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अंगुलियां चटकाना एक सामान्य आदत है। घंटों काम करने के दौरान या फिर बैठे-बैठे कोई भी, कभी भी अपनी अंगुलियां चटकाने लगता है। दरअसल कुछ लोगों के लिए यह उदासी या नर्वसनेस से निपटने का एक तरीका है जबकि कुछ लोगों के लिए यह महज टाइम पास है। हालांकि इसका कभी कोई नकारात्मक परिणाम देखने-सुनने को नहीं मिला है। लेकिन ये सवाल हम सबके ही मन में रहता है कि क्या उंगलियां चटकाना नुकसादायक हो सकता है?

हालांकि, इस विषय पर गंभीरता से शोध किए जाने की जरूरत है लेकिन आइए सतही तौर पर जानते हैं कि अंगुलियां चटकाना क्यों सही नहीं है।

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  1. हड्डियां चटकने की आवाज क्यों आती है - Hadiya ya ungliya kyu chatakti hai
  2. उंगलियां या हड्डियां चटकाने के नुकसान - Haddi chatakne ke nuksan
  3. डॉक्टर को दिखाने की ज़रूरत कब होती है - Doctor ko kab dikhayen
  4. क्या उंगलियां चटकाने के फायदे होते हैं? - Haddi chatakne ke fayde kya hote hain?

ज्वाइंट क्रैकिंग अस्थायी रूप से जोड़ों में नाइट्रोजन गैस खींचने वाले एक नकारात्मक दबाव के परिणामस्वरूप हो सकती है। यह बिल्कुल अंगुलियां चटकाने जैसी होती है। यह नुकसानदेय नहीं है। ऐसी ही आवाज तब भी आती है जब नसें ऊतकों के ऊपर चढ़ जाती है और ये अपने-अपने कार्य में सामंजस्य बैठाने की कोशिश करती हैं। उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियां और कार्यप्रणाली में बदलाव होता है, जिस कारण चटकने की आवाज ज्यादा हो सकती है। अगर चटकने के दौरान दर्द भी हो तो समझें आपके जोड़ों में कुछ असामान्यता है जैसे नर्म हड्डियां कमजोर हो गई हैं या लिगामेंट्स में चोट लग गई है। गठियाबर्साइटिस, टेंडिनाइटिस (एड़ी में दर्द या ऐंठन) के कुछ मरीजों में सूजे हुए ऊतकों में चटकने की आवाज आती है।

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जोड़ों का खिसकना
हालांकि व्यापक स्तर पर देखा गया है कि अंगुलियों के चटकाने से किसी तरह की दिक्कतें नहीं आतीं। लेकिन बहुत कम मामलों में देखा गया है कि लगातार अंगुलियां चटकने की वजह से अंगुलियों की हड्डी के जोड़ खिसक जाते हैं। इसलिए अगर आपको भी अंगुलियां चटकाने की आदत है, तो बेहतर यह करते हुए ज्यादा जोर न लगाएं।

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पकड़ (ग्रिप) कमजोर होना
74 ऐसे लोग जो लगातार अपनी अंगुलियां चटकाते हैं, उन पर एक अध्ययन किया गया था। यह अध्ययन 1990 में प्रकाशित हुआ था। इसके मुताबिक जो लोग नियमित अंगुलियां चटकाते हैं, उनकी पकड़ कमजोर हो जाती है।

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अंगुलियों में सूजन
इस अध्ययन से यह भी पता चला था कि जो लोग लगातार अपनी अंगुलियां चटकाते हैं, उनकी अंगुलियों में सूजन आ जाती है जबकि जो लोग नहीं चटकाते उनको इस तरह की समस्या नहीं आती। अध्ययन में 74 लोगों के अलावा 226 लोग और शामिल थे। उन लोगों को सूजन या पकड़ में किसी तरह की समस्या नहीं आई थी, क्योंकि वे नियमित अंगुलियां नहीं चटकाते थे।

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क्या उंगलियां चटकाने से आर्थराइटिस हो सकता है?
कुछ लोगों को लगता है कि उंगली चटकाने से कई तरह की समस्या हो सकती है। जबकि अब तक कोई भी ऐसा शोध या अध्ययन नहीं हुआ है, जिसने व्यापक रूप से साबित किया हो उंगली चटकाने से कोई समस्या होती है। खासकर अर्थराइटिस की बात करें तो यह समस्या भी उंगली चटकाने से नहीं होती।

जैसा कि आपको इस बात से वाकिफ हैं कि उंगली चटकाने से किसी तरह का नुकसान नहीं होता। इसके बावजूद बार-बार या बहुत ज्यादा उंगली चटकाने से कुछ नुकसान देखने को मिलते हैं। इन लक्षणों पर गौर करें और जरूरत होने पर डाॅक्टर से संपर्क करें।

  • जब अंगुलियों में सूजन हो, रंग बदल जाए या फिर फूल जाए।
  • अगर अंगुलियों को पूरी तरह स्ट्रेच न कर सकें।
  • अंगुलियों की पोर में सुन्नपन हो।
  • जब हथेली और अंगुली मोड़ने के दौरान दर्द हो। (और पढ़ें - हाथ में दर्द का इलाज)
  • अगर सुबह नींद से उठने के बाद हाथ लगभग 30 मिनट तक अकड़ जाए।
  • अगर अंगुलियों में जलन महसूस हो।
  • अगर जोड़ों में अत्यधिक दर्द हो। (और पढ़ें - जोड़ों में दर्द का इलाज)
  • अगर अंगुलियों को मोड़ने में समस्या आए।

अंगुलियां चटकाना कोई समस्या नहीं है। 

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हालांकि अब तक किसी शोध ने यह भी साबित नहीं किया है कि उंगली चटकाने से किसी तरह के फायदे होते हैं। लेकिन अमूमन लोग नर्वसनेस कम करने के लिए, टाइम पास करने के लिए उंगली चटकाते हैं। इस तरह देखा जाए तो उंगली चटकाना मन को अच्छा लगता है, इसलिए लोगों द्वारा यह किया जाता है।
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