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कई बार आपने महसूस किया होगा कि रात को सोते समय आपके मुंह से लार टपक रही होती है। अमूमन ऐसा सबके साथ कभी न कभी जरूर होता है लेकिन इसके प्रति शायद ही किसी ने कभी गंभीरता से सोचा होगा। अगर आप भी अपने मुंह से निकल रही लार को लेकर बेफिक्र हैं, तो एक बार और सोच लें।

विशेषज्ञों का कहना है कि लार टपकना किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आपको इसके जोखिम आदि के बारे में पता होना चाहिए। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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सोते समय लार क्यों टपकती है?

हमारा शरीर अमूमन एक दिन में लगभग 1 लीटर से अधिक लार बनाता है। लार ग्रंथियां लार बनाती हैं, जिसे हम निगल लेते हैं और यह रक्त वाहिकाओं की मदद से फिर से संचारित होने लगती है। लार मुंह से बाहर तब टपकती है जब उसे अंदर निगला नहीं जाता।

अकसर लोगों के मुंह से रात को सोते समय लार टपकती है। कुछ लोगों को मुंह खोलकर सोने की आदत होती है जिस वजह से लार मुंह से बाहर निकल जाती है। दरअसल, नींद के समय शरीर आराम की स्थिति में होता है और ऐसे में कुछ व्यक्ति मुंह खोलकर सोते हैं जिससे लार मुंह से बाहर गिरने लगती है। कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि आपके सोने के तरीके की वजह से भी मुंह से लार टपक सकती है। यदि आप एक ओर करवट लेकर सोते हैं तो लार अंदर जाने की बजाय बाहर की ओर निकलती है। आगे जानते हैं कि लार का टपकना किन बीमारियों की ओर संकेत करता है।

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स्लीप एपनिया:

रात को सोते समय लार टपकना स्लीप एपनिया (इसमें सोते समय सांस रुकने और बार-बार करवटें बदलने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं) की ओर इशार कर सकता है। स्लीप एपनिया में लार टपकना जोखिम भरा होता है। यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह एक गंभीर समस्या का रूप ले सकती है।

स्लीप एपनीया होने पर लार टपकने के अलावा जोर से खर्राटे आना, गहरी नींद से अचानक उठ जाना, दिनभर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी आना, नींद से उठने पर सुस्ती महसूस करना, नींद से उठने पर गले में खराश या गले का सूखना जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं। 

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टाॅन्सिलाइटिस: 

अगर गले में खराश या टाॅन्सिल होने की वजह से आपको निगलने में दिक्कत आ रही है तो यह गले में सूजन का संकेत हो सकता है। गले में सूजन वायरल या बैक्टीरियल कारणों से हो सकती है। यह समस्या होने पर गले में लाल और सफेद दाग (पैच) पड़ने लगते हैं। इसके साथ ही व्यक्ति को बुखार भी आ सकता है।

टाॅन्सिल होने की वजह से निगलने में दिक्कत आती है। जब लार को निगला नहीं जाता है तो नींद के दौरान वह मुंह से निकलने लगती है। हालांकि, सिर्फ मुंह से लार निकलने की वजह से आप यह नहीं कह सकते हैं कि आपको टाॅन्सिलाइटिस है। इसके अन्य लक्षणों पर भी गौर करें। जरूरत पड़ने पर डाॅक्टर से संपर्क करें।

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श्वसन संक्रमण: 

सर्दी-जुकाम, एलर्जी या नाक से संबंधित अन्‍य समस्‍याओं की वजह से साइनस (नाक के आसपास हवा से भरी छोटी-छोटी खोखली गुहा रूपी संरचनाएं) में सूजन हो सकती है। साइनस में सूजन या संक्रमण होने पर इसमें ब्‍लॉकेज और स्राव हो सकता है। ये स्राव लार के रूप में भी मुंह से बाहर आ सकता है।

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