ट्रंकस आर्टेरीओसस - Truncus Arteriosus in Hindi

Dr. Nabi Darya Vali (AIIMS)MBBS

October 26, 2020

January 21, 2021

ट्रंकस आर्टेरीओसस
ट्रंकस आर्टेरीओसस

ट्रंकस आर्टेरीओसस हृदय से संबंधित एक दुर्लभ बीमारी है, जो कि एक जन्मजात स्थिति है। यदि आपको या आपके बच्चे को ट्रंकस आर्टेरीओसस है, तो इसका मतलब है कि केवल एक बड़ी रक्त वाहिका हृदय से बाहर है, जबकि आमतौर पर हृदय से दो अलग-अलग वाहिकाएं बाहर होती हैं।

इसके अलावा ट्रंकस आर्टेरीओसस की स्थिति में हृदय के निचले दोनों चैंबर के बीच में एक छेद (वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट) हो जाता है, जिसकी वजह से ऑक्सीजनरहित और ऑक्सीजनयुक्त खून आपस में मिक्स हो जाते हैं।

यदि इस स्थिति को अनुपचारित छोड़ दिया जाए, तो ट्रंकस आर्टेरीओसस एक बड़ी समस्या बन सकता है। आमतौर पर इस स्थिति में सर्जरी सफल होती है, खासकर यदि बच्चे के एक महीना पूरा होने से पहले सर्जरी कर दी जाए।

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ट्रंकस आर्टेरीओसस के लक्षण? - Truncus Arteriosus Symptoms in Hindi

ट्रंकस आर्टेरीओसस के संकेत और लक्षण जन्म के कुछ दिन बाद विकसित होते हैं। इनमें शामिल है :

ट्रंकस आर्टेरीओसस के कुछ लक्षण ऐसे होते हैं, जिसमें तत्काल देखभाल की आवश्यकता होती है। यदि किसी शिशु में निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं :

  • तेज सांस लेना
  • त्वचा का रंग नीला होना
  • बेहोशी

ट्रंकस आर्टेरीओसस का कारण? - Truncus Arteriosus Causes in Hindi

ट्रंकस आर्टेरीओसस की समस्या भ्रूण के विकास के दौरान तब होती है, जब बच्चे का दिल विकसित हो रहा होता है। इसीलिए यह एक जन्मजात स्थिति है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में इसका सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।

सामान्य तौर पर, पल्मोनरी धमनी दाएं वेंट्रिकल और महाधमनी (एओर्टा) बाएं वेंट्रिकल से बाहर निकलती है। यह दोनों एक दूसरे से अलग होती हैं।

ट्रंकस आर्टेरीओसस की स्थिति में, वेंट्रिकल्स से केवल एक धमनी बाहर निकलती है। अक्सर इस स्थिति में दोनों वेंट्रिकल के बीच एक छेद (वेंट्रिकुलर सेप्टल दोष) हो जाता है, जिसकी वजह से ऑक्सीजन रहित और ऑक्सीजन युक्त खून आपस में मिल जाते हैं।

मिक्स हुए खून में से कुछ मात्रा फेफड़ों में जाती है और कुछ शरीर के बाकी हिस्सों में जाती है। अक्सर, खून की सामान्य से अधिक मात्रा फेफड़ों में चली जाती है।

यदि इस स्थिति का इलाज नहीं किया जाता है, तो दो समस्याएं होती हैं :

  • फेफड़ों में बहुत अधिक खून पहुंचने से फेफड़ों के आसपास तरल पदार्थ की मात्रा अत्यधिक हो जाती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
  • यदि लंबे समय तक खून की अधिक मात्रा फेफड़ों में रहती है, तो फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं को स्थायी रूप नुकसान पहुंचता है।

ट्रंकस आर्टेरीओसस का निदान? - Truncus Arteriosus Diagnosis in Hindi

गर्भावस्था के दौरान या बच्चे के जन्म के तुरंत बाद ट्रंकस आर्टेरीओसस का निदान किया जा सकता है।

(1) गर्भावस्था के दौरान निदान

गर्भावस्था के दौरान, जन्म दोष व अन्य स्थितियों की जांच के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट किया जा सकता है। कुछ हृदय दोषों के बारे में अल्ट्रासाउंड के जरिए पता चल सकता है। यदि डॉक्टर को शक है कि भ्रूण में ट्रंकस आर्टेरीओसस की समस्या है तो वे निदान की पुष्टि करने के लिए 'फीटल इकोकार्डियोग्राम' का सुझाव दे सकते हैं।

(2) जन्म के तुरंत बाद निदान

ट्रंकस आर्टेरीओसस से ग्रस्त शिशु आमतौर पर जन्म के बाद कुछ दिनों तक परेशान या दुखी रह सकते हैं, क्योंकि खून की अधिक मात्रा फेफड़ों में चले जाने से हृदय के कार्य कठिन हो जाते हैं। ट्रंकस आर्टेरीओसस या अन्य स्थितियों से ग्रस्त शिशुओं में साइनोसिस होने के लक्षण हो सकते हैं जैसे :

यदि डॉक्टर को ट्रंकस आर्टेरीओसस का संदेह है तो वे इकोकार्डियोग्राम टेस्ट के लिए सुझाव दे सकते हैं।

(और पढ़ें - इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम और इकोकार्डियोग्राम में अंतर)

ट्रंकस आर्टेरीओसस का इलाज? - Truncus Arteriosus Treatment in Hindi

  • दवाएं : ट्रंकस आर्टेरीओसस वाले कुछ शिशुओं में हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने, बीपी कम करने और उनके शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ का प्रबंधन करने के लिए दवाओं की मदद ली जा सकती है।
  • पोषण : ट्रंकस आर्टेरीओसस में कुछ बच्चे भोजन करते समय थक सकते हैं और पर्याप्त खाना नहीं खाते हैं, जिस कारण उनका वजन सामान्य से कम रह जाता है। ऐसे में पोषण संबंधी विशेषज्ञ से मिलें। कुछ मामलों में फीडिंग ट्यूब की मदद ली जाती है।
  • सर्जरी : हृदय और रक्त वाहिकाओं को ठीक करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। यह आमतौर पर जन्म के कुछ महीनों में किया जाता है। रक्त वाहिकाओं को ठीक करने के लिए इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चा कितना बीमार है।


ट्रंकस आर्टेरीओसस के डॉक्टर

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