पश्चिम बंगाल ने कोविड-19 संकट के चलते अपने यहां लागू लॉकडाउन को 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया है। बंगाल समेत पूरे भारत में मौजूदा लॉकडाउन की अवधि आगामी 30 जून को खत्म हो रही है। उससे पहले ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने राज्य में लॉकडाउन अगले महीने के अंत तक बढ़ाने का फैसला ले लिया है। ऐसा करने वाला पश्चिम बंगाल देश का पहला राज्य है। उधर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने राजधानी बेंगलुरु में लॉकडाउन फिर से बढ़ाने की चेतावनी दी है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राज्य में कोविड-19 संकट के बढ़ने के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठक के बाद सीएम ममता बनर्जी ने कहा, 'कोविड-19 संकट बढ़ रहा है। इसलिए लॉकडाउन को प्रतिबंधों के साथ 31 जुलाई तक के लिए बढ़ाया जाता है।' बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि बंगाल में अब गैर-कोविड-19 मरीजों के इलाज से जुड़ी सेवाओं में भी सुधार किया जाएगा। कोरोना वायरस संकट के चलते ये सेवाएं बाधित हुई हैं।
(और पढ़ें - कोविड-19: भारत में करीब 17 हजार नए मरीजों की पुष्टि, कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या चार लाख 73 हजार के पार)
एनडीटीवी ने बताया है कि बैठक में सभी राजनीतिक दलों ने इस बात पर सहमति जताई कि नॉन-कोविड-19 मरीजों को अस्पतालों में काफी ज्यादा मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि इस मुद्दे से निपटने की जरूरत है और निजी अस्पतालों को भी इसकी जानकारी होना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए ली जा रही भारी फीस को कम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र और दिल्ली ने यह किया है। हमें भी ऐसा करना चाहिए। मुख्य सचिव इस बारे में निजी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी करेंगे।'
ममता बनर्जी ने कहा कि सभी दलों ने इलाज की कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की है। बकौल सीएम 'यह व्यापार करने का समय नहीं है। हम एक महामारी का सामना कर रहे हैं और अस्पतालों को सेवा भावना के साथ काम करना चाहिए।'
(और पढ़ें - दिल्ली में कोविड-19 के मरीजों की संख्या मुंबई से ज्यादा हुई, अब तक 70 हजार से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित)
बहरहाल, ममता बनर्जी ने लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला बंगाल में कोरोना वायरस के लगातार फैलते जाने के कारण लिया है। भारत के इस पूर्वी राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते अब तक 15 हजार से ज्यादा लोग कोविड-19 का शिकार हुए हैं। इनमें से करीब 5,000 मरीज अकेले कोलकाता में सामने आए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस बीमारी ने पूरे पश्चिम बंगाल में करीब 600 लोगों की जान ले ली है। यह संख्या राज्य के कुल मरीजों का 3.89 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत (3.17 प्रतिशत) से ज्यादा है।
एक तरफ बंगाल की मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में लॉकडाउन बढ़ा दिया है तो दूसरी तरफ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बेंगलुरु शहर में फिर से लॉकडाउन लगाने की चेतावनी दी है। खबरों के मुताबिक, येदियुरप्पा ने कहा कि अगर बेंगलुरु के लोग चाहते हैं कि लॉकडाउन और आगे न बढ़ाया जाए तो वे सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन जैसे जरूरी नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं करने पर शहर में फिर से लॉकडाउन लगाया जा सकता है।
(और पढ़ें - कोविड-19 को मात देने वाले मरीजों की संख्या 50 लाख के पार, कोरोना वायरस से जान बचाने में एशियाई देश हैं सबसे आगे)
गौरतलब है कि पूरे कर्नाटक में कोरोना वायरस के अब तक 10 हजार से ज्यादा संक्रमित सामने आ चुके हैं। इनमें से 164 की मौत हो गई है। अकेले बेंगलुरु शहर में 1,678 मरीजों की पुष्टि हुई है, जिनमें से 75 मारे गए हैं। हालांकि 418 को बचा भी लिया गया है।
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोविड-19: पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बेंगलुरु में लॉकडाउन बढ़ाने की चेतावनी दी है
- Proctosedyl BD Cream - ₹116
- Anovate Ointment - ₹117
- Covifor Injection - ₹3780
- Fabiflu 400 Tablet - ₹856
- Fabiflu 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 400 Mg Tablet - ₹1224
- Pilo GO Cream - ₹75
- Anovate Cream - ₹111
- Remdesivir Injection - ₹10500
- Molusafe Capsule - ₹457
- Movfor 200 Mg Capsule - ₹2490
- Molflu 200 Mg Capsule - ₹1400
- Molulife 200 Capsule - ₹1399
- Cipmolnu 200 Mg Capsule - ₹2000
- Molxvir 200 Mg Capsule - ₹1520
- Alzumab Injection - ₹8229
- Immunocin Alpha Plus 1.6mg Injection - ₹5998
- Imualfa 1.6mg Injection 1ml - ₹2628
- Molnutor 200 Mg Capsule - ₹2000




