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गुर्दे की पथरी (किडनी स्टोन) मिनरल्स और नमक से बनी एक ठोस जमावट होती है। उनका माप रेत के दाने जितना छोटा से लेकर गोल्फ की गेंद जितना बड़ा हो सकता है। वे आपके गुर्दे में रह सकती हैं या मूत्र पथ के माध्यम से आपके शरीर से बाहर निकल सकती हैं। मूत्र पथ में गुर्दे (Kidneys), मूत्रवाहिनी (Ureter), मूत्राशय (Bladder), और मूत्रमार्ग (Urethra) होते हैं। किडनी स्टोन को सबसे दर्दनाक चिकित्सक अवस्था में से एक माना जाता है।

भारत में पथरी (किडनी स्टोन) की समस्या की मौजूदा स्थिति

ऐसा माना जाता है कि भारत की कुल आबादी में से 12% आबादी को मूत्रपथ की पथरी होने की संभावना है जिनमें से 50% आबादी को गुर्दे की क्षति हो सकती है। इसके अलावा, उत्तर भारत की लगभग 15% जनसंख्या गुर्दे की पथरी की समस्या से ग्रस्त है लेकिन दक्षिण भारत में इसके मामले कम हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के हिस्सों में गुर्दे की पथरी की समस्या इतनी प्रचलित है कि परिवार के अधिकांश सदस्य अपने जीवनकाल के किसी समय में इससे पीड़ित ज़रूर होते हैं।

भारत में पथरी की समस्याओं का प्रसार 11% है और महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में यह समस्या 3 गुना अधिक है।

  1. पथरी (किडनी स्टोन) के प्रकार - Types of Kidney Stone in Hindi
  2. पथरी (किडनी स्टोन) के लक्षण - Kidney Stone Symptoms in Hindi
  3. पथरी (किडनी स्टोन) के कारण - Kidney Stone Causes & Risk Factors in Hindi
  4. पथरी (किडनी स्टोन) से बचाव - Prevention of Kidney Stone in Hindi
  5. पथरी (किडनी स्टोन) का परीक्षण - Diagnosis of Kidney Stone in Hindi
  6. पथरी (किडनी स्टोन) का इलाज - Kidney Stone Treatment in Hindi
  7. पथरी (किडनी स्टोन) के जोखिम और जटिलताएं - Kidney Stone Risks & Complications in Hindi
  8. पथरी के इलाज का विडियो - Pathri ka video in Hindi
  9. पथरी (किडनी स्टोन) के घरेलू उपाय
  10. पथरी का दर्द
  11. पथरी (किडनी स्टोन) की दवा - Medicines for Kidney Stone in Hindi
  12. पथरी (किडनी स्टोन) की दवा - OTC Medicines for Kidney Stone in Hindi
  13. पथरी (किडनी स्टोन) के डॉक्टर

किडनी स्टोन के चार प्रकार हैं:

  1. कैल्शियम स्टोन (Calcium Stone)
    कैल्शियम स्टोन किडनी स्टोन का सबसे आम प्रकार है। वे कैल्शियम ऑक्सलेट (सबसे आम), फॉस्फेट, या मेलिएट से बने हो सकते हैं। कम ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थ खाने से इस प्रकार के स्टोन के विकास के जोखिम को कम किया जा सकता है। आलू के चिप्स, मूंगफली, चॉकलेट, चुकंदर और पालक में ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है।
     
  2. यूरिक एसिड स्टोन (Uric Acid Stone)
    इस प्रकार की किडनी की पथरी महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक आम है। यह गाउट की समस्या से पीड़ित लोग या किमोथेरेपी से गुज़र रहे लोगों को होने की सम्भावना ज़्यादा है। इस प्रकार की पथरी तब होती है जब मूत्र में एसिड की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है। प्यूरीन से समृद्ध आहार मूत्र के एसिड के स्तर को बढ़ा सकते हैं। प्यूरिन एक बेरंग पदार्थ होता है जो पशु प्रोटीन में मौजूद होता है जैसे मछली, शेलफिश और मांस।
     
  3. स्ट्रूवाइट स्टोन (Struvite Stone)
    इस प्रकार की पथरी ज्यादातर मूत्र-पथ के संक्रमण से ग्रस्त महिलाओं में पाई जाती है। ये स्टोन बड़े हो सकते हैं और मूत्र में बाधा पैदा कर सकते हैं। ये स्टोन गुर्दे के संक्रमण के कारण होते हैं। बुनियादी संक्रमण का इलाज स्ट्रूवाइट स्टोन के विकास को रोक सकता है।
     
  4. सिस्टीन स्टोन (Cystine Stone)
    सिस्टीन स्टोन के मामले बहुत कम होते हैं। यह उन पुरुषों और महिलाओं में होते हैं जिन्हें अनुवांशिक विकार सिस्टीनुरिया (genetic disorder cystinuria; एक अनुवांशिक विकार जिसमें अमीनो एसिड सिस्टीन द्वारा बनने वाले स्टोन गुर्दे, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय में बनते हैं) है। इस प्रकार की पथरी में, सिस्टीन (एक एसिड जो शरीर में स्वाभाविक रूप से होता है) का रिसाव किडनी से मूत्र में होता है।

गुर्दे की पथरी से हमेशा लक्षण नहीं होते हैं। छोटी पथरियां बिना दर्द के अपने आप मूत्र में निकल सकीय हैं हालांकि बड़ी पथरियां मूत्र के प्रवाह को अवरुद्ध कर सकती हैं जिससे कई दर्दनाक लक्षण हो सकते हैं जो गंभीर हो सकते हैं।

गुर्दे की पथरी के लक्षण निम्नलिखित हैं:

दर्द
आपकी पथरी का स्थान और आपके मूत्र-पथ में इसकी प्रगति के अनुसार आपके लक्षण अलग़-अलग हो सकते हैं। बहुत से लोगों को उनकी पीठ के एक तरफ या पेट के निचले हिस्से में तेज़ दर्द होता है। दर्द अक्सर अचानक शुरू होता है और फिर समय के अनुसार अधिक तीव्र होता जाता है। प्रभावित क्षेत्र में जांध के बीच का भाग और पेट का निचला हिस्सा भी शामिल हो सकता है।

आपको लगातार दर्द हो सकता है या दर्द कुछ मिनट तक होने के बाद गायब भी हो सकता है और फिर वापिस आ सकता है। कुछ मामलों में, दर्द की तीव्रता में उतार-चढ़ाव भी हो सकता है। तीव्रता का स्तर आपकी पथरी का मूत्र-पथ में एक अलग स्थान पर जाने पर निर्भर करता है।

गुर्दा की पथरी का दर्द आमतौर पर रात में या सुबह-सुबह शुरू होता है। इसका कारण यह है कि लोग आम तौर पर रात में या सुबह कम पेशाब करते हैं और सुबह मूत्रवाहिनी आमतौर पर संकुचित होती है।

अन्य लक्षण

दर्द के अलावा, गुर्दे की पथरी के कई अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, जैसे -

  1. पेशाब करते समय दर्द
  2. मूत्र में खून आना।
  3. मूत्र में धुंधलापन होना।
  4. मूत्र से असामान्य गंध आना।
  5. ​सामान्य से अधिक बार पेशाब करने की इच्छा।
  6. एक बार में थोड़ा सा ही मूत्र आना।

गुर्दे की पथरी के कारण मूत्र में उपस्थित रक्त से मूत्र का रंग भूरा, गुलाबी या लाल हो सकता है।

तुरंत अपने चिकित्सक के पास जाएं अगर आपको दर्द के साथ निम्नलिखित में से कोई लक्षण होते हैं।

  1. मतली या उल्टी होना।
  2. ठंड लगना।
  3. बुखार होना।
  4. इतना गंभीर दर्द होना कि आप आराम से बैठ, खड़े या लेट न पाएं।
  5. मूत्र में रक्त आना।
  6. पेशाब करने में कठिनाई होना।

गुर्दे की पथरी होने के कुछ कारण निम्नलिखित हैं -

  • आनुवंशिकता
    कुछ लोगों को आनुवंशिकता के कारण गुर्दे की पथरी होने की संभावनाएं ज़्यादा होती हैं। गुर्दे की पथरी कैल्शियम के अधिक स्तर के कारण होती सकती है। मूत्र  में कैल्शियम का उच्च स्तर पीढ़ी दर पीढ़ी पारित हो सकता है। कुछ दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियां भी गुर्दे की पथरी का कारण बन सकती हैं जैसे ट्यूबलर एसिडोसिस या शरीर के कुछ रसायनों को पचाने में समस्याएं जैसे सिस्टीन (एक एमिनो एसिड), ऑक्सलेट (एक कार्बनिक एसिड का नमक) और यूरिक एसिड व अन्य रसायन।
     
  • भौगोलिक स्थान
    आपकी रहने की जगह भी आपको गुर्दे की पथरी होने की ज़िम्मेदार हो सकती है। भारत में महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के हिस्सों में गुर्दे की पथरी की समस्या काफी प्रचलित है। गर्म जलवायु के क्षेत्र में रहना और अपर्याप्त द्रव सेवन करना पथरी होने का कारण हो सकता है।
     
  • आहार
    यादी कोई व्यक्ति पथरी के गठन के प्रति अतिसंवेदनशील होता है, उसे तो पशु प्रोटीन और नमक से उच्च जोखिम हो सकता है। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति पथरी के गठन के लिए अतिसंवेदनशील नहीं है तो संभवतः आहार से उन्हें कोई जोखिम नहीं होता।
     
  • दवाएं
    ड्यूरेटिक्स और ज़्यादा कैल्शियम वाले एंटासिड लेने वाले लोगों के मूत्र में कैल्शियम का स्तर ज्यादा हो सकता है जिससे पथरी का गठन भी हो सकता है। विटामिन ए और विटामिन डी से भी कैल्शियम का स्तर बढ़ सकता है। एचआईवी के उपचार के लिए इंडिनवीर दवा से इंडिनवीर पथरी का गठन हो सकता है। इसके अलावा भी कुछ दवाएं पथरी के गठन का कारन बन सकती हैं।
     
  • अंतर्निहित बीमारियां
    कुछ पुरानी बीमारियां गुर्दे की पथरी के निर्माण से संबंधित होती हैं जैसे सिस्टिक फाइब्रोसिस (cystic fibrosis), रीनल ट्यूबलर एसिडोसिस (renal tubular acidosis) और इंफ्लेमेट्री बाउल रोग (inflammatory bowel disease)।

गुर्दे की पथरी के जोखिम कारक -

  • 30 से 50 वर्ष कि आयु के पुरुषों को गुर्दे की पथरी होने की संभावना अधिक होती है।
  • कम एस्ट्रोजन स्तर वाली महिलाओं और जिन महिलाओं के अंडाशय निकले हुए हैं उन्हें गुर्दे की पथरी होने की संभावनाएं अधिक होती हैं।
  • गुर्दे की पथरी का पारिवारिक इतिहास आपको पथरी होने का जोखिम बढ़ा सकता है।
  • गुर्दे की पथरी का इतिहास होना भी इसके जोखिम को बढ़ता है।
  • निर्जलीकरण। (और पढ़ें - शरीर में पानी की कमी के 10 महत्वपूर्ण संकेत)
  • मोटापा
  • उच्च प्रोटीन, नमक, या ग्लूकोज़ वाले आहार का सेवन।
  • हायपरपरथायरॉयडिज़्म स्थिति होना (रक्त प्रवाह में पैराथाइरॉइड हार्मोन का ज़्यादा होना)।
  • गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी
  • कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाने वाले इन्फ्लेमेट्री बाउल रोग। 
  • ड्यूरेटिक्स, दौरों को रोकने वाली दवाएं और कैल्शियम-आधारित एंटासिड्स लेना।

गुर्दे की पथरी से बचने के उपाय निम्नलिखित हैं -

  • अतिरिक्त मात्रा में पानी पिएँ
    पानी मूत्र में मौजूद उन पदार्थों को गलाता है जो पथरी पैदा करते हैं। प्रतिदिन इतना पानी पिएँ जिससे आपको 2 लीटर मूत्र आए। नींबू पानी और संतरे का जूस जैसे कुछ खट्टे पेय पीने से भी आपको मदद मिल सकती है। इन पेय पदार्थों में मौजूद साइट्रेट पथरी के गठन को रोकने में सहायता करता है।
     
  • कैल्शियम लें
    कम कैल्शियम लेने से ऑक्सलेट के स्तर में वृद्धि हो सकती है जिससे गुर्दे की पथरी हो सकती है। इसे रोकने के लिए, अपनी उम्र के हिसाब से ज़रूरी कैल्शियम की मात्रा लें। खाद्य पदार्थों से कैल्शियम प्राप्त करने की कोशिश करें क्यूँकि कुछ अध्ययनों के मुताबिक कैल्शियम के सप्लीमेंट्स लेने से भी पथरी हो सकती है।
     
  • सोडियम कम लें
    उच्च सोडियम आहार गुर्दे की पथरी कर सकता है क्योंकि यह आपके मूत्र में कैल्शियम की मात्रा बढ़ाता है। इसीलिए गुर्दे की पथरी से बचने के लिए अपने आहार में सोडियम की मात्रा कम करें। वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार दैनिक सोडियम सेवन 2,300 मिलीग्राम तक सीमित होना चाहिए। यदि आपको पहले भी सोडियम से गुर्दे की पथरी हुई है तो सोडियम का दैनिक सेवन 1500 मिलीग्राम तक कम करने का प्रयास करें। यह आपके रक्तचाप और दिल के लिए भी अच्छा होगा।
     
  • पशु प्रोटीन को सीमित करें
    रेड मीट, मुर्गी, अंडे और समुद्री भोजन जैसे खाद्य पदार्थ खाने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है जिससे गुर्दे की पथरी हो सकती है। उच्च प्रोटीन आहार से साइट्रेट (मूत्र में मौजूद एक रसायन जो स्टोन के गठन को रोकता है) का स्तर भी कम होता है।
     
  • पथरी बनाने वाले खाद्य पदार्थ न लें
    चुकंदर, चॉकलेट, पालक, रेवतचीनी (एक प्रकार का फल), चाय और अधिकांश मेवों में ऑक्सलेट होता है और कोला में फॉस्फेट होता है जो दोनों ही पथरी का गठन करते हैं। यदि आप पथरी की समस्या से पीड़ित हैं तो आपका डॉक्टर आपको इन खाद्य पदार्थों से बचने या इन्हें छोटी मात्रा में लेने की सलाह दे सकते हैं।

कुछ अध्ययनों से पता चला है कि जो पुरुष सप्लीमेंट्स के रूप में विटामिन सी की उच्च खुराक लेते हैं, उन्हें गुर्दे की पथरी होने का जोखिम अधिक होता है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि शरीर विटामिन सी को ऑक्सलेट में बदल देता है।

गुर्दे की पथरी का निदान निम्नलिखित तरीकों से किया जाता है -

  • रक्त परीक्षण
    रक्त परीक्षण आपके रक्त में अधिक कैल्शियम या यूरिक एसिड की जाँच करता है। रक्त परीक्षण के परिणाम आपके गुर्दे के स्वास्थ्य और अन्य चिकित्सकीय स्थितियों की जांच के लिए सहायक है।
     
  • मूत्र परीक्षण
    24-घंटे का मूत्र संग्रह परीक्षण यह दिखा सकता है कि आप आपके मूत्र में बहुत सारे पथरी बनाने वाले खनिज हैं या पथरी के गठन को रोकने वाले पदार्थ कम हैं। इस परीक्षण के लिए, आपके डॉक्टर आपको लगातार दो दिनों के लिए दो मूत्र संग्रहण करने के लिए कह सकते हैं।
     
  • इमेजिंग परीक्षण
    इमेजिंग परीक्षण आपके मूत्र-पथ में गुर्दे की पथरी दिखा सकते हैं। इमेजिंग टेस्ट में शामिल हैं - पेट का एक्स-रे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एक नॉन-इन्वेसिव टेस्ट और इन्ट्रावीनस यूरोग्राफी (जिसमें एक हाथ की नस में डाई वाला इंजेक्शन लगाया जाता है और एक्स-रे या सीटी स्कैन की छवियां आपके गुर्दे और मूत्राशय से पथरी का पता चलता है)।
     
  • पारित पथरी का विश्लेषण
    पथरी को प्राप्त करने के लिए आपको एक झरनी के माध्यम से पेशाब करने के लिए कहा जा सकता है। लैब विश्लेषण आपके गुर्दे की पथरी के होने की वजह बता सकता है और आपके चिकित्सक इस जानकारी का उपयोग करके और गुर्दे की पथरी के गठन को रोकने के लिए एक योजना बना सकते हैं।

किडनी स्टोन का इलाज करने के तरीके निम्नलिखित हैं -

दवाएं
दर्द से राहत में मादक दवाओं की आवश्यकता हो सकती है। संक्रमण की उपस्थिति का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है। अन्य दवाएं हैं -

  • एलोप्यूरिनॉल (यूरिक-एसिड स्टोन के लिए)
  • ड्यूरेटिक दवाएं
  • सोडियम बाइकार्बोनेट (सोडियम साइट्रेट के लिए)
  • फास्फोरस घोल

लिथोट्रिप्सी (Lithotripsy)
एक्स्ट्राकोर्पोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (Extracorporeal Shock Wave Lithotripsy, ESWL) बड़ी पथरी को तोड़ने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करती है ताकि वे आपकी मूत्रवाहिनी से मूत्राशय में जा सके। यह प्रक्रिया असहज हो सकती है और इसमें एनेस्थीसिया की आवश्यकता हो सकती है। इससे पेट के निचले हिस्से और पीठ पर नील हो सकते हैं और गुर्दे व के अंगों के चारों ओर खून का रिसाव हो सकता है।

परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (Percutaneous Nephrolithotomy)
परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (Percutaneous Nephrolithotomy, PCNL) में पथरी को आपकी पीठ में एक छोटे से चीरे के माध्यम से हटाया जाता है और ये तब आवश्यक हो सकती है जब -

  1. पथरी बाधा और संक्रमण करती है या गुर्दों को नुकसान पहुंचती है।
  2. पथरी इतनी बड़ी हो गयी है कि पारित नहीं की जा सकती।
  3. दर्द को नियंत्रित नहीं किया जा सकता।

यूरेटेरोस्कोपी (Uretroscopy)
जब पथरी आपकी मूत्रवाहिनी या मूत्राशय में फंस जाती है तो आपके डॉक्टर एक उपकरण का उपयोग कर सकते हैं जिसे यूरेट्रोस्कोप कहा जाता है। इसमें एक छोटी सी तार जिस पर कैमरा लगा होता है, मूत्रमार्ग में डाला जाता है जो मूत्राशय में जाता है। पथरी को निकलने के लिए एक छोटे से पिंजरे का उपयोग किया जाता है और विश्लेषण के लिए स्टोन प्रयोगशाला में भेजा जाता है।

पथरी हमेशा गुर्दे में नहीं रहती हैं, कभी-कभी वे गुर्दे से मूत्रवाहिनी में चली जाती हैं। मूत्रवाहिनी छोटी और नाज़ुक होती है जिससे पथरी पारित होने में कठिनाई होती है। मूत्रवाहिनी में पथरी के पारित होने से ऐंठन और मूत्र में खून आना हो सकते हैं।

कभी-कभी पथरी मूत्र के प्रवाह को रोक देती है। इसे एक मूत्र बाधा कहा जाता है जिससे गुर्दे का संक्रमण और गुर्दे की क्षति हो सकती है।

Dr. Mukesh Gothi

Dr. Mukesh Gothi

गुर्दे की कार्यवाही और रोगों का विज्ञान

Dr. Juli Lakhani

Dr. Juli Lakhani

गुर्दे की कार्यवाही और रोगों का विज्ञान

Dr. Subodh Thote

Dr. Subodh Thote

गुर्दे की कार्यवाही और रोगों का विज्ञान

पथरी (किडनी स्टोन) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
AlinolAlinol 10 Mg Tablet26.0
CiploricCiploric 100 Mg Tablet23.0
CiprolicCiprolic 100 Mg Tablet22.0
LodiricLodiric 250 Mg Capsule Sr71.0
LogoutLogout 100 Mg Tablet23.0
MyloricMyloric 100 Mg Tablet14.0
OxyprimOxyprim Capsule62.0
PiloricPiloric 100 Mg Tablet7.0
Zyloric TabletZyloric 100 Mg Tablet18.0
ZyrikZyrik 100 Mg Tablet24.0
AllgoricAllgoric 100 Mg Tablet25.0
Allopurinol 100 Mg TabletAllopurinol 100 Mg Tablet7.0
AlloricAlloric 300 Mg Tablet25.0
AlopurAlopur 100 Mg Tablet21.0
AlrikAlrik 100 Mg Tablet24.0
AlunoAluno 100 Mg Tablet28.0
AveryAvery 100 Mg Tablet27.0
AxanthineAxanthine 300 Mg Tablet70.0
GudloricGudloric 100 Mg Tablet20.0
LopnolLopnol 100 Mg Tablet Dt19.0
RyloricRyloric 100 Mg Tablet9.0
SwiloricSwiloric 100 Mg Tablet25.0
UridipUridip 100 Mg Tablet18.0
UritasUritas 100 Mg Tablet17.0
ZyleZyle 100 Mg Tablet10.0
RanloricRanloric 100 Mg Tablet7.0
ZanopirolZanopirol Tablet22.0
AlkacipAlkacip Syrup50.0
AlkacitAlkacit 1.43 Gm Syrup47.0
AlkamedAlkamed 1.37 Gm Syrup59.0
AlkarateAlkarate 1.37 Gm Syrup52.75
CitralkaCitralka 1.53 Gm/5 Ml Liquid59.22
JucitronJucitron Syrup50.0
OricitralOricitral Syrup49.5
Q CitraQ Citra 1.53 Mg Syrup45.0
SiocitrateSiocitrate Liquid44.5
UrosolUrosol Syrup50.0
Acit(Agron)Acit 1.4 Gm Syrup39.81
AcrocitronAcrocitron 1400 Mg Syrup32.12
AlkacitralAlkacitral 1.25 Mg Syrup62.92
AlkalAlkal 1.37 Gm Suspension62.86
AlkaliserAlkaliser Syrup39.5
AlkapilAlkapil 1.53 G Syrup40.0
AlkapotAlkapot Syrup41.35
AlkapyrinAlkapyrin Suspension38.56
AlkasolAlkasol Syrup111.32
AlkawinAlkawin 1.4 G Syrup48.0
AlkiromAlkirom 1.55 Gm Syrup55.0
CitalkaCitalka 1.25 Gm Syrup45.91
CitrahilCitrahil 1.37 Gm Syrup51.42
Disodium Hydrogen Citrate 1.4 Mg SyrupDisodium Hydrogen Citrate 1.4 Mg Syrup22.42
Nephrasol AlkaliserNephrasol Alkaliser Syrup49.95
SodalkaSodalka Syrup49.0
Unicitral(Unc)Unicitral Syrup48.0
AcitrolAcitrol Syrup38.0
Alkanol SyrupAlkanol Syrup60.5
AlkapenAlkapen Syrup15.81
AlkazipAlkazip Syrup19.5
Altracirol SyrupAltracirol Syrup55.0
CadicitronCadicitron 1.4 Mg Syrup15.62
CitraglowCitraglow 1.38 Gm Suspension16.15
CitraCitra 1.52 Gm Syrup44.0
EralkaEralka 1400 Mg Suspension49.5
NisalkaNisalka 1.25 Gm Syrup43.0
NovizacNovizac 130 Mg Syrup150.0
UriflameUriflame Syrup35.06
DilosynDilosyn 4 Mg/5 Ml Syrup49.25
AlkacitronAlkacitron 1.25 G/5 Ml Syrup58.0
IriganIrigan Solution158.8
Alkasol PAlkasol P 1000 Mg/125 Mg/50 Mg Liquid169.62
CitalCital Liquid63.5
K Mac B6K Mac B6 New Solution145.28

पथरी (किडनी स्टोन) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Himalaya Cystone TabletsHimalaya Cystone Tablets100.0
Baidyanath Bangashwar Ras (Ord.)Baidyanath Swarnaraj Bangeshwar152.0
Baidyanath Saptavinshati GugguluBaidyanath Saptavinshati Guggulu173.0
Baidyanath Shweta ParpatiBaidyanath Shweta Parpati69.0
Baidyanath Bangeshwar Ras Brihat (Smy)Baidyanath Bangeshwar Ras Brihat (Smy)320.0
Baidyanath Hajrul Yahuda BhasmaBaidyanath Hajrulayahuda Bhasma135.0
Baidyanath Gokshuradi GugguluBaidyanath Gokshuradi Guggulu145.0
Baidyanath Kanchanar GugguluBaidyanath Kanchanar Guggulu105.0
Baidyanath Pathrina TabletsBaidyanath Patharina Tablets115.0
Hamdard Majun Supari PakHamdard Majun Supari Pak84.0
Divya Kanchnar GuggulDivya Kanchnar Guggul70.0
Divya Gokshuradi GuggulDivya Gokshuradi Guggul70.0
Zandu K4K4 Tablet65.0
Zandu Chandraprabha VatiZandu Chandraprabha Vati Tablet42.0

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