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सिजोफ्रेनिया​ क्या है?

स्किज़ोफ्रेनिया एक गंभीर दिमाग का विकार है जो एक व्यक्ति की सोचने, काम करने, भावनाओं को अभिव्यक्त करने, वास्तविकता अपनाने और दूसरों से सम्बन्ध रखने की क्षमता को कम करता है।

स्किज़ोफ्रेनियाएक में एक व्यक्ति कल्पना और वास्तविक्ता में अंतर नहीं कर पाता। सिज़ोफ्रेनिया से ग्रस्त लोगों को अक्सर समाज, काम, स्कूल और रिश्तों में समस्याएं आती हैं। स्किज़ोफ्रेनिया से ग्रस्त लोगों को डरा हुआ महसूस हो सकता है। यह एक आजीवन रहने वाली बीमारी है जिसे ठीक नहीं किया जा सकता है लेकिन उचित उपचार से नियंत्रित किया जा सकता है।

स्किज़ोफ्रेनिया सभी उम्र के पुरुषों और महिलाओं में हो सकता है। पुरुषों में यह अक्सर किशोरावस्था के बाद के चरण या 20 के दशक के प्रारंभिक चरण में होता है। महिलाओं को स्किज़ोफ्रेनिया के लक्षण 20 के दशक के आखिर में या 30 के दशक के शुरुआती दिनों में अनुभव होते हैं।

भारत में स्किज़ोफ़्रेनिया

भारत में स्किज़ोफ्रेनिया का प्रसार लगभग 3/1000 व्यक्तियों में है। यह पुरुषों में अधिक आम है, और महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को कम उम्र में प्रभावित करता है।

  1. सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) के प्रकार - Types of Schizophrenia in Hindi
  2. सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) के चरण - Stages of Schizophrenia in Hindi
  3. सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) के लक्षण - Schizophrenia Symptoms in Hindi
  4. सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) के कारण - Schizophrenia Causes in Hindi
  5. सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) से बचाव - Prevention of Schizophrenia in Hindi
  6. सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) का परीक्षण - Diagnosis of Schizophrenia in Hindi
  7. सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) का इलाज - Schizophrenia Treatment in Hindi
  8. सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) के जोखिम और जटिलताएं - Schizophrenia Risks & Complications in Hindi
  9. सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) में परहेज़ - What to avoid during Schizophrenia in Hindi?
  10. स्किज़ोफ्रेनिया (मनोविदलता) में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Schizophrenia in Hindi?
  11. स्किज़ोफ्रेनिया (मनोविदलता) की आयुर्वेदिक दवा और इलाज
  12. स्किज़ोफ्रेनिया (मनोविदलता) की दवा - Medicines for Schizophrenia in Hindi
  13. स्किज़ोफ्रेनिया (मनोविदलता) के डॉक्टर

सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) के प्रकार - Types of Schizophrenia in Hindi

सिजोफ्रेनिया​ के निम्नलिखित प्रकार हैं -

  1. पैरानॉयड स्किज़ोफ्रेनिया (Paranoid Schizophrenia)
    पैरानॉयड स्किज़ोफ्रेनिया में भ्रम या वहम होते हैं। यह अक्सर तीव्र होते हैं और कुछ विषयों के बाद होते हैं जैसे - उत्पीड़न, ईर्ष्या, धर्म आदि। वे चिंता, गुस्सा, अलगाव या तर्कपूर्ण व्यवहार महसूस कर सकते हैं। भ्रम वाले लोग हिंसक या आत्मघाती हो सकते हैं, लेकिन समय के साथ उनके स्थिर होने की सम्भावना ज़्यादा होती है।
     
  2. अव्यवस्थित सिज़ोफ्रेनिया (Disorganized Schizophrenia)
    अव्यवस्थित सिज़ोफ्रेनिया, जिसे पहले हेबफ़्रेंनिक कहा जाता था, में बोलने और व्यवहार में विभिन्न प्रकार की अव्यवस्था होती है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति विषय से हटकर बात कर सकता है या जो पूछा जा रहा है उससे अलग जवाब दे सकता है। यह व्यवहार व्यक्ति की दैनिक क्रियाएं करने की क्षमता कम करता है जैसे भोजन बनाना, नहाना या कपडे पहनना।
     
  3. कैटाटनिक स्किज़ोफ्रेनिया (Catatonic Schizophrenia)
    कैटाटोनिक स्किज़ोफ्रेनिया में अत्यधिक गतिहीनता और अप्रतिसाद हो सकते हैं। इसमें रोगी स्थिरता, गूंगापन या नकारात्मकता व्यवहार करता है। व्यक्ति कभी-कभी घबराया हुआ भी दिख सकता है। कैटाटोनिक स्किज़ोफ्रेनिया वाले रोगी अक्सर बातों को और गतिविधियों को दोहराते हैं।
     
  4. अवशिष्ट और अधोसंरक्षित स्किज़ोफ़्रेनिया (Residual and Undifferentiated Schizophrenia)
    अवशिष्ट स्किज़ोफ़्रेनिया तब कहा जाता है जब एक व्यक्ति को कम से कम एक बार स्किज़ोफ़्रेनिया के लक्षण हो चुके होते हैं, लेकिन अब कोई भी प्रमुख लक्षण नहीं है। हालाँकि, कुछ नकारात्मक लक्षण हो सकते हैं जैसे कि कम बोलना, अजीबो गरीब बातें बोलना या बिना वजह नई मान्यताएं बनाना।

    जब एक व्यक्ति को विभिन्न प्रकार के स्किज़ोफ्रेनिया के  लक्षण होते हैं, तो उसे अधोसंरक्षित स्किज़ोफ़्रेनिया (Undifferentiated Schizophrenia) कहा जाता है।

सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) के चरण - Stages of Schizophrenia in Hindi

सिजोफ्रेनिया के चरण क्या हैं ?

स्किज़ोफ्रेनिया के चार निम्नलिखित चरण होते हैं -

शुरूआती चरण

स्किज़ोफ्रेनिया के शुरूआती चरण में पीड़ित व्यक्ति को अपने व्यवहार में कोई बदलाव महसूस नहीं होता है क्योंकि परिवर्तन बहुत मामूली होता है। आमतौर पर रोगी से सम्बंधित लोगों को उसके व्यवहार में अंतर महसूस होता है। व्यक्ति को अवसाद, चिंता, घबराहट और अन्य सामान्य व असामान्य मनोदशा में उतार-चढ़ाव महसूस हो सकते हैं। किशोरावस्था के आखिरी समय और वयस्कता के शुरुआती समय के दौरान ये भावनाएं महसूस करना बहुत ही सामान्य है। स्किज़ोफ्रेनिया के अधिक स्पष्ट लक्षण हैं - बिना किसी बात गुस्सा आना, अजीब व्यवहार करना या सामाजिक अलगाव। सिज़ोफ्रेनिया का यह चरण तीव्र चरण में विकसित होने से पहले महीनों या वर्षों तक रह सकता है।

तीव्र चरण (सक्रिय चरण)

यह वह चरण है जहां स्किज़ोफ्रेनिया पूरी तरह से विकसित हो चुका होता है। तीव्र चरण में, स्किज़ोफ्रेनिया के सही लक्षण उच्च तीव्रता से सामने आते हैं। पीड़ित को पहली बार इस चरण में अचानक मनोदशा में बदलाव के कारण यह महसूस हो सकता है कि उन्हें कोई समस्या है। इसका अर्थ है कि समस्या पूर्ण तीव्रता से प्रकट हुई है लेकिन यह हमेशा अचानक नहीं होता है। इस चरण में अस्पताल और मनोरोग विशेषज्ञ के पास जाकर निदान किया जा सकता है। अत्यधिक सक्रिय और तीव्र लक्षणों का यह चरण औसत छह सप्ताह तक रहता है लेकिन यह चार सप्ताह या आठ सप्ताह तक भी रह सकता है। इसके बाद लक्षण घटाव के चरण में चले जाते हैं।

घटाव का चरण

लक्षणों की तीव्र गतिविधि के बाद इस चरण में लक्षण कम होने लगते हैं। इस चरण में लक्षणों की तीव्रता और उपस्थिति काफी कम हो सकती है और कुछ लक्षण पूरी तरह से खत्म भी हो सकते हैं। उपचार के साथ, लक्षणों को लंबे समय तक उत्पन्न होने से रोका जा सकता है और सामान्य कार्य जारी रखे जा सकते हैं। ऐसा नहीं है कि लक्षण हमेशा के लिए चले जाएँगे, कभी-कभी यह लक्षण बार-बार हो सकते हैं। हालाँकि अगर लक्षण बार-बार हों, तो आप मनोचिकित्सक की मदद लेकर सही प्रकार की दवाओं की मात्रा की पहचान कर सकते हैं और संभवत: लक्षणों से पूरी छूट प्राप्त कर सकते हैं।

पुनरावर्तन चरण

इस चरण में लक्षण तीव्र स्तर पर फिर से प्रकट होने लगते हैं। चिकिस्तक द्वारा निर्धारित उपचार व दवाओं का प्रयोग करने से इससे बचा जा सकता है या कम किया जा सकता है। आप इसमें होने वाली भावनाओं और लक्षणों से परिचित हो सकते हैं और तुरंत अपने चिकित्सक से बात कर सकते हैं। इस चरण का सबसे बड़ा कारण यह है कि जब पीड़ित के लक्षण कम होने लगते हैं तो उन्हें लगता है कि उन्हें दवा की ज़रूरत नहीं है और वे उपचार बंद कर देते हैं।

चिकित्सक द्वारा बताए गए उपचार जारी रखें। ऐसा करने से, स्किज़ोफ्रेनिया की जटिलताओं को कम किया जा सकता है।

सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) के लक्षण - Schizophrenia Symptoms in Hindi

सिजोफ्रेनिया​ के लक्षण क्या हैं ?

कभी-कभी स्किज़ोफ्रेनिया ऐसे लक्षण पैदा कर सकता है जो परेशान करते हैं। यह लक्षण निम्नलिखित हैं -

  1. सोचने या बोलने में असामान्यता
    स्किज़ोफ्रेनिया से ग्रस्त व्यक्तिओं में अक्सर बोलने की क्षमता में तेज़ी से बदलाव आते हैं I वे अलग शब्दों और व्याक्यों का उपयोग करने लगते हैं।
     
  2. व्यवहार में असामान्यता
    स्किज़ोफ्रेनिया से ग्रस्त व्यक्ति को आवेगों को नियंत्रित करने में परेशानी, स्थितियों के लिए अजीब भावनात्मक प्रतिक्रियाएं, भावनाओं या अभिव्यक्ति की कमी और जीवन के लिए उत्साह की कमी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
     
  3. रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियों में रूचि खोना
    स्किज़ोफ्रेनिया से ग्रस्त व्यक्ति अक्सर जीवन की गतिविधियों में रुचि खो देता है। इसके लक्षण इस प्रकार हैं -
    • सामाजिक अलगाव
    • खुश होने में परेशानी
    • अपने जीवन की योजनाएं बनाने में परेशानी
    • रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियों को पूरा करने में समस्याएं

सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) के कारण - Schizophrenia Causes in Hindi

सिजोफ्रेनिया​ क्यों होता है ?

स्किज़ोफ़्रेनिया का सटीक कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। हालाँकि, यह पता है कि कैंसर और शुगर (मधुमेह) की तरह ही यह भी एक जैविक आधार वाली गंभीर बीमारी है। यह व्यक्तिगत कमज़ोरी का नतीजा नहीं है। शोधकर्ताओं ने कई कारकों का खुलासा किया है जो स्किज़ोफ्रेनिया होने में एक एहम भूमिका निभाते हैं। यह कारक हैं -

  1. आनुवंशिकता
    स्किज़ोफ्रेनिया पारिवारिक हो सकता है, जिसका अर्थ है कि माता-पिता में से किसी को यह बीमारी है तो उनके बच्चों को भी हो सकती है।
     
  2. मस्तिष्क असामान्यता
    स्किज़ोफ्रेनिया वाले लोगों में मस्तिष्क में कुछ रसायनों का असामान्य निर्माण हो सकता है जो सोच और व्यवहार को प्रभावित करता है। असामान्य मस्तिष्क संरचना और कार्य भी इसका कारण बन सकता है।
     
  3. पर्यावरणीय कारक
    प्रमाण बताते हैं कि वायरल संक्रमण जैसे कुछ पर्यावरणीय कारक, गाँजा जैसे नशीले पदार्थ अत्यधिक लेने से या अत्यधिक तनावपूर्ण परिस्थितियों में रहने से स्किज़ोफ़्रेनिया विकसित हो सकता है।

स्किज़ोफ्रेनिया तब होता है जब शरीर में हार्मोनल और शारीरिक परिवर्तन हो रहे होते हैं, जैसे - किशोरावस्था और युवा वयस्क वर्षों के दौरान होने वाले बदलाव।

सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) से बचाव - Prevention of Schizophrenia in Hindi

सिजोफ्रेनिया​ होने से रोका जा सकता है क्या ?

स्किज़ोफ्रेनिया से बचने का कोई तरीका नहीं है। फिर भी, किन व्यक्तियों को स्किज़ोफ्रेनिया होने का जोखिम ज़्यादा है, और उनमें इसे होने से रोकने के लिए हाल के वर्षों में शोधकर्ता काफी रिसर्च कर रहे हैं।

सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) का परीक्षण - Diagnosis of Schizophrenia in Hindi

सिजोफ्रेनिया​ का निदान कैसे हो सकता है ?

यदि आपको स्किज़ोफ़्रेनिया के लक्षण होते हैं, तो डॉक्टर आपका पूरा चिकित्सा इतिहास लेंगे और कभी-कभी शारीरिक परीक्षा भी कर सकते हैं। हालाँकि स्किज़ोफ़्रेनिया का निदान करने के लिए कोई परीक्षण नहीं है, लेकिन लक्षणों के आधार पर आपके डॉक्टर शारीरिक बीमारी या नशीले पदार्थ - प्रेरित मनोविकृति को जानने के लिए, विभिन्न परीक्षणों और रक्त परीक्षण या मस्तिष्क इमेजिंग अध्ययन का उपयोग कर सकते हैं।

यदि आपके डॉक्टर को स्किज़ोफ़्रेनिया के लक्षणों का कोई अन्य शारीरिक कारण नहीं मिलता है, तो वह रोगी को एक मनोचिकित्सक या मनोवैज्ञानिक, मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर के पास जाने की सलाह देते हैं जो विशेष रूप से मानसिक बीमारियों का निदान और इलाज करने के लिए प्रशिक्षित होते हैं। मनोवैज्ञानिक, विकार के निदान के लिए खास मूल्यांकन परीक्षण और मूल्यांकन उपकरण का उपयोग करते हैं। चिकित्सक, व्यक्ति के परिवार के अनुसार बताये गए लक्षणों की रिपोर्ट और व्यक्ति के रवैये और व्यवहार के आधार पर निदान करते हैं।

एक व्यक्ति को स्किज़ोफ़्रेनिया से ग्रस्त माना जाता है अगर उसे कम से कम छः महीनों तक लक्षण रहते हैं।

सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) का इलाज - Schizophrenia Treatment in Hindi

सिजोफ्रेनिया​ का उपचार कैसे होता है ?

स्किज़ोफ़्रेनिया के उपचार का लक्ष्य लक्षणों को कम करना और लक्षण की वापसी की संभावना को कम करना होता है। स्किज़ोफ़्रेनिया के निम्नलिखित उपचार हो सकते हैं -

  1. दवाएं
    स्किज़ोफ़्रेनिया के उपचार के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्राथमिक दवाएं एंटीसाइकोटिक्स कहलाती हैं। यह दवाएं स्किज़ोफ़्रेनिया का इलाज नहीं करती हैं लेकिन भ्रम, मतिभ्रम और सोचने की समस्याओं सहित कई लक्षणों से आराम देती हैं।
     
  2. मनोवैज्ञानिक चिकित्सा
    जहाँ दवाएं स्किज़ोफ़्रेनिया के लक्षणों को दूर करने में सहायता कर सकती हैं वहीं विभिन्न मनोवैज्ञानिक उपचार बीमारी से संबंधित व्यवहारिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और व्यावसायिक समस्याओं से मुक्ति में मदद करती हैं। उपचार के माध्यम से, मरीज़ भी अपने लक्षणों का प्रबंधन, शुरुआती लक्षणों के संकेतों की पहचान कर पाते हैं और इससे बचने के लिए योजना विकसित कर सकते हैं।
     
  3. अस्पताल में भर्ती होना
    विशेष रूप से गंभीर लक्षण वाले लोग या वह जो स्वयं या दूसरों को चोट पहुंचाने के खतरे में होते हैं या जो खुद की घर पर देखभाल नहीं कर सकते हैं, उनकी हालत को स्थिर करने के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है।
     
  4. इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ईसीटी; ECT)
    यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें इलेक्ट्रोड व्यक्ति के सर पर लगाए जाते हैं और सामान्य बेहोशी में एक छोटा सा बिजली का झटका मस्तिष्क को दिया जाता है। ईसीटी के उपचार में कुछ हफ्तों के लिए प्रति सप्ताह 2-3 उपचार शामिल होते हैं। प्रत्येक बिजली के झटके के उपचार से नियंत्रित दौरे होते हैं और समय के साथ इससे मनोदशा और सोच में सुधार होता है।

सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) के जोखिम और जटिलताएं - Schizophrenia Risks & Complications in Hindi

हालाँकि स्किज़ोफ्रेनिया का सही कारण नहीं पता है, लेकिन कई जोखिम वाले कारक हैं जो इसका कारण बन सकते हैं।

इसके जोखिम कारक हैं -

  1. परिवार में स्किज़ोफ्रेनिया का इतिहास।
  2. बच्चा होने पर पिता की उम्र ज़्यादा होना (35 साल या उससे अधिक)।
  3. जन्म और गर्भावस्था संबंधी जटिलताएं। (और पढ़ें - jaldi pregnant hone ke tips in hindi)
  4. प्रतिरक्षा प्रणाली की गतिविधि में किसी बीमारी या सूजन के कारण तेज़ी आना।
  5. किशोरावस्था या युवा वयस्क के समय दिमाग में बदलाव लाने वाली दवाएं लेना।

स्किज़ोफ्रेनिया से होने वाली जटिलताएं -

यदि स्किज़ोफ्रेनिया को अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो इससे जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त स्किज़ोफ्रेनिया की जटिलताएं हैं -

  1. आत्महत्या करने का प्रयास या आत्मघाती विचार।
  2. चिंतित होना।
  3. खुद को चोट पहुंचाना।
  4. सामाजिक संबंधों से अलगाव।
  5. कार्य या विद्यालय में जाने की इच्छा न होना।
  6. अन्य चिकित्सा या स्वास्थ्य समस्याएं।
  7. आक्रामक लक्षण व्यक्त करना।

सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) में परहेज़ - What to avoid during Schizophrenia in Hindi?

स्किज़ोफ़्रेनिया में कभी-कभी लक्षण कुछ समय के लिए चले जाते हैं लेकिन उपचार बंद कर देने पर वे वापिस आ सकते हैं इसीलिए अपना उपचार बंद न करें और निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन न करें -

  1. शक्कर सिरप युक्त कार्बोनेटेड पेय पदार्थ
  2. पास्ता
  3. दूध और दही
  4. ब्रेड
  5. मेवे
  6. संसाधित खाद्य पदार्थ
  7. गेहूं और जौ
  8. शराब, कैफीन और निकोटीन जैसे उत्तेजक पदार्थ
  9. मछली, बीज और सुपारी

स्किज़ोफ्रेनिया (मनोविदलता) में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Schizophrenia in Hindi?

सिजोफ्रेनिया में निम्नलिखित पदार्थ खाने लाभकारी हो सकते हैं -

  1. ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ जैसे - सोयाबीन, पालक, स्ट्रॉबेरी, खीरा आदि। 
  2. विटामिन बी वाले खाद्य पदार्थ।
  3. विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थ।
Dr. Saurabh Mehrotra

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मनोचिकित्सा

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स्किज़ोफ्रेनिया (मनोविदलता) की दवा - Medicines for Schizophrenia in Hindi

स्किज़ोफ्रेनिया (मनोविदलता) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
AmazeoAmazeo 100 Mg Capsule83
AtluraATLURA 40MG TABLET96
Trinicalm PlusTrinicalm Plus 5 Mg/2 Mg Tablet12
Arip MtArip Mt 10 Mg Tablet138
VasograinVasograin Tablet75
Palido OdPalido Od 1.5 Mg Tablet26
StemetilStemetil 12.5 mg Injection8
Amazeo OdAmazeo Od 200 Mg Tablet189
Hexidol PlusHexidol Plus 5 Mg/2 Mg Tablet12
Emetil PlusEmetil Plus 100 Mg/2 Mg Tablet0
Oleanz PlusOleanz Plus 20 Mg/5 Mg Tablet72
SulpraSulpra 100 Mg Tablet62
Mindol PlusMindol Plus 5 Mg/20 Mg Tablet16
Promexy HfPromexy Hf 50 Mg/2 Mg Tablet0
Olipar PlusOlipar Plus 20 Mg/5 Mg Tablet60
TrikosulTrikosul 100 Mg Tablet61
FluanxolFluanxol 0.5 Mg Tablet39
Talendol PlusTalendol Plus Tablet13
Prozine PlusProzine Plus 100 Mg/2 Mg Tablet0
Oltha PlusOltha Plus Tablet53
WellprideWellpride 100 Mg Tablet79
Flupen PlusFlupen Plus Tablet40
Quietal PlusQuietal Plus 100 Mg/2 Mg Tablet18
ZulprideZulpride 100 Mg Tablet108

क्या आप या आपके परिवार में किसी को यह बीमारी है? सर्वेक्षण करें और दूसरों की सहायता करें

References

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