खाने का पचना स्वस्थ रहने के लिए जरूरी होता है, क्योंकि पाचन में समस्या होना कई बीमारियों की वजह बन सकती है. ऐसे में योग तनाव व शारीरिक समस्याओं के साथ-साथ आपके पेट से जुड़ी दिक्कतों को भी दूर करने में सहायता कर सकता है. पाचन को अच्छा रखने के लिए पार्श्व सुखासन, अर्ध मत्स्येन्द्रासन, सुप्त मत्स्येन्द्रासन, जठर और शवासन करने चाहिए.

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इस लेख में हम पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद योगासनों के बारे में विस्तार से बात करेंगे-

  1. पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने वाले योगासन
  2. सारांश
पाचन तंत्र के लिए योग के डॉक्टर

पाचन को अच्छा रखने के लिए लोग दवाई की जगह योग का सहारा लेते हैं. आइए, उन योगासनों के बारे में विस्तार से जानते हैं, जो पाचन में होने वाली समस्या को ठीक रखने में मदद कर सकते हैं-

सुप्त मत्स्येन्द्रासन

यह आसन पीठ के नीचे के हिस्से को स्ट्रेच करने के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी की गति को भी बढ़ाता है. इससे कब्ज में आराम मिलता है. साथ ही यह पाचन समस्या को नार्मल करने में मदद भी करता है. नीचे इसे करने का तरीका बताया गया है-

कैसे करें -

  • फर्श पर योग मैट बिछाकर पीठ के बल सीधा लेट जाएं और दोनों हाथ कंधों के समानांतर शरीर से दूर फैला दें.
  • अब दाएं पैर को मोड़ें और तलवा बाएं घुटने पर रख दें.
  • इसके बाद सांस छोड़ते हुए दाएं कूल्हे को थोड़ा-सा ऊपर उठाएं और बाईं तरफ मुड़ते हुए दाएं घुटने को जमीन से सटाने का प्रयास करें. ध्यान रहे कि दोनों हाथ जमीन से सटे रहें.
  • कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें.
  • इसके बाद धीरे-धीरे वापस सामान्य मुद्रा में वापस आ जाएं और फिर दूसरी तरफ से यही प्रक्रिया करें.

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जठर परिवर्तनासन

यह बहुत ही आरामदायक योग है, जो पाचन को अच्छा करता है और आंतों की सक्रियता को भी बढ़ावा देता है. नीचे आ जानेंगे कि इसे करने की विधि क्या है- 

कैसे करें -

  • समतल जगह पर योग मैट बिछाकर पीठ के बल सीधा लेट जाएं और दोनों हाथ कंधों के समानांतर शरीर से दूर फैला लें.
  • इसके बाद दोनों पैरों को मोड़कर कूल्हों के पास ले आएं.
  • अब दाेनों पर बाईं ओर मोड़ते हु़ए जमीन से सटाने का प्रयास करें, जबकि सिर को दाईं तरफ मोड़ें. 
  • कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें.
  • फिर धीरे-धीरे वापस पहली वाली अवस्था में आ जाएं और यही प्रक्रिया दाईं तरफ करें.

(और पढ़ें - पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय)

शवासन

इस योगासन को सबसे अंत में किया जाता है. इस योग में ध्यान और सांसों पर नियंत्रण के जरिए शरीर को अच्छे से आराम मिल सकता है. इसे करने की प्रक्रिया जानने के लिए पढ़ते रहें यह लेख-

कैसे करें -

  • योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और आंखों को बंद रखें.
  • दोनों पैराें के बीच थोड़ी-सी दूरी बनाए रखें और हाथों को भी शरीर से थोड़ा दूर रखें. ध्यान रहे कि हथेलियों की दिशा ऊपर की तरफ हो.
  • अब इस अवस्था में शरीर को बिल्कुल ढीला छोड़ दें और सामान्य गति से सांस लेते रहें.
  • आपका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ सांसों की गति पर होना चाहिए.
  • कुछ देर इसी तरह से लेटे रहें और फिर करवट लेते हुए बैठ जाएं. इसके बाद धीरे-धीरे आंखें खोलें.

(और पढ़ें - शवासन करने के फायदे )

पार्श्व सुखासन

सबसे पहले इस योगासन को करना सबसे बढ़िया है. इस आसन से शरीर की सूजन और गैस को कम करने के साथ-साथ पाचन को सही रखने में भी सहायता मिलती है. इसे करने का तरीका नीचे बताया गया है-

कैसे करें -

  • फर्श पर योग मैट बिछाकर पालती माकर बैठ जाएं और हाथों को नमस्कार मुद्रा में लाएं.
  • अब दोनों हाथों को सीधा ऊपर ले जाएं.
  • फिर हाथों को नीचे नमस्कार की मुद्रा में लाएं और फिर बाएं हाथ को मोड़कर बाएं घुटने के पास मोड़कर जमीन पर रख दें. इस मुद्रा में काेहनी और हाथ जमीन से सटे रहेंगे.
  • अब दाहिने हाथ को सीधा ऊपर उठाएं और बाईं ओर जितना हो सके झुकें.
  • कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहते हुए सामान्य गति से सांस लेते रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में वापस आ जाएं.
  • अब यही क्रिया दूसरी तरफ से भी करें.

(और पढ़ें - परिवृत्त पार्श्वकोणासन करने के फायदे)

अर्ध मत्स्येन्द्रासन

इस योग को करने से छोटी और बड़ी आंत की कार्यप्रणाली में सुधार होता है. यह आसन सूजन को कम करने में भी मदद कर सकता है. आइए, जानते हैं कि इसे करना कैसे है-

कैसे करें -

  • फर्श पर बैठें और दोनों पैरों को सीधा करें. अब बाएं घुटने को मोड़कर उसको सीधे पैर के ऊपर से घुटने के पास रखें. याद रहे कि बायां पैर फर्श को छूता रहे.
  • अब दाएं पैर को मोड़ें और बाएं कूल्हे के पास सटाकर रखें.
  • फिर बाएं पैर के ऊपर से दाए हाथ को लाएं और बाएं पैर के अंगूठे को पकड़ें.
  • अब गर्दन को इस तरह से मोड़ें कि आप बाएं कंधे के ऊपर से थोड़ा देख सकें.
  • कुछ सेकंड इसी पोजीशन में रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें.
  • इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं और यही प्रक्रिया दूसरी तरफ से करें.

(और पढ़ें - अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने के फायदे)

ये सभी योगासन करने से पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है. बस इस बात का ध्यान रखें कि जो भी योगासन पहली बार करें, तो उसे विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें, क्योंकि गलत तरीके से आसान करने से फायदे की जगह नुकसान हो सकता है.

(और पढ़ें - पाचन रोग के घरेलू उपाय)

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Dr. Smriti Sharma

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