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पित्ती, एलर्जी, तनाव या किसी दवा के साइड इफ़ेक्ट के कारण होने वाली एक समस्या है, जिसमें त्वचा पर लाल खुजलीदार चकत्ते हो जाते हैं।

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ये चकत्ते आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में ये एक आपातकालीन समस्या बन जाती है जिसके लिए तुरंत उपचार लेना आवश्यक होता है।

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इस लेख में पित्ती होने या उछलने पर क्या करें और इसके लिए डॉक्टर के पास कब जाएं के बारे में बताया गया है।

  1. पित्ती उछलना क्या है - Pitti uchalna kya hoti hai
  2. पित्ती होने पर क्या करें - Pitti hone par kya karna chahiye
  3. पित्ती होने पर डॉक्टर के पास कब जाएं - Pitti hone par doctor ke pas kab jana chahiye

पित्ती त्वचा को प्रभावित करने वाली एक ऐसी समस्या है, जिसमें त्वचा पर लाल रंग के सूजे हुए उभार होने लगते हैं। ये उभार खुजलीदार चकत्ते होते हैं। पित्ती होने की आम वजह होती है किसी पदार्थ से एलर्जी होना। ये चिंता, तनाव या किसी दवा के साइड इफ़ेक्ट के कारण भी होते हैं।

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जब एलर्जी होती है, तो हमारा शरीर हिस्टामाइन नामक एक प्रोटीन बनाता है, जिससे रक्त वाहिकाएं एक तरल पदार्थ का रिसाव करती हैं। ये तरल पदार्थ त्वचा में एकत्रित हो जाता है, जिससे चकत्ते होते हैं।

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पित्ती और इसके लक्षण आमतौर पर कुछ दिनों में अपने आप ठीक होने लगते हैं, लेकिन अगर इसके साथ गंभीर एलर्जी की समस्या हो जाए, तो ये एक आपातकालीन स्थिति बन जाती है। ये एक संक्रामक समस्या है।

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पित्ती होने पर निम्नलिखित प्राथमिक उपचार किया जाता है -

  • अचानक से पित्ती उछलना आमतौर पर किसी खाद्य पदार्थ या दवा से एलर्जी और किसी कीड़े के काटने के कारण होता है। अगर आपको पता है कि आपको पित्ती किस कारण हुई है, तो उस पदार्थ से दूर रहें। (और पढ़ें - मधुमक्खी के काटने पर क्या करें)
  • पित्ती को बढ़ाने वाले कारक, जैसे गर्मी, मसालेदार खाने या शराब से बचें। ( और पढ़ें - शराब की लत छुड़ाने के घरेलू उपाय)
  • अगर लक्षण बहुत हल्के हैं, तो ये बिना किसी उपचार के अपने आप ठीक हो जाते हैं। (और पढ़ें - मकड़ी के काटने पर क्या करें)
  • अगर आपको पित्ती के लक्षणों से परेशानी हो रही है, तो आप खुजली के लिए मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली एंटीहिस्टामाइन दवा ले सकते हैं।
  • ठंडी सिकाई करने या नहाने से पित्ती के लक्षणों में आराम मिल सकता है। गर्म पानी से न नहाएं।
  • बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले अपने डॉक्टर से बात कर लें।
  • हो सके तो धूप में न जाएं। (और पढ़ें - धूप से जली त्वचा के लक्षण)
  • एस्पिरिन (Aspirin) या अन्य नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं (NSAIDs) लेने से भी आपके लक्षण बढ़ सकते हैं, इसीलिए इनका उपयोग न करें।
  • ढीले कपड़े पहनें, क्योंकि टाइट कपडे पहनने से आपके लक्षण बढ़ सकते हैं।
  • ऐसा कुछ न करें जिससे आपको पसीने आएं। (और पढ़े - ज्यादा पसीना आना रोकने के घरेलू उपाय)
  • शांत रहने और तनाव कम करने की कोशिश करें।

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पित्ती वैसे तो कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में ये खतरनाक भी हो सकती है, इसीलिए पित्ती के साथ निम्नलिखित समस्याएं होने पर अपने डॉक्टर के पास जाएं -

अगर 2-3 दिनों बाद भी आपकी समस्या ठीक न हो और लक्षण बढ़ने लगें, तो तुरंत अपने डॉक्टर के पास जाएं।

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नोट: प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड देने से पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपको या आपके आस-पास किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या अस्पताल​ से तुरंत संपर्क करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है।

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