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सुनने की इन्द्री हमारी पाँच इंद्रियों में से एक है। इससे हमें अपने आसपास की दुनिया को बेहतर तरीके से समझने की क्षमता मिलती है। अगर कोई अपने सुनने की क्षमता खो दे तो उसे अपने जीवन में अधूरापन लगता है। दुनिया भर में लाखों लोगों में कम सुनने की समस्या एक आम बात है। पूरी तरह बहरेपन की समस्या से पीड़ित लोगों को चिकित्सा की आवश्यकता है। लेकिन अगर कोई कम सुनने की समस्या का अनुभव कर रहा है तो उसे चिकित्सक देखभाल से पहले घरेलू उपचार करने चाहिए जो आपकी कम सुनने की समस्या के लिए बहुत ही लाभदायक हो सकते हैं। आइए आज हम आप को कुछ ऐसे ही घरेलू उपचारों के बारे में बताते हैं जो आपको कम सुनने की समस्या से छुटकारा दिलाएँगे।

  1. सुनने में परेशानी को दूर करता है प्याज - Bahrapan dur kare onion se
  2. सुनने की क्षमता को बढ़ाता है बादाम - Bahrapan dur karne ka upay hai almond oil
  3. सुनने की योग्यता को अच्छा करता है सरसों का तेल - Bahrapan ka gharelu upay hai mustard oil
  4. सुनने की प्रक्रिया को सुधारता है सेब का सिरका - Kam sunne ka upay hai apple cider vinegar
  5. बहरापन दूर करने का उपाय है दालचीनी और शहद - Sunne ki kriya sudharta hai honey and cinnamon
  6. कान का बहरापन दूर करने का उपाय है टी ट्री आयल - Sunne ki shamta tej karta hai Tea tree oil
  7. कान से कम सुनाई देने का उपाय करें एक्यूप्रेशर से - Sunne ki shakti badhane ka upay hai acupressure
  8. सुनने की शक्ति बढाने का उपाय है अदरक - Sunne ki shakti badhaye Garlic se
  9. बहरापन दूर करने के उपाय में उपयोग करें लहसुन - Kan se kam sunne ka upay hai garli
  10. कान से कम सुनाई देना ठीक करता है नीम तेल - Bahrapan se bachne ka tarika neem oil
  11. सुनने की शक्ति बढ़ाएं है मर्जोरम से - Behre pan se chutkara dilata hai marjoram
  12. कान का बहरापन दूर करें अश्वगंधा से - Behre pan ka bachne ka desi tarika hai ashwagandha

प्याज एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) गुणों से समृद्ध है जो कम सुनने की समस्या में काफी प्रभावी है। यह रिसर्च द्वारा प्रमाणित किया गया है। आप अपने आहार में प्याज को शामिल करें। वैकल्पिक रूप से आप अगर चाहें तो गर्म प्याज का उपयोग भी कर सकते हैं। इसे एक मोटे कपड़े में रखकर प्याज को 15 मिनट के लिए गर्म कीजिए और उसे 5 मिनट के लिए अपने कानों पर रखिए, ऐसा प्रतिदिन कीजिए। (और पढ़ें – हरे प्याज के फायदे)

बादाम खासकर कड़वे बादाम (bitter almonds) सुनने की क्षमता को बढ़ाने के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। यह कई लोगों द्वारा प्रमाणित किया गया है कि उन्होंने बादाम का प्रयोग किया और उनके सुनने की समस्या में महत्वपूर्ण सुधार हुआ। इसके लिए आप बादाम का सेवन करें या फिर कड़वे बादाम का तेल अपने कानों में प्रतिदिन दो बार डालें। (और पढ़ें – बादाम खाने का सही तरीका क्या है)

सरसों का तेल भी कम सुनने की समस्या में बहुत उपयोगी है। इसके लिए आप सरसों के तेल में शहद को मिलाकर प्रत्येक दिन तीन बार दो से तीन बूंद अपने कानों में डालें। इसमें सुनने की क्षमता में सुधार होगा।

(और पढ़ें – सरसों के तेल के फायदे और नुकसान)

सेब का सिरका स्वस्थ पोषक तत्वों जैसे मैग्नीशियम और जिंक से भरा हुआ है जो कानों की कम सुनने को क्षमता और कामकाज के लिए फायदेमंद है। इसके लिए आप एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद और एक बड़ा चम्मच सेब का सिरका (ACV) मिलाकर प्रतिदिन दो बार पिएं।

(और पढ़ें – साइनस का देसी इलाज है सेब का सिरका)

दालचीनी और शहद का एक साथ उपयोग काफी फायदेमंद होता है। यह आपके कम सुनने की समस्या में बहुत लाभदायक है। इसके लिए आप एक गिलास पानी में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी मिलाकर प्रतिदिन सुबह सुबह पिएं। आप दालचीनी के तेल को भी रात को सोने से पहले अपने कानों में डालें।

(और पढ़ें – क्या शहद और गर्म पानी पीने से हो सकता है मोटापा कम?)

कम सुनने की समस्या के उपचार में टी ट्री आयल (Tea tree oil) काफी उपयोगी होता है। टी ट्री आयल की मालिश रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाने में मदद करती है। आप अपने कानों में टी ट्री आयल की कुछ बूंदे प्रतिदिन दो बार डालें। यह आपके सुनने की समस्या को दूर करेगा। (और पढ़ें – बालों से रूसी हटाने का उपाय टी ट्री आयल से करे)

हमारे गुर्दे और कान के बीच एक लिंक होता है। सुनने की क्षमता को बढ़ाने के लिए एक्यूप्रेशर तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए आप अपने कानों के ऊपरी भाग को दो अंगुलियों के सहारे धीरे-धीरे मोड़ें ऐसा कम से कम 50 बार करें। 

(और पढ़ें – जानिए कैसे करता है एक्युप्रेशर कई बीमारियों का निवारण)

अदरक सबसे उपयोगी जड़ी बूटियों में से एक है। इसका उपयोग कई रोगों के इलाज में किया जाता है। कम सुनने की समस्या या बहरेपन के उपचार में भी यह फायदेमंद है। इसके लिए आप एक गिलास पानी में अदरक को 5 मिनट के लिए उबाल कर प्रतिदिन तीन बार अदरक की चाय का सेवन करें या फिर आप अदरक के रस में बराबर मात्रा में शहद मिलाकर कुछ बूंदे प्रतिदिन दो बार अपने कानों में डालें।

(और पढ़ें – अदरक की चाय के फायदे)

सुनने की हानि सहित कान की अन्य समस्याओं के उपचार में लहसुन बहुत उपयोगी हैI आप लहसुन का उपयोग कई तरह से कर सकते हैं। इसके लिए आप लहसुन के तेल की दो से तीन बूंद प्रतिदिन अपने कानों में डालें या आप अपने आहार में लहसुन का सेवन करें। आप रोज सुबह 2-3 लहसुन की कली खा सकते हैं जो आपके लिए काफी फायदेमंद होगा।

(और पढ़ें – वजन कम करने में है लाजवाब लहसुन)

कानों के संक्रमण के उपचार और सुनने की क्षमता में सुधार करने में नीम काफी उपयोगी होता है। नीम तेल का उपयोग आप अपने कानों में ड्रॉप के रूप में कर सकते हैं। इसके लिए हर दिन दो से तीन बूंद नीम का तेल अपने कानों में डालें। आप नीम के पत्तों का उपयोग भी कर सकते हैं। इसके लिए नीम के पत्तों को 10 मिनट के लिए पानी में उबालें और अपने कान धोने के लिए इसका इस्तेमाल करें। (और पढ़ें – मीठी नीम के लाभ त्वचा के लिए)

मर्जोरम को मारवा या कुतुरा के रूप में जाना जाता है। मर्जोरम का उपयोग कानों में रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मदद करता है। सुनने की समस्या में यह बहुत लाभदायक है। मर्जोरम की सूखी जड़ी बूटी को एक गिलास पानी में 5 मिनट के लिए उबाल लें। फिर इसका प्रतिदिन दो बार सेवन करें। इस जड़ीबूटी का अधिक सेवन बिलकुल ना करें।

कम सुनने की समस्या में अश्वगंधा काफी अच्छी होती है। अश्वगंधा हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ-साथ पूरे स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी है। अश्वगंधा के हमारे शरीर के लिए कई लाभ हैं जो इसे बहुत उपयोगी बनाते हैं। आप हर दिन एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर गर्म पानी या दूध के साथ ले सकते हैं। (और पढ़ें – मानसिक तनाव से मुक्ति के उपाय करें अश्वगंधा जड़ से)

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