सभी के शरीर में रक्त का निर्माण एक ही तरह से होता है. फिर भी सभी का ब्लड ग्रुप अलग-अलग होता है. मुख्य रूप से चार ब्लड ग्रुप मान गए हैं- ए, बी, एबी और ओ. ये ब्लड ग्रुप पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों तरह के होते हैं. इस आधार पर ब्लड ग्रुप को 8 भागों में बांटा गया है. प्रत्येक व्यक्ति का ब्लड ग्रुप उसके माता-पिता के जीन पर निर्भर करता है.

आज इस लेख में आप जानेंगे कि ब्लड ग्रुप क्या है और इसकी पहचान कैसे की जाती है -

(और पढ़ें - ब्लड ग्रुप टेस्ट क्या है)

  1. ब्लड ग्रुप क्या होता है?
  2. ब्लड ग्रुप के प्रकार
  3. किस ब्लड ग्रुप को कौन सा ब्लड दिया जा सकता है
  4. ब्लड ग्रुप की पहचान
  5. कौन रक्तदान कर सकता है?
  6. सारांश
जानिए ब्लड ग्रुप के प्रकार व पहचानने का तरीका के डॉक्टर

ब्लड मुख्य रूप से चार कंपोनेंट्स से मिलकर बनता है -

  • रेड ब्लड सेल्स, जो पूरी शरीर में ऑक्सीजन को ले जाने का काम करते हैं.
  • व्हाइट ब्लड सेल्स, जो शरीर के इम्यून सिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
  • प्लाज्मा, जो पीले रंग का तरल पदार्थ होता है. इसमें मुख्य रूप प्रोटीन होते हैं, जो पूरे शरीर की कार्यप्रणाली को सही बनाए रखने में मदद करते हैं.
  • प्लेटलेट्स, जो ब्लड क्लॉटिंग का काम करते हैं.

ब्लड ग्रुप मुख्य रूप से एंटीजन व एंटीबॉडीज पर निर्भर करता है, जो एक प्रकार के प्रोटीन मॉलिक्यूल्स होते हैं. एंटीजन रेड ब्लड सेल्स की सतह पर होते हैं, जबकि एंटीबॉडीज प्लाज्मा में होता है. ये दोनों मिलकर ही ब्लड का प्रकार निर्धारित करते हैं.

(और पढ़ें - ब्लड ग्रुप एबीओ एंड आरएच टेस्ट)

ब्लड ग्रुप के मुख्य रूप से चार प्रकार होते हैं और इसे डॉक्टर एबीओ सिस्टम कहते हैं. ये ग्रुप इस प्रकार से हैं -

  • ब्लड ग्रुप ए - इसमें रेड ब्लड सेल्स में ए एंटीजन होते हैं और बी एंटी बॉडीज होते हैं.
  • ब्लड ग्रुप बी - इसमें बी एंटीजन और ए एंटी बॉडीज होता है.
  • ब्लड ग्रुप ओ - इसमें कोई एंटीजन नहीं होता, बल्कि ए और बी दोनों एंटी बॉडीज होते हैं.
  • ब्लड ग्रुप एबी - इस ब्लड ग्रुप दोनों ए और बी एंटीजंस होते हैं, जबकि एंटीबॉडीज एक भी नहीं होता है.

ए और बी के अलावा तीसरे प्रकार का भी एंटीजन होता है, जिसे आरएच फैक्टर कहा जाता है. जिसके ब्लड में ये आरएच फैक्टर होता है, तो इसका मतलब यह है कि वो आरएच पॉजिटिव है यानी उसका ब्लड ग्रुप पॉजिटिव है. वहीं, जिसके ब्लड में ये एंटीजन नहीं है, वो आरएच नेगेटिव है यानी उसका ब्लड ग्रुप नेगेटिव है. इस आधार पर ब्लड के कुल 8 प्रकार हो जाते हैं -

  • ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव
  • ब्लड ग्रुप ए नेगेटिव
  • ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव
  • ब्लड ग्रुप बी नेगेटिव
  • ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव
  • ब्लड ग्रुप ओ नेगेटिव
  • ब्लड ग्रुप एबी पॉजिटिव
  • ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव

(और पढ़ें - व्यक्तित्व के बारे में क्या कहता है ब्लड टाइप)

किस व्यक्ति को कौन-सा ब्लड दिया जा सकता है, उसे हमने नीचे समझाने का प्रयास किया है -

  • ए पॉजिटिव - ये सबसे आम ब्लड ग्रुप है. इस ग्रुप का व्यक्ति ए पॉजिटिव और एबी पॉजिटिव ग्रुप के व्यक्ति को अपना ब्लड दे सकता है.
  • ए नेगेटिव - इसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप माना गया है. अगर कोई व्यक्ति ए नेगेटिव है, तो वो किसी भी प्रकार के ए और एबी ग्रुप के व्यक्ति को अपना ब्लड डोनेट कर सकता है.
  • बी पॉजिटिव - इस ग्रुप का व्यक्ति बी पॉजिटिव और एबी पॉजिटिव व्यक्ति का ही अपना ब्लड दे सकता है.
  • बी नेगेटिव - इस ब्लड ग्रुप का व्यक्ति किसी भी प्रकार के बी और एबी ब्लड प्रकार के व्यक्ति को अपना ब्लड दे सकता है.
  • एबी पॉजिटिव - इस दुर्लभ ब्लड ग्रुप वाले लोग किसी भी प्रकार का ब्लड या प्लाज्मा ले सकते हैं. इन्हें यूनिवर्सल रेसिपीयंट के रूप में जाना जाता है.
  • एबी नेगेटिव - इसे सबसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप माना गया है और इसे ग्रुप के लोगों के संख्या भी कम है. इस प्रकार के ब्लड वाले किसी व्यक्ति को "यूनिवर्सल प्लाज्मा डोनर" के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इस प्रकार का प्लाज्मा किसी को भी दिया जा सकता है.
  • ओ पॉजिटिव - यह सबसे आम ब्ल्ड प्रकारों में से एक है. इससे किसी भी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वाले ब्लड दिया सकता है.
  • ओ नेगेटिव - इस दुर्लभ रक्त समूह वाला व्यक्ति किसी भी रक्त समूह वाले व्यक्ति को रक्त दे सकता है.

ब्लड ग्रुप की पहचान करने के लिए लैब टैक्नीशियन ब्लड के नमूने को एंटीबॉडी के साथ मिलाते हैं, जो ए और बी ब्लड पर हमला करते हैं, यह देखने के लिए कि ये कैसे प्रतिक्रिया करता है. आइए, अब यह जानते हैं कि ब्लड ग्रुप की पहचान कैसे की जाती है -

  • ब्लड ग्रुप जानने के लिए रेड ब्लड सेल्स को अलग-अलग एंटी बॉडीज सॉल्यूशन के साथ मिलाया जाता है. अगर सॉल्यूशन में बी एंटीबॉडीज होंगी और सेल्स में बी एंटीजन होंगे, तो इसका मतलब है ब्लड ग्रुप बी है.
  • अगर ब्लड एंटी ए व एंटी बी में से किसी के साथ भी रिएक्ट नहीं करता है, तो इसका अर्थ है कि ब्लड ग्रुप ओ है.
  • इसी तरह के ब्लड ग्रुप टेस्ट, जिसमें एंटी बॉडीज का प्रयोग किया जाता है, उससे ब्लड ग्रुप की पहचान की जा सकती है.

(और पढ़ें - ब्लड टेस्ट)

अधिकतर लोग रक्तदान करने में सक्षम होते हैं. उसके लिए निम्न मापदंडों को पूरा करना जरूरी है -

  • व्यक्ति फिट और हेल्दी होना जरूरी है.
  • व्यक्ति का वजन कम से कम 50 किलो होना चाहिए.
  • व्यक्ति की उम्र 17 से 66 साल के बीच होनी चाहिए.
  • यदि उम्र 70 साल से ज्यादा है, तो कम से कम 2 वर्ष पहले ब्लड दिया हो.
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ब्लड टाइप में एबीओ सिस्टम बेस्ट है. इस सिस्टम में लगभग 8 प्रकार होते हैं, जिनमें से ओ पॉजिटिव एक कॉमन टाइप है और एबी नेगेटिव सबसे कम मिलने वाला ब्लड टाइप. अगर ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत है, तो ब्लड डोनेट करने वाले और ब्लड लेने वाले दोनों के ब्लड टाइप आपस में मिलने चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के कॉम्प्लिकेशन से बचा जा सके.

(और पढ़ें - खून चढ़ाए जाने के फायदे)

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