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हर कोई आकर्षित डोले चाहता है। यह आपकी शारीरिक सुंदरता को बढ़ावा देते हैं। आज के समय में महिला हो या पुरुष सभी मजबूत और बड़े डोले बनाना चाहते हैं। लेकिन सभी के मन में हमेशा एक ही सवाल रहता है कि कौन सी ऐसी कसरत है, जिससे बाइसेप्स को सबसे अच्छी तरह से ट्रेन किया जा सकता है।

दरअसल बाइसेप्स बनाने के कई बेहतरीन व्यायाम हैं। इनकी मदद से न केवल वह मजबूत होते हैं, बल्कि बड़े और सुडौल भी बनते हैं। हालांकि, नियमित रूप से एक ही प्रकार के व्यायाम करने से हमारे शरीर को उसकी आदत हो जाती है। इसके बाद उस व्यायाम को करने से बेहतर परिणाम मिलने बंद हो जाते हैं।

पेशेवर एथलीट और जिम ट्रेनर भी इस बात की सलाह देते हैं कि हमें हर सप्ताह या कुछ समय बाद व्यायाम की गतिविधि को बदलते रहना चाहिए। पारंपरिक बाइसेप कर्ल को बदलने का सबसे बेहतरीन विकल्प है इंक्लाइन डंबल कर्ल।

इस कसरत द्वारा बाइसेप्स को ट्रेन किया जाता है। यह काफी हद तक डिक्लाइन डंबल कर्ल की ही तरह होती है, लेकिन कुछ विभिन्न गतिविधियों के साथ इस व्यायाम से डोलों की बेहतरीन शेप और मजबूती पाई जा सकती है।

हालांकि, इसे करते समय कई सावधानियां बरतने की आवश्यकता पड़ सकती है, क्योंकि यह एक कठिन अभ्यास है, जिसे केवल जिम ट्रेनर या किसी पेशेवर व्यक्ति के सामने ही करना चाहिए।

  1. इंक्लाइन डंबल कर्ल क्या है - What is Incline Dumbbell Curl in Hindi
  2. इंक्लाइन डंबल कर्ल के फायदे - Benefits of Incline Dumbbell Curl in Hindi
  3. इंक्लाइन डंबल कर्ल करने का तरीका - How to Perform Incline Dumbbell Curl in Hindi
  4. इंक्लाइन डंबल कर्ल करने के सुझाव टिप्स - Tips for Incline Dumbbell Curl in Hindi
  5. इंक्लाइन डंबल कर्ल के दौरान बरतें यह सावधानियां - Safety Precautions for Incline Dumbbell Curl in Hindi

मुख्य रूप से सभी प्रकार के डंबल कर्ल मजबूती बढ़ाने वाले व्यायाम होते हैं। यदि आप अपने रुटीन को मिक्स अप करने और बाजुओं के लिए अन्य प्रकार की गतिविधियों को अपनाने के लिए तैयार हैं तो आपके लिए इंक्लाइन डंबल कर्ल एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

बाइसेप्स के साथ-साथ बाजुओं को मजबूत बनाने के लिए इंक्लाइन डंबल कर्ल एक प्रभावशाली व्यायाम माना जाता है। पारंपरिक डंबल कर्ल और इंक्लाइन डंबल कर्ल की समानांतर गतिविधि होती है। हालांकि, इंक्लाइन डंबल कर्ल के बेंच पर अभ्यास करने के कारण यह बाइसेप्स की बड़ी मांसपेशियों को प्रभावित करती है।

इंक्लाइन डंबल कर्ल व्यायाम करने से डोले मजबूत और आकर्षक बनते हैं। कई शोध इस बात का दावा कर चुके हैं कि डंबल कर्ल गतिविधियां बाइसेप्स को अन्य व्यायामों के मुकाबले अधिक प्रभावित करती हैं। इस अभ्यास को करने से बाजुएं मजबूत और बड़ी होती हैं। प्रीचर कर्ल या हैमर कर्ल की तुलना में इंक्लाइन कर्ल अधिक गतिविधि प्रदान करती है और अंदरूनी बाइसेप को मजबूत बनाती है।

यह अभ्यास थोड़ा कठिन है, इसके लिए आपको किसी अन्य की मदद लेने की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि, यदि आप लंबे समय से अभ्यास करते आ रहे हैं तो इस व्यायाम को बिना किसी मदद के किया जा सकता है। स्ट्रेचिंग और वॉर्म-अप व्यायाम करना न भूलें।

सक्रिय मांसपेशियां

  • बाइसेप्स
  • फोरआर्म

आवश्यक उपकरण

  • एक इंक्लाइन बेंच
  • 2 डंबल (वजन क्षमतानुसार)

अनुभव

  • इंटरमीडिएट (थोड़े अनुभव वाले व्यक्ति)

सेट और रैप

  • 15 रैप के 3 सेट

कैसे करें

  1. इस व्यायाम को करने के लिए सबसे पहले बेंच को तीसरे लॉक पर सेट कर लें इस तरह से आपको 60-70 डिग्री के कोण पर पीठ टिकाकर पसरना है।
  2. ध्यान रहे कि आपकी कमर सीधी व पेट की मांसपेशियां (कोर) टाइट होनी चाहिए।
  3. अब अपने दोनों हाथों में एक-एक डंबल उठाएं।
  4. इसके बाद धीमी गति के साथ कोहनियों को छाती के समानांतर कंधों की ओर ले जाएं।
  5. इस पूरी गतिविधि के दौरान कोहनियां को लॉक रखें।
  6. अब फिर से धीमी गति के साथ डंबलों को अपनी शुरुआती अवस्था में वापिस ले आएं, यह एक रैप है।
  • कोहनियों को शरीर के पीछे की ओर न मुड़ने दें। इसी तरह ध्यान रहे कि कंधे आगे की ओर न झुकें, खासतौर से डंबल नीचे ले जाने के दौरान।
  • गतिविधि में नीचे जाते समय कोहनी को हल्का सा मोड लें, ताकि तनाव बाइसेप्स पर बना रहे।
  • बेहतर परिणाम के लिए डंबल को नीचे ले जाते समय गति को धीमा रखें।

इस तरह के कठिन व्यायाम को करते समय कई तरह की सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं। छोटी सी चूक के कारण व्यक्ति को लंबे समय के लिए घर पर बैठना पड़ सकता है।

इस व्यायाम को करते समय सबसे महत्वपूर्ण होता है सही वजन उठाना। कई बार लोग अपनी क्षमता से अधिक भार उठाने की कोशिश में खुद को क्षति पहुंचा बैठते हैं। इसलिए यह बेहद आवश्यक है कि आप वजन अपनी क्षमतानुसार ही लें। इसका अनुमान आप रैप से लगा सकते हैं। उतना वजन उठाएं जीतने से आप पूरे रैप और सेट निकाल पाएं।

कठिन होने के बावजूद भी यह व्यायाम काफी हद तक सुरक्षित है, लेकिन इसे करने के लिए आपकी मांसपेशियों में मजबूती होना बेहद आवश्यक है। इसलिए यदि आप जिम की दुनिया में नए हैं तो इसे अभी न अपनाएं। इसकी बजाए आप नीचे दिए गए कुछ वैकल्पिक व्यायामों को अपना सकते हैं।

वैकल्पिक व्यायाम

  • डिक्लाइन डंबल कर्ल
  • प्रीचर कर्ल
  • इंक्लाइन बारबल रॉड कर्ल
  • डिक्लाइन बारबल रॉड कर्ल 
  • पारंपरिक बाइसेप्स कर्ल
  • सुपर मैन बाइसेप कर्ल
और पढ़ें ...

References

  1. Oliveira, LF. et al. Effect of the shoulder position on the biceps brachii emg in different dumbbell curls. J Sports Sci Med. 2009 Mar; 8(1): 24–29. PMID: 24150552.
  2. Marcolin, G et al. Differences in electromyographic activity of biceps brachii and brachioradialis while performing three variants of curl. PeerJ. 2018; 6: e5165. PMID: 30013836
  3. Miller, A. An Upper Extremity Biomechanical Model: Application to the Bicep Curl. Masters Theses. 2007 Apr; 686.
  4. Nolte, K. et al. Three dimensional musculoskeletal modelling of the seated biceps curl resistance training exercise. Sports Biomechanics. 2011 May; 10(2):146-160.
  5. Kostek Mark T. et al. The Bicep Curl and The Reverse Bicep Curl. National Strength Coaches Association Journal. 1980 Dec; 2 (6): 55-55.
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