बीते कुछ दिनों से तमिलनाडु में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि यहां बीते दस दिनों में कोविड-19 की टेस्टिंग में तेजी लाई गई है। इसके चलते इस दक्षिण राज्य के कोरोना पॉजिटिव मामलों में प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों का इजाफा हो रहा है। गुरुवार को तमिलनाडु में कोविड-19 के इतने टेस्ट हुए कि इस दक्षिण राज्य ने महाराष्ट्र तक को पीछे छोड़ दिया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महाराष्ट्र में कोरोना वायरस मरीजों की पुष्टि के लिए दो लाख 2,105 टेस्ट किए गए हैं, जबकि तमिलनाडु में किए गए परीक्षणों का आंकड़ा दो लाख 2,436 हो गया है। जानकारों का कहना है कि तमिलनाडु की इस क्षमता की इसलिए भी प्रशंसा की जानी चाहिए कि उसकी जनसंख्या महाराष्ट्र की अपेक्षा 35 प्रतिशत कम है। वहीं, यह तथ्य भी प्रभावित करने वाला है कि महाराष्ट्र से ज्यादा टेस्ट करने बाद भी तमिलनाडु के कोरोना मरीजों की संख्या उससे तीन गुना कम है।
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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इसके अलावा, प्रति दस लाख जनसंख्या के हिसाब से देखें तो पता चलता है कि तमिलनाडु जहां 2,806 टेस्ट कर रहा है, वहीं महाराष्ट्र में केवल 1,798 टेस्ट हो पा रहे हैं। बड़ी जनसंख्या वाले कई अन्य राज्यों की हालत तो और भी खराब है। इनमें उत्तर प्रदेश की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। वहां प्रति दस लाख लोगों पर केवल 569 टेस्ट हो रहे हैं। मध्य प्रदेश में यह संख्या 840 है और पश्चिम बंगाल में केवल 358 टेस्ट हो रहे हैं। वहीं, राष्ट्रीय औसत की बात करें तो भारत में प्रति दस लाख मरीजों पर 1,000 से कुछ ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं। यानी इस मामले में तमिलनाडु का औसत राष्ट्रीय औसत से दोगुने से भी ज्यादा है।
बहरहाल, मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस के कुल मरीजों की संख्या अब 57,300 से ज्यादा हो गई है। शुक्रवार सुबह से शाम तक 950 से ज्यादा नए मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 600 मरीज तमिलनाडु में ही सामने आए हैं। इसके बाद पंजाब में 87, राजस्थान में 64, आंध्र प्रदेश में 54, कर्नाटक में 48, जम्मू-कश्मीर में 30 और ओडिशा में 27 नए मामलों को पुष्टि हुई है। वहीं, बिहार में 19, चंडीगढ़ में 11, हरियाणा में आठ, असम में तीन, उत्तराखंड में दो और केरल तथा हिमाचल प्रदेश में एक-एक मरीज की पुष्टि हुई है।
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोविड-19 की जांच के मामले में तमिलनाडु ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ा, प्रति दस लाख टेस्टिंग के राष्ट्रीय औसत से दोगुने टेस्ट कर रहा दक्षिण राज्य है
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