नए कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 जहां एक तरफ हर रोज हज़ारों लोगों को संक्रमित कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस विषाणु ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को भी हैरान किया हुआ है। दरअसल, चीन में पहली बार इसके अस्तित्व की पुष्टि किए जाने के बाद से ही इस वायरस की क्षमता से जुड़े नए-नए तथ्य लगातार सामने आते रहे हैं। शुरुआत में किए गए शोधों के आधार पर कहा गया कि किसी-किसी मरीज में सार्स-सीओवी-2 के संक्रमण दिखाई नहीं देते, इसलिए कोविड-19 एक अलक्षणी बीमारी हो सकती है। यह जानकारी सही साबित हुई है, क्योंकि कोरोना वायरस को लेकर सभी देशों की एक बड़ी चिंता यही है कि कई रोगियों में इसके संक्रमण के लक्षण दिखाई नहीं देते।
कई शोधों में यह भी कहा गया कि नया कोरोना वायरस मरीज के ठीक होने के बाद कई दिनों तक उसके शरीर में जिंदा रह सकता है। चीन समेत दुनिया के कई वैज्ञानिकों ने अपने-अपने शोधों में इसकी पुष्टि की है। वहीं, इसी हफ्ते इस वायरस से जुड़ी एक और जानकारी वैज्ञानिक समाज में चर्चा का विषय रही।
दरअसल, कुछ मरीजों की जांच के आधार पर विशेषज्ञों ने कहा है कि सार्स-सीओवी-2 इससे बीमार होने वाले लोगों को दोबारा संक्रमित कर सकता है। इसका एक नहीं, बल्कि 51 उदाहरण दक्षिण कोरिया में सामने आए हैं। वहां के सरकारी चिकित्सा संस्थान 'सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (सीडीसी) ने बताया है कि कोरोना वायरस उन लोगों में दोबारा सक्रिय हो सकता है, जो इससे होने वाली बीमारी कोविड-19 से उबर चुके हैं। कोरियाई मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, सीडीसी ने बताया कि दक्षिण कोरिया में कोविड-19 से जुड़े ऐसे 51 मरीज सामने आए हैं, जिन्हें पहले सफलतापूर्वक इलाज किए जाने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। अब इनमें फिर कोरोना वायरस पाया गया है।
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यह जानकारी देते हुए सीडीसी के महानिदेशक जियोंग उन-क्योंग ने कहा, 'करीब 51 ऐसे मरीजों को फिर पॉजिटिव पाया गया है जिन्हें पहले ठीक घोषित किया गया था... उन्हें संक्रमित करने के बजाय शायद इन लोगों में वायरस फिर सक्रिय हो गया हो। वे क्वारंटीन से रिलीज होने के कुछ समय बाद ही टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए।' सीडीसी महानिदेशक ने आगे कहा, 'ऐसे कई मामले हो सकते हैं, जिनमें ट्रीटमेंट के दौरान मरीज के टेस्ट नेगेटिव आएं, लेकिन अगले दिन दूसरा टेस्ट पॉजिटिव निकले।' जियोंग ने यह भी कहा कि सीडीसी इन मामलों की महामारी विज्ञान के तहत जांच करेगा।
अन्य अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक, चीन में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कोविड-19 से पूरी तरह ठीक घोषित किए जाने के बाद मरीजों में कोरोना वायरस सक्रिय रूप से पाया गया है। इनमें से कुछ की मौत होने की भी जानकारी सामने आई है। ऐसा क्यों हो रहा है, इस बारे में विस्तृत जानकारी किसी के पास फिलहाल नहीं है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा बीमारी की जांच के लिए होने वाले टेस्ट में लापरवाही की वजह से हो सकता है।
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें दक्षिण कोरिया में कोविड-19 से ठीक हुए करीब 51 मरीजों में फिर कोरोना वायरस पाए जाने की पुष्टि, चीन में भी आ चुके हैं ऐसे मामले है
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