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जब कोई भी व्यक्ति बॉडी बनाना चाहता है और जिम जाना शुरू करता है। तो वो सबसे पहले अपने बाइसेप्स पर ज़्यादा ध्यान देता है। क्योंकि बाइसेप्स को देख कर लोग ज़्यादा आकर्षित होते हैं। हालांकि, जितना बाइसेप्स हमारे शरीर की सुंदरता को बढ़ाती है ट्राईसेप्स भी उतना ही आवश्यक है इसलिए ज़रूरी है की दोनो में संतुलन बना कर रखें।  

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बाइसेप्स का साइज़ बेहतर बनाने के लिए इस बात का ध्यान रखें की अधिक वजन उठाने वाले एक्सरसाइज़ का ज़्यादा से ज़्यादा अभ्यास हो। बाइसेप्स के लिए औंमतौर पर लोग "फ्री वेट" एक्सरसाइज़ का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं क्योंकि दोंनो ही बाइसेप्स को बेहतर और साइज़ को बड़ा बनाने में मदद करती हैं। तो हम आपके लिए ले कर आएं हैं 5 ऐसे एक्सरसाइज़ जिन्हें अभ्यास में लाकर आप भी ज़बरदस्त बाइसेप्स बना सकते हैं।

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  1. बाइसेप्स बनाने का उपाय है बारबेल कर्ल एक्सरसाइज - Biceps banane ka tarika barbell curl exercise in hindi
  2. बाइसेप्स बनाने के तरीके के लिए करें इनक्लाइन डंबल कर्ल एक्सरसाइज - Incline dumbbell curl exercise good for biceps in hindi
  3. बाइसेप्स बनाने की एक्सरसाइज है स्टैंडिंग बाइसेप्स केबल कर्ल एक्सरसाइज - Biceps banane ke liye standing biceps cable curl exercise in hindi
  4. बाइसेप्स बनाये रिवर्स ग्रिपबेन्ट ओवर रॉ एक्सरसाइज से - Reverse grip bent over row for biceps in hindi
  5. बाइसेप्स वर्कआउट एट होम है कान्सन्ट्रेशन कर्ल एक्सरसाइज - Concentration curl exercise for biceps in hindi

बारबेल एक्सरसाइज़ बाइसेप्स बनाने का पहला एक्सरसाइज़ है। जब हम इस एक्ससाइज़ को करते हैं तो बाइसेप्स के माध्यम से अधिक से अधिक वजन उठा सकते हैं। जिम के शुरूआती दिनों में बारबेल और डंबल के सेट लगाने से शरीर मज़बूत होता है और शरीरिक क्षमता भी बढ़ती है।

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इस एक्सरसाइज़ को करते समय इसके सही पोजिशन का पूरी तरह से ध्यान रखना चाहिए। इस बात को ज़रूर ध्यान रखें की जब आप वजन उपर उठाएं तो आपके पिछे का हिस्सा झुके न। हम हमेशा ये ग़लती करते हैं की किसी भी एक्सारसाइज़ को बहुत जल्दी-जल्दी करने की कोशिश करते हैं। जबकी हमें पता होना चाहिए धीरे-धीरे और सही तरीक़े से करने से उसका प्रभाव हमारे बॉडी पर अच्छा और असरदार होता है।

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इनक्लाइन डंबल कर्ल करते समय सबसे ज़्यादा तनाव बाइसेप्स की मांसपेशियों पर महसूस होना चाहिए। लेकिन जब आप कम वजन लेकर इस एक्सारसाइज़ को करें तो परेशान न हों। धीरे-धीरे करके वजन को बढ़ाएं और सही तरीक़े से करे। कुछ ही दिनों में अपने आप आपको परिणाम दिखने लग जाएंगे। 

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स्टैंडिंग बाइसेप्स केबल कर्ल एक्सरसाइज़ ऊतक और मांसपेशी फाइबर के लिए बहुत अच्छा होता है। इस एक्सरसाइज़ की पोजिशन, गति की तुलना में कम स्थिर होती है। जब हम इस एक्सरसाइज़ को करते हैं तो हमारे बाइसेप्स के आस-पास की मसल्स मज़बूत होते हैं। इसे जितना अच्छे से करगें उतना अधिक हमारे बाइसेप्स पर इसका प्रभाव पड़ेगा।

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जब हम स्ट्रेट रॉ एक्सरसाइज़ के अभ्यस्त हो जाते हैं, तो हमें रिवर्स-ग्रिपबेन्ट-रॉ एक्सरसाइज़ को अपनाना चाहिए। क्योंकि स्ट्रेट रॉ की तुलना में रिवर्स-ग्रिपबेन्ट-रॉ एक्ससाइज़ से बाइसेप्स की मांसपेशियों पर अधिक तनाव पड़ता है। जो बाइसेप्स की साइज़ को बढ़ाने में मदद करता हैं।

ये आप पे निर्भर करता है कि आप शरीर के किस मसल्स को बढ़ाना चाहते हैं, उस हिसाब से आप वजन को अपने शरीर पर लाते है। ये भी मांसपेशियों को उत्तेजित करते हैं।

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इन चार एक्ससाइज़ को अपनाने के बाद कान्सन्ट्रेशन कर्ल एक्ससाइज़ हमारे बाइसेप्स बाइसेप्स में चार चाँद लगा देगा। जब हम इस एक्सरसाइज़ को बैठ कर करते हैं, तो हमें एंगल और गति का भी ध्यान रखना चाहिए। इन सब का ध्यान रख कर करने से मांसपेशियों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। कान्सन्ट्रेशन कर्ल एक्ससाइज़ करते समय किसी और सहायक मांसपेशियों की ज़रूरत नहीं होती है। ये एक बहुत ही अच्छा एक्सरसाइज़ है, जिसे आप वर्कआउट पूरा करने के बाद अंत में कर सकते हैं। जब आप बाइसेप्स को पूरी तरह से थाकाना चाहते हों।

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