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जब हम अपनी दुविधाओं के बारे में डायरी में लिखते है तो यह हमें समानार्थक बनाता है। हालांकि हम में से बहुत से लोग इस आदत को छोड़ देते हैं क्योंकि हम वयस्कता में इसे आसान समझते हैं। पर डायरी लिखने के बहुत सारे फायदें है। इसे जर्नलिंग भी कहा जाता है। 

तो चलिए जानते हैं डायरी लिखना किस तरह हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है 

  1. डायरी लिखने के फायदे लक्ष्य पूरा करने में - Journaling to achieve goals in hindi
  2. डायरी लेखन का महत्व दूसरों को समझने में - Journal of psychology emotional intelligence in hindi
  3. लिखने का महत्व करे भावनात्मक उपचार - Journaling prompts for emotional healing in hindi
  4. डायरी लिखने के लाभ सोच को बढ़ाने में - Diary likhne ke fayde for sparking creativity in hindi
  5. डायरी लिखने के गुण बढ़ाए आत्मसम्मान - Journaling to boost self esteem in hindi
  6. जर्नलिंग के फायदे चीजों को याद रखने के लिए - Journaling to remember in hindi

जब आप अपने लक्ष्यों के बारे में डायरी में लिखते हैं तो यह आपका दिमाग आपके लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संकेत भेजता है। अतः आप आने लक्ष्य को पाने के लिए हर वो जरूरी तरीकों के बारे में सोचने लगते हैं जिससे आप अपने लक्ष्य को पा सकें। जितना अधिक आप अपने लक्ष्यों के बारे में लिखोगे आपके दिमाग में मनोवैज्ञानिक ब्लूप्रिंट बनेंगे और उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करने की आपकी संभावना बनेगी। (और पढ़ें – बुद्धि बढ़ाने का तरीका जाने इस हिन्दी वीडियो में)

जब आप डायरी में अपनी भावनाओं को लिखते हैं तो खुद को अच्छी तरह समझ पाते हैं। जब आप खुद को समझने लगते हैं तो अपने आस-पास के लोगों की भावनाओं को भी समझने लगते हैं। आपको खुद को समझने के साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों को समझने और प्रबंधित करने की यह क्षमता दूसरों के साथ आपके रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद करती है। (और पढ़ें – आपके शौक सिर्फ आपका मनोरंजन ही नहीं करते, ये आपके स्वास्थ्य को भी सुधारते हैं)

डायरी में भावनात्मक बातों को लिखने से तनाव, चिंता को कम करने और बेहतर नींद पाने में मदद मिलती है क्योंकि भावपूर्ण लेख भावनात्मक, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक उपचार के रूप में काम करता है। जब आप अपनी भावनाओं को लिखते हैं तो आप कुछ ऐसी भाषा के अनुवाद करने में सक्षम होते हैं जो चीजों को समझने में आसान बनाती है। इस तरह आप अपने विचारों के उलझन से भी मुक्त हो जायेंगे। लंबे समय से स्थापित किया गया है कि खुशी और माइंडफुलनेस (सम्पूर्ण रूप से सिर्फ वर्तमान में ही रहना और उस पर ध्यान रखना) के बीच एक मजबूत संबंध है। नियमित रूप से डायरी लिखने की आदत आपके दिमाग को वर्तमान में पूरी तरह रहने में मदद करती है और जब आप अपने विचारों और भावनाओं को लिखते हैं तो पिछली बातों और भविष्य की चिंताओं से मुक्त हो जाते हैं। (और पढ़ें – आपको हैरानी होगी यह जानकर कि सेहत के लिए अच्छे हैं किताब पढ़ने के ये 7 फायदे)

विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सोचे जो भी आपके दिमाग में आता है, उसे नियमित रूप से लिखने से आपके अंदर के विचार और भावना बाहर आते हैं जो आपने पहले कभी किसी को नहीं बताये होंगे। यह आपके मन में विचारों के नए चैनल को खोलने में मदद करता है और आपकी सोच को भी बढ़ाने में मदद करता है। (और पढ़ें – मूड को अच्छा बनाने के लिये खाएं ये सूपरफूड)

जब आप अपनी डायरी में कुछ गर्व करने वाले पलों के बारे में लिखते हैं तो भविष्य में जब भी आप दुखों से पीड़ित होते हैं तो बस फिर से उसे पढ़कर कर उन बातों को याद करें। इससे आपके शरीर में एंडोर्फिन और डोपामाइन का निर्माण होता है जो आपके मूड और आत्मसम्मान को बढ़ाता है और आपको ख़ुशी देता है। इस प्रकार आपकी उपलब्धियों और गर्व के क्षणों का एक संग्रह भी बन सकता है जिन्हे आप कभी भी फिर से याद कर सकते हैं। (और पढ़ें – पढ़ने का सबसे अच्छा समय क्या है – सुबह या रात)

सब कुछ याद रखना आपके दिमाग के लिए यह आसान काम नहीं है। इसलिए जब आप नियमित आधार पर डायरी लिखते है तो आप उसमें विचारों, भावनाओं या कार्यों के गड़बड़ी को प्राप्त करने में मदद मिलती है। साथ-साथ आपके जरूरी कागज़ात को भी व्यवस्थित कर सकते हैं क्योकि जब आप अपनी डायरी में उन सभी चीजों को लिखते है और भविष्य में कभी भी फिर से उसे पढ़ते हैं तो आपके मस्तिष्क में सब कुछ स्पष्ट हो जाता है कि कब अपने किसी से क्या बोला था या आपके जरूरी कागज़ात कहां रखे हुए हैं। (और पढ़ें – दिमाग तेज़ कैसे करें)

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