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अपेंडिसाइटिस क्या है?

अपेंडिसाइटिस, शरीर में अपेंडिक्स नामक एक अंदरुनी अंग में होता है। अपेंडिक्स एक पतली और छोटी सी ट्यूब होती है जिसकी लंबाई लगभग 2 से 3 इंच तक होती है। बड़ी आंत में जहां पर मल बनता है वहां पर ये आंत से जुड़ी होती है। अपेंडिक्स में होने वाली एक दर्दभरी सूजन को अपेंडिसाइटिस के नाम से जाना जाता है।

अपेंडिसाइटिस के शुरुआत में आमतौर पर पेट के बीच के हिस्से में बार-बार दर्द होता है। कुछ ही घंटो में दर्द पेट के दाहिने निचले भाग की तरफ होने लगता है, जहां पर अपेंडिक्स स्थित होता है और दर्द गंभीर बन जाता है। इसका दर्द खासतौर पर चलने, खांसने या इस जगह को दबाने से और भी ज्यादा गंभीर हो जाता है।

अपेंडिसाइटिस होने पर जी मिचलाना (मतली), भूख कम लगना, बुखार और लाल चेहरा होना जैसे लक्षण होते हैं। 

(और पढ़ें – बुखार का घरेलू इलाज)

अपेंडिसाइटिस के दो प्रकार होते हैं - एक्यूट (Acute - तीव्र) और क्रोनिक (chronic – स्थायी)। एक्यूट अपेंडिसाइटिस बहुत जल्दी विकसित हो जाता है जिसमें कुछ घंटो से दिनों का समय लग जाता है। क्रोनिक अपेंडिसाइटिस में सूजन होती है जो काफी लंबे समय तक बनी रहती है।

अगर कोई अपेंडिसाइटस से ग्रस्त है, तो उसके पेट से अपेंडिक्स को जितना जल्दी हो सके सर्जरी करके निकाल देना चाहिए। अपेंडिक्स के ऑपरेशन को अपैंडेटोक्मी (appendectomy) के नाम से जाना जाता है। अगर किसी व्यक्ति को अपेंडिसाइटिस होने की संभावना है लेकिन उसका निदान करना संभव नहीं है, तो उसे सर्जरी की सलाह दी जाती है। ऐसी सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि अपेंडिक्स के फटने का जोखिम लेने से बेहतर है अपेंडिक्स को निकाल देना।

मानव शरीर में अपेंडिक्स कोई महत्वपूर्ण काम नहीं करता है और इसे निकाल देने से कोई दीर्घकालिक समस्या भी नहीं होती। 

  1. अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) के प्रकार - Types of Appendicitis in Hindi
  2. अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) के लक्षण - Appendicitis Symptoms in Hindi
  3. अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) के कारण - Appendicitis Causes in Hindi
  4. अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) से बचाव - Prevention of Appendicitis in Hindi
  5. अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) का परीक्षण - Diagnosis of Appendicitis in Hindi
  6. अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) का इलाज - Appendicitis Treatment in Hindi
  7. अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) के जोखिम और जटिलताएं - Appendicitis Risks & Complications in Hindi
  8. अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) में परहेज़ - What to avoid during Appendicitis in Hindi?
  9. अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Appendicitis in Hindi?
  10. Homeopathic medicine, treatment and remedies for Appendicitis
  11. अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) की दवा - Medicines for Appendicitis in Hindi
  12. अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) के डॉक्टर

अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) के प्रकार - Types of Appendicitis in Hindi

अपेंडिसाइटिस के दो प्रकार होते हैं:

1. एक्यूट अपेंडिसाइटिस (Acute appendicitis) - एक्यूट यानि तीव्र - एक्यूट अपेंडिसाइटिस अपने नाम की तरह होती है जो बहुत तेजी से विकसित होती है, आमतौर पर यह कुछ ही घंटे या दिनों में विकसित हो जाता है। इसका पता लगाना आसान होता है, और इसके तुरंत इलाज के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती है। यह तब होता है जब अपेंडिक्स में जिवाणु संक्रमण, मल या किसी अन्य प्रकार की रुकावट के कारण पूरी तरह से रुकावट आ जाती है। जब अपेंडिक्स में बैक्टीरीया तेजी से पैदा होने लगतें हैं तो इससे सूजन और मवाद (पूस) बनने लगता है, जो अपेंडिक्स के बेजान होने का कारण भी बन सकता है।

2. क्रोनिक अपेंडिसाइटिस (Chronic appendicitis) - इसमें सूजन लंबे समय तक रहती है। अपेंडिसाइटिस के मामले में यह सिर्फ 1.5 प्रतिशत तक ही दर्ज किया गया है। क्रोनिक अपेंडिसाइटिस से, अपेंडिक्स में थोड़ा-थोड़ा करके रुकावट होने लगती है जो इसके आस-पास के ऊतकों में सूजन का कारण बन जाती है। अंतरिक दबाव के कारण सूजन और अधिक गंभीर होती जाती है। हालांकि अपेंडिक्स के फटने की बजाए, रुकावट समय के साथ दबाव के कारण खुल जाती है। इस प्रकार इसके लक्षण कम या यहां तक कि खत्म भी हो सकते हैं।

क्रोनिक अपेंडिसाइटिस बनाम एक्यूट अपेंडिसाइटिस

क्रोनिक और एक्यूट अपेंडिसाइटिस कई बार उलझन में डाल देते हैं क्योंकि कई मामलों में क्रोनिक अपेंडिसाइटिस का निदान तब तक नहीं हो पाता जब तक वह एक्यूट अपेंडिसाइटिस का रूप ना धारण कर ले।

क्रोनिक अपेंडिसाइटिस के लक्षण सौम्य यानि कम होते हैं जो लंबे समय तक रहते हैं, और कभी गायब हो जाते हैं तो कभी फिर से दिखने लग जाते हैं। कई बार इसका निदान करने के लिए कई हफ्ते, महीने यहां तक की साल भी लग जाते हैं। 

जबकि एक्यूट अपेंडिसाइटिस के लक्षण काफी गंभीर होते हैं, जो 24 से 48 घंटों के भीतर अचानक से दिखने लग जाते हैं। एक्यूट अपेंडिसाइटिस को तत्काल इलाज की जरूरत होती है।

अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) के लक्षण - Appendicitis Symptoms in Hindi

अपेंडिसाइटिस के लक्षण

इसके शुरूआती संकेत और लक्षण अक्सर काफी हल्के दिखते हैं, जिनमें पेट दर्द और भूख कम लगना शामिल हैं। 

और फिर जैसे धीरे-धीरे अपेंडिसाइटिस बढ़ता है तो दर्द एक मुख्य लक्षण बन जाता है, जो प्रभावित जगह तक ही सिमित नहीं रहता बल्कि उसके इर्द-गिर्द आंतरिक अंगो में फैलने लग जाता है।

रोगी को पूछे जाने पर दर्द की सटीक जगह बताने में मुश्किल होती है। ज्यादातर लोग दर्द को अपने पेट पर दर्द वाली जगह के चारों तरफ उंगली घुमाते हुए बताने की कोशिश करते हैं। फिर समय के साथ-साथ दर्द पेट के निचले हिस्से में स्थिर हो सकता है, और मरीज शायद दर्द के सटीक स्थान को पहचान पाने में कामयाब हो सकता है।

अगर ये लक्षण पहले ना दिखे तो, अपेंडिसाइटिस का दूसरा लक्षण भूख का कम होना होता है। यह बढ़कर जी मिचलाना और यहां तक कि उल्टियां लगना भी बन सकता है। सूजन बढ़कर आंतों तक पहुँच सकती है, और उनमें रुकावट पैदा कर सकती है। ऐसी स्तिति में भी मतली और उल्टी लगने के लक्षण पैदा हो सकते हैं।

अपेंडिसाइटिस के अन्य लक्षण: 

  1. नाभि या पेट के ऊपरी हिस्से में हल्का दर्द जो पेट के निचले दाएं हिस्से की ओर जाते हुए तेज़ हो जाता है। 
  2. भूख ना लगना।  
  3. पेट में दर्द शुरू होने के बाद मतली और / या उल्टी होना। (और पढ़ें – पेट दर्द का घरेलू इलाज)
  4. पेट में सूजन। 
  5. 99-102 डिग्री फैहरेनाइट बुखार। 
  6. पेट के ऊपरी या निचले हिस्से, पीठ, या मलाशय में कहीं भी हल्का या तेज दर्द। 
  7. पेशाब करने में परेशानी। 
  8. पेट में गंभीर ऐंठन। 
  9. गैस के साथ कब्ज या दस्त की समस्या।  
  10. अपेंडिसाइटिस पेशाब को भी प्रभावित करता है।

अगर किसी व्यक्ती को अपेंडिसाइटिस होने का संदेह मात्र भी है तो उसको जुलाब (laxatives) की गोलियाँ नहीं लेनी चाहिए। अपेंडिसाइटिस से प्रभावित व्यक्ति अगर जुलाब की गोलियाँ ले तो उससे अपेंडिक्स फट सकता है।

अगर इन अन्य लक्षणों के साथ अगर आपके पेट में दाहिनी तरफ कोमलता महसूस हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाएं। अपेंडिसाइटिस बहुत जल्द आपातकाल चिकित्सा का रूप बन सकता है।

अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) के कारण - Appendicitis Causes in Hindi

अपेंडिसाइटिस के कारण 

ऐसा माना जाता है कि अपेंडिसाइटिस तभी विकसित होने लग जाता है जब "सीकम" (cecum; एक थैली होती है, जो छोटी आंत और बड़ी आंत के मेल से जुड़ी होती है) में खुलने वाला अपेंडिक्स का रास्ता या छिद्र बंद हो जाता है। यह रुकावट अपेंडिक्स के अंदर एक मोटा बलगम जैसा द्रव बनने के कारण या मल जो सीकम से अपेंडिक्स के अंदर चला जाता है, उसके कारण हो सकती है। यह द्रव या मल कठोर होकर पत्थर की तरह मजबूत बन जाते हैं जो फंसकर छिद्र को बंद कर देते हैं। इस पत्थरनुमा चीज को 'फेकलिथ' (fecalith) कहा जाता है। 

इसके अलावा कई बार, अपेंडिक्स के लसीका ऊतकों (lymphatic tissue) में सूजन आ जाती है और वे फैल कर छिद्र को बंद कर देते हैं। अपेंडिक्स में बैक्टीरिया सामान्य रूप से पाए जाते हैं, लेकिन रुकावट होने के बाद वे कई गुणा ज्यादा बढ़ जाते हैं जो अपेंडिक्स की परतों पर हमला करके सक्रमण फैलाना शुरू कर देते हैं। 

जब बैक्टीरिया का हमला बढ़ता रहता है तो उस पर शरीर प्रतिक्रिया देता है, और यह हमला सूजन का रूप धारण कर लेता है। अगर अपेंडिसाइटिस के लक्षणों की समय पर पहचान नहीं की जाए और अपेंडिक्स की सूजन बढ़ती रहे, तो अपेंडिक्स फट भी सकती है और ऐसा होने के बाद बैक्टीरिया अपेंडिक्स के बाहर भी फैल जाते हैं।

अपेंडिक्स फटने के बाद बैक्टीरिया द्वारा संक्रमण पूरे पेट में फैल सकता है। हालांकि आम तौर पर तो यह अपेंडिक्स के इर्द-गिर्द ऊतकों में फैलकर अपेंडिक्स के चारों तरफ थोड़ी ही जगह तक सिमित रहता है।

अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) से बचाव - Prevention of Appendicitis in Hindi

अपेंडिसाइटिस की रोकथाम

अपेंडिसाइटिस को रोकने के लिए नियमित स्वास्थ्य निवारक जाँच के अलावा कोई अन्य तरीका नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसी तरीके से शरीर के अंतरिक अंगों की जाँच की सकती है और उनकी स्तिति का पता लगाया जा सकता है।

हालांकि जो अधिक मात्रा में फाइबर युक्त आहार लेते हैं, उनमें अपेंडिसाइटिस जैसी समस्या होने की सम्भावनाएं कम हो जाती हैं। हालांकि इसका पूर्ण रूप से प्रमाण नहीं दिया जा सकता मगर एक संभावित कारण यह हो सकता है कि फाइबर मल को नरम बनाता है जिससे उसके अपेंडिक्स में फंसने की संभावना कम हो जाती हैं। 

अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) का परीक्षण - Diagnosis of Appendicitis in Hindi

अपेंडिसाइटिस के निदान के लिए डॉक्टर ये चरण अपनाते हैं:

1. लक्षणों के बारे में पता करना

डॉक्टरों द्वारा मरीजों से उनकी बीमारी के दौरान हो रहे लक्षणों के बारे में पूछा जाता है, कि वे कैसा अनुभव कर रहे हैं, उन्हें कितना दर्द हो रहा है और कितने समय से हो रहा है। इससें संबंधित सवाल पूछे जाते हैं।

2. पहले ली गई दवाइयों के बारे में पता करना

डॉक्टर मरीज से उनके चिकित्सीय इतिहास की जानकारी लेते हैं, जिससे अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की संभावना का अनुमान लगाया जा सके। इस दौरान डॉक्टर कुछ इस तरह की जानकारी मरीज से लेते हैं -

  1. मरीज से पहले कभी किसी अन्य सर्जरी या कोई चिकित्सा स्थिति के बारे में पूछना
  2. मरीज द्वारा लिए गए किसी अन्य दवाई या सप्लिमेंट की जानकारी
  3. अगर मरीज शराब या अन्य कोई ड्रग लेता हो, उसकी जानकारी
  4. शारीरिक परिक्षण के दौरान डॉक्टर, मरीज के दर्द तक पहुंचने के लिए उसकी दर्द प्रभावित जगह पर हल्का-हल्का दबाव दे सकते हैं। अक्सर जब अपेंडिक्स पर हल्का सा भी दबाव पड़ता है, तो उसमें बहुच दर्द महसूस होने लगता है, जो इस बात का संकेत करते हैं कि पेरिटोनियम (peritoneum; एक प्रकार की झिल्ली जो पेट के अंगों को कवर करती है) से सटे हुुऐ अंगों में सूजन है।
  5. डॉक्टर अपेंडिक्स के उपर हल्का दबाव डालने से आपके शरीर में वाली प्रतिक्रिया को देखेंगे। उदाहरण के तौर पर, अगर आपको वाकाई अपेंडिक्स की समस्या है तो डॉक्टर का पेट पर दबाव डालने के बाद आपकी स्वाभाविक प्रतिक्रिया होगी दर्द से बचने के लिए पेट की मांसपेशियों को कठोर करना।
  6. मरीज के मलाशय के निचले हिस्से की जांच करने के लिए डॉक्टर एक दस्ताने की मदद से उंगली का प्रयोग कर सकते हैं  (इसको digital rectal exam/ "डिजिटल रेक्टल परिक्षण" कहा जाता है)। प्रसव की उम्र वाली महिलाओं को स्त्रीरोग संबंधी समस्याओं के लिए जांचने के लिए डॉक्टर उनका पेल्विक परिक्षण (pelvic exam) कर सकते हैं।

3. अपेंडिसाइटिस के निदान के लिए लैब टेस्ट 

अपेंडिसाइटिस के निदान और अन्य स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की पुष्टी करने के लिए डॉक्टर, कुछ लैब टेस्ट करवा सकते हैं जो इस प्रकार हैं:

  1. खून की जांच (Blood test) - इससे डॉक्टर को मरीज की सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या पता चलती है, जो की संक्रमण की संभावना जांचने में मदद करता है।
  2. मूत्र की जांच (Urine test) - मूत्र परिक्षण से डॉक्टर यह जांच करेंगे कि मूत्र मार्ग में संक्रमण या गुर्दों में पथरी ही कहीं दर्द का कारण तो नहीं है।
  3. इमेजिंग टेस्ट (Imaging tests) - मरीज की अपेंडिसाइटिस की पुष्टी करने या दर्द के किसी अन्य कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर पेट का एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और सी.टी. स्कैन करते हैं। जब निदान की पुष्टी karne ke liye जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एमआरआई परिक्षण (MRI Exam), या सी.टी. स्कैन (CT Scan) जैसे टेस्ट कर सकते हैं। इन इमेजिंग टेस्ट से पेट के दर्द के कुछ स्त्रोत डॉक्टर को दिख सकते हैं जैसे:
    1. अपेंडिक्स का फैला हुआ या फटा हुआ होना
    2. सूजन
    3. अपेंडिक्स में किसी प्रकार की रुकावट
    4. फोड़े होना

अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) का इलाज - Appendicitis Treatment in Hindi

अपेंडिसाइटिस का इलाज

इसका इलाज आम तौर पर सर्जरी के माध्यम से किया जाता है, जिसकी मदद से अपेंडिक्स को शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। हालांकि कुछ शोध से पता चला है कि एक्यूट अपेंटिसाइटिस का इलाज एंटीबायोटिक्स से करने से कुछ मामलों में सर्जरी की जरूरत खत्म हो जाती है।

आम तौर पर अगर अपेंडिसाइटिस होने का सदेंह हो रहा है, तो डॉक्टर रोगी की सुरक्षा के लिए अपेंडिक्स को जल्द ही निकाल देने की सलाह देते हैं ताकि इसके फटने की संभावना को खत्म किया जा सके।  

अगर अपेंडिक्स में कोई फोड़ा पनप जाए तो उससे निजात पाने के लिए दो रास्ते होते हैं - एक तो फोड़े से मवाद या द्रव को बाहर निकालना और दूसरा अपेंडिक्स को शरीर से निकाल देना।

अपेंडिक्स का ऑपरेशन (अपेंडिक्स को निकालने के लिए सर्जरी या अपेन्डेक्टमी; appendectomy)

सर्जरी से पहले मरीज को एंटीबायोटिक दवाईया दी जाती हैं जिससे संक्रमण नहीं हो पाता। 

अपेंडिक्स का ऑपरेशन (जिसे अपेन्डेक्टमी/ एपेन्डेक्टमी भी कहा जाता है) करने के दो विकल्प होते हैं। पहला, इसे ऑपन सर्जरी की तरह किया जा सकता है, जिससे में पेट में एक चीरा दिया जाता है जिसकी लंबाई 2 से चार इंच तक हो जाती है। दूसरा विकल्प है लेपरोस्कॉपिक सर्जरी (laparoscopic surgery)। इस सर्जरी को पेट में कुछ छोटे चीरे लगा कर किया जाता है। लेपरोस्कॉपिक सर्जरी के दौरान एक छोटा वीडियो कैमरा समेत कई स्पेशल सर्जिकल उपकरणों की जरूरत पड़ती है।

सामान्य रूप से लेपरोस्कॉपिक सर्जरी के बाद रोगी जल्दी ठीक हो जाता है। साथ ही इस दौरान दर्द भी कम होता और निशान भी कम बनते हैं। यह बूढ़े और स्थूल (मोटे) लोगों के लिए बेहतर होती है। मगर लेपरोस्कॉपिक सर्जरी हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है, क्योंकि अपेंडिक्स अगर फट गया हो, जिससे संक्रमण अपेंडिक्स से बाहर फैल गया हो या अपेंडिक्स में फोड़ा हो, तो उसके लिए ऑपन सर्जरी की जरूरत पड़ती है। इससे चिकित्सक अच्छी तरह से पेट की गुहा को साफ कर पाते हैं। एपेंडेक्टॉमी सर्जरी के बाद एक या दो दिन तक मरीज को अस्पताल में रुकना पड़ता है। 

अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) के जोखिम और जटिलताएं - Appendicitis Risks & Complications in Hindi

अपेंडिसाइटिस के जोखिम कारक:

अपेंडिसाइटिस के जोखिम कारक निम्नलिखित हैं। इनमें से कुछ ऐसे कारक भी हैं जिसकी रोकथाम करना संभव नहीं है -

  1. उम्र - बच्चों और युवा वयस्कों में अपेंडिसाइटिस होने की ज्यादा संभावना रहती है। सबसे ज्यादा जोखिम कारक उनके लिए हैं, जो 10 से 30 साल की उम्र के बीच में हैं, और ऐसा होने के कारण की कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। 
  2. संक्रमण - अगर किसी व्यक्ति को हाल ही में या कुछ समय पहले उसके जठरांत्र प्रणाली (gastrointestinal system) में संक्रमण हुआ है, तो उसके लिए अपेंडिक्स में समक्रमण होने के जोखिम बढ़ जाते हैं।
  3. अपेंडिक्स में चोट - अगर किसी वजह से अपेंडिक्स में घाव हो गया है (जैसे किसी एक्सीडेंट से शरीर के अंदरूनी हिस्सों में चोट लगना) इससे भी अपेंडिसाइटिस के जोखिम बढ़ जाते हैं क्योंकि ऐसी स्थिति में अपेंडिक्स में सूजन आ जाती है।
  4. फाइबर युक्त आहार में कमी - भोजन में फाइबर की कमी में पाचन से जुड़े कई विकार हो जाते हैं, जो अपेंडिसाइटिस केे जोखिम को बढ़ावा देते हैं। फाइबर में कमी से विशेष रूप में शरीर में कब्ज होने लगती है, जिससे कुछ मल पदार्थ अपेंडिक्स में चला जाता है जो अपेंडिसाइटिस का कारण बनता है।

अपेंडिसाइटिस की जटिलताएं 

अपेंडिसाइटिस में जटिल स्थिति तब उत्पन्न होती है जब संक्रमित और सूजन आई हुई अपेंडिक्स फट जाए। ऐसा होने पर अपेंडिक्स में जमा मल पदार्थ पेट की गुहा को दूषित कर देता है, जिस कारण से पेरिटोनाइटिस (peritonitis; पेरिटोनियम की सूजन - पेरिटोनियम एक ऊतक की परत है जो पेट के अंदरूनी दीवार पर होती है और आपके पेट के सभी अंगों को सहारा देती है) और फोड़े (abscess) हो सकते है।

  1. पेरिटोनाइटिस (peritonitis) - जब अपेंडिक्स फट जाता है तो उसमें से निकलने वाले बैक्टीरिया शरीर के बाकी भागों में फैल कर संक्रमण फैला देते हैं। जब संक्रमण पेरिटोनियम में फैलता है तब पेरिटोनाइटिस की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। पेरिटोनियम, ऊतकों की एक पतली झिल्ली होती है जो पेट के अंदरूनी हिस्से को ढक कर रखती है। अगर पेरिटोनाइटिस का तुरंत इलाज ना किया जाए तो यह लंबे समय तक समस्या उत्पन्न कर सकती है और यहां तक की घातक हो सकता है। पेरिटोनाइटिस के इलाज में एंटीबायोटिक्स का उपयोग और सर्जरी के माध्यम से अपेंडिक्स निकालना शामिल होता है।
  2. फोड़े (abscess) - ये कई बार अपेंडिक्स के फटने के बाद उसके चारों तरफ बनने लग जाते हैं, जो एक दर्दनाक मवाद (पस) से भरे होते हैं। फोड़ा तब उत्पन्न होता है जब संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर प्रयास कर रहा होता है। यह शरीर से अपेंडिक्स को हटाने के लिए सर्जरी के कारण भी हो जाता है। मगर ऐसा 500 मामलों में से 1 ही पाया जाता है। फोड़े का इलाज कई बार एंटीबायोटिक्स के माध्यम से किया जाता है, मगर ज्यादातर मामलों में फोड़े के अंदर से मवाद को निकालना ही पड़ता है। अल्ट्रासाउंड और कंप्यूटराइज़्ड टोमोग्राफी (computerized tomography) के मार्गदर्शन की मदद से, एनेस्थेटिक (anaesthetic), सुई और एक सुईं के प्रयोग से मवाद को बाहर निकाल दिया जाता है। और अगर सर्जरी के दौरान कोई फोड़ा दिख जाए तो उसको अच्छे से साफ कर दिया जाता है और एंटीबायोटिक दे दी जाती है।

अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) में परहेज़ - What to avoid during Appendicitis in Hindi?

अपेंडिसाइटिस के दौरान परहेज:

हालांकि, खाना अपेंडिसाइटिस का कारण नहीं बनता, लेकिन अगर अपेंडिक्स से जुड़ी समस्या पहले से ही हो तो कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो परेशानियों को और बढ़ा सकते हैं। 

जब कोई व्यक्ति अपेंडिसाइटिस के लक्षणों की तरफ बढ़ रहा होता है तो कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनको ध्यान में रखकर उसपर रोकथाम की जा सकती है। अगर अपेंडिसाइटिस को प्रभावित करने वाले खाद्य पदार्थों का कड़ा पालन किया जाए, तो यह कुछ हद तक अपेंडिसाइटिस स्थिति और उसकी तीव्रता को कम किया जा सकता है। डॉक्टरों द्वारा अपेंडिसाइटिस के सभी संदिग्ध मामलों की जांच बिना देरी किए की जानी चाहिए, क्योंकि अगर सूजन के कारण अपेंडिक्स फट जाता है तो यह जीवन के लिए एक भयंकर स्थिति बन सकती है।

अपेंडिसाइटिस या उसके संदेह की स्थिति में इन चीजों से बचना चाहिए

  1. शराब
  2. पशु के खाद्य पदार्थ, विशेष रूप से वे जो पशुओं के प्रोटीन के स्त्रोत हों
  3. पेय पदार्थ जैसे चाय, कॉफी और अन्य कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
  4. डिब्बाबंद खाना
  5. तला हुआ भोजन, पक्का हुआ अंडा और वसायुक्त मांस
  6. सफेद आटा और अन्य परिष्कृत अनाज
  7. गैसिय भोजन जैसे ब्रोकोली, बीन्स (राजमा, चने इत्यादि) और कुछ प्रकार के सूखे मेवे (नट्स) 
  8. कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज
  9. मिर्च और मसाले मुख्य रूप से जो पेट की गैस का कारण बनते हों
  10. मिठाई और अन्य भोजन जिनमें चीनी हो

अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Appendicitis in Hindi?

अपेंडिसाइटिस के दौरान क्या खाएं? 

अपेंडिसाइटिस के मरीजों के लिए रोजाना खाने के लिए नीचे कुछ उचित खाद्य पदार्थ बताएं गए हैं: 

  1. सुबह उठने के बाद हल्के गुनगुने पानी में एक ताजा निंबू निचोड़ें और एक चम्मच शहद मिला कर सेवन करें।
  2. सुबह के नाश्ते में फल और दूध शामिल करें, अपेंडिसाइटिस के लिए पूर्ण दूध आहार बेहतर रहता है। मगर ये ध्यान में रखना जरूरी होता है कि पूर्ण दूध की सामग्री मरीज बिना किसी समस्या के ले सकता है।
  3. दोपहर के खाने में उबली हुई सब्जी, लस्सी और इनके साथ मकई के आटे की रोटी (tortilla) को भी शामिल किया जा सकता है
  4. दोपहर में ताजे फल और सब्जियों का रस भी लिया जा सकता है।
  5. रात के खाने में ताजी सब्जियों का सलाद, अंकुरित बीज और घर पर बनाया गया पनीर भी शामिल किया जा सकता है।
  6. गाजर का जूस, खीरा और चुकंदर, अपेंडिसाइटिस के मरीजों के लिए काफी सहायक होते हैं।
  7. मेथी के बीज से तैयार चाय, भी मरीज को काफी सुखदायक अनुभव कराती है।

 अपेंडिक्स के ऑपरेश्न (अपेंटडेक्टॉमी) के बाद आहार

  1. सर्जरी के बाद जब मरीज ठीक होने लगता है, तो उसको संक्रमण से लगातार लड़ने और ठीक होने की प्रक्रिया को बढ़ाने के लिए लगातार पर्याप्त पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है। 
  2. इस दौरान प्रोटीन, विटामिन सी, और फाइबर से भरपूर आहार नियमित रूप से खाने चाहिए। जहां अंडे प्रोटीन और जिंक का अच्छा स्त्रोत हैं वहीं मिर्च पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी प्राप्त होता है। और फाइबर हमें फलों, सब्जियों, फलियों, साबुत अनाज और बीजों से भरपूर मात्रा में मिल जाता है।
Dr. Mahesh Kumar Gupta

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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी

Dr. Raajeev Hingorani

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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी

Dr. Vineet Mishra

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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी

अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) की दवा - Medicines for Appendicitis in Hindi

अपेंडिक्स (अपेन्डिसाइटिस) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
XopXop 100 Mg Tablet Dt66.0
EnidazolEnidazol 300 Mg Tablet28.0
FasigynFasigyn 500 Mg Tablet30.76
TiniTini 150 Mg Suspension37.32
Tini (Merk)Tini 300 Mg Tablet20.52
TinibaTiniba 300 Mg Tablet47.25
TinidinTinidin Infusion33.65
Tini DsTini Ds 1000 Mg Tablet12.3
TricolamTricolam 1000 Mg Tablet59.28
WondazoleWondazole 500 Mg Tablet34.85
CozitCozit 500 Mg Tablet60.5
ProtobidProtobid 300 Mg Tablet28.57
TinamideTinamide 500 Mg Tablet10.25
TincideTincide 500 Mg Tablet69.17
Tinibid DsTinibid Ds 1000 Mg Tablet47.62
Tinidazole 500 Mg TabletTinidazole 500 Mg Tablet18.67
TinifasTinifas 500 Mg Tablet31.5
TinimaTinima 500 Mg Tablet56.0
Tinipidi I.V.Tinipidi I.V. 2 Mg Infusion30.0
TinitasTinitas Tablet11.25
TinizoleTinizole Infusion56.75
TinvistaTinvista 300 Mg Tablet8.62
TodazTodaz 300 Mg Tablet17.0
Tz 500Tz 500 500 Mg Tablet24.11
ZilZil 1000 Mg Tablet25.45
Povimed Plus 5%W/W/1%W/W OintmentPovimed Plus Ointment46.35
Acrocip TzAcrocip Tz 500 Mg/600 Mg Tablet64.81
Bactocin TzBactocin Tz 500 Mg/600 Mg Tablet67.0
Baycip TzBaycip Tz 500 Mg/600 Mg Tablet35.65
Cindiflox DsCindiflox Ds 500 Mg/600 Mg Tablet85.76
Cipet TzCipet Tz 500 Mg/600 Mg Tablet55.0
Ciplox TzCiplox Tz 500 Mg/600 Mg Tablet106.54
Cipowin TzCipowin Tz 500 Mg/600 Mg Tablet79.12
Ciprodil TzCiprodil Tz 500 Mg/600 Mg Tablet75.0
Ciprolac TzCiprolac Tz 500 Mg/600 Mg Tablet65.0
Cipromed TzCipromed Tz 500 Mg/600 Mg Tablet65.0
Cipromid TzCipromid Tz 300 Tablet62.0
Cipronij TzCipronij Tz 500 Mg/600 Mg Tablet28.4
Ciprosyn TzCiprosyn Tz Tablet75.0
CiprotinaCiprotina 125 Mg/150 Mg Syrup24.73
Ciprotina PCiprotina P 500 Mg/600 Mg Tablet34.0
Cipro TzCipro Tz 500 Mg/600 Mg Tablet69.91
Ciprozed TdCiprozed Td 500 Mg/600 Mg Tablet65.4
Cipson TzCipson Tz 500 Mg/600 Mg Tablet71.33
CiptiCipti 250 Mg/300 Mg Tablet37.07
Cipti ForteCipti Forte 250 Mg/300 Mg Tablet72.71
Cip TzCip Tz 500 Mg/600 Mg Tablet70.66
CipzolCipzol 250 Mg/300 Mg Tablet27.83
CitiCiti 250 Mg/300 Mg Suspension26.58
CitibidCitibid 500 Mg/600 Mg Tablet94.95
Citi HCiti H 500 Mg/600 Mg Tablet95.0
Ciwi TzCiwi Tz 500 Mg/600 Mg Tablet74.76
Dak CpDak Cp 500 Mg/600 Mg Tablet67.25
Donnagyl HDonnagyl H 250 Mg/300 Mg Tablet37.0
Elquin TzElquin Tz 500 Mg/600 Mg Tablet78.0
EncitinEncitin 500 Mg/600 Mg Tablet27.62
Floxid TzFloxid Tz 500 Mg/600 Mg Tablet68.25
GastrogylGastrogyl 250 Mg/300 Mg Suspension28.05
Gastrogyl DsGastrogyl Ds 500 Mg/600 Mg Tablet80.55
Gastrogyl PlusGastrogyl Plus 250 Mg/600 Mg Tablet46.1
Hiflox Plus 500Hiflox Plus 500 500 Mg/600 Mg Tablet102.6
Newcip TzhNewcip Tzh 250 Mg/300 Mg Tablet33.0
Nk FloxNk Flox Tablet102.23
Ofloxina TzOfloxina Tz 500 Mg/600 Mg Tablet52.5
Panzer TzPanzer Tz 500 Mg/600 Mg Tablet72.47
Penquin TzPenquin Tz 250 Mg/300 Mg Tablet37.95
Prokem TzProkem Tz 250 Mg/500 Mg Tablet63.67
Q Ciprox TzQ Ciprox Tz 500 Mg/600 Mg Tablet70.08
SiprozoleSiprozole 500 Mg/600 Mg Tablet60.88
Symbocin TzSymbocin Tz 500 Mg/600 Mg Syrup32.0
TiciTici 250 Mg/300 Mg Tablet40.0
Tini CfTini Cf 500 Mg/600 Mg Tablet85.81
TinicipTinicip 250 Mg/300 Mg Tablet61.58
Veecin OzVeecin Oz Suspension40.0
VeecinVeecin Suspension29.56
Wenflox TWenflox T 500 Mg/600 Mg Tablet89.66
Zaan CtZaan Ct 500 Mg/600 Mg Tablet89.93
Akcip TzAkcip Tz 500 Mg/600 Mg Tablet72.17
Alcipro TnAlcipro Tn 500 Mg/600 Mg Tablet70.66
Boxer TzBoxer Tz 500 Mg/600 Mg Tablet76.18
Cidik TzCidik Tz 500 Mg/600 Mg Tablet71.0
Cifomed TzCifomed Tz 125 Mg/150 Mg Suspension56.18
Cifran C ThCifran C Th 250 Mg/300 Mg Tablet60.5
Cifran CtCifran Ct 500 Mg/600 Mg Tablet107.0
Cifrodis TzCifrodis Tz 500 Mg/600 Mg Tablet78.5
Cipbid TzCipbid Tz 500 Mg/600 Mg Tablet70.0
Cipdose TzCipdose Tz 500 Mg/800 Mg Tablet20.0
CipgylCipgyl 500 Mg/600 Mg Tablet70.25
Cipking TzCipking Tz Tablet37.5
Ciplox Tz HCiplox Tz H Tablet59.87
CiprazoleCiprazole 500 Mg/600 Mg Tablet73.0
Ciprochem TzCiprochem Tz 500 Mg/600 Mg Tablet86.75
Ciprocin TzCiprocin Tz 500 Mg/600 Mg Tablet67.37
Ciprodex TzCiprodex Tz 500 Mg/600 Mg Tablet67.6
Ciprofex T ZCiprofex T Z 500 Mg/600 Mg Tablet63.0
Ciprokem CtCiprokem Ct 500 Mg/600 Mg Tablet70.66
Ciprolet ACiprolet A 500 Mg/600 Mg Tablet33.4
Cipromax TzCipromax Tz 500 Mg/600 Mg Tablet78.75
Cipron TzCipron Tz 500 Mg/600 Mg Tablet76.71
Cipropen TzCipropen Tz 500 Mg/600 Mg Tablet27.5
CiprositCiprosit 250 Mg/300 Mg Tablet30.95
Ciprotini HCiprotini H 250 Mg/300 Mg Tablet31.08
CiprotiniCiprotini 250 Mg/300 Mg Tablet63.87
CiprotizCiprotiz 500 Mg/600 Mg Tablet80.91
Ciprotum TzCiprotum Tz 500 Mg/600 Mg Tablet58.0
Cipro TCipro T 500 Mg/600 Mg Tablet60.0
Ciprowin TzCiprowin Tz 250 Mg/300 Mg Tablet36.02
Ciptam CthCiptam Cth 250 Mg/300 Mg Tablet43.72
Ciptam CtCiptam Ct 500 Mg/600 Mg Tablet80.75
Ciptec TzhCiptec Tzh 500 Mg/600 Mg Tablet35.71
Ciptec TzCiptec Tz 500 Mg/600 Mg Tablet70.04
CipzinCipzin 500 Mg/600 Mg Tablet67.0
Cipzole TzCipzole Tz 500 Mg/600 Mg Tablet27.0
Cipzy TzCipzy Tz 500 Mg/600 Mg Tablet67.93
CitizolCitizol 125 Mg/150 Mg Suspension42.0
Citoz TzCitoz Tz 500 Mg/600 Mg Tablet22.5
Citwin TzCitwin Tz 500 Mg/600 Mg Tablet25.92
CombifloxCombiflox 500 Mg/600 Mg Tablet77.0
CombistarCombistar 500 Mg/600 Mg Tablet90.0
CyprotoneCyprotone 500 Mg/600 Mg Syrup62.25
CytinCytin 500 Mg/600 Mg Tablet67.85
Diarlop CtDiarlop Ct 500 Mg/600 Mg Tablet80.56
Ensin TzEnsin Tz Tablet81.47
Flocy TzFlocy Tz 250 Mg/300 Mg Tablet40.0
FloxazoleFloxazole 500 Mg/600 Mg Tablet64.76
Floxstar TFloxstar T Tablet34.1
FormaxFormax 500 Mg/600 Mg Tablet53.48
GerciptzGerciptz 500 Mg/600 Mg Tablet69.77
G Flox TzG Flox Tz 500 Mg/600 Mg Tablet27.5
Lomet CtLomet Ct 500 Mg/600 Mg Tablet82.21
Loxy TLoxy T 500 Mg/600 Mg Tablet206.25
Mahacip TzMahacip Tz 500 Mg/600 Mg Tablet31.25
Medicip TzMedicip Tz 500 Mg/600 Mg Tablet70.04
Mini CitizolMini Citizol 250 Mg/300 Mg Tablet102.62
Neoflox TzNeoflox Tz 500 Mg/600 Mg Tablet80.28
Newcip TzNewcip Tz 500 Mg/600 Mg Tablet68.0
Nircip TzNircip Tz 500 Mg/600 Mg Tablet70.66
Omniflox CtOmniflox Ct 500 Mg/600 Mg Tablet37.93
Oxacin TzOxacin Tz 500 Mg/600 Mg Tablet55.0
ParabactParabact 500 Mg/600 Mg Tablet75.42
Q Bid TzQ Bid Tz 500 Mg/600 Mg Tablet75.65
Quinotop CtQuinotop Ct 500 Mg/600 Mg Tablet85.0
Radicip TzRadicip Tz Tablet80.0
R Cipron TzR Cipron Tz 500 Mg/600 Mg Tablet73.6
Sigma CtSigma Ct 250 Mg/300 Mg Tablet77.1
Sigma CthSigma Cth 250 Mg/300 Mg Tablet39.3
Strox TzStrox Tz 250 Mg/300 Mg Tablet22.43
SuperdacSuperdac 500 Mg/600 Mg Tablet80.0
Supraflox TzSupraflox Tz 500 Mg/600 Mg Tablet85.0
TinibactTinibact 500 Mg/600 Mg Tablet74.4
Tinicip DsTinicip Ds 500 Mg/600 Mg Tablet67.27
TinroTinro 500 Mg/600 Mg Tablet66.93
Trogyl Cz DsTrogyl Cz Ds Tablet66.46
Vikcip TzVikcip Tz 500 Mg/600 Mg Tablet68.55
Widakin TzWidakin Tz 500 Mg/600 Mg Tablet76.73
Zoxan TzZoxan Tz 500 Mg/600 Mg Tablet30.45
Agroflox TzAgroflox Tz 200 Mg/600 Mg Tablet55.62
Cifoxin TzCifoxin Tz 200 Mg/300 Mg Tablet92.23
Dioflox TzDioflox Tz 200 Mg/600 Mg Tablet56.41
DtoDto 200 Mg/600 Mg Suspension38.7
Hycip TzHycip Tz 200 Mg/600 Mg Tablet70.5
Megaflox TzMegaflox Tz 200 Mg/600 Mg Tablet60.63
Oa TzOa Tz 200 Mg/600 Mg Capsule55.25
Ofal TzOfal Tz 200 Mg/600 Mg Tablet70.42
OfgylOfgyl 200 Mg/600 Mg Tablet70.67
Ofgyl HOfgyl H 100 Mg/300 Mg Tablet50.0
OflotinOflotin 200 Mg/600 Mg Tablet69.3
Oflo TzOflo Tz 200 Mg/300 Mg Tablet50.95
OfnidaOfnida 200 Mg/600 Mg Suspension45.16
Ofset TzOfset Tz 200 Mg/600 Mg Tablet64.5
OftOft 200 Mg/600 Mg Tablet61.98
Ofwin TzOfwin Tz 200 Mg/600 Mg Tablet66.41
Opec TzOpec Tz 200 Mg/600 Mg Tablet76.2
Open TzOpen Tz 200 Mg/600 Mg Tablet68.83
OtOt 200 Mg/500 Mg Tablet70.0
Q Vid TzQ Vid Tz 200 Mg/600 Mg Tablet56.2
Septicure TzSepticure Tz 200 Mg/600 Mg Tablet63.0
Tini OfTini Of 200 Mg/600 Mg Tablet68.87
Topcin TzTopcin Tz 200 Mg/300 Mg Tablet69.81
Zevid TzZevid Tz 200 Mg/600 Mg Tablet85.0
Zocin TzZocin Tz 200 Mg/600 Mg Tablet70.4
Agloflox TzAgloflox Tz 200 Mg/600 Mg Suspension19.0
Anaflox HAnaflox H Tablet39.0
Bestoflox TzBestoflox Tz 200 Mg/300 Mg Tablet60.65
Ciptid TzCiptid Tz 200 Mg/600 Mg Tablet59.5
Clof TzClof Tz 200 Mg/600 Mg Tablet76.41
Eldeflox TzEldeflox Tz 200 Mg/600 Mg Tablet85.0
Floxibact TzFloxibact Tz 200 Mg/600 Mg Tablet60.0
Floxur TzFloxur Tz 200 Mg/600 Mg Tablet80.2
Frez DsFrez Ds 200 Mg/600 Mg Tablet53.0
Galoxin TzGaloxin Tz Tablet49.5
Harpoon TzHarpoon Tz 400 Mg/600 Mg Tablet97.45
Nicoflox TzNicoflox Tz 200 Mg/600 Mg Tablet26.25
Obact TzObact Tz 200 Mg/600 Mg Tablet79.2
O Cebran TnO Cebran Tn 200 Mg/600 Mg Tablet49.0
Offmark TzOffmark Tz 200 Mg/600 Mg Tablet78.0
Offtex Tz (Alu)Offtex Tz 200 Mg/500 Mg Tablet13.17
Oflamed TzOflamed Tz 200 Mg/600 Mg Tablet50.23
Ofler TzOfler Tz 200 Mg/600 Mg Tablet50.47
Oflobact TzOflobact Tz 200 Mg/600 Mg Tablet66.51
Oflochem TzOflochem Tz 200 Mg/500 Mg Tablet85.0
Oflokem TzOflokem Tz 200 Mg/600 Mg Tablet72.53
Oflomac TzOflomac Tz 200 Mg/600 Mg Tablet79.75
Oflostar TzOflostar Tz 200 Mg/600 Mg Tablet94.38
Oflo Tz ForteOflo Tz Forte 200 Mg/600 Mg Tablet66.25
Oflox TzOflox Tz 200 Mg/600 Mg Tablet106.0
Ofo TOfo T Suspension30.0
Oftop TzOftop Tz 200 Mg/600 Mg Tablet76.8
Oftum TzOftum Tz Tablet60.0
Ofx TzOfx Tz 200 Mg/600 Mg Tablet66.38
Okaflox TzOkaflox Tz 200 Mg/600 Mg Tablet112.0
Olife TzOlife Tz 200 Mg/600 Mg Tablet60.52
Owin TOwin T 200 Mg/600 Mg Tablet29.37
Oxa TzOxa Tz 200 Mg/600 Mg Tablet83.48
Pin OtPin Ot 200 Mg/600 Mg Tablet1062.5
Quinobid TzQuinobid Tz 200 Mg/600 Mg Tablet62.45
Sunflo TzSunflo Tz Tablet75.68
Zanocin TzZanocin Tz 200 Mg/600 Mg Tablet126.07
ZenotinZenotin 200 Mg/600 Mg Tablet54.5
Zenotin ForteZenotin Forte 200 Mg/600 Mg Tablet35.94
Zo TZo T 200 Mg/600 Mg Tablet28.56
Amecide ForteAmecide Forte Tablet49.9
Amicline PlusAmicline Plus 375 Mg/300 Mg Tablet48.26
MetroquinMetroquin 300 Mg/200 Mg Tablet48.0
Anglonor TzAnglonor Tz 400 Mg/600 Mg Tablet20.0
CinzoleCinzole 400 Mg/600 Mg Tablet52.57
DaksonDakson 400 Mg/600 Mg Tablet15.85
Dakson OrlDakson Orl Oral Solution40.42
DazonorDazonor 400 Mg/600 Mg Tablet60.0
FulstopFulstop 400 Mg/600 Mg Suspension38.0
Loxitin PLoxitin P 100 Mg/75 Mg Suspension30.55
MeganegMeganeg 400 Mg/600 Mg Tablet41.3
Nogit TzNogit Tz 400 Mg/600 Mg Tablet24.87
Nore TNore T 400 Mg/600 Mg Tablet15.93
Norgull TzNorgull Tz 400 Mg/600 Mg Tablet60.0
NortwinNortwin 400 Mg/600 Mg Tablet16.98
Nor TzNor Tz 400 Mg/600 Mg Tablet57.73
NoxigylNoxigyl 100 Mg/100 Mg Suspension23.5
Noxitef TzNoxitef Tz 400 Mg/600 Mg Tablet36.25
Ntini SpasNtini Spas 400 Mg/600 Mg Tablet65.0
ProtobacProtobac 400 Mg/600 Mg Tablet71.25
TindifloxTindiflox 200 Mg/150 Mg Syrup9.2
TizfloxTizflox 400 Mg/600 Mg Tablet61.36
Bioflox TzBioflox Tz 400 Mg/600 Mg Tablet9.22
DiabaDiaba 400 Mg/600 Mg Tablet44.58
Embenor TzEmbenor Tz 400 Mg/600 Mg Tablet14.49
EnterobactEnterobact 400 Mg/600 Mg Tablet23.75
Enterotal LbEnterotal Lb 400 Mg/600 Mg Tablet20.0
EnterotalEnterotal 400 Mg/600 Mg Tablet60.0
FlontinFlontin 400 Mg/600 Mg Tablet32.87
FloxidFloxid 100 Mg/100 Mg Suspension39.0
Front DsFront Ds 400 Mg/600 Mg Tablet47.5
FrontFront 400 Mg/600 Mg Tablet50.27
Gramoneg TnGramoneg Tn 400 Mg/600 Mg Tablet58.0
LocLoc 100 Mg/100 Mg Syrup28.65
Loxone TzLoxone Tz 400 Mg/600 Mg Tablet70.0
Marflox TzMarflox Tz 400 Mg/600 Mg Tablet21.56
MatrixMatrix 400 Mg/600 Mg Tablet105.0
Nirnorf TzNirnorf Tz 400 Mg/600 Mg Tablet18.75
NorazolNorazol 400 Mg/600 Mg Tablet65.61
Norbactin ZNorbactin Z 400 Mg/600 Mg Tablet67.26
Norbid TNorbid T 400 Mg/600 Mg Tablet14.12
Norcip TzNorcip Tz 400 Mg/600 Mg Tablet7.41
NordysNordys 400 Mg/600 Mg Tablet293.0
Norfen TzNorfen Tz Syrup26.5
Norfled TzNorfled Tz 400 Mg/500 Mg Tablet15.81
Norflokem TzNorflokem Tz Tablet30.0
Norflowok TzNorflowok Tz 400 Mg/600 Mg Tablet28.75
Norflox Tz TabletNorflox Tz Lb 400 Mg/600 Mg Tablet63.57
NorkemtzNorkemtz 400 Mg/600 Mg Tablet60.0
Norlox TzNorlox Tz 400 Mg/600 Mg Tablet31.25
Norpen TzNorpen Tz 400 Mg/600 Mg Tablet24.37
Norspan TnNorspan Tn 400 Mg/600 Mg Tablet42.0
Norstar TzNorstar Tz 400 Mg/600 Mg Tablet22.25
NortiniNortini 100 Mg/100 Mg Suspension31.0
Nortum TzNortum Tz 400 Mg/600 Mg Tablet45.0
Nox TzNox Tz Tablet46.0
Pd Nor TzPd Nor Tz 400 Mg/600 Mg Tablet8.81
SigmadysSigmadys 400 Mg/600 Mg Tablet58.5
Tiniba NTiniba N Tablet16.97
TinicinTinicin 600 Mg/400 Mg Capsule42.37
Tini NfTini Nf 400 Mg/600 Mg Tablet41.04
Tininor SfTininor Sf 400 Mg/600 Mg Tablet36.0
Tinvista NfTinvista Nf Tablet23.12
Tn DdTn Dd Tablet33.0
Todaz NTodaz N Tablet61.81
Urozap TzUrozap Tz 400 Mg/600 Mg Tablet36.4
DandridDandrid Lotion282.0
Dilotin MpsDilotin Mps 250 Mg/300 Mg/25 Mg Syrup34.48
LumentaLumenta 250 Mg/300 Mg/25 Mg Tablet18.38
TindikonTindikon 250 Mg/300 Mg/25 Mg Syrup32.01
TinidilTinidil 250 Mg/300 Mg/25 Mg Tablet25.0
AmiridAmirid Tablet51.3
AmodilAmodil 250 Mg/300 Mg/25 Mg Tablet29.62
DialoxDialox 275 Mg/300 Mg/25 Mg Tablet28.73
Protobid MpsProtobid Mps Tablet40.0
Tinilox MpsTinilox Mps Suspension50.25
Dox M TzDox M Tz 100 Mg/600 Mg Tablet65.0
ImidoxImidox 100 Mg/600 Mg Tablet69.0
TidoTido Tablet55.0
DobactDobact Tablet75.2
EnterozolEnterozol Tablet37.22
FlucotiFlucoti 75 Mg/1000 Mg Tablet36.5
Q Can TzQ Can Tz 150 Mg/1000 Mg Kit32.0
VgVg 150 Mg/1000 Mg Kit44.55
Antif XAntif X 150 Mg/1000 Mg Tablet42.5
AzostatAzostat 150 Mg/1000 Mg Kit38.0
F Con AzF Con Az 150 Mg/1000 Mg Kit71.72
FlutiniFlutini 150 Mg/1000 Mg Kit25.7
Fluzide TFluzide T Kit32.0
Fusys TzFusys Tz Tablet51.23
Tin TinTin Tin 150 Mg/1000 Mg Kit34.01
Ginal VGinal V Tablet43.62
Ginlac VGinlac V 200 Mg/150 M/500 Mg Tablet79.4
TrizolacTrizolac Tablet65.3
Clotina VClotina V 250 Mg/150 Millionspores/500 Mg Tablet55.0
GynotabGynotab Tablet65.0
Myconorm VMyconorm V 6 Tablet16.25
TridaTrida Tablet48.0
VkliVkli Tablet88.3
V MazolV Mazol Tablet46.88
Healol PlusHealol Plus Ointment79.95
Septigard AnSeptigard An Cream69.89
Sufrate TpSufrate Tp Lotion140.0
Vagi(Rek)Vagi 2% W/V/5% W/V Cream15.93
Norflox TzNorflox Tz Tablet66.75
Gramogyl PlusGramogyl Plus Tablet66.5
Nortex TzNortex Tz Tablet55.56
Nortini LbNortini Lb Tablet22.96
TiniclineTinicline 250 Mg/300 Mg Tablet44.0

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