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ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोथ) ब्रोन्कियल ट्यूब में होने वाली सूजन और एक प्रकार का संक्रमण है जो नाक और फेफड़ों के बीच फैलता है। यह आमतौर पर वायरस और बैक्टीरिया के कारण होता है। ब्रोंकाइटिस से जुड़े लक्षण जैसे बलगम, साँस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, नाक बंद होना, थकान, मांसपेशियों में दर्द और बुखार के साथ खांसी आदि शामिल हैं। ब्रोंकाइटिस घातक और लम्बे समय तक चलने वाली बीमारी है। (और पढ़ें – मांसपेशियों में दर्द का इलाज)

ब्रोंकाइटिस से पीड़ित लोग अक्सर लक्षणों को दूर करने के लिए कई तरह की दवाओं को लेने की कोशिश करते हैं।

लेकिन आज हम आपको कई सरल, प्राकृतिक घरेलू उपचारों के बारे में बताएंगे जिनके इस्तेमाल से आपको ब्रोंकाइटिस की बीमारी से राहत मिलेगी।   

  1. ब्रोंकाइटिस का घरेलू उपाय है अदरक - Bronchitis ka gharelu upay hai ginger in Hindi
  2. ब्रोंकाइटिस का देसी नुस्खा है लहसुन - Bronchitis ka desi nuskha hai garlic in hindi
  3. ब्रोंकाइटिस का रामबाण उपाय है निलगिरी तेल - Bronchitis ka ramban upay hai eucalyptus oil in Hindi
  4. ब्रोंकाइटिस के लिए शहद का करें प्रयोग - Bronchitis me kare honey ka upyog in Hindi
  5. ब्रोंकाइटिस को दूर करता है प्याज - Bronchitis ko dur karta hai onion in Hindi
  6. ब्रोंकाइटिस का घरेलू नुस्खा है सेंधा नमक - Bronchitis ka gharelu nuskha hai epsom salt in Hindi
  7. ब्रोंकाइटिस से छुटकारा पाने का तरीका है तिल - Bronchitis se chutkara pane ka tarika hai sesame in Hindi
  8. ब्रोंकाइटिस से बचने के लिए पिए पानी - Bronchitis se bachne ke liye piye pani in Hindi
  9. ब्रोंकाइटिस से बचने का तरीका है हल्दी - Bronchitis se bachne ka tarika hai turmeric in Hindi

अदरक में प्रभावी एंटीवायरल के गुण होते हैं जो आप सर्दी में और साथ ही साथ ब्रोंकाइटिस के उपचार के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अदरक में सूजन रोधी और प्रतिरक्षा प्रणाली के भी गुण होते हैं जो ब्रोन्कियल ट्यूब में होने वाली सूजन और जलन को रोकने में मदद करते हैं। 

अदरक का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. एक कप गरम पानी में थोड़ा अदरक, एक चम्मच दालचीनी और लौंग मिलाये। अब इस मिश्रण को अच्छे से मिलाकर पीलें। कुछ दिनों इस मिश्रण का सेवन करे। इसे पीने से ब्रोंकाइटिस की परेशानी से आपको काफी आराम मिलेगा। 
  2. आप अदरक से हर्बल चाय भी बना सकते हैं। सबसे पहले एक कप उबले पानी में एक चम्मच अदरक पाउडर और काली मिर्च मिलाएं। उबलने के बाद इस मिश्रण में शहद मिलाकर पी जाएँ। इस मिश्रण को पूरे दिन में दो बार ज़रूर पियें। 
  3. इसके अलावा आप एक चम्मच अदरक पाउडर, काली मिर्च और लौंग को एक साथ पी सकते है। इस मिश्रण को पूरे दिन में तीन बार शहद और दूध के साथ ज़रूर लें। (और पढ़ें - अदरक के फायदे और नुकसान)

लहसुन में एंटीबायोटिक और एंटी वायरल के गुण मौजूद होते हैं जो ब्रोन्काइटिस के इलाज के लिए बेहद फायदेमंद है। विशेष रूप से ये घातक ब्रोंकाइटिस के लिए काफी लाभदायक है। 

लहसुन का इस्तेमाल कैसे करें - 

  1. सबसे पहले तीन लहसुन की फाके लें। 
  2. फिर छिलने के बाद उसे काट ले। 
  3. अब लहसुन को दूध में डालकर पी जाएँ। 
  4. इस मिश्रण का इस्तेमाल रोज़ रात को सोने से पहले करें। (और पढ़ें - लहसुन के फायदे और नुकसान)

स्टीम थेरेपी ब्रोंकाइटिस रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद होती है। नीलगिरी तेल के इस्तेमाल से जमा बलगम कम होगा और इसके जीवाणुरोधी गुण ब्रोंकाइटिस की समस्या को रोकने में मदद करेंगे। 

नीलगिरी तेल का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. गर्म पानी में नीलगिरी के तेल की कुछ बूंदों को मिलाएं और इस मिश्रण की मदद से भाप थेरेपी का इस्तेमाल करें। भाप लेते समय तौलिये से अपने सिर को ढक लें। अगर नीलगिरी का तेल आपके पास उपलब्ध नहीं है तो आप पाइन तेल या टी ट्री तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  2. नीलगिरी तेल को छाती पर भी इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मदद से आपको बलगम को निकालने में आसानी होती है और श्वसन प्रणाली के कार्य में भी किसी तरह की रुकावट पैदा नहीं होती। (और पढ़ें - नीलगिरी तेल के फायदे और नुकसान)

ब्रोंकाइटिस से होने वाली खांसी के लिए शहद एक बेहद ही लाभकारी उपचार है। शहद में मौजूद एंटीवायरल और जीवाणुरोधी गुण होते हैं जो गले के लिए काफी लाभदायक होते हैं। इसके अलावा शहद आपके इम्यून सिस्टम को भी बढ़ाता है। 

शहद का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. अपने नियमित चाय में एक चमच शहद मिलाने से आपको ब्रोंकाइटिस से होने वाली खांसी में काफी आराम मिलेगा।
  2. इसके अलावा आप नींबू पानी में शहद को मिलाकर भी पी सकते हैं। इसकी मदद से आपको गले में होने वाली सूजन से राहत मिलेगी। (और पढ़ें - शहद के फायदे और नुकसान)

 

प्याज बलगम को निकालने में मदद करता है। इसके सेवन से आपको ब्रोंकाइटिस की समस्या से काफी राहत मिलती है। 

प्याज का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. रोज़ सुबह खाली पेट एक चम्मच प्याज का जूस पियें। 
  2. इसके अलावा सलाद में कच्चा प्याज मिलाकर खाएं। साथ ही खाने को बनाते समय भी प्याज का इस्तेमाल ज़रूर करें। (और पढ़ें - प्याज के फायदे और नुकसान)

सेंधा नमक से अगर आप नहाते हैं तो ब्रोंकाइटिस की परेशानी से आपको जल्द राहत मिलेगी। खासकर तब जब आप ब्रोंकाइटिस के घातक लक्षणों से पीड़ित होते हैं।  

सेंधा नमक का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सेंधा नमक से नहाने के लिए दो या तीन किलो सेंधा नमक को एक गर्म पानी के टब में डाल दें। 
  2. जब सेंधा नमक अच्छे से गर्म पानी में घुल जाये तो आप या तो उस गर्म पानी में बैठ जाएँ या उस पानी को मग से अपने शरीर पर डालें। 
  3. अगर आपकी ब्रोंकाइटिस की बीमारी बहुत पुरानी है और अभी तक उसका इलाज नहीं हुआ है तो इस मिश्रण का इस्तेमाल हफ्ते में दो बार ज़रूर करें। गंभीर ब्रोंकाइटिस की बीमारी के लिए इस मिश्रण का उपयोग रोज़ रात को ज़रूर करें। (और पढ़ें - सेंधा नमक के फायदे और नुकसान)

तिल के बीज में चिकित्सीय गुण पाए जाते हैं जिसकी मदद से ब्रोन्काइटिस से जुड़े लक्षणों को कम किया जा सकता है। 

तिल के बीज का कैसे करें इस्तेमाल -

  1. सबसे पहले एक चम्मच तिल के बीज, एक चम्मच अलसी, एक चुटकी नमक और एक चम्मच शहद को एक साथ मिला दें।   
  2. अच्छे से मिलाने के बाद इस मिश्रण को पी जाएँ। 
  3. रात को सोने से पहले इस मिश्रण का प्रयोग ज़रूर करें। 
  4. इसके अलावा आप एक या आधा चम्मच तिल के बीज का पाउडर और दो चम्मच पानी के साथ मिलाकर इस मिश्रण को खा लें। 
  5. मिश्रण का प्रयोग रोज़ाना पूरे दिन में दो बार ज़रूर करें। (और पढ़ें - तिल के तेल के फायदे और नुकसान)

ब्रोंकाइटिस से पीड़ित रोगियों को हमेशा हाइड्रेटेड रहना चाहिए। ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीने से आपका जमा बलगम निकलेगा साथ ही दर्द या सूजन की परेशानी भी कम होंगी। इसलिए रोज़ पूरे दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए। इसके अलावा आप फलों के जूस और सब्ज़ियों के जूस भी पी सकते हैं। सुबह में आप एक गिलास पानी में आधा नींबू का जूस और शहद को मिलाकर पी सकते हैं। 

शराब या कैफीन का सेवन न करें इससे आपका जमा बलगम निकलने की बजाए और बढ़ सकता है। ब्रोंकाइटिस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए इन उपचारों का इस्तेमाल ज़रूर करें लेकिन तब भी ये परेशानी कम नहीं होती है तो अपने डॉक्टर से इस बारे में जानकारी लें। 

 

हल्दी के सूजनरोधी गुण ब्रोन्काइटिस से जुड़े खांसी के इलाज के लिए बेहद लाभदायक होते हैं। ब्रोन्काइटिस से छुटकारा पाने के लिए हल्दी का उपयोग ज़रूर करें। इसके सेवन से आपको ब्रोन्काइटिस की समस्या से जल्द राहत मिलेगी।   

हल्दी का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. एक गिलास दूध में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाए। 
  2. फिर उसे उबलने के लिए रख दें। 
  3. उबलने के बाद इस मिश्रण को पी लें। 
  4. इस मिश्रण का सेवन पूरे दिन में 2 से  3 बार ज़रूर करें। 
  5. अच्छा परिणाम पाने के लिए आप इस मिश्रण को सुबह खाली पेट भी पी सकते हैं। (और पढ़ें - हल्दी के फायदे और नुकसान)

नोट - यह उपाय उन लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है जिन्हें गुर्दें में पथरी की परेशानी है, पेट में अल्सर (पेप्टिक अल्सर) या पीलिया है।  

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