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चतुरंग दंडासन का नाम तीन शब्दों के मेल से बना है: चतुर, अंग, और दण्ड। चतुर का मतलब चार, अंग यानी शरीर का हिस्सा, और दण्ड का मतलब है डंडा। चतुरंग दंडासन सूर्य नमस्कार A और सूर्य नमस्कार B का एक महत्वपूर्ण भाग है। इस आसन को हर किसी को करना चाहिए कोयोंकि यह आपको बहुत ताक़त प्रदान करता है।

आगे इस लेख में जानिए कि चतुरंग दंडासन कैसे करें, लाभ और इस आसन को करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। साथ ही इस लेख में हमने चतुरंग दंडासन का विडियो भी दिया गया है।

(और पढ़ें - मेडिटेशन के लाभ)

  1. चतुरंग दंडासन के फायदे - Chaturanga dandasana ke fayde
  2. चतुरंग दंडासन करने से पहले यह आसन करें - Chaturanga dandasana karne se pehle yeh aasan kare
  3. चतुरंग दंडासन करने का तरीका - Chaturanga dandasana karne ka tarika
  4. चतुरंग दंडासन का आसान तरीका - Chaturanga dandasana karne ka aasaan tarika
  5. चतुरंग दंडासन करने में क्या सावधानी बरती जाए - Chaturanga dandasana karne me kya savdhani barti jaye
  6. चतुरंग दंडासन करने के बाद आसन - Chaturanga dandasana karne ke baad aasan
  7. चतुरंग दंडासन का वीडियो - Chaturanga dandasana ka video

हर आसन की तरह चतुरंग दंडासन के भी कई लाभ होते हैं। उनमें से कुछ हैं यह:

  1. बाज़ुओं और कलाईयों को मज़बूत करता है।
  2. कंधों में ताक़त बढ़ाता है।
  3. एब्स को मज़बूत बनाता है जिस से पेट टोन हुआ लगता है।

चतुरंग दंडासन करने से पहले आप यह आसन कर सकते हैं।

  1. भुजंगासन (Bhujangasana or Cobra Pose)
  2. ऊर्ध्व मुख श्वानासन (Urdhva Mukha Svanasana or Upward-Facing Dog Pose)
  3. अधो मुख श्वानासन (Adho Mukha Svanasana or Downward-Facing Dog Pose)

चतुरंग दंडासन करने का तरीका हम यहाँ विस्तार से दे रहे हैं, इसे ध्यानपूर्वक पढ़ें।

  1. पहले अधो मुख श्वानासन और ऊर्ध्व मुख श्वानासन 1-2 बार कर लें इस से आपके बाज़ू और कंधे चतुरंग दंडासन के लिए तयार हो जाएँगे।
  2. पेट के बल ज़मीन पर लेट जायें।
  3. हाथों को आगे लाकर छाती के समीप, कंधों से तोड़ा सा पहले ज़मीन पर टीका लें।
  4. अब हाथों पर वज़न डाल कर उपर उठें। पैरों को उंगलियों के बल टिका लें। तब तक उपर आयें जब तक आपके फोर-आर्म और अप्पर-आर्म के बीचे में 90 डिग्री का कोण नहीं बन जाता।
  5. पीठ बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। अपनी एब्स को मज़बूत रखें ताकि वा भी आपका वज़न उठा रही हों। सारा वज़न बाज़ू और कंधों पर नहीं होना चाहिए।
  6. सिर को शरीर की सिधाई में रखें और आगे की ओर देखें। हो सके तो नज़र को फिर नाक पर केंद्रित करें।
  7. कुल मिला कर पाँच बार साँस अंदर लें और बाहर छोड़ें ताकि आप आसन में 30 से 60 सेकेंड तक रह सकें। धीरे धीरे जैसे आपके शरीर में ताक़त और लचीलापन बढ़ने लगे, आप समय बढ़ा सकते हैं — 90 सेकेंड से ज़्यादा ना करें। अगर इतना ना हो तो जितना हो सके उतना करें।

अगर आप शरीर को ज़मीन से उपर ना रोक पायें तो घुटनों को ज़मीन पर टीका लें।

  1. अगर आपकी कलाईयों, कोहनियों या कंधों में चोट या दर्द हो तो चतुरंग दंडासन ना करें।
  2. अगर आप गर्भवती हो तो यह आसान ना करें।

चतुरंग दंडासन करने के बाद आप यह आसन कर सकते हैं।

  1. भुजंगासन (Bhujangasana or Cobra Pose)
  2. ऊर्ध्व मुख श्वानासन (Urdhva Mukha Svanasana or Upward-Facing Dog Pose)
  3. अधो मुख श्वानासन (Adho Mukha Svanasana or Downward-Facing Dog Pose)

चतुरंग दंडासन को ठीक से करने के लिए यह वीडियो ध्यान से देखें। इस वीडियो में संचारक ने एक टाँग हवा में कर ली है लेकिन आप दोनो पैरों को ज़मीन पर ही टीका कर रखें।

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