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शरीर की संपूर्ण शक्ति और विकास के लिए हर अंग का व्यायाम आवश्यक होता है। आम तौर पर देखने को मिलता है कुछ ही अंगों के व्यायामों को हम पूरा मान लेते हैं। ऐसे ही पुश-अप्स और स्क्वाट्स को ही मुख्य व्यायाम के तौर पर जाना जाता है। लेग प्रेस मशीन पर पैरों से धकेलने वाला 'लेग प्रेस व्यायाम' भी कई मायनों में काफी फायदेमंद होता है। पैरों को शक्ति देने वाला यह व्यायाम अधिकांश जिमों में उपलब्ध मशीन के साथ किया जा सकता है।

लेग प्रेस व्यायाम को स्क्वाट प्रेस और सिटेड लेग प्रेस के रूप में भी जाना जाता है। यह व्यायाम देखने में आसान लग सकता है ,​लेकिन पैरों की मांसपेशियों को सक्रिय करने और मजबूत बनाने में यह काफी प्रभावी हो सकता है। जांघों की हैमस्ट्रिंग और क्वाड्रिसेप जैसी बड़ी मांसपेशियों को मजबूत बनाने और उन्हें संतुलित आकार देने में लेग प्रेस व्यायाम काफी फायदेमंद है।

लेग प्रेस व्यायाम, वेटेड बारबेल स्क्वाट की तरह ही होता है जो क्वाड्रिसेप्स या जांघ के सामने की मांसपेशियों को मजबूती देता है। बारबेल स्क्वैट्स व्यायाम कई मामलों में कठिन होता है। कंधे पर भारी वजन उठाकर किए जाने वाले बारबेल स्क्वाट्स व्यायाम को अगर सही तकनीक के साथ नहीं किया जाए तो इससे पीठ, कंधे या घुटनों में दर्द जैसी समस्या भी पैदा हो सकती है । लेग प्रेस व्यायाम में वर्कआउट इंजरी यानी चोट लगने का जोखिम भी कम होता है। इतना ही नहीं अगर आपको पहले पैरों में किसी प्रकार से चोट लग चुकी है फिर भी इस व्यायाम को करके आप मांसपेशियों को प्रभावी ढंग शक्तिशाली और सुसंगठित बना सकते हैं।

  1. लेग प्रेस व्यायाम के लाभ - Leg press exercise ke fayde
  2. लेग प्रेस व्यायाम करने का सही तरीका - Leg press exercise ka sahi tareeka
  3. लेग प्रेस व्यायाम के दौरान सावधानियां और वैकल्पिक व्यायाम - Leg press exercise ke dauraan Precautions aur Alternate exercises

स्क्वाट व्यायाम के दौरान आपको कंधों पर वजन रखकर व्यायाम करना होता है। इससे विपरीत लेग प्रेस के दौरान पैरों की मदद से भारी वजन को धक्का देना होता है, जिसमें पैरों की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और उन्हें शक्ति मिलती है। इस दौरान पीठ और शरीर का ऊपरी हिस्सा सहायक के रूप में कार्य करता है, जिससे चोट लगने का खतरा कम हो जाता है। यद्यपि स्क्वाट्स व्यायाम काफी फायदेमंद है और इससे भी आपके पैर की मांसपेशियों का निर्माण होता है। हालांकि, अगर इसकी सही तकनीक आपको मालूम नहीं है, या इसके अभ्यास के दौरान कोई गलती होती है तो स्लिप डिस्क जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

घुटने की समस्याओं से पीड़ित लोगों को भी स्क्वाट जैसे व्यायाम से दूर रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसमें घुटनों पर बहुत दबाव पड़ता है। वहीं लेग प्रेस व्यायाम चूंकि मशीन की सहायता से किया जाता है ऐसे में इससे चोट लगने का खतरा बहुत कम हो जाता है।

लेग प्रेस व्यायाम आपके पैरों को ताकत देता है, जिससे आपको भारी वजन के साथ किए जाने वाले व्यायामों को भी करने में आसानी होती है। लेग प्रेस व्यायाम से चूंकि आपके पैरों की शक्ति बढ़ती है, जो आपको दैनिक कार्यों के दौरान पैरों में होने वाली समस्या को भी कम करता है।

अन्य व्यायामों की तरह ही लेग प्रेस व्यायाम करने से पहले भी वार्म-अप करना बहुत आवश्यक होता है। वार्म-अप के रूप में आप हल्के व्यायाम, बॉडीवेट स्क्वाट्स, लंजेस जैसे व्यायाम कर सकते हैं।

किन मांसपेशियों पर होता है असर

  • क्वाड्रिसेप्स (जांघों के सामने की मांसपेशियां)
  • हैमस्ट्रिंग (जांघों के पीछे की मांसपेशियां)
  • ग्लूट्स (नितंब की मांसपेशियां)
  • पिंडलियां

किन उपकरणों की होती है जरूरत

लेग प्रेस मशीन

कौन कर सकता है यह व्यायाम

इंटरमीडिएट (प्रशिक्षु स्तर के लोग)

सेट और रैप

10-15 रैप के 3 सेट

कैसे करें यह व्यायाम

  • सबसे पहले अपनी क्षमता के अनुसार मशीन पर वजन सेट करें।
  • लेग प्रेस मशीन की सीट पर लेट जाएं और अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई के बराबर पैड पर रखें। इस दौरान घुटने को मोड़ कर रखें।
  • अपनी एड़ी की मदद से प्लेट पर धक्का लगाएं और पैरों को पूरी तरह सीधा होने से पहले ही कुछ सेकेंड के लिए रुकें।
  • अब धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ते हुए प्रारंभिक स्थिति में आएं। यह एक रैप है।

टिप्स : अगर आप व्यायाम के दौरान हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों को लक्षित करना चाहते हैं, तो अपने पैरों को प्लेट पर थोड़ा ऊपर की ओर सेट करें। वही यदि आप पिंडलियों पर अधिक दबाव चाहते हैं तो अपने पैर की उंगलियों को प्लेट पर नीचे की ओर रखें।

लेग प्रेस व्यायाम करते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए व्यायाम के दौरान प्लेट के शीर्ष पर पहुंचने की स्थिति में आपके घुटने लॉक नहीं हो रहे हैं। शीर्ष पर पहुंचने पर घुटनों को थोड़ा सा मोड़कर ही रखें। पैरों के एकदम सीधा हो जाने से चोट लगने का जोखिम बढ़ जाता है।

व्यायाम के दौरान पूरी तरह से स्वयं को नियंत्रित अवस्था में रखें। यदि आप जिम में शुरुआती तौर पर हैं तो इस व्यायाम की जगह आप बॉडीवेट स्क्वैट्स, वॉकिंग लंजेस, लेग एक्सटेंशन, लेग कर्ल या स्क्वाट जंप जैसे सरल अभ्यासों को कर सकते हैं। इन अभ्यासों के दौरान भी पैर की ज्यादातर मांसपेशियों में तनाव बनता है।

लेग प्रेस के वैकल्पिक व्यायाम

लेग प्रेस व्यायाम के लिए लेग प्रेस मशीन का होना अनिवार्य होता है। जिन जिमों में यह मशीन नहीं है, ऐसे में वैकल्पिक रूप से इन व्यायामों को भी किया जा सकता है।

निष्कर्ष -

लेग प्रेस व्यायाम पैरों की मांसपेशियों के विकास और शक्ति के लिए बेहतर व्यायाम है। स्क्वाट्स और लंजेस की तरह इस व्यायाम में कंधे, पीठ और घुटनों पर तनाव नहीं आता है। जिन लोगों को पहले कभी पैरों में चोट लगी होती है, वह आमतौर पर पैरों के व्यायाम नहीं करते हैं। ऐसे लोगों के लिए भी लेग प्रेस व्यायाम अच्छा विकल्प है, जिससे वह अपने पैरों को शक्ति दे सकते हैं।

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