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ग्रोथ हार्मोन इंसेंसिटिविटी क्या है?

ग्रोथ हार्मोन इंसेंसिटिविटी एक दुर्लभ बीमारी है, जिसमें आपका शरीर ग्रोथ हार्मोन के उत्पादन का अच्छे से उपयोग नहीं कर पाता। ग्रोथ हार्मोन रिसेप्टर (Growth hormone receptor) जीन में परिवर्तन के कारण यह बीमारी हो सकती है। 

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ग्रोथ हार्मोन इंसेंसिटिविटी के लक्षण क्या हैं?

ग्रोथ हार्मोन इंसेंसिटिविटी में बचपन से ही आपकी लंबाई रुक जाती है, जिसे बौनापन कहा जाता है। विकास न होने के साथ-साथ दांत घिसने लगते हैं, जिसकी वजह से वो धीरे-धीरे कमजोर पड़कर टूटते जाते हैं। ग्रोथ हार्मोन इंसेंसिटिविटी से सिर और चेहरे के बीच सही तरीके से विकास नहीं हो पाता, नाक बीच में से चपटी हो जाती है या टेढ़ी हो जाती है और आंखें अंदर की ओर चली जाती हैं। दोनों ही लिंग में यौन विकास भी धीमा पड़ जाता है।  

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ग्रोथ हार्मोन इंसेंसिटिविटी क्यों होती हैं?

ग्रोथ हार्मोन इंसेंसिटिविटी एक अनुवांशिक विकार है और यह ग्रोथ हार्मोन रिसेप्टर जीन में परिवर्तन के कारण होता है। 

(और पढ़ें - हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी क्या है)

ग्रोथ हार्मोन इंसेंसिटिविटी का इलाज कैसे होता है?

ग्रोथ हार्मोन इंसेंसिटिविटी का परिक्षण तब होता है जब अच्छे से विकास नहीं हो पाता और चेहरे में भी बदलाव दिखने लगते हैं। ग्रोथ हार्मोन इंसेंसिटिविटी के कारण बच्चों में विकास रुक जाता है तो उन्हें मेकासर्मिन रिनफबेट (रिकम्बीनैंट आईजीएफ-i) दवाई दी जाती है। रिकम्बीनैंट आईजीएफ-i थेरेपी हाइपोग्लाईसेमिया (Hypoglycemia) के जोखिम से जुडी होती है, जिससे स्तनपान के जरिए बचा जा सकता है।

(और पढ़ें - हार्मोन चिकित्सा कैसे होती है)

 

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