इजैकुलेशन को देर तक रोके रखना ही सीमेन रिटेंशन कहलाता है. ऐसा माना जाता है कि सीमेन रिटेंशन के जरिए पुरुषों की सेक्स लाइफ को बेहतर बनाया जा सकता है. इससे सेक्सुअल पावर और एनर्जी को बढ़ाया जा सकता है. जिन पुरुषों को जल्दी ऑर्गेज्म प्राप्त हो जाता है, वे इस तकनीक को आजमा सकते हैं. साथ ही सीमेन रिटेंशन यौन संतुष्टि प्रदान करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे जरूर करना चाहिए इस संबंध में कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है. वहीं, कुछ शोध में सीमेंन रिटेंशन के कारण होने वाले नुकसानों के बारे में भी बताया गया है.
आज इस लेख में आप जानेंगे कि सीमेन रिटेंशन किस प्रकार फायदेमंद व नुकसदायक है और इसे करने का तरीका क्या है -
- सीमेन रिटेंशन क्या है?
- सेक्स लाइफ में सीमेन रिटेंशन के फायदे
- सेक्स लाइफ में सीमेन रिटेंशन के नुकसान
- सीमेन रिटेंशन करने का तरीका
- क्या इस बारे में कोई रिसर्च हुई है?
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सारांश
सीमेन रिटेंशन क्या है?
सीमेन रिटेंशन या वीर्य प्रतिधारण उस स्थिति को कहते हैं, जब कोई पुरुष जानबूझकर स्खलन से बचता है. कोई पुरुष सेक्स एक्टिविटी से दूर रहकर इजैकुलेशन से ठीक पहले रुककर इसके बिना ही ऑर्गेज्म तक पहुंचना चाहता है. यह एक प्राचीन तकनीक है, पुरुष इसकी प्रैक्टिस शारीरिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए करते आए हैं. वहीं, कुछ लोग इसे मानसिक व आध्यात्मिक सुख के लिए भी करते हैं. सीमेन रिटेंशन में पुरुष को बिना स्खलन के सेक्स करने की कोशिश करनी होती है.
सेक्स लाइफ में सीमेन रिटेंशन के फायदे
सीमेन रिटेंशन में इजैकुलेशन के चरण तक नहीं पहुंचा जाता है. ऐसे में वीर्य वापस शरीर में चला जाता है और छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाता है. सीमेन रिटेंशन करने से निम्न लाभ मिल सकते हैं -
- सीमेन रिटेंशन करने से शुक्राणु या स्पर्म की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है. इससे पुरुषों की प्रजनन क्षमता बढ़ती है. सीमेन रिटेंशन पुरुषों की फर्टिलिटी को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन इस संबंध में मिश्रित शोध उपलब्ध हैं.
- जो पुरुष यौन संबंध के दौरान जल्दी ऑर्गेज्म तक पहुंच जाते हैं, उनके लिए सीमेन रिटेंशन लाभकारी हो सकता है.
- 2001 के एक अध्ययन के अनुसार तीन सप्ताह तक लगातार सीमेन रिटेंशन करने से पुरुषों के स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है.
- सीमेन रिटेंशन से सेक्सुअल लाइफ पावरफुल और एनर्जेटिक बन सकती है.
- सीमेन रिटेंशन से टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को बढ़ाने में मदद मिल सकती है. यह एक मेल सेक्स हार्मोन है, इसका पुरुषों के शरीर में अच्छी मात्रा में होना जरूरी होता है.
सेक्स लाइफ में सीमेन रिटेंशन के नुकसान
सीमेन रिटेंशन या वीर्य प्रतिधारण के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं -
- अगर यौन उत्तेजित पुरुष स्खलन नहीं करता है, तो इसकी वजह से उसे एपिडीडिमल हाइपरटेंशन की समस्या हो सकती है. ऐसा होने पर पुरुष के अंडकोष में दर्द या खुजली हो सकती है.
- अगर कोई पुरुष सीमेन रिटेंशन की प्रैक्टिस कर रहा है, तो शीघ्रपतन की समस्या हो सकती है. इसमें पुरुष साथी के साथ यौन संतुष्टि से पहले ही स्खलित कर सकते हैं.
- यौन उत्तेजना के दौरान स्खलन की इच्छा को रोकने से शुक्राणु अंडकोष में वापस जाने के बजाय मूत्राशय में ही चले जाते हैं.
- लगातार 4 दिन तक सीमेन रिटेंशन करने पर शुक्राणु की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. इसलिए, कभी-कभी ही सीमेन रिटेंशन की प्रैक्टिस करनी चाहिए.
सीमेन रिटेंशन करने का तरीका
इसे करना आसान है, जिसके बारे में नीचे बताया गया है -
- यौन गतिविधि से दूर रहकर सीमेन रिटेंशन की प्रैक्टिस की जा सकती है.
- बिना स्खलन के यौन संबंध बनाने को शुष्क संभोग के रूप में भी जाना जाता है.
- यौन संबंध के दौरान जैसे ही ऑर्गेज्म पर पहुंचें, लंबी और गहरी सांस लें. शरीर को शांत करने की कोशिश करें. साथी पर ध्यान देना शुरू कर दें. इससे स्खलन को रोकने में मदद मिल सकती है.
- ऑर्गेज्म पर पहुंचने पर गुदा और अंडकोष के बीच दबाव डालें.
(और पढ़ें - सेक्स के तुरंत बाद क्या करें)
क्या इस बारे में कोई रिसर्च हुई है?
यह विषय काफ़ी जटिल और कई पहलुओं वाला है, और इस पर अभी तक बहुत ज़्यादा रिसर्च नहीं हुई है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इस विषय से जुड़ी सारी बातें गलत हैं। इसका सीधा मतलब है कि इस पर और गहराई से, लंबे समय तक चलने वाली स्टडीज़ की ज़रूरत है ताकि ठोस नतीजे निकाले जा सकें।
कुछ पब्लिश हुई स्टडीज़ में यह बातें सामने आईं -
2018 में कुछ वैज्ञानिकों ने स्खलन से पहले के ब्रेक यानी "abstinence period" और वीर्य की गुणवत्ता पर हुई कई स्टडीज़ की समीक्षा की। उन्हें पता चला कि पहले की स्टडीज़ की गुणवत्ता एक जैसी नहीं थी और उनमें सीमाएँ थीं। लेकिन सबूत बताते हैं कि एक दिन से कम का ब्रेक लेने पर शुक्राणुओं की गतिशीलता बेहतर होती है।
2007 में जानवरों पर हुई एक स्टडी में पाया गया कि दिमाग में मौजूद एंड्रोजन रिसेप्टर्स, जो टेस्टोस्टेरोन के इस्तेमाल में मदद करते हैं, बार-बार हस्तमैथुन करने पर कम हो जाते हैं।
2003 की एक छोटी स्टडी में 28 लोगों पर रिसर्च की गई और पाया गया कि स्खलन का असर टेस्टोस्टेरोन के स्तर पर पड़ता है। इसमें देखा गया कि सातवें दिन के संयम पर टेस्टोस्टेरोन का स्तर सबसे ज़्यादा होता है।
2001 की एक और छोटी स्टडी में यह पाया गया कि जिन लोगों ने तीन हफ़्ते तक हस्तमैथुन से परहेज़ किया, उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ गया था।
वहीं 2000 में खिलाड़ियों पर की गई एक स्टडी में सामने आया कि यौन संबंध बनाना उनकी खेल प्रदर्शन पर बुरा असर नहीं डालता, लेकिन प्रतियोगिता से दो घंटे पहले सेक्स करने से प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अपने सवालों के जवाब यहाँ पाएं।
सीमेन रिटेंशन से टेस्टोस्टेरोन स्तर में वृद्धि होती है?
कुछ अध्ययन सीमेन रिटेंशन से टेस्टोस्टेरोन स्तर में अस्थायी वृद्धि को दर्शाते हैं, लेकिन इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर अधिक शोध की आवश्यकता है।
सारांश
एक व्यक्ति को सीमेन रिटेंशन प्रैक्टिस के दौरान दर्द या कोई परेशानी महसूस हो, तो इसे रोका जा सकता है. वर्तमान में अधिक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं कि सीमेन रिटेंशन करना स्वस्थ है या अस्वस्थ. इसलिए, कुछ लोगों को सीमेन रिटेंशन प्रक्रिया करने से नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसी भी पुरुष को डॉक्टर की सलाह पर ही सीमेन रिटेंशन करने का प्लान बनाना चाहिए।
यौन रोग के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Zeeshan Khan
सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव
Dr. Nizamuddin
सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव





