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तिल क्या होते हैं ?

तिल, त्वचा पर एक वृद्धि होती है जो आमतौर पर भूरे या काले रंग की होती हैं। तिल, अकेले या समूह में त्वचा पर कहीं भी हो सकते हैं।

अधिकांश तिल बचपन की शुरुआत में या व्यक्ति के जीवन के पहले 25 वर्षों के दौरान उत्पन्न होते हैं। वयस्कता के दौरान 10-40 तिल होना सामान्य है।

जैसे-जैसे साल बीतते हैं, तिल आमतौर पर धीरे-धीरे बदलते रहते हैं, कभी उभरते हैं या रंग बदलते हैं। कभी-कभी तिल में बाल भी विकसित हो सकते हैं। कुछ तिल बिल्कुल भी नहीं बदलते और कुछ समय के साथ धीरे-धीरे गायब हो सकते हैं।

तिल आपके शरीर पर कहीं भी विकसित हो सकते हैं, जैसे - आपका सिर, बगल, नाखूनों के नीचे, अंगुलियों और पैर के बीच में। ज्यादातर लोगों को 10 से 45 तिल होते हैं जिनमें से अधिकांश तिल 40 साल की उम्र तक विकसित होते हैं। ज़्यादातर तिल समय के साथ-साथ बदल सकते हैं और कुछ उम्र के साथ गायब भी हो सकते हैं।

किशोरावस्था और गर्भावस्था के हार्मोनल परिवर्तन के कारण तिल गहरे, बड़े और बहुसंख्यक हो सकते हैं।

  1. तिल के प्रकार - Types of Moles in Hindi
  2. तिल होने के लक्षण - Moles Symptoms in Hindi
  3. तिल होने के कारण - Moles Causes in Hindi
  4. तिल का इलाज - Moles Treatment in Hindi
  5. तिल होने की जटिलताएं - Moles Complications in Hindi
  6. तिल हटाने के तरीके और घरेलू नुस्खे एवं उपाय

तिल के कितने प्रकार होते हैं ?

तिल के निम्नलिखित प्रकार होते हैं -

जंक्शनल मेलानोसायटिक नेवी (Junctional melanocytic nevi)
जंक्शनल मेलानोसायटिक नेवी तिल आमतौर पर गोल, सपाट और भूरे रंग के होते हैं।

डर्मल मेलानोसायटिक नेवी (Dermal melanocytic nevi)
डर्मल मेलानोसायटिक नेवी आमतौर पर उठे हुए होते हैं, कभी-कभी उनमें बाल होते हैं और त्वचा के रंग के या हल्के भूरे होते हैं।

हालो नेवी (Halo nevi)
हालो नेवी में तिल के चारों ओर की त्वचा का रंग चला जाता है, इसलिए इसके चारों ओर एक सफेद अंगूठी दिखाई देती है। जब तिल खत्म हो जाता है, तो त्वचा का रंग वापिस आ जाता है।

डिस्प्लास्टिक नेवी (Dysplastic nevi)
डिस्प्लास्टिक नेवी को एटिपिकल नेवी या क्लार्क नेवी भी कहा जाता है। यह तिल चपटे या उभरे हुए हो सकते हैं और इनके किनारे बेडौल हो सकते हैं और यह समय के साथ बदलते नहीं। यह असामान्य दिखने तिल होते हैं।

बुजुर्ग लोगों को सेबोरिएक केराटोसिस (Seborrheic keratoses) होते हैं जो तिल नहीं होते लेकिन तिल जैसे ही दिखते हैं। यह धब्बे होते हैं और उठे हुए मस्से की तरह दिखते हैं। वे धूमिल, भूरे, पीले या काले रंग के होते हैं और आमतौर पर पेट और छाती पर होते हैं।

तिल के लक्षण क्या होते हैं ?

तिल, आमतौर पर एक भूरे रंग का धब्बा होता है। लेकिन यह अलग-अलग रंगों, आकारों और साइज के हो सकते हैं।

  • रंग और बनावट - तिल भूरे, गहरे, काले, लाल, नीले या गुलाबी हो सकते हैं। वे चिकने, झुर्रीदार, चपटे या उभरे हुए भी हो सकते हैं। उनमें बाल भी उग सकते हैं।
  • आकार - तिल अंडाकार से गोल आकार में भिन्न हो सकते हैं।
  • साइज (आकृति) - तिल आमतौर पर व्यास में 1/4 इंच (लगभग 6 मिलीमीटर) से कम बड़े होते हैं।

ऐसा बहुत कम होता है कि जन्म के समय मौजूद तिल बड़े हों और चेहरे, धड़ या अन्य अंगों के बड़े हिस्से को कवर करें।

तिल आपके शरीर पर कहीं भी विकसित हो सकते हैं, जैसे - आपका सिर, बगल, नाखूनों के नीचे, अंगुलियों और पैर के बीच में। ज्यादातर लोगों को 10 से 45 तिल होते हैं जिनमें से अधिकांश तिल 40 साल की उम्र तक विकसित होते हैं। ज़्यादातर तिल समय के साथ-साथ बदल सकते हैं और कुछ उम्र के साथ गायब भी हो सकते हैं।

किशोरावस्था और गर्भावस्था के हार्मोनल परिवर्तन के कारण तिल गहरे, बड़े और बहुसंख्यक हो सकते हैं।

तिल के क्या कारण होते हैं ?

तिल तब उत्पन्न होते हैं जब त्वचा की कोशिकाएं फैलाने के बजाय एक जगह एकत्रित हो जाती हैं। इन कोशिकाओं को मेलेनोसाइट्स (Melanocytes) कहा जाता है और वे ऐसा रंगद्रव्य बनाती हैं जो त्वचा को उसका प्राकृतिक रंग देता है। सूरज की किरणों के संपर्क में आने के बाद, किशोरावस्था के दौरान और गर्भावस्था के दौरान, तिल गहरे हो सकते हैं।

तिल का उपचार कैसे होता है ?

अधिकांश तिल हानिकारक नहीं होते हैं और उन्हें कोई उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। उन्हें सर्जरी से हटाया जा सकता है यदि -

  1. तिल का मेलेनोमा (Melenoma) होने का संदेह है।
  2. तिल परेशानी पैसा कर रहा है, जैसे - शेव करने में कठिनाई या कपड़ों में अड़ना।

तिल को निम्नलिखित तरीकों से हटाया जा सकता है -

शेव एक्सीजन (Shave excision)
इस प्रक्रिया में तिल के आसपास के क्षेत्र को सुन्न किया जाता है और एक छोटे से ब्लेड के उपयोग से तिल के चारों ओर और नीचे काटा जाता है। आमतौर पर छोटे तिल के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक है जिसमें टांकों की आवश्यकता नहीं होती है।

एक्सीजनअल सर्जरी (एक्सीजन बायोप्सी) [Excisional surgery (excision biopsy)]
इस प्रक्रिया में तिल और आसपास की स्वस्थ त्वचा को एक छुरी या पंच उपकरण का उपयोग करके काट दिया जाता है। इसमें टांकों की आवश्यकता होती है।

अगर मेलेनोमा का बहुत प्रारंभिक अवस्था में निदान होता है, जब तिल पतला होता है, त्वचा की सतह से नीचे नहीं बढ़ा होता है व शरीर के अन्य हिस्सों में फैला नहीं होता है, तो यह एक सरल सर्जरी का उपयोग करके हटा दिया जाता है।
यदि इसका निदान बाद के चरणों में होता है, तो तिल के साथ-साथ इसके चारों की कुछ स्वस्थ त्वचा को भी निकाला जाता है। यदि कैंसर रक्तप्रवाह या लसीका तंत्र में प्रवेश कर चुका है और शरीर के अन्य हिस्सों में ट्यूमर का गठन करता है, तो रोगी को अन्य उपचार की आवश्यकता होगी।

(और पढ़ें - त्वचा रोग का इलाज)

तिल होने की जटिलताएं क्या हैं ?

तिल होने की मुख्य जटिलता है कैंसर। कुछ तिल कैंसर बन सकते हैं, ख़ास तौर पर -

  1. कॉनजेनिटल नेवी (Congenital nevi) - यह बड़े तिल होते हैं जो व्यक्ति में जन्म से ही मौजूद होते हैं। वे एक व्यक्ति का मेलेनोमा (एक प्रकार का स्किन कैंसर) के विकास का जोखिम बढ़ाते हैं।
  2. परिवारों में होने वाले तिल - डिस्प्लास्टिक नेवी (Dysplastic nevi) तिल सामान्य तिलों से बड़े होते हैं और आमतौर पर अनुवांशिक होते हैं। डिस्प्लास्टिक नेवी तिल वाले व्यक्ति को मेलेनोमा होने का अधिक जोखिम होता है।
  3. अधिक तिल होना - कई तिल वाले लोगों को मेलेनोमा विकसित करने का अधिक जोखिम होता है।

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