कोविड-19 महामारी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलते हुए काफी समय बीत चुका है। लेकिन इससे बिगड़े हालात अब तक नियंत्रित नहीं हो सके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बीती 30 जनवरी को कोविड-19 को 'अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य इमरजेंसी' यानी पीएचईआईसी घोषित किया था। खबर है कि कोरोना वायरस संकटकाल के बरकरार रहने के चलते उसने अपनी यह घोषणा जारी रखने का फैसला किया है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कोविड-19 अभी भी एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल है।
गौरतलब है कि डब्ल्यूएचओ ने जब कोविड-19 को पीएचईआईसी घोषित किया था, उस समय चीन में 10,000 संक्रमित मामलों की पुष्टि हुई थी, जबकि चीन के बाहर केवल 98 मामले सामने आए थे। लेकिन उसके बाद से यह महामारी लगातार बढ़ रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अब तक दुनियाभर में 34 लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि दो लाख 39,000 से ज्यादा की मौत हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनोम गेब्रेयेसस ने कहा कि संक्रमण के फैलते चले जाने के बीच इमरजेंसी कमेटी की सलाह और विशेषज्ञों के सुझाव पर पीएचईआईसी को बढ़ाने का फैसला किया गया है।
(और पढ़ें- कोरोना वायरस: जानें, कोविड-19 के इलाज को लेकर चर्चा बटोर रही रेमडेसिवियर दवा से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब)
वहीं, डब्लूएचओ की आपातकालीन समिति के अध्यक्ष डिडियर हाउसिन ने शुक्रवार को बताया कि समिति के सदस्यों ने संकट के संबंध में 20 से अधिक सिफारिशें की हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इन सिफारिशों के चलते कोरोना वायरस महामारी के कारण बढ़ते संक्रमित मामलों को कम करने में मदद मिलेगी। इन सिफारिशों का उद्देश्य बिना रुकावट के भोजन और दवाओं के वितरण के काम को शुरू करना है ताकि महामारी को रोकने संबंधी सभी कार्यों को करते हुए हालात सामान्य किए जा सकें। इसके साथ ही समिति ने बताया कि कोरोना वायरस के अस्तित्व को लेकर शोधकर्ताओं का रिसर्च जारी है। साथ ही कोविड-19 के इलाज की खोज में वैक्सीन और थेरेपी विकसित करने का काम भी किया जा रहा है।
ज्यादा ढील से संक्रमण की दूसरी लहर का खतरा
इसके अलावा डब्ल्यूएचओ ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अब यह महामारी कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था वाले देशों की तरफ बढ़ रही है। इस बारे में सभी का ध्यान खींचते हुए टेड्रोस ने कहा, ‘अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में नए मामलों में तेजी दिखाई दी है और यहां के देशों में हेल्थ सिस्टम पहले से ही कमजोर है। यह खतरनाक हो सकता है।' दूसरी तरफ, कुछ देशों में लॉकडाउन के प्रतिबंधों में ढील दी गई है। लेकिन वैज्ञानिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि रेस्टोरेंट, फिल्म थिएटर और मॉल को फिर से खोलने से संक्रमण की दूसरी लहर आ सकती है। इस बारे में टेड्रोस का कहना है कि डब्ल्यूएचओ की सलाह का पालन करने के लिए देशों को प्रोत्साहित करना उनका काम है और इसकी वे लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोरोना वायरस: डब्ल्यूएचओ ने कहा- कोविड-19 अभी भी वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल है, कमजोर देशों में बढ़ सकता है महामारी का खतरा है
- Proctosedyl BD Cream - ₹118
- Anovate Ointment - ₹117
- Covifor Injection - ₹3780
- Fabiflu 400 Tablet - ₹856
- Fabiflu 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 400 Mg Tablet - ₹1224
- Pilo GO Cream - ₹75
- Anovate Cream - ₹111
- Remdesivir Injection - ₹10500
- Molusafe Capsule - ₹457
- Movfor 200 Mg Capsule - ₹2490
- Molflu 200 Mg Capsule - ₹1400
- Molulife 200 Capsule - ₹1399
- Cipmolnu 200 Mg Capsule - ₹2000
- Molxvir 200 Mg Capsule - ₹1520
- Alzumab Injection - ₹8229
- Immunocin Alpha Plus 1.6mg Injection - ₹5998
- Imualfa 1.6mg Injection 1ml - ₹2628
- Molnutor 200 Mg Capsule - ₹2000




