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थायराइड गर्दन के निचले हिस्से के बीच में तितली के आकार की एक छोटी सी ग्रंथि होती है जो शरीर के मेटाबॉल्जिम को नियंत्रित करती है। हम जो भी खाते हैं, यह ग्रंथि उस भोजन को उर्जा में बदलने का काम करती है। इसके साथ ही यह हृदय, मांसपेशियों, हड्डियों व कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करती है। आज थायराइड की समस्या से बहुत लोग परेशान हैं।  हांलाकि ,थायराइड को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल नहीं है। लेकिन आप केवल अपने डाइट प्लान में परिवर्तन लाकर थायराइड के स्तर को सामान्य नहीं बना सकते हैं। इसलिए आपको इस बात का भी पता होना चाहिए कि थायराइड कम हो तो क्या खाना चाहिए और क्या नहीं एवं थायराइड अधिक हो तो क्या खाएं और क्या नहीं।

(और पढ़ें - थायराइड कम करने के उपाय)

  1. थायराइड कम हो तो क्या खाना चाहिए - What to eat if Thyroid is low in Hindi
  2. थायराइड कम हो तो क्या न खाएं - Do not eat if your thyroid is low in Hindi
  3. थायराइड बढ़ने पर क्या खाएं - What to eat if Thyroid is high in Hindi
  4. थायराइड बढ़ने पर क्या नहीं खाना चाहिए - Do not eat if Thyroid is high in Hindi
  5. थायराइड रोगियों के लिए जूस - Juices for thyroid patients in Hindi

थायराइड कम हो तो खाएं अनाज -

थायराइड की समस्या में पूरे दिन में 200 से 300 ग्राम अनाज खाना चाहिए। साबुत अनाज थायराइड की समस्या में बहुत फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ कब्ज की समस्या से राहत दिलाते हैं और वजन कम करने में भी मदद करते हैं। ओट्स, दलिया, उपमा, ब्राउन राइस, ब्लैक राइस, रोटी, दूध, बाजरा, सलाद जैसे अनाज खाएं।

(और पढ़ें - वजन कम करने के लिए क्या खाएं)

थायराइड कम हो तो खाएं प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ -

दाल में बहुत कम मात्रा में वसा और अधिक मात्रा में प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। अधिक प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ थायराइड हार्मोन्स के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा यह थकान और वजन दोनों को कम करने में भी मदद करते हैं। मूंग दाल, राजमा, काबली चना, मोठ दाल और चना प्रोटीन के बहुत अच्छे स्त्रोत हैं। डॉक्टर के सलाह के अनुसार एक दिन में 60 से 70 ग्राम प्रोटीन खाना चाहिए। 

(और पढ़ें - एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोजन)

थायराइड कम हो तो खाएं सूखेमेवे और बीज

अखरोट में ओमेगा-3 एसिड पाया जाता है, जो शरीर की थकान, रोग प्रतिरोधक क्षमता और दिमाग की कोशिकाओं को मजबूत बनाता है। सूखे मेवे में अधिक मात्रा में सेलेनियम पाया जाता है, जो थायराइड ग्रन्थिं को उत्तेजित करने में मदद करता है। इसलिए सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थ जैसे अखरोट, सूरजमुखी के बीज आदि खाएं। एक दिन में 2 से 3 सूखे मेवे से ज्यादा न खाएं क्योंकि इनमें बहुत अधिक फैट होता है और अधिक फैट थायराइड की समस्या को बढ़ाता है। इसके अलावा मांसाहारी लोग ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए मछली खा सकते हैं। सैल्मन, टूना, सारडाइन (एक प्रकार की मछलियां) इनमें बहुत अधिक मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। हाइपोथायरायडिज्म की वजह से शरीर में सूजन की समस्या होती है, मछली की तेल इसे ठीक करने में मदद करता है। इसके अलावा ये रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है।

(और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाएं)

थायराइड कम हो तो खाएं वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट -

दूध और दूध से बने सामग्रियों में अधिक मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन मौजूद होते हैं। जब शरीर में थायराइड कम हो जाती है, तो इन खाद्य पदार्थों को खाने से थायराइड के स्तर को सामान्य बनाने में मदद मिलती है। कैल्शियम आपके मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और प्रोटीन थाइराइड हार्मोन्स को पूरे शरीर में पहुंचाने में मदद करता है। इसलिए कम वसा वाले दूध, छाछ, दही और पनीर खाएं। इन खाद्य पदार्थों को एक दिन में 300 से 350 ग्राम से अधिक न खाएं।

(और पढ़ें -  डेयरी प्रोडक्ट के फायदे)

थायराइड कम हो तो खाएं फल और सब्जियां -

एन्टीऑक्सीडेंट से भरपूर सब्जियां और फल शरीर के तनाव को कम करते हैं और त्वचा को भी स्वस्थ रखते हैं। इसके साथ ही साथ ये रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और हाइपोथायरायडिज्म की समस्या को भी कम करते हैं। रोजाना कम से कम 500 से 600 ग्राम सब्जी और फल खाना चाहिए। इन्हें आप सलाद सूप, जूस या उबाकर या डेटॉक्स वॉटर के रूप में ले सकते हैं। इसके अलावा गाजर, टमाटर, एवोकाडो, ककड़ी, शिमला मिर्च, मशरूम, चुकंदर, आलू, कद्दू, प्याज, ब्लूबेरी और लाल शिमला मिर्च आदि सब्जियों को खाएं। इसके साथ ही साथ सेब, चेरी, अंगूर, कीवी, पपीता जैसे फलों को भी खाएं। थायराइड की समस्या में सब्जियों के साथ-साथ आपको मिर्च, लहसुन, दालचीनी, हल्दी, अजमोद जैसी जड़ी-बूटियां भी खाना चाहिए। ये आपके पाचन क्रिया को बढ़ाने में मदद करते हैं।

(और पढ़ें - पाचन क्रिया बढाने के उपाय)

थायराइड कम हो तो खाएं आयोडीन युक्त नमक -

थायराइड कम हो तो आयोडीन युक्त नमक खाना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना कि प्रतिग्राम नमक में 30 प्रतिशत आयोडीन की आवश्यकता होती है। यह आयोडीन युक्त नमक का सही उपयोग करने का सबसे अच्छा तरीका है।

(और पढ़ें - सेंधा नमक खाने के फायदे)

थायराइड कम हो तो न खाएं सोयाबीन -

एक अध्ययन के अनुसार सोनाबीन और सोया युक्त खाद्य पदार्थों में फयटोएस्ट्रोजन पाया जाता, जो थाइराइड हार्मोंस निर्माण करने वाले एंजाइम की गतिविधियों को रोकता है। इसलिए सोयाबीन या सोया युक्त खाद्य पदार्थों को नहीं खाना चाहिए। एक रिसर्च में यह बात भी सामने आई है कि जो महिलाएं सोयाबीन खाती हैं, उनमें हाइपोथायरायडिज्म विकसित होने की संभावना तीन गुना ज्यादा हो जाती है।

(और पढ़ें - सोयाबीन दूध के फायदे)

थायराइड कम हो तो न खाएं अधिक फैट वाले खाद्य पदार्थ -

खराब फैट, संतृप्त फैटी एसिड में बदल जाता है और शरीर की थायराइड हार्मोन्स के अवशोषण करने की क्षमता को खत्म कर देता है। इसके अलावा वसा भी थायराइड ग्रन्थि से निकलने वाले हार्मोन्स को प्रभावित करता है। चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, फ्राइ किया हुआ चिकन, बटर, मेयोनेज, पास्ता, ब्रेड, बर्गर, डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ, जेली, पेस्ट्री, जैम और अधिक वसा वाले डेरी उत्पादों को नहीं खाना चाहिए।

(और पढ़ें - महिलाओं के लिए हार्मोन का महत्व)

थायराइड कम हो तो न खाएं प्रोसेस्ड फूड

थायराइड कम होने की समस्या में पोसेस्ड फूड नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसमें सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है। सोडियम हाइपोथायरायडिज्म या थायराइड की कमी वाले रोगियों के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है। प्रोसेस्ड फूड कुकीज, केक, पास्ता और ब्रेड को खाने से न केवल ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता है बल्कि ब्लड प्रेशर की समस्या भी होती है। इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि जो लोग हाई बीपी से ग्रसित हैं, उन लोगों को एक दिन में 1.5 ग्राम से अधिक सोडियम नहीं खाना चाहिए।

(और पढ़ें - शुगर कम करने के उपाय)

थायराइड कम हो तो शराब और कैफीन का सेवन न करें -

शराब, थायराइड ग्रंन्थि और शरीर में थायराइइड के स्तर इन दोनों को प्रभावित करता है। इसके अलवा यह शरीर की थायराइड के अवशोषण क्षमता को भी कम करता है। इसलिए थायराइड की समस्या में शराब बिल्कुल बिल्कुल नहीं पीना चाहिए। इसके अलवा कैफीन भी थायराइड की समस्या में बेहद नुकसानदायक है। कैफीन, थायराइड की दवाईयों के प्रभाव को भी कम करता है। इसलिए कॉफी, शराब, सॉफ्ट ड्रिंक और  कैफीन जैसे पेय पदार्थ थायराइड कम होने पर नहीं पीना चाहिए।

(और पढ़ें - शराब छुड़ाने के घरेलू नुस्खे)

थायराइड कम हो तो पत्तिदार सब्जियां न खाएं -

पत्तिदार सब्जियां जैसे ब्रोकली, पत्ता गोभी, पालक, शकरकंद आदि में फाइबर की बहुत अधिक मात्रा होती है। यह थायराइड हार्मोन्स के स्त्राव को प्रभावित करते हैं। खासकर उन लोगो को बिल्कुल नहीं खाना चाहिए जिन लोगों में आयोडीन की कमी होती है। अधिक फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ थायराइड की दवाईयों के अवशोषण को भी प्रभावित करते हैं।

(और पढ़ें - एचसीजी हार्मोन क्या है)

थायराइड कम हो तो न खाएं चीनी युक्त खाद्य पदार्थ -

हाइपोथायरायडिज्म की समस्या आपके पाचन क्रिया को प्रभावित करता है, जिसकी वजह से आपका वजन बढ़ता है। इसलिए हाइपोथायरायडिज्म से ग्रसित लोगों को शुगर और फैट वाले खाद्य सामग्रियों से बहुत ज्यादा परहेज करना चाहिए। इसके  अलावा हाइपोथायरायडिज्म के रोगियों को शुगर रहित आहार खाना चाहिए क्योंकि शुगर में बहुत अधिक कैलोरी होती है और किसी भी प्रकार के पोषक तत्व नहीं होते हैं।

(और पढ़ें - खाने में कितनी कैलोरी होती हैं)

आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि जो खाद्य सामग्री हाइपोथायरायडिज्म की समस्या में हानिकारक है वो हाइपर्थाइराइडिज्म की समस्या में लाभदायक हो सकते हैं। तो आइए जानते हैं थायराइड अधिक हो तो क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। 

थायराइड अधिक हो तो खाएं ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ -

ओमेगा-3 फैटी हाइपर्थाइराइडिज्म को नियंत्रित करने में बहुत उपयोगी है। आप इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि मानव शरीर अपने आप पोषक तत्व का उत्पादन नहीं कर सकता है, इसलिए आपको भोजन के साथ-साथ पूरक आहार की आवश्यकता होती है। ये शरीर में थायराइड के स्तर को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है। मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड का सबसे अच्छा स्त्रोत है। लेकिन शाकाहारी लोग ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए जैतून का तेल और अलसी के बीज खा सकते हैं।

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थायराइड अधिक हो तो खाएं विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ -

आपके शरीर में हड्डियों का निर्माण होना और नष्ट होना लगातार जारी रहता है। पुरानी हड्डियां नष्ट होती हैं और नई हड्डियों का निर्माण होता रहता है। लेकिन जब हड्डियों के निर्माण और नष्ट होने की प्रक्रिया असंतुलित हो जाती है, तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। विटामिन डी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। विटामिन डी के लिए उबले हुए दूध (पाश्चराइज्ड दूध), फैटी एसिड वाली मछलियां। यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

(और पढ़ें - हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए जूस)

थायराइड कम हो तो खाएं अधिक प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ -

प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ हाइपर्थाइराइडिज्म की समस्या को ठीक करने में मदद करता है। असामान्य रूप से वजन घटना हाइपर्थाइराइडिज्म का सामान्य लक्षण है। इसलिए शरीर के वजन को संतुलिन बनाए रखने के लिए और मांसपेशियों के निर्माण के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन खाना बेहद आवश्यक होता है। चिकन, मछलियां और अंडे खाना चाहिए। इसके अलावा शाकाहारी लोग प्रोटीन के लिए बीन्स, मसूर की दाल और सूखे मेवे खाना चाहिए। हाइपर्थाइराइडिज्म की समस्या में अपने हर आहार में प्रोटीन युक्त आहार खाएं।

(और पढ़ें - वजन बढ़ाने के तरीके)

थायराइड अधिक हो तो खाएं डेरी प्रोडक्ट -

हाइपर्थाइराइडिज्म की समस्या का इलाज भले ही दवाई के माध्यम से किया जा रहा हो लेकिन हड्डियों के निर्माण के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है। इसलिए डेरी उत्पादों को खाना चाहिए। डेरी उत्पाद में दूध, पनीर और दही कैल्शियम के बेहतर स्त्रोत हैं। इसके अलावा जिन लोगों को लैक्टोज से एलर्जी है वो लोग सोया मिल्क, साबुत अनाज और ब्रेड से कैल्शियम प्राप्त कर सकते हैं।

(और पढ़ें - एलर्जी के घरेलू उपाय)

थायराइड अधिक हो तो खाएं हरी पत्तिदार सब्जियां -

हरी पत्तिदार सब्जियां हाइपोथायरायडिज्म की समस्या में हानिकारक होते हैं, जबकि हाइपर्थाइराइडिज्म की समस्या में ये फायदेमंद होते हैं। सब्जियां जैसे फूल गोभी और ब्रोकली थायराइड हार्मोन्स के उत्पादन में मदद करते हैं और हाइपर्थाइराइडिज्म के लक्षणों को भी कम करते हैं। जिन लोगो को थायराइड अधिक होता है, उन लोगों को कम से कम एक बड़े चम्मच ब्रोकली की सब्जी रोजाना खाना चाहिए।

(और पढ़ें - उबली सब्जी खाने के फायदे)

थायराइड अधिक हो तो नहीं खाना चाहिए आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ -

हालांकि, आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ हाइपोथायरायडिज्म के लिए फायदेमंद होते हैं लेकिन हाइपरथायरायडिज्म की समस्या में इनका विपरीत प्रभाव पड़ता है। थायराइड ग्रन्थि आयोडीन के लिए बहुत अधिक संवेदनशील होता है। अधिक आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ थायराइड ग्रन्थि से थायरोक्सिन हार्मोन्स का अधिक उत्पादन करता है, जिससे  हाइपरथायरायडिज्म की समस्या बढ़ती है। इसलिए आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों से बचने के लिए नमक, प्रोसेस्ड फूड और तले हुए खाद्य पदार्थों को नहीं खाना चाहिए।

(और पढ़ें - ज्यादा नमक खाने के नुकसान)

थायराइड अधिक हो तो न खाएं कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ -

हाइपरथायरायडिज्म, कार्बोहाइड्रेट को पाचने और ब्लड शुगर के संतुलन को प्रभावित करता है, लेकिन कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह से खाना बंद न करें क्योंकि शरीर को अच्छी तरह से चलाने के लिए कार्बोहाइड्रेट उर्जा का मुख्य स्त्रोत होता है। इसलिए ऐसे कार्बोहाइड्रेट का चुनाव करना चाहिए, जो ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य बनाए रखें, क्योंकि थायराइड की समस्या में शुगर की बीमारी का खतरा हमेशा बना रहता है। इसलिए अधिक ग्लिसेमिक कार्बोहाइड्रेट जैसे व्हाइट आटा, शुगर युक्त खाद्य पदार्थों को नहीं खाना चाहिए। इसकी जगह पर फाइबर युक्त कार्बोहाइड्रेट्स जैसे अनाज, ओट्स, मसूर की दाल आदि खाएं।

(और पढ़ें - कम कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन)

थायराइड अधिक हो तो न खाएं एलर्जी वाले खाद्य पदार्थ -

आपको जिन खाद्य पदार्थों से एलर्जी हो, उन खाद्य पदार्थों को न खाएं। इससे हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण और बढ़ सकते हैं। इसके साथ ही साथ इससे अन्य बीमारियां उत्पन्न हो सकती है जैसे त्वचा पर चकत्ते, पेट दर्द, दस्त और सासों की समस्या आदि। इसके अलावा यह बीमारियों को ठीक होने में अधिक समय लगना जैसी समस्या को भी उत्पन्न करता है। इसलिए आपको जिन खाद्य पदार्थों से एलर्जी है, उनसे बचने के लिए ग्लूटन, सोया, मक्का और कृतिम खाद्य पदार्थों को खाना चाहिए। ग्लूटन रहित स्टार्च खाएं, यह आपको किस खाद्य पदार्थ से एलर्जी है और किस खाद्य पदार्थे से एलर्जी नहीं है इसका पता लगाने में मदद करेगा।

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थायराइड अधिक हो तो न खाएं हाइड्रोजनेटेड वेजिटेबल आयल -

हाइड्रोजनेटेड वेजिटेबल ऑयल को हाइपरथायरायडिज्म की समस्या में बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए। हाइड्रोजनीकरण प्रक्रिया में तेल को पचाना बेहद मुश्किल होता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों के रंग और स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

(और पढ़ें - सरसों के तेल के फायदे)

थायराइड अधिक हो तो नहीं खाना चाहिए कैफीन युक्त खाद्य पदार्थ -

कैफीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कॉफी, चाय, चॉकलेट, कोक आदि लेने से हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण और भी बढ़ते हैं जैसे घबराहट, चिंता, दिल की धड़कन तेज होना और वजन कम होना आदि। इसके अलावा ये मानसिक संतुलन, नींद और थायराइड की दवाओं को भी प्रभावित करते हैं।

(और पढ़ें - वजन कम करने के लिए भोजन)

गोभी पत्ते, अजवाइन और हरे सेब मिश्रित जूस - Cabbage leaves, celery and green apple mixed juice in Hindi

आज हम आप को हाइपो थायरायडिज्म में उपयोग करने के लिए जूस रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं। यह जूस सही खनिजों के साथ हाइपो थायरायडिज्म के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

गोभी पत्ते, अजवाइन और हरे सेब मिश्रित जूस सामग्री - 

(और पढ़ें - नींबू पानी के फायदे)

गोभी पत्ते, अजवाइन और हरे सेब का जूस बनाने की विधि -

  • सबसे पहले आप गोभी के पत्तों को धो लें। अब गोभी के पत्ते, अजवाइन, खीरा, हरे सेब और हरा धनिया को मिक्सर में डाल कर जूस बना लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकल कर नींबू डालें और मिला लें।
  • अब आप गोभी पत्ते, अजवाइन और हरे सेब मिश्रित जूस को पीयें। यह आप को हाइपो थायरायडिज्म में बहुत आराम देगा।

(और पढ़ें - थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन टेस्ट)

पत्ता गोभी, रोमेन सलाद, हरा सेब मिश्रित जूस - Cabbage, roman salad, green apple mixed juice in Hindi

पत्ता गोभी, हरी पत्तीदार सलाद, हरा सेब मिश्रित जूस यह सभी सक्रिय थायराइड के लिए फायदेमंद है। यह अधिक नमी उक्त सब्जियों का जूस है। जो थायराइड में काफी मदद करता हैं।

पत्ता गोभी, रोमेन सलाद, हरा सेब का जूस बनाने की सामग्री - 

  • एक चौथाई पत्ता गोभी
  • दो रोमेन सलाद (और पढ़ें - सलाद खाने के फायदे)
  • दो हरे सेब
  • चार डंठल अजवाइन
  • एक इंच ताजा अदरक
  • एक नींबू

(और पढ़ें - नींबू के तेल के फायदे)

पत्ता गोभी, रोमेन सलाद, हरा सेब का जूस बनाने की विधि -

  • सबसे पहले आप सभी को धो लें। अब पत्ता गोभी, रोमेन सलाद, हरे सेब, अजवाइन और अदरक को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकल कर नींबू डालें और मिला लें।
  • अब आप पत्ता गोभी, रोमेन सलाद, हरा सेब मिश्रित जूस का आनंद लें। यह आप को थाइराइड की दिक्कत से आराम देगा।

(और पढ़ें - थायराइड कैंसर का इलाज)

चुकंदर, गाजर, हरा सेब का जूस - Beetroot, carrot, green apple juice in Hindi

चुकंदर एंटी-इंफ्लेमेटरी सब्जी है, जिसका उपयोग जिगर के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। चुकंदर थाइराइड उपचार के लिए एक उत्कृष्ट भोजन है। चुकंदर का जूस जिगर की समस्या के साथ-साथ थाइराइड की समस्या में भी लाभदायक है।

चुकंदर, गाजर, हरा सेब का जूस बनाने की सामग्री - 

(और पढ़ें - गाजर का जूस पीने के फायदे)

चुकंदर, गाजर, हरा सेब का जूस बनाने की विधि - 

  • सबसे पहले आप सभी को धो लें। अब चुकंदर, गाजर, हरा सेब और अदरक को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकल कर नींबू डालें और मिला लें।
  • अब आप चुकंदर, गाजर, हरा सेब मिश्रित जूस का सेवन करें। यह जूस न केवल थाइराइड की दिक्कत से आराम देगा बल्कि, यह आप के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। अतः इस जूस का सेवन आप जरूर करें।

(और पढ़ें - थायराइड डाइट चार्ट)

खरबूजा और गाजर मिश्रण जूस - Melon and carrot mixed juice in Hindi

खरबूजा और गाजर मिश्रण जूस थायराइड में बहुत ही उपयोगी होता है। यह थायराइड से निजात दिलाने के लिए शरीर को जरूरी पोषण देता है। थायराइड के कारण शरीर में जो भी क्षति होती है, गाजर उन्हें पूरा करता है। अतः आप खरबूजा और गाजर मिश्रण जूस का उपयोग जरूर करें। यह जूस मीठा और स्वादिष्ट होता है।

खरबूजा और गाजर मिश्रण जूस बनाने की सामग्री - 

  • आधा खरबूजा
  • अठारह गाजर
  • एक कप ब्लूबेरी

खरबूजा और गाजर मिश्रण जूस बनाने की विधि - 

  • सबसे पहले आप खरबूजे को ऊपर से छील लें। फिर उस के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें।
  • अब खरबूजा, गाजर और ब्लूबेरी को मिक्सर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल लें।
  • अब आप खरबूजा और गाजर मिश्रण जूस को पी लें। यह आप को थाइराइड की दिक्कत से आराम दिलाएगा।

(और पढ़ें - थायराइड फंक्शन टेस्ट क्या है)

कीवी, नारंगी और तोरी मिश्रित जूस - Kiwi, orange and ridge gourd mixed juice in Hindi

कीवी में विटामिन ई और एंटीआक्सीडेंट्स की बड़ी मात्रा पायी जाती है और यह त्वचा की कोशिकाओं को लंबे समय तक ठीक रखता है और प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है। किवी पोषक तत्वों का समूह है। इसमें 27 से अधिक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। यह फ़ाइबर, विटामिन सी और ई, कैरोटेनाइड्स, एंटीआक्सीडेंट्स और कई प्रकार के मिनिरल्स से भरपूर है। यह हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। किवी में मौजूद फ़ाइबर शरीर का पाचन तंत्र ठीक रखने में सहायता प्रदान करता है। विशेष कर क़ब्ज़ की समस्या में इसका सेवन बहुत लाभदायक है। अतः कीवी, नारंगी और तोरी मिश्रित जूस थायराइड के बहुत ही फायदेमंद है।

कीवी, नारंगी और तोरी मिश्रित जूस बनाने की सामग्री - 

(और पढ़ें - लेमन टी के फायदे)

कीवी, नारंगी और तोरी मिश्रित जूस बनाने की विधि - 

  • कीवी, नारंगी, चकोतरे और तोरी को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलाश में निकाल कर नींबू डालें और इस कीवी, नारंगी और तोरी मिश्रित जूस का सेवन करें।
  • यह जूस कीवी, नारंगी मिश्रित है। यह ना केवल थाइराइड की दिक्कत से आराम देगा, बल्कि यह आप के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। अतः इस जूस का सेवन आप जरूर करें।
  • यह कीवी मिश्रित जूस मीठा और स्वादिष्ट होता है। इसका स्वाद आप को जरूर पसंद आएगा।

(और पढ़ें - पथरी में क्या खाना चाहिए)

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