मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने खुद ट्विटर पर इसकी जानकारी दी है। इसमें शिवराज सिंह चौहान ने लिखा है, 'मुझमें कोविड-19 के लक्षण दिख रहे थे। टेस्ट के बाद मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मैं सभी दिशा-निर्देशों का पालन कर रहा हूं। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार खुद को क्वारंटीन करूंगा।' वहीं, एनडीटीवी ने मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के हवाले से बताया है कि 61 वर्षीय शिवराज सिंह चौहान को इलाज के लिए भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने करीबी लोगों और सहयोगियों से अपील की है कि वे कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सभी संभावित सावधानियों बरतें। उन्होंने कहा है कि जो भी उनके संपर्क में आया है, वह भी अपना टेस्ट करा ले। शिवराज ने कहा, 'मैं लोगों से सावधान रहने की अपील करता हूं। थोड़ी सी लापरवाही भी कोरोना वायरस को न्योता देना है। मैंने वायरस से बचने के लिए हर तरह से प्रयास किया, लेकिन लोग मुझसे अलग-अलग मुद्दों पर मिलने आते रहे।'

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इस बीच खबर है कि आज मुख्यमंत्री चौहान के साथ बैठक करने वाले उनके तमाम करीबी सहयोगियों को क्वारंटीन कर दिया गया है। उनकी गैर-मौजूदगी में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग और अन्य नेता बैठक का नेतृत्व करेंगे। हालांकि सीएम चौहान के करीबी संपर्क में आने वाले लोगों में नरोत्तम मिश्रा भी शामिल हैं। खबरें हैं कि उनका भी कोविड-19 टेस्ट किया जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान के कोरोना संक्रमण की चपेट में आने की खबर ऐसे समय में आई है, जब दो दिन पहले ही उनकी कैबिनेट के एक मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। वे उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने बुधवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में भाग लिया था। इस बैठक का नेतृत्व शिवराज चौहान कर रहे थे। इसके अलावा, ये दोनों नेता इसी हफ्ते मध्य प्रदेश के गवर्नर दिवंगत लालजी टंडन के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे।

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बहरहाल, अपने संक्रमित होने की जानकारी देने के बाद शिवराज ने अपने समर्थकों से कहा है कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है और वे बीमार होने के बाद भी राज्य में कोरोना वायरस को रोकने के प्रयासों में लगे रहेंगे। उन्होंने कहा, 'डरने की जरूरत नहीं है। समय पर उपचार हो जाए तो कोरोना वायरस का इलाज हो जाता है।'

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 26 हजार से ज्यादा है। इनमें से 791 की मौत हो गई है और 17 हजार 866 को बचा लिया गया है। आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश में कोविड-19 की मृत्यु दर तीन प्रतिशत से ज्यादा है। हालांकि रिकवरी रेट 68 प्रतिशत से अधिक है। सीएम शिवराज चौहान दावा करते रहे हैं कि उनके राज्य में कोरोना वायरस से संबंधित स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर है। लेकिन टेस्टिंग के आंकड़े बताते हैं कि इसकी एक बड़ी वजह यह है कि आठ करोड़ 22 लाख से भी ज्यादा आबादी वाले मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए अब तक केवल छह लाख 70 टेस्ट किए गए हैं। वहीं, उससे चार गुना कम आबादी वाली दिल्ली में नौ लाख से ज्यादा टेस्ट किए गए हैं।

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उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना वायरस से संक्रमित, कोविड-19 टेस्ट की रिपोर्ट आई पॉजिटिव है

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