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वासेक्टोमी को पुरुष नसबंदी भी कहा जाता है यह वैवाहिक जोड़ों में गर्भ नियंत्रण के लिए की जाती है। इस प्रक्रिया में पुरुष के वास डेफेरेंस (वह नली जो शुक्राणु ले जाती है) को या तो सील कर दिया जाता है या काट दिया जाता है। यह प्रक्रिया 99.99% प्रभावशाली है और इस सर्जरी को रिवर्स भी किया जा सकता है मतलब शुक्राणु की नली को वापस जोड़ा भी जा सकता है, लेकिन यह हमेशा सफल नहीं होता है। ऐसे में केवल तभी यह सर्जरी करवाएं जब आप शीशु न चाहते हों। 

नसबंदी या तो किसी सर्जन के क्लिनिक में की जाती है या फिर आउटपेशेंट सेंटर में। इसमें आपको सर्जरी के दिन ही डिस्चार्ज मिल जाता है। आपको ठीक होने के लिए सात से नौ दिन का समय लगेगा। सर्जरी के बाद आपको एक-दो बार क्लिनिक जाना होगा, जिसमें आपके वीर्य की जांच होगी ताकि यह सुनिश्चित किया सके कि इसमें शुक्राणु नहीं हैं।

  1. पुरुष नसबंदी ऑपरेशन क्या होता है? - Vasectomy kya hai in hindi?
  2. पुरुष नसबंदी क्यों की जाती है? - Vasectomy kab kiya jata hai?
  3. पुरुष नसबंदी ऑपरेशन होने से पहले की तैयारी - Vasectomy se pahale ki taiyari
  4. पुरुष नसबंदी ऑपरेशन कैसे होता है - Vasectomy kaise hoti hai
  5. पुरुष नसबंदी ऑपरेशन के बाद देखभाल - Vasectomy hone ke baad dekhbhal
  6. पुरुष नसबंदी की जटिलताएं - Vasectomy me jatiltaye
  7. मध्य प्रदेश में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मुसीबत बनी पुरुष नसबंदी, जानें क्या है इसकी प्रक्रिया

पुरुष नसबंदी या वासेक्टोमी क्या है?

पुरुष नसबंदी या वासेक्टोमी एक ऑपरेशन प्रक्रिया होती है, जिसकी मदद से पुरुषों को शुक्राणुरहित किया (बांझ बनाना) जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान पुरुषों में उस ट्यूब को काट दिया जाता है, जो शुक्राणुओं को वृषण से लिंग तक पहुंचाता है। पुरुष नसबंदी से पुरुषों में मेल सेक्स हार्मोन बनने, सेक्स का आनंद लेने या चरम सुख प्राप्त करने की क्षमता में किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ता। पुरुष नसबंदी ऑपरेशन पुरुषों के लिए होता है, जिससे उनकी महिला साथी को गर्भवती होने से रोका जा सकता है। पुरुष नसबंदी के बाद व्यक्ति वीर्यपात कर सकते हैं, लेकिन उसमें शुक्राणु नहीं होते।

पुरुष नसबंदी को गर्भावस्था रोकने का एक स्थायी तरीका माना जाता है। इसको किसी भी उम्र में किया जा सकता है।

पुरुष नसबंदी की आवश्यकता कब पड़ती है?

जो पुरुष निश्चित तौर पर भविष्य में किसी भी महिला को गर्भवती नहीं करना चाहते, उनके लिए पुरुष नसबंदी की सिफारिश की जाती है। पुरुष नसबंदी पुरुषों को बांझ बना देती है, जिसके बाद वे किसी महिला को गर्भवती नहीं कर पाते। पुरुष नसबंदी को थोड़े समय के लिए जन्म नियंत्रण के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि यह पूर्णकालिक होता है। पुरुष नसबंदी प्रक्रिया को वापस करने के लिए किया जाने वाला ऑपरेशन और अधिक जटिलताओं भरा होता है।

पुरुष नसबंदी के लिए क्या तैयारियां की जाती हैं?

पुरुष नसबंदी करने से पहले डॉक्टर आपसे मिलते हैं और इस बारे में निश्चित करते हैं कि क्या यह जन्म नियंत्रण प्रक्रिया आपके लिए ठीक है?

पहले अपॉइंटमेंट के दौरान डॉक्टर से निम्न बातों पर चर्चा करने के लिए तैयार रहना चाहिए :

  • यह समझना कि पुरुष नसबंदी स्थायी होती है और अगर आपके लिए कोई ऐसी संभावना है जिससे आपको भविष्य में बच्चे पैदा करने की जरूरत पड़ सकती है, तो पुरुष नसबंदी करवाना आपके लिए एक सही विकल्प नहीं है।
  • आपके बच्चे हैं या नहीं और अगर आप किसी रिश्ते में है तो आपकी महिला साथी की इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया है।
  • आपके लिए जन्म नियंत्रण के अन्य तरीके भी उपलब्ध हैं।
  • पुरुष नसबंदी में सर्जरी व अन्य कौन सी जटिलताएं शामिल हैं।

पुरुष नसबंदी के लिए की जाने वाली सर्जरी को अस्पताल या किसी सर्जरी केंद्र में किया जाता है। सर्जरी के दौरान मरीज को लोकल एनेस्थसिया दिया जाता है। लोकल अनेस्थेसिया में आप होश में रहते हैं, बस शरीर के उसी क्षेत्र को सुन्न किया जाता है, जिसकी सर्जरी करनी होती है।

अगर आप एस्पिरीन या अन्य खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं, तो डॉक्टर कुछ दिन के लिए उन्हें ना लेने के लिए कह सकते हैं। इन दवाओं में निम्न शामिल हो सकती हैं -

  • वारफेरीन
  • हेपारिन
  • एस्पिरिन
  • आइबूप्रोफेन

टाइट फिटिंग अंडरवियर या एथलेटिक सपोर्टर खरीद लें, ताकी सर्जरी के बाद अंडकोष में सूजन आने से रोकथाम की जा सके।

ऑपरेशन के दिन नहाएं और यह सुनिश्चित कर लें कि आपने अपने जननांगों के क्षेत्र को अच्छे से साफ कर लिया है। 

सर्जरी के बाद घर जाने के लिए एक साथी की व्यवस्था कर लें, ताकि ड्राइविंग आदि करने के दौरान वृषणों पर किसी प्रकार का दबाव या झटका आदि ना पड़े।

पुरूष नसबंदी कैसे की जाती है?

पुरुष नसबंदी का ऑपरेशन आमतौर पर अस्पताल या किसी सर्जरी केंद्र में किया जाता है, इसमें लगभग 30 मिनट का समय लगता है। प्रक्रिया के दौरान आप होश में ही होते हैं। आपकी अंडकोष की थैली को सुन्न करने के लिए डॉक्टर लोकल अनेस्थेसिया का उपयोग करते हैं। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर एक विशेष उपकरण से अंडकोष की थैली में एक छोटा सा चीरा लगाते हैं और फिर उसी उपकरण से उस छेद को आराम से फैलाया जाता है, जिससे अंदर की ट्यूब तक पहुंचा जाता है।

उस छोटे छेद के अंदर से ट्यूब को सतह तक लाया जाता है। अलग-अलग डॉक्टर अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सभी तकनीकों में ट्यूब में कट लगाकर उन दोनों सिरों को बंद कर दिया जाता है और अलग-अलग ही छोड़ दिया जाता है।

दूसरी ट्यूब को भी इसी तरीके से और इसी छेद के अंदर से बंद किया जाता है। इस तकनीक में बहुत ही कम मात्रा में खून बह पाता है।

कट को बंद करने के लिए किसी प्रकार के टांके आदि की आवश्यकता नहीं होती, यह कट जल्दी ठीक हो जाता है और कोई निशान भी नहीं बनता।

कुछ लोगों में नो-स्कैलपल वैसेक्टॉमी नामक प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका मतलब होता है बिना छुरी के की जाने वाली (पुरुष नसबंदी) प्रक्रिया। इस प्रक्रिया में किसी कट की बजाए एक छोटा गोल छेद किया जाता है।

पुरुष नसबंदी प्रक्रिया के बाद क्या करना चाहिए?

इस प्रक्रिया के बाद साधारण रूप से आपकी अंडकोष की थैली में थोड़ी सूजन, निशान, दर्द व अन्य तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती है। अगर आपको ज्यादा समस्या हो रही है, तो दर्द को कम करने के लिए आप दर्दनिवारक दवा का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे पेरासिटामोल आदि। अगर दर्दनिवारक दवा के बाद भी आपकी तकलीफें कम नहीं हुई तो इस बारे में डॉक्टर से बात करें।

ऑपरेशन के बाद एक-दो बार वीर्यपात के दौरान वीर्य के साथ खून आ सकता है, यह साधारण स्थिति होती है जो हानिकारक नहीं होती।

ऑपरेशन के बाद दिन और रात में टाइट फीटिंग वाले अंडरवियर पहनें, जो अंडकोषों को सहारा प्रदान करते हैं और सूजन व दर्द को कम करने में मदद करते हैं। अपने अंडरवियर को रोजाना बदलते रहें।

ऑपरेशन के बाद नहाना आमतौर पर आपके लिए सुरक्षित होता है, यह सुनिश्चित कर लें कि नहाने के बाद आपने अपने जननांगों को अच्छे से साफ कर लिया है।

ऑपरेशन के बाद आप उतनी ही जल्दी सेक्स क्रिया कर सकते हैं, जितनी जल्दी आप इसमें सुविधाजनक महसूस करें। हालांकि, कुछ दिन तक इंतजार करना फायदेमंद होता है। ऑपरेशन करने के तुरंत बाद किए गए वीर्यपात में शुक्राणु हो सकते हैं, क्योंकि ट्यूब में बचे हुए शुक्राणुओं के पूरी तरह से खत्म होने में समय लगता है। औसतन 20-30 वीर्यपात होने के बाद ट्यूब में शुक्राणु पूरी तरह से साफ हो जाते हैं। जब तक आपके 2 क्लियर सीमेन टेस्ट नहीं हो जाते तब तक गर्भनिरोध के अन्य तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए।

पुरुष नसबंदी में क्या जटिलताएं हो सकती हैं?

सर्जरी के तुरंत बाद पुरुष नसबंदी के कई विपरित प्रभाव हो सकते हैं -

इनमें निम्न शामिल है :

  • सूजन
  • मध्यम दर्द व तकलीफ
  • वीर्य में खून आना
  • अंडकोष की थैली नीली हो जाना
  • अंडकोष की थैली के अंदर खून बहना और खून के थक्के बनना इत्यादि

पुरुष नसबंदी की प्रक्रिया के बाद के जोखिम व जटिलताएं बहुत कम हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं -

  • चीरे की जगह पर संक्रमण होना और बहुत ही दुर्लभ मामलों में संक्रमण अंडकोष की थैली के अंदर भी फैल जाता है।
  • ट्यूब से शुक्राणु लीक होना जो एक ऊतक में जमा हो जाते हैं और एक गांठ का रूप धारण कर लेते हैं, इस स्थिति को शुक्राणु ग्रेन्युलोमा कहा जाता है। आमतौर पर यह स्थिति दर्दनाक नहीं होती और आराम तथा दवाओं आदि से इनका इलाज किया जा सकता है। कुछ मामलों में ग्रेन्युलोमा को निकालने के लिए सर्जरी की आवश्यकता भी पड़ सकती है।
  • उस ट्यूब में सूजन व जलन होना जो वृषणों से शुक्राणुओं को ले जाती है।
  • बहुत ही दुर्लभ मामलों में ट्यूब फिर से विकसित होने लग जाती है, जिससे व्यक्ति फिर से प्रजनन योग्य बन जाता है।
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