दील करता है और व्यायाम के दौरान आपकी कितनी कैलोरीज घटती है।
  2. पारिवारिक जीवनशैली -  मोटापा परिवार में पिछली पीढ़ी से चला आता है। अगर माता या पिता या दोनों को मोटापा है, तो आपके मोटे होने का जोखिम बढ़ जाता है।
  3. निष्क्रिय रहना - अगर आप सक्रिय नहीं हो, तो आप उतनी कैलोरीज नहीं घटा पाओगे जितनी घटानी चाहिए। इस तरह के गतिरहित जीवन शैली की वजह से आप ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरीज ले लोगे जो कि आपको व्यायाम से घटानी पड़ेगी।
  4. अस्वास्थ्य आहार - आहार और पेय पदार्थ जिसमें फलों और सब्ज़ियों की कमी हो, कैलोरीज से भरा हो, वह आपको मोटा कर सकता है। ज़रूरत से ज़्यादा खाने की वजह से भी मोटापा होता है। 
  5. चिकित्सा समस्या - आर्थराइटिस से भी शरीर की सक्रियता कम हो जाती है, जिसकी वजह से मोटापा बढ़ता है।
  6. कुछ दवाइयां - अगर दवाइयां लेने के साथ साथ आप आहार और सक्रियता में परिवर्तन नहीं लाते, तो उससे आपका वज़न बढ़ सकता है। दवाइयां जैसे कि -
  • एंटीडेप्रेसेंट्स (antidepressants)
  • एंटीसीज़र दवाइयां (anti-seizure medications)
  • शुगर की दवाएं (diabetes)
  • एंटीसाइकोटिक दवाएं (antipsychotic medications)
  • स्टेरॉयड (steroids)
  • बीटा ब्लॉकर्स (beta blockers)   
  1. उम्र - मोटापा किसी भी उम्र में हो सकता है। लेकिन जैसे ही आपकी उम्र बढ़ती है, हॉर्मोनल बदलाव और कम सक्रिय जीवन शैली आपके मोटापे के खतरे को बढ़ा देती है।   
  2. गर्भावस्था - गर्भावस्था के दौरान, महिलाओं का वज़न बढ़ जाता है। बच्चा होने के बाद कुछ महिलाओं को वज़न कम करने में कठिनाई आती है। बढ़ते हुए वज़न की वजह से महिलाओं में मोटापा हो सकता है।। (और पढ़ें - गर्भ धारण करने के उपाय)
  3. निद्रा की कमी - पर्याप्त नींद ना लेने से या अधिक नींद लेने से हॉर्मोनल बदलाव आता है, जिससे भूक बढ़ जाती है। (और पढें - नींद ना आने के उपाय)  

मोटापे से बचाव - Prevention of Obesity in Hindi

बहुत से लोग मोटापे से पीड़ित हैं। मोटापा होने के कई कारण हैं जैसे भारी और मीठे खाद्य पदार्थ, ज्यादा खाना, शारीरिक व्यायाम में कमी आदि। अगर आपको अपना वजन कम करना है तो इसके लिए आपको अपने जीवन शैली में कुछ बदलाव करने की आवश्यकता होगी। ये स्वास्थ्य परिवर्तन आपके मोटापे की समस्या को कम करने में मदद करेंगे।

  1. मोटापा कम करने के लिए क्या न खाएं - Food to avoid for obesity in hindi
  2. वजन घटाने के लिए कम खाएं - Eat less for weight loss in hindi
  3. पेट कम करने के लिए व्यायाम - Exercise for obesity reduction in hindi
  4. उचित नींद है चर्बी कम करने का आसान तरीका - Sleep important for weight loss in hindi

मोटापा कम करने के लिए क्या न खाएं - Food to avoid for obesity in hindi

इस समस्या से बचने के लिए भारी, ठंडे और मीठे भोजन का जितना संभव हो सके, सेवन ना करें। चीनी इस समस्या के लिए हानिकारक होती है तो चीनी के स्थान पर शहद का उपयोग कर सकते हैं। आप अपने दिन की शुरुआत एक गिलास गर्म पानी से करें। गर्म पानी आपके लिए बहुत ही अच्छा होगा। अगर आप चाहें तो गर्म पानी में नींबू का रस और अदरक का पेस्ट भी डाल सकते हैं जो आपके मेटाबोलिक सिस्टम को सही से काम करने में मदद करेगा। ताजे फलों और सब्जियों का सेवन करें पर बिना पकी हुई सब्जियों का बहुत अधिक सेवन नहीं करें। अंकुरित अनाज का सेवन आपके लिए बहुत अच्छा होगा। आप को प्रतिदिन 2-3 कप हरी चाय का उपभोग करना चाहिए। गर्म दूध आप के लिए अच्छा है लेकिन चीज़ और मक्खन जैसे दूध उत्पादों के सेवन से बचें। ठंडे पेय के उपयोग से बचें और चाय और कॉफी जैसे गर्म पेय का सेवन करें। क्योंकि आयुर्वेद के अनुसार कफ़ दोष में वृद्धि मोटापे को बढाती है इसलिए कफ को बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करें।

वजन घटाने के लिए कम खाएं - Eat less for weight loss in hindi

भोजन खाने के लिए प्लेट में कम भोजन लें। यदि आपको और खाने का मन करे तो फिर दुबारा लें, इस तरह आप ज्यादा खाने से बच सकते हैं। आप नियमित अंतराल में थोड़ा-थोड़ा भोजन करें। आप यह सुनिश्चित करें कि आप हर दिन एक ही समय पर खाना खाएं। यह आपकी दिनचर्या के लिए बहुत अच्छा होगा और आपके वजन को कंट्रोल करेगा। जंक फूड खाने से बचें और स्नैक्स में नट्स (nuts) का सेवन करें। 

(और पढ़ें – वजन कम करने के घरेलू नुस्खे)

पेट कम करने के लिए व्यायाम - Exercise for obesity reduction in hindi

वजन बढ़ने का एक मुख्य कारण शारीरिक गतिविधि में कमी भी है। इसलिए अपने आप को आलसी और सुस्त रहने से रोकें और व्यायाम शुरू करें। इसके लिए अच्छा तरीका है आप तेज चलें या दौड़ें। आप हल्के व्यायाम के साथ शुरुआत कर सकते हैं और अपने शरीर की क्षमता के अनुसार इसका स्तर बढ़ा सकते हैं। वर्कआउट करने से फैट टिश्यू (tissue) बर्न होते हैं। यह आपके शरीर में एंडोर्फिन को रिलीज़ करने में भी मदद करते हैं जो तनाव को कम करते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि आप तनाव के कारण और अधिक खाना नहीं खाएं। 

(और पढ़ें – चलने के फायदे)

उचित नींद है चर्बी कम करने का आसान तरीका - Sleep important for weight loss in hindi

यदि आप दैनिक आधार पर 7-8 घंटे नहीं सोते हैं, तो आपका शरीर और मन ताज़ा नहीं रहता और आप तनाव जैसी समस्या से गुज़रते हैं। तनाव में आप ज़्यादा खाते हैं जिससे फैट बढ़ता है। दूसरी तरफ, यदि आप आवश्यकता से अधिक सोते हैं, तो आपके शरीर की पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं हो पाती है और आपका मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है। इस लिए उचित नींद लें और प्रतिदिन एक ही समय के आसपास सोने की आदत डालें। जल्दी बिस्तर पर जाएं और जल्दी उठें। यह दिनचर्या आप को अंदर से स्वस्थ बना देगी। (और पढ़ें – योग निद्रा के माध्यम से पायें सुखद गहरी नींद)

मोटापे का परीक्षण - Diagnosis of Obesity in Hindi

मोटापे का निदान कैसे करें?

अगर आपका बॉडी मास इंडेक्स मोटापे की श्रेणी में आता है, तो डॉक्टर आपके स्वास्थ्य इतिहास की जांच करेंगे। वह आपकी शारीरिक जांच करेंगे और कुछ परीक्षण कराने का सुझाव देंगे।

परीक्षणों में शामिल है -

1. आपके स्वास्थ्य इतिहास की जांच करना - डॉक्टर आपके -

  • वज़न का इतिहास
  • वज़न कम करने के लिए किये गए प्रयास
  • व्यायाम की आदत
  • खाने के तरीके
  • कोई दवाई जो लम्बे समय से ले रहे हो
  • तनाव का स्तर
  • और अन्य स्वास्थय समस्याओं के बारे में पूछेंगे।
  • डॉक्टर आपके परिवार के स्वास्थ्य इतिहास की भी जांच कर सकते है।

2. सामान्य शारीरिक परिक्षण - इसमें आपकी लम्बाई को मापा जाता है। और आपके महत्वपूर्ण संकेतों की जांच की जाती है। जैसे कि -

  • हृदय की गति
  • बीपी
  • शरीर का तापमान
  • पेट की जांच करना

3. आपके बीएमआई की गणना करना - डॉक्टर आपके मोटापे के स्तर को जानने के लिए, आपकी बीएमआई की गणना कर सकतें है।

4. आपकी कमर की परिधि को मापना - कमर के आस-पास जमा हुआ वसा जिसे पेट का वसा कहा जाता है। उससे कई बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। जैसे कि - मधुमेह और हृदय रोग।

5. खून की जांच - डॉक्टर द्वारा सुझाये गए खून के परिक्षण आपके स्वास्थय, जोखिम कारक और आपको होने वाले लक्षणों पर निर्भर करते हैं। डॉक्टर आपको निम्नलिखित परीक्षणों का सुझाव दे सकते हैं -

मोटापे का इलाज - Obesity Treatment in Hindi

मोटापे का उपचार कैसे किया जाता है?

मोटापे के इलाज का लक्ष्य एक स्वस्थ वजन पर पहुंचने और रहने का है। आपके खाने-पीने और शारीरिक गतिविधि की आदतों को समझने और उनमें परिवर्तन लाने के लिए डॉक्टरों की एक टीम - एक आहार विशेषज्ञ, व्यवहार परामर्शदाता या मोटापे विशेषज्ञ के साथ आपको काम करना पड़ सकता है। सभी वजन कम करने के कार्यक्रमों में आपके भोजन की आदतों और शारीरिक गतिविधि में वृद्धि की आवश्यकता होती है। उपचार के तरीके जो आपके लिए सही हैं आपके मोटापे के स्तर, आपके सम्पूर्ण स्वास्थ्य और आपके वजन कम करने की योजना में भाग लेने की इच्छा पर निर्भर करते हैं। अन्य उपचार उपकरण में आहार परिवर्तन, व्यायाम और शारीरिक गतिविधि शामिल हैं।

आहार में बदलाव

  1. मोटापे पर काबू पाने में कैलोरी कम करना और स्वस्थ भोजन खाना महत्वपूर्ण हैं। आप शायद तेज़ी से वजन कम करना चाहेंगे, लेकिन स्वास्थय के लिए बेहतर होता है कि वजन धीरे धीरे ही कम किया जाए। ऐसा करने से वजन वापिस बढ़ने की सम्भावना भी कम होती है। (और पढ़ें - वजन कम करने के लिए डाइट टिप्स)
  2. अवास्तविक आहार परिवर्तनों से बचें, जैसे कि क्रैश डाइट, क्योंकि वे आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमज़ोर कर देतें हैं और आप में निर्जलीकरण का जोखिम बढ़ा देते हैं।
  3. वज़न कम करने वाले कार्यक्रम को कम से कम 6 महीने तक जारी रखें और अच्छे परिणामों के लिए कार्यक्रम के रख-रखाव चरण को कम से कम एक साल तक रखें।
  4. एक डाइट प्लान चुनें जिसमें स्वस्थ आहार शामिल हो, जो आपको लगता है कि आपके लिए काम करेगा। मोटापा के इलाज के लिए आहार में परिवर्तन में निम्नलिखित चीज़ें शामिल करें (और पढें - मोटापा कम करने के लिए डाइट चार्ट) - 
  • कैलोरी घटाना - आप अपनी कैलोरीज की मात्रा कम करके अपना वज़न कम कर सकतें हैं। आप और आपके चिकित्सक आपके भोजन और पीने की आदतों पर नज़र रख सकते हैं, कि आप आम तौर पर कितनी कैलोरी ले रहे हैं और आप कहा कटौती कर सकते हैं। आप और आपके चिकित्सक यह तय कर सकते हैं कि आपको वजन कम करने के लिए प्रत्येक दिन कितनी कैलोरी लेने की ज़रूरत है। (और पढ़ें - खाने में कितनी कैलोरी होती हैं)
  • महिलाओं के लिए 1,200 से 1,500 कैलोरी और पुरुषों के लिए 1500 से 1800 कैलोरी की एक सामान्य मात्रा है।
  • कम खाने में पूरा पेट भर जाना - कम कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों को बड़े हिस्से में खाने से, आप भूख की पीड़ा को कम कर सकते हैं।  
  • स्वस्थ विकल्प बनाना - अपने संपूर्ण आहार स्वस्थ बनाने के लिए फलों, सब्जियों और पूरे अनाज कार्बोहाइड्रेट खाने का सेवन करें। इसके अलावा प्रोटीन जैसे दाल,सोया और मांस (बिना चर्बी वाला) जैसे स्रोतों पर जोर दें। यदि आप मछली पसंद करते हैं, तो सप्ताह में दो बार मछली शामिल करने का प्रयास करें। नमक और चीनी की मात्रा कम करें। कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करें। छोटी मात्रा में वसा खाएं और सुनिश्चित करें कि वे हृदय-स्वस्थ स्रोतों से आते हों, जैसे - जैतून, कैनोला और अखरोट का तेल।
  • कुछ खाद्य पदार्थों को सीमित करना - कुछ आहार एक विशेष खाद्य समूह की मात्रा को सीमित करते हैं, जैसे उच्च कार्बोहाइड्रेट या पूर्ण वसा वाले खाद्य पदार्थ। डॉक्टर से पूछें कि कौनसी आहार योजनाएं प्रभावी हैं, जो आपके लिए सहायक हो सकती हैं। मीठे पेय पदार्थ पीने से आप ज़्यादा कैलोरी का सेवन करेंगे, और इन पेय को सीमित करना या उन्हें पूरी तरह से समाप्त करना अच्छी शुरुआत है।
  • खाने की प्रतिस्थापना - आप अपने एक या दो आहार लो कैलोरी शेक या मील बार से प्रतिस्थापित करें। अपने तीसरे आहार में कम मात्रा में कैलोरीज और वसा लें।  

व्यायाम और गतिविधि

शारीरिक गतिविधि या व्यायाम मोटापे के उपचार का एक अनिवार्य हिस्सा है। ज्यादातर लोग जो एक वर्ष से अधिक समय के लिए अपने घटे हुए वजन को बनाए रखने में सक्षम होते हैं, वो नियमित रूप से व्यायाम करते है, जिसमें सिर्फ चलना शामिल है।

अपनी गतिविधि स्तर को बढ़ावा देने के लिए:

  1. व्यायाम - अधिक वजन वाले या मोटापे वाले लोगों को वजन कम करने के लिए या सामान्य वजन की मात्रा को कम करने के लिए मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि के कम से कम 150 मिनट की आवश्यकता होती हैं। अधिक महत्वपूर्ण वजन घटाने के लिए, आपको सप्ताह में 300 मिनट या इससे अधिक व्यायाम करना पड़ सकता है आप धीरे-धीरे अपनी व्यायाम की मात्रा में वृद्धि लाएं क्योंकि इससे आप अपने धीरज और फिटनेस में सुधार ला सकतें हैं।
  2. एरोबिक व्यायाम -  नियमित एरोबिक व्यायाम कैलोरीज कम करने का और ज़्यादा वज़न घटाने का सबसे कारगर तरीका है। आपके दिन के दौरान साधारण परिवर्तन करना बड़ा लाभ दिला सकता हैं।

आम वजन घटाने वाली सर्जरी में शामिल हैं:

  • गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी (Gastric bypass surgery)
  • लैप्रोस्कोपिक समायोज्य गैस्ट्रिक बैंडिंग (एलएजीबी) (Laparoscopic adjustable gastric banding (LAGB))
  • डुओडानल स्विच के साथ बिलिओपैंक्रिअटिक डायवर्सन (Biliopancreatic diversion with duodenal switch)
  • गैस्ट्रिक स्लीव (Gastric sleeve)

मोटापे की जटिलताएं - Obesity Complications in Hindi

मोटापे से होने वाली अन्य बिमारियां? 

यदि आप मोटे हैं, तो आपको कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने की संभावना है, जिसमें शामिल हैं:

मोटापा की दवा - Medicines for Obesity in Hindi

मोटापा के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
Orlitac खरीदें
Dr. Reckeweg Phytolacca Berry 3x Tablet खरीदें
Belviq खरीदें
ADEL Phytolacca Berry Mother Tincture Q खरीदें
Belviq XR खरीदें
ADEL Phytolacca e baccis Mother Tincture Q खरीदें
Bjain Phytolacca berry Mother Tincture Q खरीदें
Maxigla खरीदें
Schwabe Opuntia MT खरीदें
Schwabe Phytolacca berry MT खरीदें
SBL B Trim Drops खरीदें
Defat खरीदें
Ponderax खरीदें
Bjain Phytolacca Berry 1X Tablet खरीदें
Phytolacca Berry Tablet खरीदें
Dr. Reckeweg Phytolacca Berry Q खरीदें
SBL Opuntia Dilution खरीदें
Gla ad खरीदें

मोटापा की दवा - OTC medicines for Obesity in Hindi

मोटापा के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine Name
Divya Madhunashini Vati खरीदें
Patanjali Divya Arogyavardhini Vati खरीदें
Himalaya Green Tea खरीदें
Himalaya Vrikshamla Tablet खरीदें
Himalaya Ayur Slim खरीदें
Zandu Pure Honey खरीदें
Himalaya Vrikshamla खरीदें
Baidyanath Medohar vidangadi Loha खरीदें
Nirogam Garcinia Capsules खरीदें

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References

  1. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]: U.S. Department of Health and Human Services; Overweight and Obesity
  2. World Health Organization [Internet]. Geneva (SUI): World Health Organization; Obesity.
  3. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Overweight & Obesity
  4. National Health Service [Internet]. UK; Obesity.
  5. National Health Information Center, Washington, DC [Internet] U.S. Department of Health and Human Services; Obesity Prevention
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