ऑर्गेज्म को यदि एक शब्द में परिभाषित किया जाए तो 'चरम सुख या आनंद' कहना गलत नहीं होगा। हालांकि इसे अलग-अलग नाम से भी जाना जाता है। वयस्क लोगों में ऑर्गेज्म एक सामान्य प्रक्रिया है और इसे सेक्स क्रिया का अंतिम पड़ाव भी कहा जा सकता है। कई बार हम उत्साहित होकर इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को भुला देते हैं, जिससे आपके पार्टनर के मन में संतोष की भावना नहीं आ पाती है।
आज इस लेख में हम ऑर्गेज्म से जुड़ी कुछ काम की बातें बता रहे हैं, जिससे महिला व पुरुष दोनों को फायदा हो सकता है -
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- महिलाओं को लगता है ज्यादा समय
- वीर्य न आने पर भी पा सकते हैं चरम सुख
- महिलाओं में होते हैं मल्टीपल ऑर्गेज्म
- अधिक हस्तमैथुन से नहीं होती ऑर्गेज्म की प्राप्ति
- कुछ काम की बातें
- सारांश
महिलाओं को लगता है ज्यादा समय
महिलाएं आमतौर पर पुरुषों की तुलना में लंबे समय तक संभोग सुख की प्राप्ति कर सकती हैं, यह समय औसतन 7 से 14 मिनट या इससे ज्यादा भी हो सकता है। यह भी जानने लायक है कि ऑर्गेज्म प्राप्ति के दौरान आप संभोग की क्रिया को तेज या धीमे कर सकते हैं, और इसका समय हर बार भिन्न हो सकता है।
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वीर्य न आने पर भी पा सकते हैं चरम सुख
ऑर्गेज्म आना और वीर्य आना यह दोनों अलग-अलग बातें हैं। हालांकि, यह आमतौर पर एक साथ होते हैं। कई पुरुषों के लिए, गाढ़ा वीर्य आना संभोग प्राप्ति का सबसे अच्छा हिस्सा हो सकता है, लेकिन अन्य पुरुष वीर्य निकलने के बाद ऑर्गेज्म को महसूस करते हैं। यहां पर यह भी जानना जरूरी है कि 40 साल की उम्र के बाद, पुरुषों में स्खलन घट जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं निकाला जा सकता कि वो चरम सुख पाने में असमर्थ हो जाते हैं।
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महिलाओं में होते हैं मल्टीपल ऑर्गेज्म
पढ़ने में जरूर अजीब लगे, लेकिन यह सच है कि महिलाएं एक बार ऑर्गेज्म प्राप्त करने के बाद दोबारा ऑर्गेज्म प्राप्ति के लिए तैयार हो सकती हैं, जबकि अधिकांश पुरुषों को ऐसा करने के लिए समय लगता है क्योंकि इस दौरान उन्हें आराम की आवश्यकता होती है। यदि व्यक्ति की उम्र 30 वर्ष से ज्यादा है, तो यह आराम कुछ घंटे तक का भी हो सकता है, लेकिन अगर उनकी उम्र 30 से कम है, तो वह कुछ ही मिनटों में दोबारा से ऑर्गेज्म के लिए तैयार हो सकते हैं, पर दोनों ही स्थिति में वीर्य पहले के मुकाबले गाढ़ा या ज्यादा निकले, इसकी सम्भावना कम होती है।
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अधिक हस्तमैथुन से नहीं होती ऑर्गेज्म की प्राप्ति
किसी भी चीज की अति खराब मानी जाती है। हस्तमैथुन में यह नियम 100 प्रतिशत लागू होता है। जो लोग जरूरत से ज्यादा हस्तमैथुन करते हैं उन्हें अक्सर सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म पाने में दिक्कत आती है।
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कुछ काम की बातें
ऑर्गेज्म से जुड़े इन फैक्ट्स को जानना भी आपके लिए है जरूरी -
- सेक्स के दौरान शरीर से निकलने वाले हार्मोन और अन्य रसायनों के कारण ऑर्गेज्म के कई संभावित स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
- ऐसा जरूरी नहीं है कि यौन उत्तेजना के दौरान चरम सुख की प्राप्ति जरूर हो।
- महिला एवं पुरुष, सभी लिंग के लोगों को ऑर्गेज्म डिसऑर्डर हो सकता है।
- डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक अलग-अलग तरह से ऑर्गेज्म को परिभाषित करते हैं।
- कुछ महिलाएं मासिक धर्म के दौरान चरम सुख का आनंद ज्यादा ले पाती हैं।
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सारांश
यौन क्रिया में ऑर्गेज्म को अंतिम पड़ाव माना गया है, लेकिन इस तक पहुंचने से पहले रास्ते में कई पड़ाव आते हैं। हालांकि, ऑर्गेज्म के बारे में लगभग सभी जानते हैं, लेकिन इससे जुड़े कुछ तथ्यों से हम अनजान होते हैं। कुछ ऐसे ही तथ्यों को हमने इस लेख के जरिए बताने का प्रयास किया है। इसलिए, जब अगली बार ऑर्गेज्म को फील करें, तो इन तथ्यों को जरूर जहन में रखें।
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