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स्वास्थ्य के लिए केले को सबसे फायदेमंद फलों में गिना जाता है। कई विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर केले को सुपरफूड भी कहा जाता है। केले में कई पोषक तत्व और यौगिक जैसे- कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए, सी और बी-6, लोहा, फास्फोरस, कैल्शियम, मैग्नीशियम, ज़िंक, सोडियम, पोटेशियम और प्राकृतिक शर्करा जैसे सुक्रोज, फ्रक्टोज और ग्लूकोज आदि मौजदू होते हैं। भारत सहित दुनिया के कई देशों में सबसे ज्यादा पीले केलों का सेवन किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दक्षिण-पूर्व एशिया में पैदा होने वाला लाल केला भी स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है।

दुनियाभर में केलों की करीब 1000 प्रजातियां पाई जाती हैं। उन्हीं में से एक है लाल केला। पीले केलों की तरह ही लाल केले भी नरम और पकने पर स्वाद में मीठे होते हैं। लाल केले में कई प्रकार के आवश्यक पोषक तत्व समाहित होते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली, हृदय के स्वास्थ्य और पाचन को दुरुस्त करने में काफी फायदेमंद हो सकते हैं।

इस लेख में हम आपको कई गुणों से भरपूर लाल केले के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

  1. पीले केलों से कैसे भिन्न है लाल केला? - Yellow Banana aur Red Banana me kya antar hai?
  2. कई पोषक तत्वों से भरपूर है लाल केला - Red banana me hai kai sare nutrition
  3. पाचन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद है लाल केला - Digestion ke liye kafi faydemand hai Red banana
  4. प्रतिरक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए करें लाल केले का सेवन - Acchi immunity ke liye kare red banana ka sevan
  5. आंखों के लिए रामबाण है लाल केले का सेवन - Eyes ke liye Rambaan hai red banana

लाल केले के सेवन और उसके फायदों के बारे में जानने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि आखिर यह सामान्य यानी बाजार में मिलने वाले पीले रंग वाले केलों से कैसे अलग है?

आमतौर पर दोनों केलों को खाने में आपको कोई विशेष अंतर समझ नहीं आएगा। दोनों ही केले डायट्री फाइबर के अच्छे स्रोत हैं और दोनों में ही कैलोरी और कार्ब्स लगभग समान मात्रा में पाई जाती है। हां, लाल केलों को ये निम्नलिखित गुण खास बनाते हैं।

पीले केलों की तुलना में देखें तो लाल केले -

  • थोड़े छोटे और घने होते हैं।
  • स्वाद में हल्के मीठे होते हैं।
  • विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है।
  • कुछ एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है।
  • ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) स्कोर कम होता है।

जीआई 0 से 100 तक का पैमाना है जो यह मापता है कि खाद्य पदार्थ कितनी जल्दी ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाते हैं। जीआई स्कोर कम होने का मतलब है कि इसका रक्त में अवशोषण धीमी गति से होता है। पीले केले का औसत जीआई स्कोर 51 है, जबकि लाल केले का स्कोर 45 के करीब का होता है। इसके अलावा लाल केले में एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन सी और विटामिन बी6 भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इनके सेवन से कैलोरी तो कम मिलती है, लेकिन फाइबर की मात्रा अधिक होती है।

बाजार में मिलने वाले सामान्य पीले केले की तरह ही लाल केले में भी कई प्रकार के ​आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। लाल केले में विशेष रूप से पोटेशियम, विटामिन सी, विटामिन बी6 और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

एक छोटे लाल केला ( करीब 100 ग्राम) में निम्न पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

  • कैलोरी : 90 कैलोरी
  • कार्ब : 21 ग्राम
  • प्रोटीन : 1.3 ग्राम
  • वसा : 0.3 ग्राम
  • फाइबर : 3 ग्राम
  • पोटेशियम : आरडीआई का 9 फीसद
  • विटामिन बी6 : आरडीआई का 28 फीसद
  • विटामिन सी : आरडीआई का 9 फीसद
  • मैग्नीशियम : आरडीआई का 8 फीसद

एक छोटे लाल केले से आप आसानी से करीब 90 कैलोरी प्राप्त कर सकते हैं। इसमें अधिकतर पानी और कार्ब्स होते हैं। विटामिन बी 6, मैग्नीशियम और विटामिन सी की उच्च मात्रा इस केले को विशेष रूप से पोषक बनाती है।

लाल केले फाइबर के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक हैं। एक छोटे लाल केले से करीब 3 ग्राम फाइबर प्राप्त किया जा सकता है। लाल केलों में पाया जाने वाला डायट्री फाइबर पाचन तंत्र के लिए काफी लाभदायक माना जाता है।

  • लाल केला रेगुलर बाउल मूवमेंट में सुधार करता है।
  • आंत में सूजन की समस्या को कम करता है।
  • आंत के लिए अनुकूल बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देता है।

इसके अलावा हाई फाइबर डाइट, इंफ्लामेटरी बाउल सिंड्रोम (आईबीडी) के जोखिम को कम कर सकता है। एक अध्ययन में इसके चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं।

170,776 महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि लो फाइबर डाइट की तुलना में हाई फाइबर युक्त डाइट लेने वाली महिलाओं में क्रोहन रोग का जोखिम 40 फीसद से भी कम पाया गया। ऐसे में माना जा सकता है कि लाल केला पाचन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।

लाल केला विटामिन सी और बी6 से भरपूर होता है। प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाए रखने के लिए ये दोनों विटामिन बहुत आवश्यक होते हैं। एक छोटे लाल केले से आपको 9 फीसद विटामिन सी और 28 फीसद विटामिन बी6 प्राप्त हो सकता है।

विटामिन सी आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाओं को मजबूत करके प्रतिरक्षा को बढ़ाता है। तदनुसार, कुछ शोध बताते हैं कि विटामिन सी की मामूली कमी भी संक्रमण के जोखिमों को बढ़ा सकती है। ऐसे में लाल केले का सेवन करके आप इस खतरे से स्वयं को सुरक्षित कर सकते हैं।

इसके अलावा लाल केले में पाए जाने वाला विटामिन बी6 भी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन बी6 की कमी आपके शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं के उत्पादन और प्रतिरक्षा एंटीबॉडी के उत्पादन को कम कर देती है। यहां ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि दोनों ही संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक होते हैं।

लाल केले में कैरोटेनॉयड्स नाम का पिगमेंट पाया जाता है जो इस फल को लाल रंग देता हैं  लाल केले में पाए जाने वाले दो कैरोटीनॉयड- ल्यूटिन और बीटा कैरोटीन, आंखों के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं।

ल्यूटिन की बात करें तो यह उम्र से संबंधित मैक्यूलर डीजनरेशन (एएमडी) को रोकने में मदद कर सकता है। एएमडी एक लाइलाज नेत्र रोग है जो कई लोगों में अंधेपन का प्रमुख कारण हो सकता है। इस संबध में किए गए 6 अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि ल्यूटिन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से उम्र से संबंधित एएमडी के जोखिम को 26 फीसद तक कम किया जा सकता है।

वहीं दूसरी ओर बीटा कैरोटीन को आंखों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। केलों की अन्य प्रजातियों की तुलना में लाल केलों में यह सबसे अधिक पाया जाता है। बीटा कैरोटीन शरीर में विटामिन-ए में परिवर्तित हो सकता है। विटामिन-ए आंखों के स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण विटामिनों में से एक है।

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