इजैकुलेशन के दौरान प्रोस्टेट ग्लैंड अहम भूमिका निभाते हैं. कई लोगों का ऐसा मानना है कि बार-बार इजैकुलेट करने से प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है. वहीं, अगर वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर बात की जाए, तो कुछ मेडिकल रिसर्च भी इस बात की पुष्टि करती है. करीब दो दशक तक कुछ लोगों पर किए गए रिसर्च से पता चला कि पुरुष के बार-बार इजैकुलेट होने से प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम कुछ हद तक कम हो जाता है.
आज इस लेख में आप विस्तार से जानेंगे कि किस प्रकार इजैकुलेशन से प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम कम होता है -
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- सेक्स और प्रोस्टेट कैंसर कम होने के बीच संबंध
- प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम किसे अधिक होता है?
- प्रोस्टेट कैंसर से बचाव के उपाय
- सारांश
सेक्स और प्रोस्टेट कैंसर कम होने के बीच संबंध
पिछले लगभग 20 वर्षों के दौरान कई मेडिकल आर्टिकल्स में ऐसा दावा किया गया है कि बार-बार इजैकुलेशन होने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम हो सकता है. हालांकि, कुछ वैज्ञानिक प्रमाण इन दावों का समर्थन करते हैं, लेकिन इस तथ्य को नकारने वाले वैज्ञानिक प्रमाण भी मौजूद हैं.
2004 में हुई एक स्टडी के दौरान करीब 29,000 पर सर्वे किया गया. करीब 8 वर्षों तक उनके इजैकुलेट करने की फ्रीक्वेंसी को चेक किया गया. इस दौरान यह पाया गया कि प्रति माह 21 बार या अधिक बार इजैकुलेट करने वाले पुरुषों में प्रति माह 4 से 7 बार इजैकुलेट करने वाले पुरुषों की तुलना में प्रोस्टेट कैंसर होने का जोखिम कम पाया गया.
वहीं, 2016 में हुई स्टडी में भी यही पाया गया है कि जो पुरुष अधिक बार इजैकुलेट करते हैं, उनमें कम इजैकुलेट करने वाले पुरुषों के मुकाबले प्रोस्टेट कैंसर विकसित होने की आशंका कम हो सकती है.
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प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम किसे अधिक होता है?
बता दें प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों को होने वाला दूसरा सबसे आम प्रकार का कैंसर है. ऐसे में यहां हम जानेंगे कि प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम पैदा करने वाले कारक कौन-कौन से हैं -
- उम्र - 50 साल से अधिक उम्र वाले पुरुषों में यह रिस्क अधिक रहता है. प्रोस्टेट कैंसर के लगभग 60% मामले 65 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों को प्रभावित करते हैं.
- आनुवंशिक - अगर परिवार में किसी को प्रोस्टेट कैंसर रहा हो, तो आने वाली पीढ़ी में से किसी एक को भी यह समस्या होने की आशंका रहती है.
- वजन - बढ़ा हुआ वजन या मोटापा भी प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है.
- कद - लंबे पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर होने का जोखिम अधिक हो सकता है.
- कम शारीरिक गतिविधि - जो लोग कम फिजिकल एक्टिविटी करते हैं, उनमें भी प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है.
- डाइट - मांस-मछली खाने वाले और लो फाइबर, कम फल व सब्जियां खाने वाले व्यक्तियों में भी प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा अधिक होता है.
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प्रोस्टेट कैंसर से बचाव के उपाय
अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, प्रोस्टेट कैंसर को रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है. हालांकि, कुछ उपायों से इसके जोखिम को कम किया जा सकता है, जो इस प्रकार हैं -
- वजन संतुलित करके.
- नियमित व्यायाम के जरिए.
- स्वस्थ डाइट फॉलो करके, जिसमें हरी सब्जियां व फल आदि शामिल हो.
- रेड मीट, प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ, चीनी या रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट के सेवन से परहेज करके.
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सारांश
सेक्स से प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम कम हो सकता है या नहीं, यह अब भी शोध का विषय बना हुआ है. हालांकि, मास्टरबेशन और सुरक्षित सेक्स से किसी तरह का स्वास्थ्य नुकसान नहीं है, लेकिन इसका मतलब ये भी बिल्कुल नहीं है कि डॉक्टर ज्यादा सेक्स करने की सलाह देते हैं. किसी भी चीज की अधिकता फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए, बेहतर है कि सेक्स को लेकर भी इस बात का ध्यान रखा जाए. साथ ही स्वस्थ जीवनशैली और आहार को अपनाकर प्रोस्टेट कैंसर का रिस्क कम करें.
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क्या इजैकुलेशन से प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम कम हो सकता है? के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Zeeshan Khan
सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव
Dr. Nizamuddin
सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव





