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ब्रोन्काइटिस उन पहली 10 स्थितियों में से एक है जिसके लिए लोग चिकित्सा लेते हैं। ब्रोन्काइटिस में श्वासनलियाँ (ब्रोन्कियल ट्यूब्स) या मुंह और नाक और फेफड़ों के बीच के हवा के मार्ग सूज जाते हैं। विशेष रूप से, ब्रोंकाइटिस में ब्रोन्कियल ट्यूब्स (श्वासनलियाँ) की लाइनिंग की सूजन हो जाती है। ब्रोंकाइटिस से पीड़ित लोगों को फेफड़ों में हवा और ऑक्सीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है।

यह सूजन वायरस, बैक्टीरिया, धूम्रपान करने या रासायनिक प्रदूषण या धूल में साँस लेने के कारण हो सकती है। जब श्वसन नलियों की लाइनिंग के ऊतक की कोशिकाएं एक निश्चित मात्रा से ज़्यादा उत्तेजक हो जाती हैं तो उनके भीतर मौजूद छोटे बाल (सिलिया), जो आम तौर पर प्रदूषित पदार्थों को रोकते हैं, काम करना बंद कर देते हैं जिससे श्वसन नालियां बलग़म से भरकर और अधिक उत्तेजक हो जाती हैं। ब्रोंकाइटिस से पीड़ित लोगों को अक्सर गाढ़े बलगम वाली खांसी होती है जिसका रंग फीका हो सकता है। लगभग 90% लोग ब्रोंकाइटिस में चिकित्स्क सलाह लेते हैं।

  1. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के प्रकार - Types of Bronchitis in Hindi
  2. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के चरण - Stages of Bronchitis in Hindi
  3. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के लक्षण - Bronchitis Symptoms in Hindi
  4. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के कारण - Bronchitis Causes in Hindi
  5. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) से बचाव - Prevention of Bronchitis in Hindi
  6. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) का परीक्षण - Diagnosis of Bronchitis in Hindi
  7. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) का इलाज - Bronchitis Treatment in Hindi
  8. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के जोखिम और जटिलताएं - Bronchitis Risks & Complications in Hindi
  9. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) में परहेज़ - What to avoid during Bronchitis in Hindi?
  10. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Bronchitis in Hindi?
  11. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) की दवा - Medicines for Bronchitis in Hindi
  12. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Bronchitis in Hindi
  13. ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के डॉक्टर

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के प्रकार - Types of Bronchitis in Hindi

ब्रोंकाइटिस दो प्रकार के होते हैं -

  1. एक्यूट ब्रोंकाइटिस
    एक्यूट ब्रोंकाइटिस में गले के पिछले हिस्से में थूक के उत्पादन के साथ या उसके बिना खांसी या उत्तेजना होती है। आमतौर पर यह बैक्टीरिया के संक्रमण के परिणामस्वरूप या प्रदूषित वायु या रासायनिक धुंए द्वारा श्वसन नली की लगातार उत्तेजना से सर्दी या फ्लू के बाद होता है। इसमें थोड़ा बुखार हो सकता है जो कुछ दिनों से सप्ताह तक रहता है और अक्सर बुखार के साथ खाँसी भी होती है जो काफी हफ्तों तक रह सकती है। एक्यूट ब्रोंकाइटिस के लक्षण 7-10 दिनों में चले जाते हैं फिर भी सूखी खाँसी कई हफ्तों तक रह सकती है। बच्चों की छोटी श्वसन नली की वजह से बच्चों में अक्सर ब्रोंकाइटिस अधिक होता है। बुजुर्गों में भी यह हो सकता है.लेकिन इससे आमतौर पर कोई समस्या नहीं होती।
     
  2. क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस
    क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस, एम्फीसीमा (Emphysema) के साथ होता है जो क्रॉनिक प्रतिरोधी श्वसन संक्रमण (सीओपीडी: Chronic Obstructive Pulmonary Disease) बन जाता है। इसमें मरीज़ की हालत खराब हो जाती है उसे सांस लेने में कठिनाई और शारीरिक थकावट हो सकती है तथा मरीज़ को कृत्रिम ऑक्सीजन की आवश्यकता भी हो सकती है। इसमें बुखार भी हो सकता है। इसके अलावा खांसी तीन महीने और अधिक समय के लिए रहती है। वायुमार्ग (ब्रोंकोइल) में चोट के कारण और अधिक स्थायी ब्रोंकाइटिस भी हो सकता है।

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के चरण - Stages of Bronchitis in Hindi

एक्यूट ब्रोंकाइटिस के निम्नलिखित तीन चरण हैं -

  1. पहला चरण
    एक्यूट ब्रोंकाइटिस के प्रारंभिक चरण में सूखी और स्थायी रहने वाली खांसी होती है।
     
  2. दूसरा चरण
    एक्यूट ब्रोन्काइटिस करने वाला वायरल संक्रमण जैसे-जैसे श्वसन तंत्र के निचले हिस्से में फैलता है और बलगम के उत्पादन में वृद्धि होती है, खाँसी भी बढ़ सकती है। इसमें सामान्य रूप से बलगम स्पष्ट या सफेद रहता है, पीले, ग्रे या हरे रंग के बलगम को आमतौर पर जीवाणु संक्रमण का संकेत मन जाता है।
     
  3. तीसरा चरण
    ज्यादातर रोगियों में वायरल संक्रमण आमतौर पर कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। हालांकि, अंतिम चरण में, पोस्ट-ब्रॉन्काइटिस सिंड्रोम होता है जिसमें मरीज़ों को कई हफ्तों तक खांसी रहती है क्योंकि उनकी श्वसन नली की दीवारों के नुकसान को ठीक होने में अधिक समय की आवश्यकता होती है।

 

क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस (सीओपीडी) के निम्नलिखित चार चरण हैं

  1. पहला चरण
    पहले चरण में सीओपीडी को हल्का या प्रारंभिक चरण में माना जाता है।
    इसमें फेफड़ों की कार्य करने की कुशलता के माप (FEV1) को 80 - 100% माना जाता है।
     
  2. दूसरा चरण
    दूसरे चरण में सीओपीडी को मध्यम प्रगतिशील माना जाता है।
    इसमें फेफड़ों की कार्य करने की कुशलता के माप (FEV1) को 50 - 79% माना जाता है।
     
  3. तीसरा चरण
    तीसरे चरण में सीओपीडी को गंभीर रूप से प्रगतिशील माना जाता है।
    इसमें फेफड़ों की कार्य करने की कुशलता के माप (FEV1) को 30 - 49% माना जाता है।
     
  4. चौथा चरण
    चौथे चरण में सीओपीडी को गंभीर रूप से प्रगतिशील माना जाता है।
    इसमें फेफड़ों की कार्य करने की कुशलता के माप (FEV1) को 30% से नीचे या 50% से नीचे क्रॉनिक श्वसन विफलता के साथ माना जाता है।

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के लक्षण - Bronchitis Symptoms in Hindi

एक्यूट ब्रोंकाइटिस के लक्षण

एक्यूट ब्रोंकाइटिस एक दृढ़ खांसी है। यह खांसी तब तक रहती है जब तक आपकी ब्रोन्कियल नलियां ठीक नहीं होतीं और सूजन कम नहीं होती। 50 प्रतिशत रोगियों को खांसी 3 सप्ताह से कम समय तक रहती है। लेकिन 25 प्रतिशत रोगियों के लिए यह एक महीने से अधिक समय तक रह सकती है। इसमें आपको ज़ुकाम और फ्लू के लक्षण भी हो सकते हैं। जैसे -

  1. गले में खराश
  2. थकान
  3. नाक में जमावट या नाक का बहना
  4. बुखार (और पढ़ें – बुखार के घरेलू उपचार)
  5. शरीर में दर्द
  6. उल्टी
  7. दस्त

एक्यूट ब्रोंकाइटिस के अन्य लक्षण भी हैं जैसे - खरखराहट (सांस लेते समय सीटी या चीख की ध्वनि होना), सीने में जकड़न या दर्द, हल्का बुखार और सांस की तकलीफ (खासकर शारीरिक गतिविधि के दौरान)।

क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस के लक्षण

  1. खांसी जो बलगम (थूक) का उत्पादन करती है और जिसमें खून भी आ सकता है।
  2. परिश्रम या हलकी गतिविधि से सांस लेने में तकलीफ होना।
  3. बार-बार श्वसन संक्रमण होना जिससे लक्षण बिगड़ते हैं।
  4. खरखराहट (सांस लेते समय सीटी या चीख की ध्वनि होना)।
  5. थकान होना।
  6. टखने, पैर और पैर की सूजन जो दोनों तरफ को प्रभावित करती है।
  7. सिरदर्द होना।

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के कारण - Bronchitis Causes in Hindi

एक्यूट ब्रोंकाइटिस के कारण

एक्यूट ब्रोंकाइटिस के कारण वायरल और बैक्टीरिया संक्रमण, पर्यावरणीय कारक और अन्य फेफड़ों की स्थितियां होती हैं।

  1. वायरल संक्रमण: वायरस 85 से 95 प्रतिशत बालिगों में एक्यूट ब्रोंकाइटिस करते हैं। वह वायरस जो आम सर्दी या फ्लू करते हैं, तीव्र ब्रोंकाइटिस भी कर सकते हैं।
  2. बैक्टीरिया का संक्रमण: दुर्लभ मामलों में, ब्रॉन्काइटिस के वायरल संक्रमण के बाद बैक्टीरियल ब्रॉन्काइटिस विकसित हो सकता है। यह माइकोप्लाज्मा निमोने, क्लैमाइडिया निमोनिया और बोर्डेटेला पेरटसिस (जो काली खांसी करता है) जैसे बैक्टीरिया द्वारा हो सकता है।
  3. उत्तेजक पदार्थ: उत्तेजक पदार्थों जैसे धुआं, धुंध या रासायनिक धुएं में सांस लेने से आपकी वायु-नली और ब्रोन्कियल ट्यूबों में सूजन पैदा कर सकता है जिससे एक्यूट ब्रोंकाइटिस हो सकता है।
  4. अन्य स्थितियां: क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस या अस्थमा से ग्रस्त लोगों को कभी-कभी एक्यूट ब्रोंकाइटिस हो सकता है। इन मामलों में, एक्यूट ब्रोंकाइटिस संक्रामक नहीं होता है क्योंकि यह किसी संक्रमण के कारण नहीं हुआ।

 

क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस के कारण
क्रॉनिक ब्रोन्काइटिस के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इसका मुख्य कारण सिगरेट का धुआं है। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम (सीडीसी) के आंकड़े बताते हैं कि लगभग 49% धूम्रपान करने वालों को क्रॉनिक ब्रोन्काइटिस होता है और 24% को एम्फीसीमा (Emphysema) / सीओपीडी (COPD) होता है।

  1. कई अन्य साँस लेने की परेशानियां (उदाहरण के लिए धुंध, औद्योगिक प्रदूषकों और सॉल्वैंट्स) भी क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस कर सकती हैं।
  2. वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण जो एक्यूट ब्रोंकाइटिस करते हैं, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस भी कर सकते हैं अगर लोग बार-बार संक्रामक एजेंटों के संपर्क में आए हैं।
  3. इसके अलावा अंतर्निहित बीमारी की प्रक्रियाएं (उदाहरण के लिए अस्थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस, इम्युनोडेफिशिएंसी, संचयशील ह्रदय की विफलता, ब्रोन्काइटिस की पारिवारिक अनुवांशिकता और ब्रोन्किएकटासिस) क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस कर सकते हैं।

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) से बचाव - Prevention of Bronchitis in Hindi

ब्रोंकाइटिस से बचाव के कुछ उपाय निम्नलिखित हैं -

  1. धूम्रपान करने और पर्यावरण में मौजूद तंबाकू के धुएं के संपर्क में आने से बचें।
  2. वायरल संक्रमण के फैलाव को सीमित करें।
  3. नम हवा में सांस लेने से बलगम पतला हो जाता है और उसे फेफड़ों से बाहर निकालना आसान हो जाता है।
  4. पानी पीने से भी फेफड़ों में मौजूद बलगम को पतला करने में मदद मिलती है।
  5. मूलिन की चाय (एक प्रकार का ओ‍षधि-पौधा जिसकी पत्तियाँ रोयेंदार और फूल पीले होते है) श्लेष्म झिल्ली को आराम देने और फेफड़ों से बलगम को हटाने में मदद करता है।
  6. श्वसन चिकित्स्क कभी-कभी मरीज़ों को एक उपकरण में फूंक मरने को कहते हैं जो की गुब्बारे जैसा होता है और जिससे फेफड़ों का व्यायाम होता है।
  7. लाल मिर्च, करी पत्ता और अन्य मसालेदार खाद्य पदार्थ जो आपकी आँखों और नाक में पानी लाते हैं, आपके बलगम के स्राव को को पतला कर सकते हैं।

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) का परीक्षण - Diagnosis of Bronchitis in Hindi

एक्यूट ब्रोंकाइटिस का निदान कैसे करें?
एक्यूट ब्रोंकाइटिस सबसे आम प्रकार के निदान में से एक है। हालांकि, एक्यू ब्रोंकाइटिस का निदान आमतौर पर नैदानिक टेस्ट पर आधारित होता है।
यदि आपको ब्रोंकाइटिस के लक्षण हो रहे हैं तो आपके चिकित्सक निम्नलिखित लक्षणों के लिए आपकी जाँच करते हैं -

  1. बुखार (हल्का बुखार एक्यूट ब्रोंकाइटिस का संकेत हो सकता है लेकिन एक तेज़ बुखार निमोनिया  या इन्फ्लुएंजा का संकेत हो सकता है)। (और पढ़ें – निमोनिया से बचने के उपाय)
  2. तेजी से साँस लेना।
  3. फेफड़े से घरघराहट और हल्की साँस लेने में आवाज़ आना।
  4. बलगम आना।

 

क्रॉनिक ब्रोन्काइटिस का निदान

  1. छाती का एक्स-रे अन्य फेफड़ों की स्थितियां जैसे निमोनिया के निदान में मदद कर सकता है, जिससे आपको खाँसी हो रही है।
  2. आपके थूक या बलगम का परीक्षण और विश्लेषण बैक्टीरिया की उपस्थिति की पुष्टि कर सकता है और आपके चिकित्सक को आपके लक्षणों के मूल कारण को निर्धारण करने में सहायता कर सकता है।
  3. एक फेफड़ों संबंधी परीक्षण आपके डॉक्टर को यह मूल्यांकन करने में मदद कर सकता है कि आपके फेफड़े कितनी अच्छी तरह काम कर रहे हैं। यह परीक्षण यह पता लगा सकता है कि आप कितनी अच्छी तरह सांस लेने में सक्षम हैं और कितनी आसानी से आपके फेफड़े शरीर के बाकी हिस्सों में ऑक्सीजन भेज रहे हैं जिससे अस्थमा या एम्फीसीमा (Emphysema) का निदान हो सकता है।
  4. सीटी स्कैन के दौरान, आपके डॉक्टर आपके शरीर के एक्सरे को विभिन्न दृष्टिकोण से लेते हैं, जिससे आपके डॉक्टर आपके फेफड़ों और अन्य अंगों को और अधिक विस्तार से देख सकते हैं।

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) का इलाज - Bronchitis Treatment in Hindi

एक्यूट ब्रोंकाइटिस

एक्यूट ब्रोंकाइटिस के अधिकांश मामलों का इलाज निम्नलिखित तरीकों से घर पर किया जा सकता है।

  1. कैफीन और अल्कोहल के अलावा अन्य तरल पदार्थ का सेवन करने से।
  2. बहुत सारा आराम करने से।
  3. सूजन को कम करने, दर्द को कम करने और अपने बुखार को कम करने के लिए केमिस्ट मिलने वाली दर्द निवारक लें। एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) भी दर्द कम करने में मदद करती है और बुखार को भी कम करती है।
  4. खांसी की दवा का उपयोग करें यदि आपका बच्चा 6 साल या उससे अधिक आयु का है।
  5. बलगम वाली खांसी को रोके नहीं। इस प्रकार की खाँसी आपकी ब्रांकाई को साफ करने में मदद करती है। यदि आप धूम्रपान करते हैं तो छोड़ दें।

एंटीबायोटिक दवाएं वायरस का इलाज करने में मदद नहीं करती हैं। वे बैक्टीरिया संक्रमण के मामलों का इलाज करने के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं। एक्यूट ब्रोंकाइटिस से ग्रस्त कुछ लोगों को अस्थमा का इलाज करने वाली दवाओं की आवश्यकता होती है।

क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस

सामान्य तौर पर, एंटीबायोटिक दवाएं क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस का इलाज नहीं करती हैं। अगर आपको क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस के साथ फेफड़ों का संक्रमण है तो आपको एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता हो सकती है। यदि आपको फेफड़ों का संक्रमण है तो आपका बलगम पीले या गहरे हरे रंग का हो सकता है और आपको बुखार भी हो सकता है व सांस की तकलीफ भी बढ़ सकती है।

  1. इन्हेलर
    आपके चिकित्सक क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस का इलाज करने के लिए आपको एक ब्रोन्कोडायलेटर नामक दवा दे सकते हैं। यह दवा आपके फेफड़ों में श्वसन नली को खोलती है और आपको बेहतर साँस लेने में मदद करती है। यह दवा आमतौर पर एक इन्हेलर से ली जाती है। इन्हेलर एक उपकरण होता है जिसका उपयोग आपके फेफड़ों में दवा पहुंचाने के लिए किया जाता है। इनहेलर का सही तरीके से उपयोग करना महत्वपूर्ण है ताकि आपको दवा से अधिक लाभ मिले। आपके चिकित्सक आपको इनहेलर का उपयोग करना बताएंगे।
     
  2. दवाएं
    क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस के इलाज के लिए दवाओं के दो प्रमुख वर्गों का उपयोग किया जाता है जो हैं ब्रोन्कोडायलेटर्स और स्टेरॉयड।
    1. ब्रोन्कोडायलेटर्स (उदाहरण के लिए अलबूटेरोल, मेटाप्रोटेरोलोल, फॉर्मोटेरोल, सैल्मीटरोल), ब्रांकाई को घेरने वाली मांसपेशिओं को आराम देते हैं, जो आंतरिक वायुमार्ग को खोलता है।
    2. स्टेरॉयड (उदाहरण के लिए प्रेडिनोसोन, मेथाईलप्रेड्निसोलोन), सूजन की प्रतिक्रिया को कम करते हैं और इस तरह ब्रोन्कियल सूजन और स्राव कम होता है जिससे वायुमार्ग की बाधा कम होने के कारण बेहतर वायु प्रवाह होता है। अक्सर साँस द्वारा लिए जाने वाले स्टेरॉयड का उपयोग किया जाता है क्योंकि उनके मौखिक स्टेरॉयड से कम दुष्प्रभाव होते हैं।
     
  3. ऑक्सीजन थेरेपी
    क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस से नुकसान के कारण आपके फेफड़े आपके शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त करने में सक्षम नहीं रहते। आपके डॉक्टर आपको ऑक्सीजन थेरेपी लेने के लिए कह सकते हैं यदि आपका क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस गंभीर है और दवा से आपको बेहतर महसूस नहीं हो रहा है। यदि आपके चिकित्सक आपको ऑक्सीजन लेने के लिए कहते हैं तो इससे अधिक लाभ पाने के लिए दिन और रात इसका उपयोग करें। ऑक्सीजन आपको बेहतर साँस लेने में और लम्बी उम्र के लिए मदद कर सकती है।
     
  4. व्यायाम
    नियमित रूप से व्यायाम करने से आपकी मासपेशियां सशक्त रहती हैं। सप्ताह में कम से कम 3 बार व्यायाम करें।  व्यायाम थोड़ा-थोड़ा शुरू करें और फिर धीरे-धीरे बढ़ाएं। अपने व्यायाम की योजना बनाने के लिए अपने चिकित्सक से बात करें।
    पल्मोनरी रीहैबिलिएशन नामक एक व्यायाम कार्यक्रम आपको आपकी सांस लेने में मदद कर सकता है। यह अक्सर एक श्वसन चिकित्सक द्वारा दिया जाता है। आपके डॉक्टर आपको आपके स्थानीय अस्पताल में पल्मोनरी रीहैबिलिएशन के लिए भेज सकते हैं।
    "पर्स-लिप ब्रीथिंग" नाम की एक श्वास विधि भी आपकी सहायता कर सकती है। इसे करने के लिए एक गहरी सांस लें और फिर अपने मुंह से धीरे-धीरे बाहर निकालें और अपने होठों को बंद रखें। पर्स-लिप ब्रीथिंग क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस में होने वाली सांसों की तेज़ी को कम करता है। इससे आपको बेहतर महसूस होगा।

    क्रॉनिक ब्रोन्काइटिस फेफड़ों के संक्रमण का खतरा बढ़ता है इसलिए प्रत्येक वर्ष फ्लू की वैक्सीन लें। इसके अलावा, निमोनिया से बचाने के लिए प्रत्येक 5 से 6 वर्षों में न्यूमोकोकल टीकाकरण प्राप्त करें।

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के जोखिम और जटिलताएं - Bronchitis Risks & Complications in Hindi

एक्यूट ब्रोंकाइटिस होने के निम्नलिखित जोखिम हैं -

  1. सिगरेट के धुएं में सांस लेना।
  2. बीमारियों के प्रति कम प्रतिरोधक क्षमता या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली।
  3. गैस्ट्रिक रिफ्लक्स।
  4. धूल या रासायनिक धुएं सहित उत्तेजक पदार्थों के संपर्क में आना।
  5. फ्लू, निमोनिया और काली खांसी के लिए टीकाकरण की कमी।
  6. 50 वर्ष से अधिक उम्र की आयु।

एक्यूट ब्रोंकाइटिस की जटिलताएं -
एक्यूट ब्रोंकाइटिस की जटिलताएं कम होती हैं लेकिन इससे निमोनिया (वायरल और / या बैक्टीरियल) हो सकता है।

क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस के निम्नलिखित जोखिम हैं -
क्रॉनिक ब्रोन्काइटिस सभी उम्र के पुरुषों और महिलाओं को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह मध्यम आयु वर्ग के पुरुषों में सबसे अधिक आम होता है।

  1. धूम्रपान- यह क्रॉनिक ब्रोन्काइटिस होने का सबसे महत्वपूर्ण कारक है। ज़्यादा धूम्रपान करने वालों में यह बीमारी 4 से 10 गुना अधिक आम है और इसमें उम्र, लिंग, व्यवसाय और आवास की जगह कोई मायने नहीं रखते।
  2. प्रदूषण- ज़्यादा प्रदूषण के संपर्क में आने से धूम्रपान न करने वालों को भी क्रॉनिक ब्रोन्काइटिस हो सकता है।
  3. पारिवारिक इतिहास- सीओपीडी और क्रॉनिक ब्रोन्काइटिस होने में पारिवारिक इतिहास की भी कुछ भूमिका होती है।
  4. वायुमार्ग के संक्रमण - हालाँकि संक्रमण को ब्रोन्काइटिस करने के लिए जिम्मेदार नहीं माना जाता है लेकिन यह बीमारी को बनाए रखने और बढ़ाने में महत्वपूर्ण कारक है।

क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस की जटिलताएं -
बीमारी के होने के कारण के आधार पर क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस की जटिलताओं में टीबी, काली खांसी और अन्य फेफड़ों के संक्रामक रोग शामिल हैं।

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) में परहेज़ - What to avoid during Bronchitis in Hindi?

ब्रोंकाइटिस होने पर -
  1. कैफीनयुक्त पेय न लें।
  2. धूम्रपान (धूम्रपान क्रोनिक ब्रॉन्काइटिस का नंबर 1 कारण है) न करें।
  3. हवा में मौजूद उत्तेजक पदार्थों से बचें।
  4. अपने चिकित्सक की अनुमति के बिना केमिस्ट से मिलने वाली खांसी को दबाने वाली दवाएं न लें।
  5. शराब न पिएँ।
  6. सल्फाइट्स न लें (वे ब्रोंकाइटिस को बढ़ाते हैं)।
  7. डेयरी उत्पाद न लें।
  8. शारीरिक गतिविधिओं को सीमित करें।

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Bronchitis in Hindi?

ब्रोंकाइटिस में यह सब खाना लाभकारी होता है -
  1. ताजे फल और सब्जियां, लीन मीट और कद्दू के बीज
  2. शहद (गले की सूजन और जमाव को कम करने के लिए चाय में और गर्म नींबू पानी में शहद पीना बहुत अच्छा है)
  3. गाजर व अन्य सब्ज़ियां
  4. मछली (मछली का आपके फेफड़ों पर सूजन कम करने जैसा प्रभाव हो सकता है आप गले में बेहतर महसूस कर सकते हैं और इससे साँस लेने में आसानी हो सकती है)।
  5. लहसुन (विशेष रूप से तीव्र ब्रोंकाइटिस में लहसुन का प्रयोग अच्छा होता है)।
  6. मुलेन की चाय
  7. विटामिन-सी (विटामिन सी आपको श्वसन वायरस से लड़ने में मदद करता है)
Dr.Vikas Maurya

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श्वास रोग विज्ञान
20 वर्षों का अनुभव

Dr. Prem Prakash Bansal

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30 वर्षों का अनुभव

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ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) की दवा - Medicines for Bronchitis in Hindi

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
Azibact खरीदें
Atm खरीदें
Azibest खरीदें
Novamox खरीदें
Rite O Cef खरीदें
Extacef खरीदें
Pulmoxyl खरीदें
Azilide खरीदें
Zithrox खरीदें
Azee खरीदें
Ceftas खरीदें
Milixim खरीदें
Zifi खरीदें
Azithral खरीदें
Taxim O खरीदें
L Cin खरीदें
Mox खरीदें
Aceclave खरीदें
Gigaquin खरीदें
Pid खरीदें
Acmox खरीदें
Heal Up खरीदें
Qucef (Dr Cure) खरीदें
Acmox DS खरीदें
Hinlevo खरीदें

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) की ओटीसी दवा - OTC medicines for Bronchitis in Hindi

ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine Name
Himalaya Septilin Syrup खरीदें
Baidyanath Swarna Parpati खरीदें
Dabur Vasavaleha खरीदें
Dabur Abhrak Bhasma खरीदें
Baidyanath Mrigank Ras खरीदें
Baidyanath Madhu खरीदें
Dabur Chitrak Haritaki खरीदें
Dabur Lavangadi Vati खरीदें
Baidyanath Lavangadi Bati खरीदें
Baidyanath Eladi Vati खरीदें
Zandu Infee Syrup खरीदें
Dabur Vrihat Purnachandra Ras खरीदें
Baidyanath Kafkuthar Ras खरीदें
Baidyanath Mayur Chandrika Bhasma खरीदें
Baidyanath Kasamrit Herbal खरीदें
Baidyanath Kantakaryavaleha खरीदें
Baidyanath Kafketu Ras खरीदें
Baidyanath Shringarabhra Ras खरीदें
Baidyanath Nag Bhasma खरीदें
Himalaya Bresol Syrup खरीदें
Baidyanath Kafkartari Ras खरीदें
Baidyanath Vasavaleha खरीदें
Dabur Honitus Cough Syrup खरीदें
Baidyanath Mahamrigank Ras खरीदें

References

  1. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]: U.S. Department of Health and Human Services; Bronchitis
  2. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Bronchitis
  3. American lung association. Learn About Acute Bronchitis. Chicago, Illinois, United States
  4. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Acute Bronchitis
  5. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Chronic Bronchitis
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