आजकल हर किसी को बड़े और मस्कुलर बाइसेप्स चाहिए होते हैं, लेकिन उन्हें बनाने वाले व्यायाम को लेकर सभी उलझन में पड़े रहते हैं कि कौन सी एक्सरसाइज या कितना वेट बाइसेप्स बनाने के लिए बेस्ट रहेगा। तो चलिए ज्यादा समय बर्बाद न करते हुए जानते हैं बाइसेप्स वर्कआउट की सबसे प्रभावशाली कसरतों के बारे में :

स्ट्रेट बारबेल बाइसेप्स कर्ल
एक स्ट्रेट बारबेल कर्ल लें अब उसमें अपनी क्षमता अनुसार वजन लगाएं। इसके बाद नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें :

  • सीधे खड़े हो जाएं और दोनों हाथों के बीच कंधों के बराबर दूरी बनाकर हथेलियों से बारबेल को उठाएं
  • बारबेल को अपने कूल्हों जितना हवा में रखें (अभी हाथों को न उठाएं, यह अपने आप ही होगा)
  • अब अपने पेट की मासपेशियों को मजबूत रखते हुए कोहनियों को मोड़ें और बारबेल को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं
  • ध्यान रहे कि आपकी कोहनियां आपकी कमर के पास रहें और हिले ना
  • बारबेल को कंधे की ऊचाई तक उठाएं
  • अब अपने बाइसेप्स को दबाएं और 2 से 3 सेकंड इसी पोजीशन में रुकें
  • इसके बाद धीरे-धीरे कोहनियों को वापस सीधा करते हुए अपनी शुरुआती स्थिति में आ जाएं
  • यह एक रैप (दोहराव) है। ऐसे 12 से 15 दोहराव के 3 सेट पूरे करने की कोशिश करें

ऑल्टरनेट डंबल कर्ल्स
यह कसरत स्ट्रेट बारबेल बाइसेप्स कर्ल की ही तरह है। हालांकि, इस कसरत में दोनों हाथ बारी-बारी इस्तेमाल किए जाते हैं।

  • दोनों हाथों में एक-एक डंबल उठा लें
  • स्ट्रेट बारबेल बाइसेप्स कर्ल का दूसरा स्टेप फॉलो करें
  • सीधे हाथ से शुरू करते हुए स्ट्रेट बारबेल बाइसेप्स कर्ल का तीसरा, चौथा, छठा और सातवां स्टेप फॉलो करें
  • इसके बाद यह सभी स्टेप उल्टे हाथ से दोहराएं
  • यह एक रैप (दोहराव) है। ऐसे 12 से 15 दोहराव के 3 सेट पूरे करने की कोशिश करें

कंसंट्रेशन कर्ल्स
अधिकतर बॉडी बिल्डर यह कसरत अपने बाइसेप्स के साइज को बढ़ाने के लिए करते हैं।

  • बेंच पर पैरों को कूल्हों जितना खोल कर बैठ जाएं
  • अब अपने सीधे हाथ में एक डंबल उठाएं (ध्यान रहे कि हथेली शरीर की तरफ हो)
  • कोहनी को दाहिने पैर की जांघ के पास रखें
  • अब केवल अपने फोरआर्म (कोहनी और कलाई के बीच का हिस्सा) को हरकत में लाते हुए डंबल को ऊपर की ओर उठाएं 
  • इसे तब तक उठाएं जबतक यह कंधों के पास न पहुंच जाए
  • कंधों से ऊपर पहुंचने पर बाइसेप्स को दबाएं और कुछ समय के लिए इसी पोजीशन में रुक जाएं
  • अब धीरे-धीरे कोहनी को बिना हिलाए फोरआर्म की मदद से डंबल को वापिस शुरुआती स्थिति में ले जाएं
  • पहले दाहिने हाथ से 15 रैप करें, उसके बाद बाएं हाथ से, दोनों ही हाथ से यह प्रक्रिया 3 बार दोहराएं।

रेसिस्टेन्स बैंड की मदद से बाइसेप्स कर्ल्स
अगर आपके पास जिम जाने का समय या हर महीने जिम की फीस भरने के पैसे नहीं हैं तो रेसिस्टेन्स बैंड की मदद से घर पर ही कई प्रकार के व्यायाम कर सकते हैं।

  • पैरों के बीच कंधों जितनी दूरी बनाएं, रेसिस्टेन्स बैंड को दोनों पैरों के नीचे दबा लें
  • रेसिस्टेन्स बैंड के दोनों हैंडल को हाथों में लें (हथेलियों ऊपर की ओर होनी चाहिए)
  • दोनों कोहनियों को मोड़ते हुए हाथों को एक साथ कंधे तक ऊपर की ओर उठाएं
  • बाइसेप्स को दबाएं और 2 से 3 सेकंड इसी पोजिशन में रुके रहें
  • अब धीरे-धीरे कोहनियों को सीधा करते हुए हाथों को फिर से कूल्हों के बराबर ले आएं
  • यह एक रैप माना जाता है। अपनी क्षमता अनुसार इसे दोहराएं

सावधानियां बरतें : सभी कसरतों को अपनाने से पहले वार्म-अप जैसे स्ट्रेचिंग, दौड़ या साइकिलिंग कर लें। इसके अलावा यह सभी एक्सरसाइज किसी अनुभवी व्यक्ति या जिम ट्रेनर के सामने करें, ताकि वह आपको सही पोजीशन और वेट बता सके।

संदर्भ

  1. Marcolin, G et al. Differences in electromyographic activity of biceps brachii and brachioradialis while performing three variants of curl. PeerJ. 2018; 6: e5165. PMID: 30013836.
  2. Oliveira, LF et al. Effect of the shoulder position on the biceps brachii emg in different dumbbell curls. J Sports Sci Med. 2009 Mar; 8(1): 24–29. PMID: 24150552.
  3. Lam, P. Biomechanics Research Laboratory: The University of Texas [Internet]. Arlington, TX, USA. The Comparison of Muscle Activation and Performance in a Neutral and Supinated Grip Bicep Curl.
  4. Oliveira, AS et al. EMG amplitude and frequency parameters of muscular activity: Effect of resistance training based on electromyographic fatigue threshold. Journal of Electromyography and Kinesiology. 2007 Oct; 19(2):295-303.
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