myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

विभिन्‍न पौधों के स्रोतों से प्राप्‍त फाइबर एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है। फाइबर शरीर में बिना पचे आंत के ज़रिए शरीर से बाहर निकल जाता है। फलों, अनाज और सब्जियों से फाइबर मिलता है। फाइबर सेलुलोज और लिग्निन से बना होता है जिन्‍हें पचाया नहीं जा सकता है। छोटी आंत से फाइबर सीधा बड़ी आंत में पहुंचता है जहां पर फाइबर के केवल कुछ हिस्‍से को ही पेट के बैक्‍टीरिया द्वारा खमीरीकृत किया जाता है।

ऐसी स्थिति में शरीर को फाइबर की क्‍या जरूरत होती है?

मल त्‍याग की क्रिया को नियमित करने के लिए फाइबर जरूरी होता है। अपचनीय होने के कारण ये आपके पेट में ही रहता है और इससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करता है जिससे आप कम या अधिक समय के अंतराल के बाद खाना खाते हैं। फाइबर डायबिटीज के मरीज़ों के लिए बहुत मददगार साबित होता है क्‍योंकि बार-बार भोजन करने की जरूरत न पड़ने से ब्‍लड ग्‍लूकोज का स्‍तर संतुलित रहता है।

(और पढ़ें - नार्मल ब्लड शुगर लेवल कितना होना चाहिए)

इसके अलावा फाइबर युक्‍त आहार लेने से पेट स्‍वस्‍थ रहता है और मोटापे, कब्‍ज, कोलोन कैंसर, बवासीर और हृदय रोगों का खतरा भी कम होता है।

  1. फाइबर क्या होता है - Fiber kya hota hai
  2. फाइबर के प्रकार - Fiber ke prakar
  3. त्वचा, बालों और रोगों के लिए फाइबर के फायदे - Tvacha, balo aur rogo ke liye fiber ke fayde
  4. फाइबर के मुख्य स्त्रोत - Fiber ke srot
  5. फाइबर के नुकसान - Fiber ke nuksan

फाइबर कार्बोहाइड्रेट का ही एक प्रकार होता हैं, जो हमारे शरीर द्वारा पचाया नहीं जाता है। यह कई तरह के खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। फल, सब्जियां, सूखे मटर, नट और दालों में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। फाइबर दो प्रकार का होते हैं। व्यक्ति के पाचन तंत्र को सही बनाने में फाइबर की अहम भूमिका होती है। पाचन तंत्र ठीक होने से व्यक्ति कई बीमारियों से दूर रहता है।

(और पढ़े - पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय)

फाइबर के दो प्रकार होते हैं - अघुलनशील फाइबर और घुलनशील फाइबर।

  1. घुलनशील फाइबर –
    यह फल, ओट्स, बीन्स (राजमा, लोबिया आदि) और जौं में पाया जाता है। यह फाइबर पानी में आसानी से घुल जाता है। इससे शरीर में लाभकारी बैक्टीरिया का निर्माण होता है। जिससे आंते स्वस्थ बनती है। इस तरह का फाइबर आंतों पर इकट्ठा होने वाले कोलेस्ट्रोल को कम करता है। इससे पेट से छोटी आंत तक भोजन पहुंचने की क्रिया धीमी हो जाती है। जिससे ग्लूकोज रक्त में धीमी गति से अवशोषित होता है। इससे आपका पेट ज्यादा समय तक भरा-भरा लगता है। घुलनशील फाइबर से रक्त शकर्रा का स्तर नियंत्रित रहता है और डायबिटीज होने का खतरा भी कम हो जाता है। (और पढ़े  - डायबिटीज में परहेज)
     
  2. अघलुनशील फाइबर –
    पानी में सही तरह से नहीं मिल पाता है। इस तरह के फाइबर को शरीर से बाहर लाने के लिए अधिक तरल पदार्थ पीने की आवश्यकता होती है। यदि इस तरह के फाइबर को लेते समय पानी कम पीएंगे, तो आपको कब्ज की समस्या हो सकती है। मानव शरीर में कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। (और पढ़े - डायबिटीज के लिए योग)

फाइबर के अच्छे और प्राकृतिक स्रोत हैं साबुत अनाज, रोटी, सेम, फल, हरी सब्जियां, मसूर, अनाज और नट्स। फाइबर मानव शरीर और पाचन तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। यह कई बीमारियों की रोकथाम में भी मदद करती है तो आज हम फाइबर के कुछ स्वास्थ्य लाभ के बारे में जानते हैं।

 

फाइबर से त्वचा को होने वाले फायदे - Fiber se tvacha par hone vale fayde

  1. त्वचा को जवान बनाता है फाइबर
    बढ़ती उम्र के प्रभाव के चलते लोगों के चेहरे में झुर्रियां आने लगती है, लेकिन आप इस समस्या से बच सकते हैं। चेहरे पर होने वाली झुर्रियों को रोकने के लिए आपको समय रहते उचित प्रयास करने की आवश्यकता होती है। संतुलित आहार में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, यह प्रोटीन कोलेजन बनने में अहम योगदान देते हैं और इससे ही त्वचा में लोच आ जाती है। अच्छी मात्रा में फाइबर खाने से शरीर में कोलेजन के निर्माण के लिए जरूरी पोषक तत्वों के अवशोषण की अवधि बढ़ जाती है। जिससे आप अधिक समय तक जवान दिखते है और अपने चेहरे पर झुर्रियां भी कम दिखाई देती है। (और पढ़ें - चेहरे की झुर्रियों के लिए क्या करें)
     
  2. त्वचा की चमक को बरकरार रखता है फाइबर
    बाहरी धूल, प्रदूषण और सौंदर्य प्रसाधनों के रसायन से आपकी त्वचा सुस्त और बेजान हो जाती है। त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में आहार महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसके लिए विटामिन और खनिजों के अलावा आपको अपने आहार में फाइबर भी शामिल करना चाहिए। आहार के द्वारा न सिर्फ आपका शरीर स्वस्थ्य बनता है, बल्कि स्वस्थ त्वचा के लिए भी यह जरूरी होता है। इसके अलावा असंतुलित भोजन से भी हार्मौन में अंसतुलन हो जाता है। इसका सीधा असर आपकी त्वचा पर पड़ता है। थायराइड की समस्या में थायराइड के स्तर में बदलावा होने से भी त्वचा बेजाना हो जाती है। आपके यकृत और गुर्दे विषाक्त पदार्थों को बाहर न करें तो आपको कई तरह की परेशानी हो सकती है। इन सभी परेशानियों से बचाव व यकृत और गुर्दे के कार्यों में सहायता के लिए आपकोआहार में फाइबर का नियमित सेवन करना चाहिए। इससे आपकी त्वचा में चमक बनी रहती है। (और पढ़ें - चमकदार त्वचा के उपाय)
     
  3. मुंहासों और दागों को दूर करता है फाइबर
    पाचन तंत्र में गड़बड़ी के कारण त्वचा में कई तरह की परेशानियों होना शुरू हो जाती है। पेट संबंधी समस्या को दूर करके आप मुंहासे और दागों को आसानी से ठीक कर सकते हैं। फाइबर से आपके शरीर की वसा कम होती और विषैले तत्व बाहर हो जाते है। जिससे आपका शरीर स्वस्थ बनता है और स्वस्थ शरीर आपके चेहरे पर किसी भी तरह की समस्या को पनपने नहीं देता है।

(और पढ़ें - मुंहासे हटाने के घरेलू उपाय)

फाइबर से बालों पर होने वाले फायदे - Fiber se balo par hone vale fayde

  1. फाइबर से बाल होते हैं मजबूत
    आज के दौर में असंतुलित आहार के कारण पुरुषों और महिलाओं में बालों के झड़ने की समस्या आम हो चली है। फाइबर के सेवन से आप बालों को मजबूत करने के साथ ही इनको झड़ने से भी रोक सकते हैं। संतुलित और पौष्टिक आहार का प्रभाव बालों, त्वचा और नाखूनों पर साफ देखा जा सकता है। आहार में पर्याप्त मात्रा में फाइबर लेने से पाचन क्रिया और प्रोटीन अवशोषण की क्रिया सही होती है। प्रोटीन का अवशोषण सही होने से बालो में मजबूती आती है। साथ ही बालों का झड़ना भी कम हो जाता है। (और पढ़ें - बालों को घना करने के घरेलू उपाय)
     
  2. मेलेनिन के उत्पादन में वृद्धि करता है फाइबर
    फाइबर मेलेनिन के उत्पादन में सहायक होता है। मेलेनिन बालों के रंग के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसके ऑक्सीडेटिव तनाव (Oxidative stress/ शरीर में होने वाला असंतुलन) के कारण बालों को सफेद होने में लंबा समय लगता है। मेलेनिन मुख्य रूप से मछली और समुद्री भोजन में मौजूद प्रोटीन से मिलता है। आपके आहार में मौजूद फाइबर पाचन को ठीक करता और प्रोटीन के अवशोषण को ठीक करता है, जिससे बालों का रंग लंबे समय तक काला ही रहता है। भोजन में खनिज, विटामिन, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों को सही मात्रा लेने से आप बालों के झड़ने की समस्याओं से काफी हद तक बच सकते हैं।

(और पढ़ें - सफेद बालों को काला करने के लिए तेल)

फाइबर के फायदे पचाने में - Fiber ke fayde pachane me

फाइबर का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग भोजन को पचाने में होता है। फाइबर के सेवन से कब्ज जैसी समस्या से भी छुटकारा मिलता है। यह हमें कब्ज के कारण होने वाले कई अन्य बीमारियों से भी बचाता है। आहार में फाइबर लेने से इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome/IBS) विकार भी दूर होता है।

(और पढ़े – पाचन क्रिया सुधारने के आयुर्वेदिक उपाय)

फाइबर खाने के फायदे कम करे कोलेस्ट्रॉल - Fiber khane ke fayde kam kare cholesterol

घुलनशील फाइबर वाले खाद्य पदार्थ जैसे जौ, सेम और दाल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं और दिल के कामकाज को सामान्य रखने में मदद करते हैं।

(और पढ़े – जौ के पानी के फायदे, नुकसान और बनाने की विधि)

फाइबर रक्षा करे कैंसर से - Fiber raksha kare cancer se

मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि रेशेदार भोजन के सेवन से कोलन कैंसरब्रेस्ट कैंसर और डिम्बग्रंथि के कैंसर के खिलाफ रक्षा होती है। इन निष्कर्षों की पुष्टि के लिए शोध अभी भी चल रहे हैं।

(और पढ़े – कैंसर से लड़ने वाले दस बेहतरीन आहार)

फाइबर फूड्स मधुमेह के लिए - Fiber foods diabetes ke liye

मधुमेह के खतरे को कम करने के लिए शर्करा का स्तर सामान्य रहना आवश्यक है। फाइबर  के सेवन से शरीर में शर्करा का स्तर सामान्य होता है जिससे मधुमेह के रोग में मदद मिलती है।

(और पढ़े – मधुमेह रोगियों के लिए नाश्ता)

हाई फाइबर फूड फॉर वेट लॉस - High fiber foods for weight loss

फाइबर वजन कम करने में भी मदद करता है। अधिकतर खाद्य अदार्थ जिनमें फाइबर ज्यादा मात्रा में होता है,उनमें कम कैलोरी होती हैं, वसा और कोलेस्ट्रोल का स्तर भी बेहद कम होता है। घुलनशील फाइबर आपके पेट में तरल रूप में बदल जाता है, जो भोजन को लंबे समय तक पेट में रखता है। इससे आपकी पाचन क्रिया धीमी होती है और इससे आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। इस तरह से आप कम खाना खाते हैं और ऐसे आप अपने वजन को नियंत्रण में रख पाते हैं।

(और पढ़े – वजन कम करने में है लाजवाब लहसुन)

फाइबर दिलाए विषाक्त पदार्थ से छुटकारा - Fiber dilaye vishakat padarth se chhutkara

फाइबर भोजन को पचाने में मदद करता है और कब्ज की समस्या को रोकता है। फाइबर के सेवन से हमारे शरीर के विषाक्त पदार्थ मल के माध्यम से आसानी से बाहर निकाल जाते हैं।

(और पढ़े – कब्ज से छुटकारा पाने का उपाय)

महिलाओं को आमतौर पर दैनिक आधार पर 25 से 30 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है, और पुरुषों को प्रतिदिन 30 से 40 ग्राम फाइबर के सेवन की आवश्यकता होती है। इसलिए उच्च-फाइबर खाद्य पदार्थ का सेवन करें यह आपके स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखने में आपकी मदद करेंगे।

(और पढ़ें - फाइबर युक्त आहार)

फल, सब्जियां और अनाज फाइबर के मुख्य स्त्रोत होते हैं। 

  • दालें – दालों में उच्च मात्रा में पोषक तत्व होते हैं। एक कप पकी हुई दाल में करीब 15.6 ग्राम फाइबर होता है। इसमें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी पाई जाती है। (और पढ़े - मसूर दाल के फायदे)
  • ब्रोकली – ब्रोकली बाजार में आसानी से मिल जाती है। एक कप ब्रोकली के अंदर करीब 2.4 ग्राम फाइबर होता है। इसमें 316 मिलीग्राम पोटेशियम भी पाया जाता है। इसके साथ ही ब्रोकली में अन्य पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं।
  • अनार अनार में विटामिन सी और के पाया जाता है। यह जख्म को भरने में सहायक होते और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। (और पढ़े - अनार के बीज के तेल के फायदे)
  • बीन्स (राजमा, लोबिया और सोयाबीन आदि) – बीन्स में घुलनशील और अघुलनशील दोनों ही तरह के फाइबर मौजूद होते हैं। एक कप बीन्स में करीब 10.4 ग्राम फाइबर होता है। 
  • मटर – इसमें फाइबर उच्च मात्रा में मौजूद होता है, जो शरीर के खराब कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करता हैं। मटर में कई पोषक तत्व होते हैं, जो मांसपेशियों की सूजन को कम करते हैं। (और पढ़े - मांसपेशियों में दर्द के घरेलू उपाय)

किसी भी चीज की अधिकता आपको परेशानी में डाल सकती है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कुछ संस्थाओं के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन में करीब 40 ग्राम फाइबर का सेवन करना चाहिए। अगर आप एक दिन में करीब 60 ग्राम फाइबर का सेवन करते है, तो इससे आपको फाइबर से फायदे होने की अपेक्षा नुकसान होना शुरू हो जाएंगे। संतुलित मात्रा में फाइबर लेने से कब्ज की समस्या ठीक होती है, जबकि अधिक मात्रा में फाइबर लेने से कब्ज और पेट में जलन की समस्या हो सकती है। अगर आप अपने आहार में फाइबर का सेवन करते हैं तो पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, क्योंकि पानी पीने से कब्ज की समस्या काफी कम हो जाती है।

(और पढ़े - कब्ज में क्या खाएं)

और पढ़ें ...