myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

कोविड-19 संकट के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएओ) से अलग होने की घोषणा कर दी है। शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने डब्ल्यूएचओ पर एक बार फिर कई हमले किए। डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि डब्ल्यूएचओ चीन की 'कठपुतली' बन कर रह गया है। इसके साथ उन्होंने कहा कि वे डब्ल्यूएचओ के कोरोना वायरस से निपटने के तरीके को ध्यान में रखते हुए अमेरिका को उससे अलग कर रहे हैं।

खबरों के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई बार डब्ल्यूएचओ की फंडिंग रोकने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ अपने संगठन में वह सुधार नहीं कर पाया, जिसकी मांग उन्होंने इस महीने की शुरुआत में की थी। ट्रंप के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने अमेरिका द्वारा डब्ल्यूएचओ में वायरस को लेकर लगाए गए उनके आरोपों की अनदेखी की है। उनका दावा है कि चीन ने डब्ल्यूएचओ पर दबाव बना कर उसके जरिये नए कोरोना वायरस के ऑरिजिन से जुड़ी गलत जानकारी दुनिया को दी।

(और पढ़ें - कोविड-19: भारत में मरीजों की संख्या एक लाख 73 हजार के पार, एक दिन में करीब 8,000 नए मरीज सामने आए, 24 घंटों में रिकॉर्ड 265 मौतों की पुष्टि)

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'सिर्फ चार करोड़ डॉलर (300 करोड़ रुपये) की फंडिंग करने वाले चीन का विश्व स्वास्थ्य संगठन पर पूरा नियंत्रण है, जबकि अमेरिका हर साल करीब 450 मिलियन डॉलर (लगभर 3,400 करोड़ रुपये) का भुगतान करता है। हमने (डब्ल्यूएचओ को) अनिवार्य सुधारों की जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने उन पर अमल करने से इनकार किया है।' इसके बाद ट्रंप ने कहा, 'चूंकि वे जरूरी सुधार करने में विफल रहे हैं, लिहाजा हम विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ अपने संबंध खत्म करते हैं और निर्देश देते हैं कि उसे मिलने वाले फंड को अन्य वैश्विक स्वास्थ्य आवश्यकताओं में लगाया जाए।'

(और पढ़ें - कोविड-19: एक लाख मौतों के बाद भी अमेरिका में कोरोना वायरस को 'कम जानलेवा' क्यों कहा जा रहा है और इस पर वहां के विशेषज्ञों का क्या कहना है?)

डोनाल्ड ट्रंप ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब पूरी दुनिया सार्स-सीओवी-2 कोरोना वायरस और इससे होने वाली बीमारी कोविड-19 के गंभीर खतरे का सामना कर रही है। हालांकि डब्ल्यूएचओ से अमेरिका को अलग करने का उनका फैसला हैरान नहीं करता है। बतौर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल इसी तरह के फैसलों से जाना जाता है। डब्ल्यूएचओ से अलग होने से पहले ट्रंप अमेरिका को कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों, समझौतों और अभियानों से अलग कर चुके हैं। इनमें संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद, यूनेस्को, ईरान न्यूक्लियर समझौता और क्लाइमेट चेंज से जुड़े अभियान शामिल हैं। अब अमेरिका डब्ल्यूएचओ से भी अलग हो गया है, जिस पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतेरेस की अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

(और पढ़ें - कोविड-19 के प्रभावों से उबरने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने छह बिंदुओं वाला मैनिफेस्टो जारी किया, जानें इनमें क्या कहा गया है)

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
AlzumabAlzumab Injection6995.16
RemdesivirRemdesivir Injection15000.0
Fabi FluFabi Flu Tablet3500.0
CoviforCovifor Injection5400.0
AnovateANOVATE OINTMENT 20GM90.0
Pilo GoPilo GO Cream67.5
Proctosedyl BdPROCTOSEDYL BD CREAM 15GM66.3
ProctosedylPROCTOSEDYL 10GM OINTMENT 10GM63.9
और पढ़ें ...
ऐप पर पढ़ें