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अस्थमा श्वसन संबंधी रोग होता है जो सांस लेने में कठिनाई पैदा करता है। अस्थमा में श्वास नलियों की सूजन आ जाती है जिस कारण श्वसनमार्ग संकुचित (सिकुड़ जाना) हो जाता है। श्वसनमार्ग के संकुचित हो जाने से सांस लेते समय आवाज़ आना, श्वास की कमी, सीने में जकड़न और खाँसी आदि समस्याएं होने लगती हैं।

लक्षणों के आधार पर अस्थमा के दो प्रकार होते हैं - बाहरी और आंतरिक अस्थमा।

बाहरी अस्थमा बाहरी एलर्जन के प्रति एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया है, जो कि पराग, जानवरों, धूल जैसे बाहरी एलर्जिक चीजों के कारण होता है। आंतरिक अस्थमा कुछ रासायनिक तत्वों (chemical agents) को सांस द्वारा अंदर खींचने से होता है जैसे कि सिगरेट का धुआँ, पेंट वेपर्स (paint vapours) आदि। कुछ मामलों में अस्थमा स्थिति सीने में संक्रमण, तनाव, खाँसी आदि से और भी खराब हो सकती है। कुछ लोगों में अस्थमा का कारण दवाएं भी होती है, जैसे एस्पिरिन के प्रति अतिसंवेदनशीलता होना।

  1. दमा (अस्थमा) के लक्षण - Asthma Symptoms in Hindi
  2. दमा (अस्थमा) के कारण - Asthma Causes in Hindi
  3. दमा (अस्थमा) से बचाव - Prevention of Asthma in Hindi
  4. दमा (अस्थमा) का परीक्षण - Diagnosis of Asthma in Hindi
  5. दमा (अस्थमा) का इलाज - Asthma Treatment in Hindi
  6. दमा (अस्थमा) के जोखिम और जटिलताएं - Asthma Risks & Complications in Hindi
  7. कैसे जानें कि पड़ने वाला है अस्थमा का अटैक
  8. दमा (अस्थमा) में क्या नहीं खाना चाहिए, परहेज और क्या खाएं
  9. मछली खाने से अस्थमा का खतरा हो सकता है 70% तक कम
  10. दमा (अस्थमा) की आयुर्वेदिक दवा और इलाज
  11. अस्थमा अटैक क्या है, प्राथमिक उपचार
  12. दमा (अस्थमा) के घरेलू उपाय
  13. दमा (अस्थमा) की होम्योपैथिक दवा और इलाज
  14. अस्थमा के मरीज गर्मियों में न करें ये गलतियां, आ सकता है अटैक
  15. अस्थमा से निजात पाने के लिए कुछ जूस रेसिपी
  16. दमा (अस्थमा) के लिए योग
  17. दमा (अस्थमा) की दवा - Medicines for Asthma in Hindi
  18. दमा (अस्थमा) की दवा - OTC Medicines for Asthma in Hindi
  19. दमा (अस्थमा) के डॉक्टर

दमा (अस्थमा) के लक्षण - Asthma Symptoms in Hindi

बलगम वाली या बिना बलगम के सूखी खाँसी होना।

सीने में जकड़न जैसा महसूस होना।

सांस फूलना या सांस लेने में कठिनाई।

साँस लेते या बोलते समय एक घरघराहट जैसी आवाज आना।

रात में या सुबह के समय स्थिति और गंभीर हो जाना।

ठंडी हवा में सांस लेने से स्थिति और गंभीर हो जाना।

व्यायाम और ह्रद्य में जलन (heartburn) के साथ हालत और भी बद्तर हो जाती है।

जोर-जोर से सांस लेना, जिस कारण से थकान महसूस होना।

हालत ज्यादा गंभीर होने पर कई बार उल्टी लगने की भी संभावना बढ़ जाती है।

दमा (अस्थमा) के कारण - Asthma Causes in Hindi

  1. वायु प्रदुषण है दमा का कारण - Asthma Due to Air Pollution in Hindi

  2. अस्थमा का कारण बनता है सर्दी फ्लू - Asthma Caused by Respiratory Infection in Hindi
  3. खाद्य पदार्थ भी हैं दमा होने के कारण - Food Causes Asthma in Hindi
  4. अस्थमा होने का कारण है धूम्रपान - Asthma Caused by Smoking in Hindi
  5. एसिड रिफ्लक्स है सांस फूलने का कारण - Asthma Related to Acid Reflux in Hindi
  6. दवाईयां हो सकती हैं दमा का कारण - Drugs Causes Asthma in Hindi
  7. अस्थमा का कारण है शराब का सेवन - Alcohol Triggers Asthma in Hindi
  8. भावनात्मक तनाव भी है दमा होने का कारण - Emotional Stress Causes Asthma in Hindi
  9. अधिक व्यायाम भी है अस्थमा का कारण - Asthma Due to Exercise in Hindi
  10. सांस फूलने का कारण है मौसम में बदलाव - Weather Triggers Asthma in Hindi
  11. आनुवंशिकी से भी संबंधित है अस्थमा - Asthma Related to Genetics in Hindi

अस्थमा को दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है - विशिष्ट (specific) और गैर-विशिष्ट (non-specific)। विशिष्ट अस्थमा श्वसन मार्ग में एलर्जी या जलन (irritants) आदि में साँस लेने के कारण होता है, जबकि गैर-विशिष्ट अस्थमा व्यायाम, मौसम या आनुवंशिक असामान्यता के कारण होता है।

1. वायु प्रदुषण है दमा का कारण - Asthma Due to Air Pollution in Hindi

सांस लेते समय किसी भी पदार्थ से आपको एलर्जी हो सकती है। इनमें ट्रैफ़िक का धुआँ, कुत्ते बिल्लियां, घर की धूल के कण, पराग, औद्योगिक धुआँ (विशेषकर सल्फर डाइऑक्साइड युक्त), घरेलू रसायन (एयर फ्रेशनर और एयरोसोल), सुगंधित सौंदर्य प्रसाधन, सुगंधित फूल आदि शामिल हो सकते हैं। दमा के अटैक के बहुत से कारण हो सकते हैं, लेकिन उनमें से सबसे बड़ा वायु प्रदुषण होता है। अस्थमा का अटैक आने पर हमारी श्वसन नलियों में सूजन आ सकती है, जिसके कारण हम अच्छे से सांस नहीं ले पाते हैं। (और पढ़ें – एलर्जिक राइनाइटिस के कारण, लक्षण और उपचार)

2. अस्थमा का कारण बनता है सर्दी फ्लू - Asthma Caused by Respiratory Infection in Hindi

सामान्य सर्दी, फ्लू, ब्रोंकाइटिस और साइनस संक्रमण जैसे विषाणु या बैक्टीरियल श्वसन संक्रमण से अस्थमा हो सकता है। ये विशेष रूप से बच्चों में अस्थमा का एक आम कारण है। 

(और पढ़ें – धूम्रपान के प्रभाव बढ़ाएं श्वसन समस्या)

3. खाद्य पदार्थ भी हैं दमा होने के कारण - Food Causes Asthma in Hindi

एलर्जी के लक्षणों से जुड़े सबसे आम खाद्य पदार्थों में अंडे, गाय का दूध, मूँगफली, सोया, गेहूं, मछली आदि शामिल हैं।

(और पढ़ें – प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ)

4. अस्थमा होने का कारण है धूम्रपान - Asthma Caused by Smoking in Hindi

सिगरेट के धुएं में विभिन्न रसायन और गैस होती है जो फेफड़ों में समस्या पैदा कर सकते हैं। धूम्रपान से अस्थमा होने की संभावना बढ़ जाती है। अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति जब धूम्रपान करते हैं तो खाँसी और घरघराहट (wheezing) जैसे लक्षण और गंभीर हो जाते हैं। वो बच्चे जिनकी माताओं ने गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान किया है, उनमें फेफड़े और घरघराहट का खतरा बढ़ जाता है।

(और पढ़ें – सिगरेट पीना नहीं छोड़गें तो होंगे ये नुकसान)

5. एसिड रिफ्लक्स है सांस फूलने का कारण - Asthma Related to Acid Reflux in Hindi

एसिड रिफ्लक्स में स्फिन्क्टर माँसपेशी आहारनलिका और पेट के बीच वाल्व की तरह कार्य करती है, अगर यह ठीक से काम ना करे, तो पेट में अम्ल की मात्रा अधिक हो जाती है। गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स रोग (GERD) में डकार या आधा पचा हुआ खाना अन्न नलिका से श्वसन नलिका में चला जाता है जिसकी वजह से साँस लेने में समस्या उत्पन्न होती है। इस कारण अस्थमा हो सकता है। 

(और पढ़ें – पेट के गैस से राहत पाने के लिए कुछ जूस रेसिपी)

6. दवाईयां हो सकती हैं दमा का कारण - Drugs Causes Asthma in Hindi

कुछ प्रिस्क्रिप्शन (डॉक्टर द्वारा सुझाव) वाली और ओवर-द-काउंटर (over-the-counter) दवाएं जैसे एस्पिरिन और सूजन कम करनी वाली नॉन-स्टेरायडल दवाएं (आईब्यूप्रोफेन/ब्रुफेन और बीटा ब्लॉकर्स) अस्थमा के लिए एक ट्रिगर की तरह काम कर सकती है।

7. अस्थमा का कारण है शराब का सेवन - Alcohol Triggers Asthma in Hindi

शराब से अस्थमा और अधिक खराब हो सकता है। ज्यादातर शराब और बियर में सल्फाइट की मात्रा अधिक होती है। शरीर में सल्फाइट के प्रति संवेदनशीलता के कारण अस्थमा के लक्षण बढ़ सकते हैं। 

(और पढ़ें – शराब की लत से छुटकारा पाने के असरदार तरीके)

8. भावनात्मक तनाव भी है दमा होने का कारण - Emotional Stress Causes Asthma in Hindi

अत्यधिक चिंता, क्रोध और डर जैसी भावनाएं और मानसिक उत्तेजना के कारण तनाव होता है, जिससे हृदय गति और श्वास पैटर्न बदलता है। यह श्वासमार्ग में रुकावट का कारण बनता है, जिसके परिणामस्वरूप अस्थमा का दौरा पड़ता है।

(और पढ़ें – तनाव से राहत के लिए योग)

9. अधिक व्यायाम भी है, अस्थमा का कारण - Asthma Due to Exercise in Hindi

अस्थमा अधिक व्यायाम या अधिक शारीरिक श्रम करने से भी हो सकता है।

10. सांस फूलने का कारण है मौसम में बदलाव - Weather Triggers Asthma in Hindi

गर्म और नम मौसम या अत्यधिक ठंड के मौसम में अस्थमा के लक्षण तीव्र हो सकते हैं।

11. आनुवंशिकी से भी संबंधित है अस्थमा - Asthma Related to Genetics in Hindi

पारिवारिक इतिहास रहना भी अस्थमा का कारण है। अगर आपके परिवार में पहले या अभी किसी को अस्थमा है तो आने वाली पीढ़ियों में अस्थमा की संभावना बढ़ जाती है।

दमा (अस्थमा) से बचाव - Prevention of Asthma in Hindi

अस्थमा प्रमुख समस्याओं में से एक हैं दुनियाभर में लाखों लोग इससे पीड़ित हैं। यह एक एलर्जी की समस्या है, इसके लक्षण वास्तव में कष्टदायक होते हैं। अस्थमा की समस्या में आप बारिश का आनंद नहीं ले पाते हैं, थोड़ा सा शारीरिक व्यायाम करने के बाद आप थका हुआ महसूस करते हैं और आप आइस-क्रीम, शीतल पेय आदि का भी सेवन नहीं कर पाते हैं। लेकिन उचित दवा, पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाकर अस्थमा-मुक्त जीवन फिर से जिया जा सकता है। अपने आहार और जीवन शैली में ये कुछ बदलाव करें और दमा की समस्या से निजात पाएं।

  1. अस्थमा के लिए आहार - Diet for asthma in hindi
  2. दमा के लिए व्यायाम - Exercise good for asthmatics in hindi
  3. गर्म पानी है अस्थमा से बचने का उपाय - Hot water for asthma in hindi
  4. अस्थमा रोग के उपचार में एलर्जी से बचें - Prevent allergy induced asthma in hindi
  5. अस्थमा ट्रीटमेंट है चिंता से दूर रहना - Stay away from stress to prevent asthma in hindi

1. अस्थमा के लिए आहार - Diet for asthma in hindi

अस्थमा के इलाज में आहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, उचित आहार अस्थमा के लक्षणों को नियंत्रित करता है। वहीं अनुचित आहार का सेवन अस्थमा के लक्षणों को और बढ़ा सकता है। भोजन हमेशा शांति से और खूब चबा कर खाना चाहिए। अधिक मात्रा में भोजन करने से कलेजे में भारीपन सा महसूस हो सकता है, इसलिए हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार ही भोजन का सेवन करना चाहिए। (और पढ़ें – अस्थमा से निजात पाने की रेसिपी)

अस्थमा में क्या खाना चाहिए - Food for asthma cure in hindi

अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें। गाजर और पालक का रस अस्थमा में बहुत फायदेमंद है। कड़वे रस आमतौर पर स्वाद के लिए बुरे होते हैं लेकिन श्वसन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। विटामिन एविटामिन सी और विटामिन ई से समृद्ध ताजे फल अस्थमा में बहुत ही मदद करते हैं। एंटी ऑक्सीडेंट गुण वाले फलों और सब्जियों को खाने से रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। ओमेगा -3 फैटी एसिड अस्थमा के अटैक को रोकने में मदद करता है। अपने भोजन में अदरक, लहसुन, हल्दी और काली मिर्च जैसे मसालों को शामिल करें, ये अस्थमा से लड़ने में मदद करते हैं। (और पढ़ें - लहसुन के फायदे)

अस्थमा में क्या नहीं खाना चाहिए - Food not to eat in asthma in hindi

अस्थमा की समस्या में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा (fat) का सेवन कम करना चाहिए। ठंडे पेय, आइस-क्रीम आदि ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन बिलकुल ना करें। अंडे, मछली, मांस या चॉकलेट का अधिक सेवन अस्थमा के लिए हानिकारक है। अचार और मसालेदार भोजन के सेवन से बचें। दमा के अटैक से बचने के लिए शराब और धूम्रपान का सेवन कभी नहीं करें। बेहतर श्वसन स्वास्थ्य के लिए तंबाकू और गुटखा के उपयोग से भी बचें। 

(और पढ़ें – शराब की लत से छुटकारा पाने के असरदार तरीके)

2. दमा के लिए व्यायाम - Exercise good for asthmatics in hindi

जब अस्थमा एक्सरसाइज की बात आती है, योगासन जैसे सर्वांगासनशीर्षासन, भुजंगासन, पश्चिमोत्तानासन, धनुरासनउत्तान पादासन आदि बहुत फायदेमंद हैं। ये श्वसन अंग को मजबूत बनाने और कफ और खाँसी से राहत दिलाने में मदद करते हैं। ये फेफड़ों के कार्य को अच्छी तरह करने में मदद करते हैं। हर सुबह प्राणायाम करने से स्वच्छ हवा और फेफड़ों को नया जीवन मिलता है। अस्थमा से राहत दिलाने में ध्यान (Meditation) भी मदद करता है।

3. गर्म पानी है अस्थमा से बचने का उपाय - Hot water for asthma in hindi

सांस की परेशानी आपकी नींद खराब कर सकती है। इसलिए बिस्तर पर जाने से पहले एक गिलास गर्म पानी पीना दमा में बहुत ही अच्छा होता है। सुबह जल्दी उठ कर सैर पर जाएँ और सुबह की ताजी हवा में सांस लें। 

(और पढ़ें – गर्म पानी पीने के फायदे)

4. अस्थमा रोग के उपचार में एलर्जी से बचें - Prevent allergy induced asthma in hindi

उचित स्वच्छता बनाए रखें, अपने रूम को किसी भी प्रकार की एलर्जी से मुक्त और हवादार रखें। खुद को पराग, धूल और धुएं से दूर रखें । अगर आप प्रदूषण में बाहर जाते हैं तो अपने नाक और मुँह को किसी साफ रूमाल या दुपट्टे से बांधें। इत्र लगाने से बचें, यहां तक कि धूप और अगरबत्ती की खुशबू भी अस्थमा की समस्या को बढ़ा सकती है। बरसात और सर्दियों के मौसम के दौरान सावधान रहें, बारिश में बाहर जाने से बचें और खुद को गर्म रखें। 

(और पढ़ें – बदलते मौसम में हो रही एलर्जी का आयुर्वेदिक उपचार)

5. अस्थमा ट्रीटमेंट है चिंता से दूर रहना - Stay away from stress to prevent asthma in hindi

खुद को तनाव और चिंता से दूर रखने की कोशिश करें क्योंकि इस से भी अस्थमा की समस्या बढ़ सकती है, इसलिए अपने आप को खुश रखने की कोशिश करें।

अधिक से अधिक वृक्ष लगाना साफ हवा में साँस लेने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह न केवल आपकी मदद करेंगे बल्कि दमा जैसे श्वसन विकारों के होने से कई अन्य लोगों को भी बचाएंगे।

दमा (अस्थमा) का परीक्षण - Diagnosis of Asthma in Hindi

अस्थमा का परीक्षण कैसे करें?

  • शारीरिक परिक्षण :-

अन्य संभावित स्तिथियां जैसे कि श्वशन संक्रमण (respiratory infection) या फेफड़ों संबंधी कोई पुराना रोग (chronic obstructive pulmonary disease) आदि, इनपर रोकथाम बनाए रखने के लिए, डॉक्टर आपकी शारीरिक जांच कर सकते हैं। इस परिक्षण में डॉक्टर आपसे आपके रोग के संकेत और लक्षणों के बारे में और अन्य स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में पूछेंगे।

  • फेंफड़ों के कार्य की जांच करने के लिए टेस्ट :–

आपको फेफड़ों की कार्यक्षमता को मापने के लिए भी टेस्ट देना पड़ सकता है, ताकि ये बात निर्धारित की जा सके कि जब आप सांस लेते हैं तो कितनी वायु फेफड़ों के अंदर प्रवाहित होती है। इसमें ये टेस्ट शामिल हो सकते हैं:

  1. स्पायरोमेट्री (Spirometry) – इसमें गहरी सांस लेने के दौरान देखा जाता है कि आप कितनी तेजी से सांस ले सकते हैं और छोड़ सकते हैं। इस टेस्ट से ब्रोंकियल ट्यूबों के संकुचन का अनुमान लगाया जाता है।
  2. पीक फ्लो (peak flow) – पीक फ्लो एक सामान्य मीटर होता है जो जांच करता है, कि कितनी तेजी से आप सांस ले सकते हैं। सामान्य स्तर से कम पीक-फ्लो रीडिंग्स बताती हैं कि आपके फेफड़े ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे अस्थमा और गंभीर रूप से बिगड़ सकता है। डॉक्टर आपको निर्देशित कर सकते हैं, कि लो पीक फ्लो (low peak flow) रीडिंग को कैसे सामान्य स्तर पर लाया जा सकता है।
  3. फेंफड़ों के कार्य का परिक्षण (Lung function tests) – यह टेस्ट अक्सर ब्रोकॉडायलेटर (brong-koh-DIE-lay-tur)) की दवाएं लेने से पहले और बाद में किया जाता है। एल्ब्यूटेरल और वायुमार्ग खोलने के लिए इन दवाओं का प्रयोग किया जाता है। अगर ब्रोकॉडायलेटर लेने से फेफड़ों के कार्यों में सुधार होता है, तो आपको अस्थमा होने की संभावना हो सकती है।
  • अतिरिक्त टेस्ट

अस्थमा के निदान के लिए किए गए अन्य टेस्ट जिनमें शामिल हैं :-

  1. मेथाकोलिन चैलेंज (Methacholine challenge) – मेथाकोलिन को अस्थमा के मुख्य कारणों में गिना जाता है, यह नाक के वायुमार्ग को हल्के से कस के संकुचित कर देता है। अगर आपका शरीर मेथाकोलीन पर प्रतिक्रिया देता है, तो आपको अस्थमा होने की संभावना हो सकती है। अगर आपके फेफड़ों का शुरूआती टेस्ट सामान्य रहा हो तब भी यह टेस्ट लिया जा सकता है।
  2. नाइट्रिक ऑक्साइड टेस्ट (Nitric oxide test) – हालांकि यह टेस्ट हर जगह पर उपलब्ध नहीं होता, इसका काम सांस में नाइट्रिक ऑक्साइड गैस की मात्रा को मापने का होता है। आपके नाइट्रिक ऑक्साइड का स्तर सामान्य से ज्यादा होने पर आपकी नाक के वायुमार्ग संक्रमित हो सकते हैं, जो कि अस्थमा के संकेत होते हैं।
  3. इमेजिंग टेस्ट – फेफड़ों या साइनस का एक हाई-रिजोलूशन सीटी स्कैन और छाती का एक्स-रे से किसी भी प्रकार की संरचनात्मक असामान्यताओं या रोगों की पहचान की जा सकती है। ये रोग (जैसे संक्रमण आदि), सांस लेने में कठिनाईयां पैदा कर देते हैं और समस्याओं को बढ़ा देते हैं।
  4. एलर्जी टेस्टिंग (Allergy testing) – एलर्जी टेस्टिंग में खून की जांच और त्वचा की जांच आदि शामिल होती है। इस टेस्ट की मदद से एलर्जी की पहचान की जाती है, जैसे पालतू जानवरों से एलर्जी, धूल, मोल्ड या पोलन आदि से होने वाली एलर्जी की जांच करना। अगर आवश्यक हो तो एलर्जी के कारण की पहचान की जा सकती है, जो एलर्जन इम्यूनोथेरेपी (allergen immunotherapy) की मदद लेने की सलाह दे सकती है।
  5. स्प्यूटम ईयोसिनोफिल्स (Sputum eosinophils) – इस टेस्ट में मरीज की खांसी के दौरान निकलने वाली लार और थूक (स्प्यूटम) के मिश्रम में कुछ सफेत रक्त कोशिकाओं (ईयोसिनोफिल्स) की जांच की जाती है। जब अस्थमा के लक्षण विकसित होने लगते हैं, तो उस दौरान सफेद रक्त कोशिकाएं मरीज के बलगम या थूक में मौजूद होती हैं, और उसमें ये गुलाबी रंग की डाई (ईयोसिन) के समान दिखती हैं।
  6. व्यायाम और अस्थमा युक्त जुकाम के लिए प्रोवोकेटिव टेस्ट (Provocative testing for exercise and cold-induced asthma) – इस टेस्ट में, कोई फुर्तिली शारीरिक गतिविधी करने से पहले और बाद में डॉक्टर आपके वायुमार्गों की रुकावटों को मापकर उनकी जांच करते हैं। इसके अलावा ठंडी हवा में सांस लेने से पहले और बाद में भी डॉक्टर अवरुद्ध वायुमार्गों की जांच कर सकते हैं।

दमा (अस्थमा) का इलाज - Asthma Treatment in Hindi

अस्थमा का उपचार कैसे किया जाता है?

अस्थमा के उपचार के दो पहलू आपको पता होने चाहिए - पहला, कैसे अस्थमा के लक्षणों या अस्थमा अटैक से जल्द राहत पाई जा सके, और दूसरा, कैसे इसे आगे के लिए नियंत्रित किया जा सके। अगर आपको यह जानकारी होगी, तो आप अपने डॉक्टर की मदद से अस्थमा और उसके लक्षणों पर अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में काबू पा सकेंगे। 

इसके अलावा, आपको यह स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए की कब आप स्वयं अस्थमा के लक्षणों से निपट सकते हैं, और कब आपको चिकित्सा की तुरंत ज़रूरत है। अगर आप ऐसा करने मे सक्षम होंगे, तो आपको अस्थमा के कारण कोई आपातकालीन स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

1. अस्थमा की दवाएं (Asthma Medications)

अस्थमा की दवाइयाँ आपकी जिंदगी बचा सकती हैं, और आपको अस्थमा होने के बावजूद भी एक सक्रिय जीवन जीने में समर्थ बना सकती हैं। अस्थमा के इलाज के लिए दो प्रकार की दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है -

  1. स्टेरॉयड और अन्य एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स (Steroids and Other Anti-Inflammatory Drugs) – सूजन और जलन को कम करने वाली दवाएं और विशेष रूप से इन्हेल्ड स्टेरॉयड (नाक के माध्यम से ली जाने वाली दवा) अस्थमा के ज्यादातर मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण उपचार माना जाता है। ये जीवनरक्षक दवाएं वायुमार्ग में सूजन और बलगम बनने को कम करके अस्थमा के प्रभाव को कम करती हैं। इसके परिणामस्वरूप वायुमार्ग कम संवेदनशील हो जाते हैं, जिससे अस्थमा के लक्षणों की संभावना कम हो जाती है।
  2. ब्रोंकॉडायलेटर्स (Bronchodilators) – ब्रोंकॉडायलेटर्स वायुमार्ग के चारों तरफ कसी हुई मांसपेशियों को आराम देकर अस्थमा से राहत दिलाते हैं। ब्रोंकॉडायलेटर्स दो प्रकार के होते हैं - 
  • शॉर्ट एक्टिंग ब्रोंकॉडायलेटर्स इन्हेलर - इसको अक्सर "रेस्क्यू इनहेलर" (rescue inhaler; नाक के माध्यम से बचाव के लिए ली जाने वाली दवा) के रूप में जाना जाता है। इसका प्रयोग इन समस्याओं से जल्द राहत देने के लिए उपयोग किया जाता है - खांसी, सांस लेने में कठिनाई, छाती में जकड़न, अस्थमा की वजह से सांस फूलना। व्यायाम करने वाले व्यक्ति जिनको अस्थमा है, वे भी इसका प्रयोग व्यायाम शुरू करने से पहले और बाद में करते हैं। अस्थमा के उपचार के लिए इसका नियमित रूप से प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। अगर शॉर्ट-एक्टिंग ब्रोंकॉडायलेटर्स का उपयोग आप सप्ताह में दो बार करना पड़ता है, तो इसका मतलब है कि आप अस्थमा को ढंग से नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
  • लॉन्ग-एक्टिंग ब्रोंकॉडायलेटर्स – कई बार इसका प्रयोग इन्हेल्ड स्टेरॉयड या कोर्टिकोस्टेरॉयड के साथ मिलाकर किया जाता है। इसे अस्थमा के लक्षणों पर नियंत्रण पाने के लिए, या जब किसी व्यक्ति को प्रतिदिन चल रहे इन्हेल्ड स्टेरॉयड के उपचार के बावजूद भी अस्थमा के लक्षण दिख रहे हों, उसे नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

2. अस्थमा इन्हेलर

अस्थमा इनहेलर्स फेफड़ों में अस्थमा की दवाएं पहुंचाने का सबसे सामान्य और बेहतर तरीका माना जाता है। वे अलग-अलग प्रकारों में उपलब्ध हैं, जिनको उपयोग करने के लिए अलग-अलग तकनीकों की जरूरत होती है। कुछ इन्हेलर्स एक प्रकार की दवा प्रदान करते हैं, तो कुछ इन्हेलर्स में दो अलग-अलग दवाइयाँ मिलती हैं।

3. अस्थमा नेब्यूलाइजर

अगर आपको छोटे इन्हेलर्स को प्रयोग करते समय कठिनाई हो रही है या आप ठीक प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं तो डॉक्टर आपके लिए अस्थमा नेब्यूलाइजर लिख सकते हैं। इस मशीन में एक मास्क लगा होता है तो आम तौर पर शिशुओं, छोटे बच्चों और अधिक वृद्ध व्यक्तियों के लिए प्रयोग किया जाता है, या उन व्यक्तियों के लिए प्रयोग किया जाता है जिनको सांस लेने में कठिनाई होती है। नेब्यूलाइजार दवाओं को तरल से भाप में बदल देता है, जिससे दवाएं आसानी से फेंफड़ों तक पहुंचाई जाती है। इसको प्रयोग करने में इन्हेलर से कुछ मिनट ज्यादा का समय लगता है।

4. प्रेडनीसन और अस्थमा अटैक

अगर आपको अस्थमा का गंभीर अटैक हुआ है, तो आपके डॉक्टर ओरल कोर्टिकोस्टेरॉयड्स का एक छोटा कोर्स आपके लिए लिख सकते हैं। इसको दो सप्ताह तक प्रयोग करने पर कोर्टिकोस्टेरॉयड के दुष्प्रभाव होने की संभावना कम है। मगर इसे एक महीने से ज्यादा प्रयोग करने से इसके दुष्प्रभाव अधिक गंभीर और स्थायी भी हो सकते हैं।

अस्थमा के लक्षणों का सफलतापूर्वक नियंत्रण और उपचार करने के बाद,आपके डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली चिकित्सा का उदेश्य होगा कि भविष्य में आपको प्रेडनीसन (prednisone) दवा की जरूरत कम पड़े। रोजाना एक कोर्टिकोस्टरॉयड लेना अस्थमा की रोकथाम करने का सबसे बेहतर और सामान्य तरीका है।

दमा (अस्थमा) के जोखिम और जटिलताएं - Asthma Risks & Complications in Hindi

अस्थमा से होने वाली अन्य परेशानियां?

कुछ ऐसे जोखिम कारक हैं, जो अस्थमा के विकसित होने की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं, जिनमें शामिल हैं -

  1. परिवार में पहले भी किसी को अस्थमा की समस्या होना।
  2. एलर्जी से जुड़ी कोई अन्य समस्या जैसे – एटॉपिक डर्मेटाइटिस या एलर्जिक राइनाइटिस (परागज ज्वर)।
  3. वजन ज्यादा बढ़ना
  4. धूम्रपान करना
  5. धूम्रपान करने वाले किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आना।
  6. अन्य प्रकार के धुएं और प्रदूष्ण के संपर्क में आना।
  7. व्यवसायिक काम के दौरान अस्थमा के लिए खतरनाक चीजों के संपर्क में आना जैसे खेती या फैक्ट्रियों में केमिकल का प्रयोग करना।

अस्थमा में होने वाली जटिलताएं

  1. अस्थमा के संकेत व लक्षण जो, काम करने में और नींद लेने जैसी गतिविधियों में बाधा डालते हैं।
  2. अस्थमा के कारण स्कूल या काम के दौरान बीमार महसूस होना।
  3. ब्रोकियल ट्यूबों में संकुचन स्थिर हो जाना जो सांस लेने में समस्या पैदा करता है।
  4. अस्थमा के लक्षण गंभीर होने पर, आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होना और अस्पताल मं भर्ती हो जाना।
  5. अस्थमा पर नियंत्रण करने के लिए लंबे समय से ली जाने वाली दवाओं के दुष्प्रभाव होना।
  6. अल्प कालिक और दीर्घ कालिक (short-term and long-term) अस्थमा के उपचार में काफी अंतर होता है, दवाएं ठीक से ना ली जाएं तो भी जटिलताएं उतपन्न हो जाती हैं।
Dr. K. K. Handa

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कान, नाक और गले सम्बन्धी विकारों का विज्ञान

Dr. Aru Chhabra Handa

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कान, नाक और गले सम्बन्धी विकारों का विज्ञान

Dr. Yogesh Parmar

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कान, नाक और गले सम्बन्धी विकारों का विज्ञान

दमा (अस्थमा) की दवा - Medicines for Asthma in Hindi

दमा (अस्थमा) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
FormonideFormonide 20 Mcg/0.5 Mg Respules38
BudamateBudamate 400 Inhaler296
ForacortForacort 100 Rotacap107
BetnesolBETNESOL 0.1% EYE DROPS 5ML0
AerocortAEROCORT CFC FREE 200MD INHALER164
BudecortBudecort 200 MCG Inhaler271
DefwaveDefwave 6 Mg Tablet87
PropyzolePropyzole Cream0
DelzyDelzy 6 Mg Tablet60
Airtec FbAirtec Fb 6 Mcg/100 Mcg Capsule109
Propyzole EPropyzole E Cream0
Dephen TabletDephen Tablet0
Canflo BnCanflo Bn 1%/0.05%/0.5% Cream34
Toprap CToprap C Cream28
D FlazD Flaz 6 Mg Tablet0
BudetrolBudetrol 12 Mcg/200 Mcg Inhaler248
Crota NCrota N Cream27
FubacFUBAC CREAM 10GM0
Canflo BCanflo B Cream27
DzspinDzspin Tablet63
Combihale FbCOMBIHALE FB 100 REDICAPS 30S72
Sigmaderm NSigmaderm N 0.025%/1%/0.5% Cream45
FucibetFUCIBET 10GM CREAM44
Rusidid BRusidid B 1%/0.025% Cream39

दमा (अस्थमा) की दवा - OTC medicines for Asthma in Hindi

दमा (अस्थमा) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Himalaya Tulasi SyrupHimalaya Tulasi Syrup84
Baidyanath Chandramrita RasBaidyanath Chandramrita Ras52
Baidyanath Brahmi GhritaBaidyanath Bramhi Ghruta199
Baidyanath Basantkusumakar RasBaidyanath Basantakusmakar Ras (Sma367
Baidyanath Kasamrit HerbalBaidyanath Kasamrit Herbal Syrup112
Himalaya Tulasi TabletHimalaya Tulasi Capsules108
Baidyanath Suvarna Samirpannag RasBaidyanath Swarna Samirpannag Ras389
Baidyanath Eladi VatiBaidyanath Eladi Vati Combo Pack Of 2105
Baidyanath Kesari Kalp Royal ChyawanprashBaidyanath Kesari Kalp Royal136
Baidyanath LohasavaBaidyanath Lohasava101
Himalaya Vasaka CapsulesHimalaya Vasaka Capsules88
Baidyanath Swarna Parpati Baidyanath Swarna Parpati (S Y)352
Baidyanath Mayur Chandrika BhasmaBaidyanath Mayur Chandrika Bhasma89
Hiamlaya Vasaka TabletsHiamlaya Vasaka Tablets80
Dabur Swarna Bhasma DABUR SWARNA BHASMA POWDER 125GM1050
Himalaya Septilin SyrupHimalaya Septilin Syrup88
Baidyanath Abhrak Bhasma ShatputiBaidyanath Abhrak Bhasma Shatputi111
Baidyanath Shringarabhra RasBaidyanath Shringarabhra Ras Combo Pack Of 2124
Dabur ShwaasamritDabur Shwaasamrit240
Dabur Sitopaladi ChurnaDABUR SITOPALADI CHURNA 100GM105
Baidyanath Rajmrigank Ras GoldBaidyanath Rajmrigank Ras(Sy)166
Baidyanath Moti BhasmaBaidyanath Moti Bhasma 500mg239
Baidyanath Sitopaladi ChurnaBaidyanath Sitopaladi Churna84

क्या आप या आपके परिवार में किसी को यह बीमारी है? सर्वेक्षण करें और दूसरों की सहायता करें

References

  1. American Thoracic Society. What Is Asthma?. Am J Respir Crit Care Med Vol 188, P7-P8, 2013. ATS Patient Education Series [Internet]
  2. Asthma and Allergy Foundation of America. [Internet]. Maryland, United States; Asthma
  3. Lötvall J, Akdis CA, Bacharier LB, et al. Asthma endotypes: a new approach to classification of disease entities within the asthma syndrome. J Allergy Clin Immunol. 2011; 127:355-360. PMID: 21281866
  4. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]: U.S. Department of Health and Human Services; Asthma
  5. Lange P. Prognosis of adult asthma.. Monaldi Arch Chest Dis. 1999 Aug;54(4):350-2. PMID: 10546480
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