चीन ने ब्राजील से आयात फ्रोजन चिकन में कोरोना वायरस होने की पुष्टि की है। इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हलचल मचा दी है। चीन के शेंजेन शहर के अधिकारियों के हवाले से बताया जा रहा है कि गुरुवार को ब्राजील से मंगाए गए चिकन विंग्स में कोविड-19 महामारी की वजह बना नया कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 मिला है। उन्होंने बताया कि आयातित चिकन विंग्स के कुछ सैंपल लेकर उनकी जांच की गई थी। स्थानीय सरकारी निकाय के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें नमूने में वायरस मिला है। हालांकि अधिकारियों ने संबंधित ब्रैंड का नाम नहीं बताया। उधर, चिकन में वायरस मिलने के बाद मचे हड़कंप के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और शीर्ष अमेरिकी हेल्थ एजेंसी सीडीसी ने कहा है कि खाने के जरिये वायरस फैलने की संभावना काफी कम है।
(और पढ़ें - कोविड-19: मोटापा झेल रहे लोगों पर शायद कोरोना वायरस की वैक्सीन काम न करे, जानें विशेषज्ञों के ऐसा कहने की वजह)
वहीं, ब्राजीलियन एसोसिएशन ऑफ एनिमल प्रोटीन (एबीएपी) ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वह इस मामले की पड़ताल कर रही है। एबीएपी ने जोर देते हुए कहा है कि मांस से वायरल ट्रांसमिट होने के सबूत नहीं हैं। बयान में कहा गया है, 'यह साफ नहीं है कि पैकेजिंग के दौरान चिकन कब (वायरस से) दूषित हुआ और क्या ऐसा निर्यात परिवहन की प्रक्रिया के दौरान हुआ।' वहीं, ब्राजील के कृषि मंत्रालय ने बयान देते हुए कहा है कि चीनी अधिकारियों ने इस मामलों को नोटिफाई नहीं किया है।
यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब ब्राजील समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते दिख रहे हैं। कोरोना वायरस के हवा के जरिये फैलने की संभावना की चर्चा पहले से जोर पकड़े हुए है और अब खाने के जरिये वायरस फैलने की अफवाहों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। हालांकि डब्ल्यूएचओ और सीडीसी समेत कई विशेषज्ञों ने साफ किया है कि कोरोना वायरस चिकन या अन्य प्रकार के मांस के जरिये नहीं फैलता है।
चिकन से पहले सार्स-सीओवी-2 के झींगे के पैकेट में मिलने की खबर सामने आई थी। बताया गया कि चीन द्वारा इक्वाडोर से आयात किए गए झींगों में वायरस मिला है। खबरों के मुताबिक, चीन के सरकारी चैनल सीसीटीवी ने एक रेस्तरां में हुए दैनिक निरीक्षण के परिणामों के हवाले से बताया कि अधिकारियों को वहां से लिए गए झींगों के नमूनों में कोरोना वायरस मिला है।
सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से लेकर अब तक चीन में ऐसे सात वाकये सामने आ चुके हैं, जिनमें आयात किए गए सीफूड में कोरोना वायरस मिलने की पुष्टि की गई है। इनसे आयात किए जाने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर स्थानीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ी हैं। चीनी अधिकारी इस तरह के सीफूड या मीट को लेकर लोगों सचेत रहने की हिदायत दे रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने लोगों से सावधान रहने के साथ यह भी कहा है कि मीट के जरिये वायरस के फैलने की आशंका बहुत कम है।
(और पढ़ें - कोविड-19: कोरोना वायरस से हो सकती है थायराइड की समस्या, इटली के डॉक्टरों ने इस आधार पर जताया अंदेशा)
उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोविड-19: झींगे के बाद अब चिकन में नया कोरोना वायरस मिलने की पुष्टि, डब्ल्यूएचओ-सीडीसी ने कहा- इस तरह के ट्रांसमिशन की संभावना काफी कम है
- Proctosedyl BD Cream - ₹116
- Anovate Ointment - ₹117
- Covifor Injection - ₹3780
- Fabiflu 400 Tablet - ₹856
- Fabiflu 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 200 Mg Tablet - ₹1292
- Fabiflu (Favipiravir) 400 Mg Tablet - ₹1224
- Pilo GO Cream - ₹75
- Anovate Cream - ₹111
- Remdesivir Injection - ₹10500
- Molusafe Capsule - ₹457
- Movfor 200 Mg Capsule - ₹2490
- Molflu 200 Mg Capsule - ₹1400
- Molulife 200 Capsule - ₹1399
- Cipmolnu 200 Mg Capsule - ₹2000
- Molxvir 200 Mg Capsule - ₹1520
- Alzumab Injection - ₹8229
- Immunocin Alpha Plus 1.6mg Injection - ₹5998
- Imualfa 1.6mg Injection 1ml - ₹2628
- Molnutor 200 Mg Capsule - ₹2000




