महिलाओं की ओवरी में हजारों संख्या में छोटी-छोटी द्रव से भरी थैलियां होती हैं. इन द्रव से भरी थैलियों को फॉलिकल्स कहा जाता है. इन्हीं थैलियों में अंडे विकसित होते हैं. मासिक धर्म चक्र के शुरुआत में बहुत से फॉलिकल्स विकसित होना शुरू होते हैं, लेकिन पीरियड्स सर्कल के मध्यावस्था में सिर्फ 1 ही फॉलिकल परिपक्व होता है. इसे डॉमिनेंट फॉलिकल के नाम से जाना जाता है.

ऐसे में यह साफ है कि फॉलिकल्स महिलाओं के प्रजनन के लिए काफी अहम है. अगर इसमें किसी तरह की परेशानी हो, तो उनकी प्रजनन क्षमता पर असर पड़ सकता है.

आज हम इस लेख में फॉलिकल्स के बारे में विस्तार से जानेंगे -

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  1. फॉलिकल्स क्या है?
  2. एक फॉलिकल में कितने अंडे होते हैं?
  3. हर महीने कितने फॉलिकल्स परिपक्व होते हैं?
  4. फॉलिकल्स के बारे में जानना क्यों जरूरी है?
  5. अंडाशय में कितने फॉलिकल्स होना है सामान्य?
  6. फॉलिकल्स में अंडाणु कितनी तेजी से बढ़ते हैं?
  7. ओवुलेशन के लिए फॉलिकल्स का साइज
  8. सारांश
फॉलिकल्स के डॉक्टर

फॉलिकल्स महिलाओं के अंडाशय में तरल पदार्थों से भरी एक छोटी-सी थैली होती है, जिसमें विकासशील अंडे मौजूद होते हैं. प्यूबर्टी के शुरुआती अवस्था में महिलाओं के शरीर में लगभग 3 लाख से 4 लाख तक अंडे होते हैं. प्रत्येक मासिक धर्म चक्र के दौरान कई फॉलिकल्स विकसित होना शुरू होते हैं, लेकिन माहवारी के मध्य में सिर्फ 1 ही फॉलिकल परिपक्व होता है यानि कई फॉलिकल्स इस दौरान परिपक्व नहीं हो पाते हैं.

माहवारी चक्र के मध्य में जब फॉलिकल परिपक्व हो जाता है और सही आकार में बढ़ जाता है, तो थैली (फॉलिकल) फट जाती है और अंडे को रिलीज कर देती है यानी अब यह अंडा निषेचित होने के लिए तैयार है. ऐसा आमतौर पर मासिक धर्म चक्र की शुरुआत के लगभग 14 दिन के बाद होता है.

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प्रत्येक फॉलिकल में एक अपरिपक्व अंडा या डिंब होता है, जिसे अंडाणु भी कहा जाता है. ध्यान रखें कि महिला के मासिक धर्म चक्र के शुरुआत में कई फॉलिकल्स विकसित होना शुरू होते हैं, लेकिन पीरियड्स सर्कल के मध्य में सिर्फ एक ही फॉलिकल विकसित यानी परिपक्व हो पाता है. इस विकसित फॉलिकल को डॉमिनेंट फॉलिकल के नाम से जाना जाता है.

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प्रत्येक मासिक धर्म चक्र के दौरान कई फॉलिकल्स परिपक्व होने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं, लेकिन आमतौर पर इनमें से केवल एक फॉलिकल परिपक्वता तक पहुंचता है. इसी कारण सिर्फ एक फॉलिकल यानी परिपक्वता तक पहुंचने वाले फॉलिकल को अगले चरण के लिए चुना जाता है. अगला चरण वह होता है, जिसमें अंडा रिलीज होने के लिए तैयार होता है. यह आमतौर पर मासिक धर्म चक्र के मध्य यानी लगभग 14 दिन में होता है.

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फॉलिकल्स का आकार और स्थिति, प्रजनन क्षमता और प्रजनन उपचार का आंकलन करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. एक महिला तब ही बच्चे को जन्म दे सकती है, जब फॉलिकल्स अंडे की आपूर्ति करता है. जब महिलाओं की पहली माहवारी शुरू होती है, तब सबसे पहले हेल्दी फॉलिकल का चयन किया जाता है.

ऐसा माना जाता है कि पहले मासिक धर्म में उच्च गुणवत्ता वाले फॉलिकल्स का चयन किया जाता है. इस वजह से अधिक उम्र की महिलाओं को गर्भवती होने में कठिनाई हो सकती है, क्योंकि उनके पास अच्छी गुणवत्ता वाले अंडे उपलब्ध नहीं होते हैं. इन्हीं कारणों से अधिक उम्र की महिलाओं में गर्भपात होने की दर भी अधिक रहती है.

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यह कहना मुश्किल है कि प्रत्येक अंडाशय में कितने फॉलिकल्स होना सामान्य है, क्योंकि अंडाशय में मौजूद सभी फॉलिकल्स को गिनना वास्तव में असंभव है. इसका कारण यह है कि प्राइमर्डियल फॉलिकल्स को नग्न आंखों से देखकर गिनना काफी मुश्किल हो सकता है. साथ ही किसी भी परीक्षण द्वारा इसकी गिनती करना मुश्किल है. हालांकि, प्रत्येक मासिक धर्म चक्र के साथ कई फॉलिकल्स विकसित होना शुरू होते हैं, जिसमें आमतौर पर केवल एक फॉलिकल ही अंडा रिलीज करता है. वहीं, अन्य फॉलिकल्स नष्ट हो जाते हैं.

एक बार जब प्राइमर्डियल फॉलिकल्स परिपक्वता की ओर बढ़ने लगता है, तो उन्हें एंट्रल फॉलिकल्स के रूप में जाना जाता है. एंट्रल फॉलिकल काउंट या बेसल एंट्रल फॉलिकल काउंट के जरिए उन फॉलिकल्स को गिना जा सकता है, जो परिपक्वता तक बढ़ने में सक्षम हैं. उन फॉलिकल्स को एक ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड स्कैन के माध्यम से मापा और गिना जाता है. एंट्रल फॉलिकल्स की संख्या हर महीने बदलती रहती है.

एंट्रल फॉलिकल काउंट 6-10 है, तो यह महिला के लिए पर्याप्त या सामान्य डिम्बग्रंथि रिजर्व माना जाता है. यदि यह संख्या 6 से कम है, तो डिम्बग्रंथि रिजर्व को कम माना जा सकता है. वहीं, उच्च रिजर्व 12 से अधिक है. बस ध्यान रखें कि यह परीक्षण महिला के अंडाशय में मौजूद फॉलिकल्स की कुल मात्रा नहीं दिखाते हैं.

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फॉलिकल्स अंडे को रिलीज करने से पहले कई महीनों तक विकसित होने में समय लगता है. फॉलिकल्स को अंडे का विकास करने के लिए विभिन्न चरणों से गुजरना होता है. ध्यान रखें कि एक महिला के जीवन काल में कई फॉलिकल्स विकसित होते हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर पूर्ण परिपक्वता तक नहीं पहुंचते. अंडे के परिपक्वता के दौरान कई फॉलिकल्स नष्ट हो जाते हैं.

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ओवुलेशन होने से पहले डॉमिनेंट फॉलिकल का औसत व्यास 22 से 24 मिमी होता है. डॉमिनेंट फॉलिकल का आकार और विकास सबसे तेज और बड़ा होता है. हालांकि, फॉलिकल के विकास का हमेशा यह मतलब नहीं होता है कि इसमें एक परिपक्व अंडा होता है.

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फॉलिकल्स महिलाओं के प्रजनन के लिए जरूरी माना जाता है. यह महिला की ओवरी में एक द्रव से भरी थैली होती है, जिसमें अंडाणु विकसित होते हैं. इसलिए, इसका हेल्दी होना जरूरी है. फॉलिकल्स के बिना किसी भी महिला का गर्भवती होना संभव नहीं है. पहले पीरियड्स में सबसे बेहतर गुणवत्ता वाले फॉलिकल्स होते हैं. ध्यान रखें कि अगर आपको गर्भावस्था या गर्भवती होने में किसी तरह की परेशानी हो रही है, तो यह फॉलिकल्स से भी जुड़ा हो सकता है. ऐसे में अपना समय पर इलाज कराएं. ताकि आगे आपको किसी तरह की परेशानी न हो.

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