शून्य का मतलब होता है आकाश। हमारी मध्यमा उंगली आकाश से संबंध रखती है। इस योग मुद्रा को करने से हमारे शरीर के तत्वों में संतुलन बना रहता है। शून्य मुद्रा हमारी सुनने की क्षमता को बढ़ाती है। इस मुद्रा को करने से मन को बेहद शांति और सुकून मिलता है। इस मुद्रा को 'मुद्रा फॉर हेवन' भी कहा जाता है।

इस लेख में शून्य मुद्रा के फायदे और उसे कैसे किया जाता है इस बारे में गया है, साथ ही इसमें जरूरी सावधानियों से जुड़ी जानकारी भी दी गई है। लेख के अंत में एक वीडियो भी शेयर किया गया है।

(और पढ़ें - कम सुनने के उपाय)

  1. शून्य मुद्रा के फायदे - Shunya Mudra ke fayde in Hindi
  2. शून्य मुद्रा करने का तरीका - Shunya Mudra karne ke tarike in Hindi
  3. शून्य मुद्रा करने में क्या सावधानी बरती जाए - Shunya Mudra me kya savdhaniya barte in Hindi
  4. शून्य मुद्रा का वीडियो - Shunya Mudra Video in Hindi

शून्य योग मुद्रा के लाभ कुछ इस प्रकार हैं –

  1. यह मुद्रा सुनने से जुड़ी समस्याओं का इलाज करती है। (और पढ़ें - बहरापन का इलाज)
  2. शून्य योग मुद्रा टिनिटस को ठीक करने के लिए बहुत ही बेहतरीन मुद्रा है।
  3. इस मुद्रा को रोजाना करने से यात्रा में होने वाली परेशानी से छुटकारा मिलती है। (और पढ़ें - प्रेगनेंसी में यात्रा करना चाहिए)
  4. यह मुद्रा थायराइड से निजात दिलाने में मदद करती है। (और पढ़ें - थायराइड में परहेज
  5. यह मुद्रा शरीर में कही भी सूजन से आराम दिलाती है।

(और पढ़ें - सूजन कम करने के तरीके)

शून्य मुद्रा करने का तरीका हम यहाँ विस्तार से बता रहे हैं, इसे ध्यानपूर्वक पढ़ें –

  1. सबसे पहले किसी आरामदायक आसन में बैठ जाएं।
  2. फिर आंखों को बंद कर लें।
  3. अब अपने दोनों हाथों की बीच की उंगली को अंगूठे के निचले क्षेत्र पर लगाएं।
  4. लगाने के बाद अंगूठे से उंगली को हल्का दबाएं।
  5. अन्य उंगलियों को थोड़ा झुकाकर रखें।
  6. इस मुद्रा को पांच से दस मिनट के लिए बनाये रखें।

(और पढ़ें - ध्यान लगाने की विधि)

शून्य मुद्रा को करने से अगर आपकी सभी बीमारियां ठीक हो जाएं, तो फिर इस मुद्रा को करना बंद कर दें।

(और पढ़ें - बीमारियों का इलाज)

cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ