myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

कोविड-19 महामारी के बढ़ते प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया है। इस दौरान घर के बाहर निकलने पर पाबंदी होती है। लोगों को अधिक से अधिक समय घर के भीतर ही बिताना होता है। घर में रहकर आप कोरोना वायरस के खतरे को कम कर सकते हैं, लेकिन जाने-अनजाने एक और खतरा आपको घेर सकता है। वह खतरा है केबिन फीवर का। आज हम आपको केबिन फीवर के बारे में बताएंगे, साथ ही यह भी बताएंगे कि अगर आपमें इसके लक्षण नजर आते हैं तो स्वयं को इससे कैसे बचाया जा सकता है।

केबिन फीवर के बारे में न तो अभी तक ज्यादातर लोगों को पता है न ही इसका कोई खास निदान खोजा जा सका है। हालांकि, इसके लक्षण भी सीजनल इफेक्टिव डिसऑर्डर (एसएडी) और क्लस्ट्रोफोबिया से जुड़े हैं। लंबे समय तक यात्रा करने वाले जहाजों के यात्रियों और चालक दल के सदस्यों द्वारा इसका अनुभव किया गया। बाद में इसे हवाईजहाज से लंबी यात्रा करने वाले लोगों में भी देखा गया। कुछ मामलों में खराब मौसम के चलते, कर्फ्यू और आपात स्थितियों के दौरान घर में फंसे लोगों में भी ऐसे लक्षण देखने को मिले हैं।

क्या है ​क​बिन फीवर

मुख्यरूप से ज्यादा वक्त तक समाज और दुनिया से दूर रहने की स्थिति में यह समस्या जन्म लेती है। इस दौरान इंसान चिड़चिड़ापन, उदासी या अवसाद, निराशा आदि की अनुभूति करता है। हालांकि, इस समस्या से ज्यादा डरने की आवश्यकता नहीं होती है। कुछ उपायों को अपनाकर इस पर काबू पाया जा सकता हैं। दोबारा जब आप बाहरी दुनिया के लोगों के संपर्क में आने लगते हैं तो यह समस्या अपने आप ठीक होने लगती है।

  1. कोविड-19 महामारी के दौरान क्यों चर्चा में है केबिन फीवर - COVID-19 Mahamari se Cabin Fever ka kya Sambandh
  2. केबिन फीवर के लक्षण - Cabin Fever ke Lakshan
  3. केबिन फीवर से कैसे करें बचाव - Cabin Fever se Kaise Bachein
  4. केबिन फीवर क्या है? लॉकडाउन और क्वारंटाइन से क्या है इसका संबंध के डॉक्टर

कोविड-19 एक महामारी के रूप में दुनिया के 196 देशों में फैल चुका है। इस वैश्विक स्वास्थ्य संकट ने बड़ी संख्या में लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है। इस महामारी की चूंकि कोई दवा नहीं है, ऐसे में फिलहाल बचाव के तौर पर लोगों को आइसोलेट या बाकी लोगों से अलग कर देना ही एकमात्र उपाय नजर आ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत में भी देशव्यापी लॉकडाउन का फैसला करके संक्रमण को रोकने का प्रयास किया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ-साथ भारतीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय व भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के अनुसार इस महामारी को बढ़ने से रोकने के लिए एकमात्र तरीका सेल्फ आइसोलेशन मतलब खुद को दुनिया से कुछ समय के लिए अलग-थलग कर लेना है।

ऐसे में यह कहा जा सकता है कि वैश्विक आपातकाल की स्थिति में घर पर रहकर आप कोरोना वायरस के खतरे को तो कम कर रहे हैं, लेकिन केबिन फीवर का खतरा बना हुआ है। दुनिया के अधिकतर देशों में लोग इस महामारी से बचने के लिए घर पर रहकर काम कर रहे हैं, लिहाजा उनका ज्यादातर वक्त बाहरी दुनिया से अलग ही बीत रहा है। इस तरह के परिदृश्य में केबिन फीवर की आशंका बढ़ जाती है जो कई तरह की मानसिक समस्याओं को जन्म दे सकती है।

केबिन फीवर की समस्या से बचने के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है इसके लक्षणों के बारे में जानना। स्वयं या अपने परिजनों में इसके लक्षण सामने आने पर आपकी परेशानी बढ़ जरूर सकती है, लेकिन स्थिति से निपटने के लिए यह आवश्यक है। आपमें या किसी प्रियजन में निम्न लक्षण दिखें तो आपको सर्तक हो जाने की आवश्यकता है।

अगर समय रहते केबिन फीवर के लक्षणों को पहचान लिया जाए तो इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है। यह भी ध्यान रखें कि इस समस्या से निपटने में आप स्वयं को और सहज महसूस करेंगे यदि आपके आसपास आपकी मदद के लिए लोग मौजूद होंगे। कोविड—19 की समस्या के दौरान चूंकि परिवार के लोग साथ में होते हैं ऐसे में अगर आपको इस बीमार के लक्षणों का अनुभव हो तो संभवत: इससे निकल पाना और आसान होगा। केबिन फीवर से निपटने के लिए आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं।

  • दिनचर्या का पालन करें : अपनी नियमित दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए जीवन को हमेशा की तरह जारी रखने का प्रयास करें। न सोएं न ही सुस्ती को अपने अंदर प्रवेश करने दें। इसके लिए घर के भीतर ही वह सारे काम करते रहें जो क्वारंटाइन के पहले करते थे। जैसे सोने और उठने का समय, खाने का समय और अन्य दैनिक क्रियाएं पूर्ववत रखें।
  • व्यायाम करें : हर दिन पर्याप्त व्यायाम करें और दिनचर्या को नियमित बनाए रखें। इन दिनों आप जरूर वह व्यायाम नहीं कर सकते जो पहले करते थे जैसे टहलना या दौड़ना, जिम जाना आदि। इसकी जगह पर उन व्यायामों को शामिल करें, जिन्हे आसानी से घर के भीतर ही किया जा सकता है।
  • पोषण देने वाले आहार लें : चूंकि आप अभी बाहर नहीं निकल रहे हैं, इसलिए फिट रहने के लिए आपके शरीर को एक अलग प्रकार के पोषण की आवश्यकता होगी। ऐसे में पोषण युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करें कि आप अपने आहार में फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा ले रहे हैं। स्वस्थ भोजन पर ध्यान केंद्रित करें और ताजा पकाया भोजन का ही सेवन करें।
  • शौक और पसंद की चीजें करें : इस पर ज्यादा ध्यान देने के बजाय कि आप बाहर नहीं जा पा रहे हैं। घर के भीतर ही उन चीजों को करें, जिसमें आपको आनंद आता हो। घर में बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं।
  • आनलाइन संवाद बढ़ाएं : दुनिया के अधिकांश हिस्सों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सक्रिय और आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में आप घर में बैठे हुए भी लोगों से घिरे हुए महसूस करेंगे। पुराने दोस्तों, परिवार के सदस्यों से ऑनलाइन जुड़ें, नए लोगों से भी ऑनलाइन संपर्क बनाएं। इस बात का भी ध्यान रखें कि क्वारंटाइन के वक्त सकारात्मक बातें ही करें।
  • बाहरी दुनिया से रूबरू रहें : आप क्वारंटाइन कर रहे हैं, इसका बिल्कुल यह मतलब नहीं है कि आप दुनिया से बेखबर रहें। खासकर तब जब दुनिया में क्या हो रहा है आपको उसके बारे में कोई अंदाजा नहीं है। बाहरी दुनिया के बारे में जानकारी रखें, खबरें देखते रहें। इससे आपको अंदाजा होगा कि आपके क्वारंटाइन को खत्म होने में अभी कितना और वक्त है?
  • पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी का सेवन करते रहें : घर के बाहर न निकल पाने की स्थिति में धूप और वेंटिलेशन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाती है, जो शरीर के लिए खतरनाक है। दिन के वक्त बालकनी या खिड़कियों के बगल में बैठें ताकि आपका शरीर कुछ विटामिन डी प्राप्त कर सके। विटामिन डी सामान्य प्रतिरक्षा के लिए आवश्यक है। यह आपके मूड को सही करने में भी मदद करता है। क्वारंटाइन के वक्त विटामिन डी की कमी हो जाना अन्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।
Dr. Naeem Shaikh

Dr. Naeem Shaikh

मनोविज्ञान
5 वर्षों का अनुभव

Dr. SIBANANDA MISHRA

Dr. SIBANANDA MISHRA

मनोविज्ञान
25 वर्षों का अनुभव

Geetika Kapoor

Geetika Kapoor

मनोविज्ञान
12 वर्षों का अनुभव

Nishtha Narula

Nishtha Narula

मनोविज्ञान
3 वर्षों का अनुभव

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
AlzumabAlzumab Injection6995.16
AnovateANOVATE OINTMENT 20GM90.0
Pilo GoPilo GO Cream67.5
Proctosedyl BdPROCTOSEDYL BD CREAM 15GM66.3
ProctosedylPROCTOSEDYL 10GM OINTMENT 10GM63.9
RemdesivirRemdesivir Injection15000.0
Fabi FluFabi Flu 200 Tablet1292.0
CoviforCovifor Injection5400.0
और पढ़ें ...

References

  1. Tonks, Alison. Cabin Fever. BMJ , 336 (7644), 584-6. PMID: 18340070
  2. Dowdall, Nigel P. Cabin Fever. “Most experts agree”. BMJ. 2008 Mar 29; 336(7646): 684. PMID: 18369211
  3. Greig, David N. Cabin Fever: Practical Points. BMJ , 336 (7646), 684. PMID: 18369210
  4. Armson, Heather. et al. Cabin Fever: An Innovation in Faculty Development for Rural Preceptors. Med Educ , 39 (5), 531-2. PMID: 15842718
ऐप पर पढ़ें