चिंता - Anxiety in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS

June 28, 2017

September 23, 2021

चिंता
चिंता
कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!

चिंता (एंग्जायटी) क्या है? - Anxiety meaning in Hindi

चिंता आपके शरीर की स्ट्रेस के प्रति स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। आगे क्या आने या होने वाला है, चिंता इसको लेकर डर या आशंका है। स्कूल का पहला दिन, नौकरी के लिए इंटरव्यू देने या भाषण देने से अधिकांश लोगों को डर और घबराहट महसूस हो सकती है।

लेकिन अगर आपकी चिंता की भावनाएं बहुत ज्यादा हैं, छह महीने से अधिक समय तक चल रही हों, और आपके जीवन में हस्तक्षेप कर रही हों, तो आपको चिंता विकार हो सकता है।

चिंता विकार (Anxiety disorders) अलग है। यह मानसिक बीमारियों का एक समूह है, इनके कारण जो दिक्कतें पैदा होती हैं वह आपको अपना जीवन सामान्य रूप से व्यतीत करने से रोक सकता हैं। जो लोग एनज़ाइटी (Anxiety) से ग्रस्त होते हैं उन्हें, निरंतर चिंता और भय रहता है, वे अक्षम हो सकते हैं लेकिन सही उपचार के साथ, बहुत से लोग उन भावनाओं को प्रबंधित कर सकते हैं और अपना जीवन सामान्य रूप से जी सकते हैं।

चिंता विकार एक अपने आप हो जाने वाली, अज्ञात या अनियंत्रित बीमारी नहीं है, जो पारिवारिक कारणों या किसी के संपर्क में आने से हो जाए। यह एक निश्चित प्रकार के व्यवहार के कारण होता है।

चिंता कोई रोग या बीमारी नहीं है, यह एक शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक स्थिति है जो परिणामस्वरूप हम शंकित व्यवहार करते हैं।

(और पढ़ें - मानसिक रोग का कारण)

चिंता विकार के प्रकार - Types of Anxiety Disorders in Hindi

कुछ प्रकार के चिंता विकार -

  1. सामान्यकृत चिंता विकार (Generalized anxiety disorder) में रोग ग्रस्त व्यक्ति किसी स्पष्ट कारण के बिना अत्यधिक चिंता करता है। जीएडी का निदान तब किया जाता है जब कुछ चीजों के बारे में अत्यधिक चिंताएं छह महीने या उससे अधिक समय तक रहती हैं।
     
  2. सामाजिक चिंता विकार (Social anxiety disorder) सामाजिक परिस्थितियों का सामना करने में लगने वाला भय और दूसरों के द्वारा अपमानित होने का गंभीर सामाजिक भय है।  इसमें रोगी अकेला और शर्मिंदा महसूस हो सकता है।
     
  3. पोस्ट-ट्रोमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (Post Traumatic Stress Disorder) - पीटीएसडी तब होता है जब आप कुछ दर्दनाक अनुभव करते  हैं। इसके लक्षण तुरंत नज़र आ सकते हैं या कुछ समय बाद नज़र आने शुरू हो सकते हैं इसके कारणों में युद्ध, प्राकृतिक आपदाएं या शारीरिक हमले शामिल हैं।
     
  4. ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (Obsessive-compulsive disorder) भी एनज़ाइटी का एक प्रकार है। ओसीडी से ग्रस्त लोग बार-बार कोई विशेष प्रकार का कार्य करने की इच्छा से अभिभूत होते हैं जैसे की बार बार हाथ धोना, सफाई करना, गणना करना आदि।
     
  5. फोबिया (Phobia) भी एंग्जायटी का ही प्रकार है उदहारण के तौर पर तंग बंद स्थान से डर और ऊंचाइयों से डर शामिल हैं। इस स्थिति में भयग्रस्त वस्तु या स्थिति से बचने की तीव्र इच्छा होती है।
     
  6. पैनिक डिसऑर्डर (Panic disorder) के कारण, पैनिक अटैक होता है जो गहन चिंता और डर का कारण बनता है। इसके शारीरिक लक्षणों में अनियमित दिल की धड़कन, घबराहट, छाती में दर्द और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैँ। ये किसी भी समय हो सकता है। किसी भी प्रकार की एंग्जायटी से ग्रस्त लोगों को पैनिक अटैक हो सकते हैं। 

चिंता के लक्षण - Anxiety Symptoms in Hindi

सभी चिंता विकारों के कुछ सामान्य लक्षण हैं -

  1. घबराहट, भय और बेचैनी
  2. नींद सम्बंधित समस्याएं
  3. शांत और स्थिर रहने में अक्षमता 
  4. हाथ या पैर का ठंडा पड़ना, पसीने आना, सुन्न या झुनझुनाहट 
  5. सांस लेने में दिक्कत 
  6. शुष्क मुँह
  7. जी मिचलाना
  8. ऐंठी हुई मांसपेशियां
  9. चक्कर आना
  10. तेजी से श्वास लेना या हाइपरवेंटिलेशन (Hyperventilation)
  11. ज्यादा पसीना आना
  12. कमजोरी और सुस्ती
  13. जिस चीज के बारे में आप चिंतित हैं उसके अलावा किसी और चीज के ऊपर स्पष्ट रूप से ध्यान देने या सोचने में कठिनाई
  14. पाचन या जठरांत्र संबंधी समस्याएं

चिंता रोग के कारण और जोखिम कारक - Anxiety Causes & Risk Factors in Hindi

चिंता क्यों होती है?

शोधकर्ताओं को ठीक से नहीं पता है कि वास्तव में एंग्जायटी का क्या कारण होता है। मानसिक विकारों के अन्य रूपों की तरह, ये भी कुछ चीज़ों के संयोजन से होता है, जिनमें आपके मस्तिष्क और पर्यावरण में बदलाव, तनाव और आनुवंशिकता भी शामिल हैं।

हालांकि ऐसा माना जाता है की शंकित व्यवहार, जैसे आकुलता, चिंता का कारण बनता है।चिंता एक विकार में बदल जाती है जब आकुलता और चिंता सामान्य जीवन शैली में हस्तक्षेप करते हैं। चिंता से हमें डरने की आवश्यकता नहीं है। यह मानना सामान्य है कि कुछ चीज़ हमें नुकसान पहुंचा सकती है। वास्तव में, डरना, शरीर के अस्तित्व तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम डर जाते हैं जब हमें यह लगता है कि हमें या किसी व्यक्ति या किसी चीज़ जिसकी हम परवाह करते हैं, को हानि पहुँच सकती है।

समस्या यह है कि ज़्यादा चिंतित रहने वाले व्यक्तिओं को उन लोगों की तुलना में खतरा ज़्यादा होता है जो कम चिंतित रहते हैं। बहुत अधिक चिंतित व्यवहार हमारे जीवन में चिंता विकार का कारण बनता है।

चिंता रोग के जोखिम कारक

निम्नलिखित कारकों से चिंता विकार होने के जोखिम में वृद्धि हो सकती है -

  • आघात - जिन बच्चों ने आघात या कोई दर्दनाक घटनाओं का सामना किया होता है, उन्हें अपने जीवनकाल में चिंता विकार होने का उच्च जोखिम होता है। इसी प्रकार बड़ों में भी कोई दर्दनाक घटना का अनुभव करने पर चिंता विकारों का विकास हो सकता है।
  • बीमारी के कारण तनाव - बीमारी की स्थिति या गंभीर बीमारी से आपको आपके उपचार और भविष्य के मुद्दों पर चिंता हो सकती है।
  • तनाव निर्माण - कोई बड़ी घटना या छोटी तनावपूर्ण जीवन परिस्थितियों का निर्माण बहुत ज़्यादा चिंता पैदा कर सकता है। उदाहरण के लिए - परिवार में एक मौत, काम के तनाव और किसी समस्या के बारे में चिंता होना।
  • व्यक्तित्व - कुछ विशेष व्यक्तित्व के प्रकार के लोग दूसरों की तुलना में चिंता विकारों से ग्रस्त होते हैं।
  • अन्य मानसिक स्वास्थ्य विकार - अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विकारों वाले लोग, जैसे कि अवसाद, चिंता विकार का कारण बनता है।
  • ड्रग्स या अल्कोहल - ड्रग्स या अल्कोहल का दुरुपयोग करने से चिंता विकार हो सकता है या उसके लक्षण बिगड़ सकते हैं।

चिंता से बचाव - Prevention of Anxiety in Hindi

चिंता विकार से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं -

  1. तनाव कंट्रोल करना
    यदि आपको चिंता होती है, तो आपके जीवन में तनाव को कम करना महत्वपूर्ण है। आराम करने के तरीके ढूंढें। व्यायाम तनाव को दूर करने का एक अच्छा तरीका है। व्यायाम के अलावा, अपने नियमित काम से ब्रेक लें या छुट्टी की योजना बनाएं। यदि आपको किसी विशेष चीज़ का शौक है, तो उसके लिए समय निकालें। ऐसी चीजें करें जो आपको बेहतर महसूस करवाती हैं।
     
  2. अच्छे से खाएं
    एक स्वस्थ आहार खाने से आप शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बेहतर महसूस कर सकेंगे। कोशिश करें जब भी संभव हो, फल, सब्जियां और पूरे अनाज शामिल करें। चिकना, मीठा, ज्यादा वसा युक्त, संसाधित खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
     
  3. हिसाब रखें
    अपने तनाव और चिंता वाली मनोदशा का हिसाब रखें। इन चीज़ों का हिसाब रखने से आपको याद रहेगा की किस कारण से आपको चिंता या तनाव होते हैं।
     
  4. अस्वस्थ पदार्थों से बचें
    तम्बाकू, ड्रग्स और शराब को अक्सर तनाव काम करने वाले पदार्थ माना जाता है लेकिन इनका उपयोग शरीर को वास्तव में नुकसान पहुंचाता है, जिससे तनाव और चिंता का सामना करना मुश्किल हो जाता है। कैफीन से भी चिंता विकार हो सकता है या उसे बढ़ा सकता है। सामान्य तौर पर, जो चीज़ें आपको स्वस्थ बनाती हैं वह आपको तनाव और चिंता से निपटने में मदद भी करती हैं।

चिंता का परीक्षण - Diagnosis of Anxiety in Hindi

यदि आपको चिंता विकार के लक्षण हैं, तो आपके डॉक्टर आपकी जांच करेंगे और आपके मेडिकल इतिहास की मांग करेंगे। वह आपके मानसिक विकार से सम्बंधित कुछ परिक्षण कर सकते हैं।

हालांकि, चिंता विकार का निदान करने के लिए कोई विशेष परिक्षण नहीं है

  1. यदि आपके डॉक्टर को कोई मेडिकल कारण नहीं मिल रहा है, तो वह आपको एक मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक या किसी अन्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास जाने की सलाह दे सकते हैँ। ये डॉक्टर आपसे सवाल पूछेंगे और उपकरण एवं परीक्षण का इस्तेमाल करके पता लगाने का प्रयास करेंगे कि आपको चिंता विकार है या नहीं।
  2. आपके डॉक्टर आपका निदान करते समय आपके लक्षणों की अवधि और तीव्रता पर विचार करेंगे। वह यह भी देखेंगे कि क्या इसके लक्षणों के कारण आपको अपनी सामान्य गतिविधियों को पूरा करने में समस्या हो रही हैं या नहीं।

चिंता का इलाज - Anxiety Treatment in Hindi

चिंता विकार का इलाज दवा, मनोचिकित्सा या संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (Cognitive behavioral therapy) के साथ किया जा सकता है। अक्सर, उपचार का सबसे अच्छा तरीका एक या दो प्रक्रियाओं का संयोजन होता है। चिंता विकारों का उपचार दीर्घकालिक रूप में किया जाना चाहिए। ज्यादातर मामलों में, इसका इलाज सफल होता है।

  1. दवा
    कई एन्टीडिप्रेसेन्ट दवाएं चिंता विकारों के इलाज में काम आ सकते हैं।
     
  2. मनोचिकित्सा (Psychotherapy)
    यह एक प्रकार की काउन्सलिंग है जो मानसिक बीमारी के लिए भावनात्मक प्रतिक्रिया को संबोधित करता है। एक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ आपको आपके चिंता संबंधी विकार के बारे में समझाने और उससे निपटने के बारे में वार्तालाप के ज़रिए मदद करता है।
     
  3. संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (Cognitive behavioral therapy)
    सीबीटी चिकित्सा एक प्रकार की मनोचिकित्सा है जिसमे आपको आपके सोचने के पैटर्न और व्यवहार में बदलाव जिनसे एनज़ाइटी होती है उनकी पहचान करना सिखाया जाता है।

चिंता की जटिलताएं - Anxiety Complications in Hindi

चिंता विकार होने से आपको निम्नलिखित जटिलताएं हो सकती हैं -

  1. अवसाद (जो अक्सर चिंता विकार के साथ होता है) या अन्य मानसिक स्वास्थ्य विकार।
  2. मादक द्रव्यों का सेवन करने की इच्छा।
  3. नींद आने में परेशानी (अनिद्रा)। (और पढ़ें - नींद ना आने के उपाय)
  4. पाचन या आंत्र की समस्याएं।
  5. सिरदर्द और लम्बे समय तक रहने वाला दर्द। (और पढ़ें - सिर दर्द के घरेलू उपाय)
  6. सामाजिक अलगाव।
  7. जीवन की खराब गुणवत्ता।
  8. आत्महत्या के विचार आना

चिंता में परहेज़ - What to avoid during Anxiety in Hindi?

चिंता विकार में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन न करें -

  1. कॉफी
    कॉफी आपके शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाता है जिससे आपको चिंता महसूस हो सकती है, इसीलिए चिंता विकार होने पर कॉफी के सेवन से बचें। (और पढ़ें - कॉफी पीने के नुकसान)
     
  2. शराब
    हो सकता है कि चिंता विकार में आपको शराब पीने का मन करे परन्तु ऐसा करने से आपके लक्षण और बिगड़ सकते हैं। (और पढ़ें - शराब छुड़ाने के उपाय)
     
  3. चीनी
    शराब की तरह ही चिंता विकार में आपको मीठे पदार्थ खाने का मन कर सकता है परन्तु ऐसा करने से आपके लक्षण और खराब हो सकते हैं। (और पढ़ें - मीठे की लत से छुटकारा पाने के लिए सरल तरीके)

चिंता में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Anxiety in Hindi?

चिंता विकार में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन लाभदायक हो सकता है -



संदर्भ

  1. American Psychological Association [internet] St. NE, Washington, DC. Anxiety.
  2. National Health Service [Internet]. UK; Generalised anxiety disorder in adults
  3. National Institute of Mental Health [Internet] Bethesda, MD; Anxiety Disorders. National Institutes of Health; Bethesda, Maryland, United States
  4. Anxiety and Depression Association of America [internet] Silver Spring, Maryland, United States. Physical Activity Reduces Stress.
  5. National Alliance On Mental Illness [Internet] Virginia, United States; Find Support.
  6. Davidson JR, Wittchen HU, Llorca PM, et al. Duloxetine treatment for relapse prevention in adults with generalized anxiety disorder: a double-blind placebo-controlled trial. Eur Neuropsychopharmacol. 2008;18:673-681. PMID: 18559291
  7. National Institute of Mental Health [Internet] Bethesda, MD; Generalized Anxiety Disorder: When Worry Gets Out of Control. National Institutes of Health; Bethesda, Maryland, United States

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चिंता की दवा - Medicines for Anxiety in Hindi

चिंता के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

चिंता की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Anxiety in Hindi

चिंता के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

चिंता पर आम सवालों के जवाब

सवाल एक साल के ऊपर पहले

मैं कई सालों से चिंता विकार से ग्रस्त हूं। मुझे कई बार पैनिक अटैक भी आ चुका है। मैं इसके लिए ट्रीटमेंट ले रहा हूं, लेकिन फिर मैं काफी डरा हुआ रहता हूं। क्या चिंता विकार की वजह से इंसान मर भी सकता है?

Dr. Abhijit MBBS , सामान्य चिकित्सा

चिंता विकार से ग्रस्त व्यक्ति को पैनिक अटैक आते हैं, जिसकी वजह से उन्हें हार्ट अटैक या अन्य तरह की गंभीर समस्या हो सकती है। हालांकि, इसकी वजह से किसी व्यक्ति की मौत नहीं होती है। पैनिक अटैक गंभीर होता है जिसके लिए ट्रीटमेंट लेने की जरूरत होती है। अगर आपको नियमित रूप से इस तरह के लक्षण महसूस होते हैं, तो आप आगे की जांच और सलाह के लिए फिजिशियन से मिलें।

सवाल एक साल के ऊपर पहले

मेरे घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब है और घर में काफी लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं। मैं इससे बहुत परेशान हूं। मुझे हमेशा अपने करियर और घरवालों की चिंता रहती है। क्या चिंता की वजह से मुझे मानसिक रोग भी हो सकता है?

Dr. Abhijit MBBS , सामान्य चिकित्सा

चिंता विकार मानसिक रोग से अलग होता है, लेकिन यह मानसिक बीमारी के प्रकारों में से एक है। अगर आप अधिक तनावपूर्ण स्थिति में रहते हैं, तो यह आपको आसानी से हो सकता है। जो लोग चिंता, भय और भावुक स्थिति में अधिक होते हैं, वे इस स्थिति से बाहर निकल ही नहीं पाते। इसके लिए जरूरी है कि आप साइकेट्रिस्ट से सलाह लें।

सवाल एक साल के ऊपर पहले

मेरी उम्र 28 साल है। मैं अपने घर और परिवार को लेकर काफी परेशान रहता हूं। हमेशा आगे की फिक्र सताती है कि क्या करना चाहिए। मैं जानना चाहता हूं कि मुझे अभी से इतनी टेंशन रहती है, तो क्या यह उम्र के साथ और भी बढ़ सकती है?

Dr. Saurabh Dhamdhere MBBS , ओर्थोपेडिक्स

लोगों को जीवन में कभी न कभी चिंता जरूर होती है, लेकिन जो व्यक्ति चिंता विकार से ग्रस्त होते हैं उनमें अस्थायी रूप से चिंता और भय हमेशा बने रहते हैं। इससे ग्रस्त व्यक्ति में चिंता दूर नहीं होती, जोकि समय के साथ और बढ़ सकती है। इसके लक्षण जीवन में रोजमर्रा वाली गतिविधियां जैसे कि ऑफिस के कार्य, स्कूल के काम और रिश्तों में दखल दे सकते हैं।

सवाल एक साल के ऊपर पहले

मेरी उम्र 21 साल है और मेरी शादी होने वाली है। मेरी मां बहुत परेशान रहती है, उन्हें चिंता विकार है। क्या चिंता अनुवांशिक समस्या है? क्या यह मुझे भी हो सकती है?

Dr. Kuldeep Meena MBBS, MD , श्वास रोग विज्ञान

कई रिसर्च के अनुसार चिंता विकार एक अनुवांशिक समस्या है, लेकिन यह वातावरण से भी प्रभावित हो सकती है और यह भी संभव है कि यह परिवार में किसी भी सदस्य में भी संचारित न हों।

 

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