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शवासन का नाम "शव" शब्द पर रखा गया है, जिसका मतलब होता है मृतक शरीर या लाश। शवासन एक आराम करने की मुद्रा है। यह किसी भी योगाभ्यास का आखरी आसन होना चाहिए। शवासन आपके संपूर्ण शरीर और दिमाग़ को आराम देता है और कायाकल्प कर देता है।

आगे इस लेख में जानिए कि शवासन कैसे करें, लाभ और इस आसन को करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। साथ ही इस लेख में हमने शवासन का विडियो भी दिया गया है।

(और पढ़ें - मेडिटेशन के लाभ)

  1. शवासन के फायदे - Shavasana ke fayde
  2. शवासन करने से पहले यह आसन करें - Shavasana karne se pehle yeh aasan kare
  3. शवासन करने का तरीका - Shavasana karne ka tarika
  4. शवासन का आसान तरीका - Shavasana ka aasan tarika
  5. शवासन करने में क्या सावधानी बरती जाए - Shavasana karne me kya savdhani barti jaye
  6. शवासन करने के बाद आसन - Shavasana karne ke baad aasan
  7. शवासन का वीडियो - Shavasana ka video

हर आसन की तरह शवासन के भी कई लाभ होते हैं। उनमें से कुछ हैं यह:

  1. मस्तिष्क को शांत करता है और तनाव और हल्के अवसाद से राहत पाने में मदद करता है।
  2. शवासन पूरे शरीर को आराम देता है।
  3. सिरदर्दथकान, और अनिद्रा के लिए चिकित्सिए है शवासन। (और पढ़ें – सिर दर्द का देसी इलाज​)
  4. रक्तचाप कम करने में मदद करता है।
  5. एकाग्रता और याददाश्त में सुधार लाता है। (और पढ़ें - याददाश्त बढ़ाने के घरेलू उपाय)

शवासन करने से पहले आप कोई भी आसन कर सकते हैं। यह आपके हर योग अभ्यास का अंत होना चाहिए।

शवासन करने का तरीका हम यहाँ विस्तार से दे रहे हैं, इसे ध्यानपूर्वक पढ़ें।

  1. दंडासन में बैठ जायें। हल्का सा हाथों से ज़मीन को दबाते हुए, और साँस अंदर लेते हुए रीढ़ की हड्डी को लंबा करने की कोशिश करें।
  2. अब सीधा कमर के बल लेट जायें। पैरों में 2 फुट तक का फासला रखें। बाज़ुओं को धड़ से 45 डिग्री तक रखें। हथेलियन छत की तरफ होनी चाहिए।
  3. आँखें बंद रखिए।
  4. शवासन में सोना नहीं है। बस संपूर्ण शरीर और दिमाग़ को आराम देना है।
  5. कोशिश करें की आपकी श्वास एकदम शांत और धीमी हो जाए। जितनी श्वास शांत और धीमी हो जाएगी, उतना आप रिलॅक्स महसूस करेंगे।
  6. शवासन में 5 से 10 मिनिट तक रहें।
  7. शवासन से बहार निकालने के लिए साँस पर ध्यान केंद्रित करें। हल्का से पैरों और हाथों की उंगलियों को हिलाना शुरू करें, फिर कलियों को घुमायें। अब हाथ उपर उठा कर पुर शरीर को स्ट्रेच करें और धीरे से उठ कर सुखासन में बैठ जायें।

अगर कमर में चोट हो तो उसे जैसा ज़रुरी हो सहारा दें (टाँगों को मोड़ कर रख सकते हैं)।

शवासन कोई भी कर सकता है।

शवासन करने के बाद आप कोई भी आसन ना करें। यह आपके हर योग अभ्यास का अंत होना चाहिए।

शवासन को ठीक से करने के लिए यह वीडियो ध्यान से देखें।

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